सीबीएसई कक्षा 12 इतिहास: संविधान का निर्माण - एक नए युग की शुरुआत NCERT समाधान

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यह पृष्ठ सीबीएसई कक्षा 12 इतिहास के अध्याय 15, 'संविधान का निर्माण: एक नए युग की शुरुआत' के लिए विस्तृत समाधान प्रदान करता है। इसमें संविधान सभा के गठन, विभिन्न समितियों, महत्वपूर्ण प्रस्तावों और भारतीय संघ में रियासतों के एकीकरण से संबंधित प्रश्नों को शामिल किया गया है। समाधानों में कैबिनेट मिशन योजना, प्रारूप समिति की भूमिका, उद्देश्य प्रस्ताव के आदर्श, और हैदराबाद के भारतीय संघ में विलय जैसी प्रमुख घटनाओं पर प्रकाश डाला गया है। यह सामग्री छात्रों को संविधान निर्माण की प्रक्रिया और उस समय की प्रमुख चुनौतियों को समझने में मदद करती है, जो परीक्षा की तैयारी के लिए अत्यंत उपयोगी है।

Quick info

BoardCBSE
ClassClass 12
Subjectइतिहास
Session2026
LanguageHindi
TypeNCERT Solutions
Chapter15. संविधान का निर्माण एक नए युग की शुरुआत

Chapter summary

यह अध्याय भारत के संविधान के निर्माण की प्रक्रिया पर केंद्रित है। इसमें संविधान सभा के गठन, उसकी प्रमुख समितियों जैसे प्रारूप समिति, और जवाहरलाल नेहरू द्वारा प्रस्तुत उद्देश्य प्रस्ताव के महत्व को समझाया गया है। साथ ही, इसमें अल्पसंख्यकों के अधिकारों और हैदराबाद जैसी रियासतों को भारतीय संघ में शामिल करने की प्रक्रिया जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर भी चर्चा की गई है। यह समाधान छात्रों को संविधान निर्माण के ऐतिहासिक संदर्भ और प्रमुख तर्कों को समझने में सहायता करते हैं।

Learning outcomes

  • संविधान सभा के गठन और कैबिनेट मिशन योजना की भूमिका को समझना।
  • प्रारूप समिति और उसके अध्यक्ष डॉ. बी.आर. अम्बेडकर के महत्व को जानना।
  • उद्देश्य प्रस्ताव में निहित आदर्शों और सिद्धांतों की पहचान करना।
  • अल्पसंख्यक शब्द की विभिन्न परिभाषाओं और संबंधित तर्कों का विश्लेषण करना।
  • हैदराबाद रियासत के भारतीय संघ में विलय की प्रक्रिया को समझना।
  • महात्मा गांधी के हिन्दुस्तानी को राष्ट्रभाषा बनाने के विचारों को समझना।

Topics covered

Paper topics

  • संविधान सभा का गठन
  • कैबिनेट मिशन योजना
  • संविधान सभा की बैठकें
  • प्रारूप समिति
  • डॉ. बी.आर. अम्बेडकर
  • उद्देश्य प्रस्ताव
  • अल्पसंख्यक की परिभाषा
  • हैदराबाद का भारतीय संघ में विलय
  • महात्मा गांधी के भाषा संबंधी विचार
  • भारतीय संविधान के अवसाद

Important topics

  • संविधान सभा का गठन और कैबिनेट मिशन योजना
  • प्रारूप समिति और डॉ. बी.आर. अम्बेडकर की भूमिका
  • उद्देश्य प्रस्ताव के आदर्श
  • हैदराबाद रियासत का भारतीय संघ में एकीकरण
  • अल्पसंख्यकों से संबंधित मुद्दे

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Questions and Solutions

प्रश्न 1

संविधान सभा का गठन कब और किस योजना के अनुसार किया गया?
Solution: संविधान सभा का गठन अक्टूबर 1946 ई. में कैबिनेट मिशन योजना के अनुसार किया गया था। यह योजना ब्रिटिश सरकार द्वारा भारत को स्वतंत्रता देने और एक संविधान सभा के माध्यम से सत्ता हस्तांतरण की प्रक्रिया को व्यवस्थित करने के लिए बनाई गई थी।

प्रश्न 2

अखिल भारतीय राज्य जन कान्फ्रेंस का अधिवेशन प्रथम बार कब और किसकी अध्यक्षता में हुआ?
Solution: अखिल भारतीय राज्य जन कान्फ्रेंस का प्रथम अधिवेशन वर्ष 1927 में हुआ था। इस अधिवेशन की अध्यक्षता एलौर के प्रसिद्ध नेता दीवान बहादुर एम. रामचन्द्र राय ने की थी। इस सम्मेलन का उद्देश्य देशी रियासतों के लोगों को राजनीतिक अधिकार दिलाना और उनके हितों की रक्षा करना था।

प्रश्न 3

संविधान सभा की प्रथम बैठक कब और किसकी अध्यक्षता में हुई?
Solution: संविधान सभा की प्रथम बैठक 9 दिसम्बर 1946 ई. को हुई थी। इस बैठक की अध्यक्षता सच्चिदानन्द सिन्हा ने की थी, जो उस समय सबसे वरिष्ठ सदस्य थे। यह बैठक संविधान निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहला कदम थी, हालांकि मुस्लिम लीग ने इसका बहिष्कार किया था।

प्रश्न 4

प्रारूप समिति का गठन कब किया गया? इसके अध्यक्ष कौन थे?
Solution: प्रारूप समिति का गठन 29 अगस्त, 1947 ई. को किया गया था। इस समिति का मुख्य कार्य संविधान का मसौदा तैयार करना था। इसके अध्यक्ष डॉ. बी.आर. अम्बेडकर थे, जो भारतीय संविधान के प्रमुख वास्तुकार माने जाते हैं।

प्रश्न 5

भारतीय संविधान के दो अवसाद कौन से थे?
Solution: भारतीय संविधान के दो प्रमुख अवसाद (या कमियाँ/विशेषताएँ) निम्नलिखित थीं:
  1. संविधान का मौखिक रूप से अंग्रेजी में होना: संविधान का मूल पाठ अंग्रेजी में लिखा गया था, जिसे बाद में हिंदी में अनुवादित किया गया।
  2. किसी भी पद पर खड़े होने के लिए कोई शैक्षणिक योग्यता आवश्यक न होना: संविधान निर्माताओं ने यह सुनिश्चित किया कि किसी भी नागरिक को चुनाव लड़ने या सार्वजनिक पद धारण करने के लिए न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता की आवश्यकता न हो, ताकि सभी को समान अवसर मिल सके।

प्रश्न 6

महात्मा गांधी क्यों चाहते थे कि हिन्दुस्तानी राष्ट्रभाषा होनी चाहिए?
Solution: महात्मा गांधी चाहते थे कि हिन्दुस्तानी राष्ट्रभाषा बने क्योंकि:
  1. इसे आसानी से समझा व बोला जा सकता है: हिन्दुस्तानी भाषा सरल थी और आम जनता द्वारा आसानी से समझी जा सकती थी।
  2. इसे भारतीय लोग ज्यादा प्रयोग में लाते थे: यह भाषा भारत के विभिन्न समुदायों के बीच संचार का एक प्रमुख माध्यम थी।
  3. यह हिन्दू व उर्दू के मेल से बनी थी: यह भाषा संस्कृतनिष्ठ हिंदी और फारसी-अरबीनिष्ठ उर्दू के तत्वों को मिलाकर बनी थी, जिससे यह अधिक समावेशी थी।
  4. यह बहुसांस्कृतिक भाषा थी: इसमें विभिन्न संस्कृतियों और भाषाओं के शब्द शामिल थे, जो इसे भारत की विविधता का प्रतिनिधित्व करने वाली भाषा बनाते थे।
  5. इसमें समय के साथ दूसरी भाषाओं के शब्द शामिल होते गए: यह एक जीवंत भाषा थी जो समय के साथ अन्य भाषाओं से शब्द ग्रहण करती रही, जिससे यह और समृद्ध हुई।

प्रश्न 7

हैदराबाद को भारतीय संघ का अंग किस प्रकार बनाया गया?
Solution: हैदराबाद को भारतीय संघ का अंग बनाने की प्रक्रिया इस प्रकार थी:
  1. जनसंख्या की स्थिति: हैदराबाद रियासत में लगभग 90 प्रतिशत जनता हिन्दू थी, जबकि शासक मुसलमान था।
  2. निजाम की मंशा: हैदराबाद का निजाम अपनी रियासत को स्वतंत्र रखना चाहता था और भारत में विलय का इच्छुक नहीं था।
  3. भारत सरकार का निर्णय: भारत सरकार ने निजाम के इस रवैये को देखते हुए और हैदराबाद की जनता की इच्छा को ध्यान में रखते हुए, निज़ाम के विरुद्ध सैनिक कार्यवाही करने का निर्णय लिया।
  4. सैनिक कार्यवाही और विलय: चार दिन के संक्षिप्त संघर्ष के बाद, 17 सितम्बर, 1948 ई. को निज़ाम ने आत्मसमर्पण कर दिया और हैदराबाद रियासत को भारतीय संघ में सम्मिलित होना स्वीकार कर लिया। इस प्रकार हैदराबाद भारत का एक अभिन्न अंग बन गया।

प्रश्न 8

विभिन्न समूहों द्वारा 'अल्पसंख्यक' शब्द को किस प्रकार परिभाषित किया गया?
Solution: संविधान सभा में विभिन्न समूहों द्वारा 'अल्पसंख्यक' शब्द को अलग-अलग तरीकों से परिभाषित किया गया था, जो उनकी विशिष्ट चिंताओं को दर्शाते थे:
  1. आदिवासी समूह: कुछ लोग आदिवासियों को मैदानी इलाकों के बहुसंख्यक हिंदुओं से अलग मानते हुए उनके लिए अलग आरक्षण या विशेष प्रावधानों की वकालत कर रहे थे।
  2. दलित वर्ग: अन्य प्रकार के लोग दलित वर्ग के लोगों को हिंदुओं से अलग एक सामाजिक समूह के रूप में देख रहे थे और उनके लिए अधिक स्थानों के आरक्षण की मांग कर रहे थे।
  3. मुस्लिम विद्वान: कुछ विद्वान केवल मुसलमानों को ही अल्पसंख्यक मान रहे थे और उनके अधिकारों की सुरक्षा पर जोर दे रहे थे।
  4. सिख समुदाय: सिख धर्म के कुछ सदस्य सिख अनुयायियों को अल्पसंख्यक का दर्जा देने और उनके लिए विशेष सुविधाओं की मांग कर रहे थे, ताकि उनके धार्मिक और सांस्कृतिक हितों की रक्षा हो सके।
यह दर्शाता है कि 'अल्पसंख्यक' की परिभाषा केवल धार्मिक आधार पर ही नहीं, बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक आधार पर भी विभिन्न समूहों के लिए अलग-अलग थी।

प्रश्न 9

'उद्देश्य प्रस्ताव' में किन आदर्शों पर जोर दिया गया था?
Solution: 13 दिसंबर 1946 को जवाहरलाल नेहरू द्वारा प्रस्तुत 'उद्देश्य प्रस्ताव' में भारतीय संविधान के निम्नलिखित प्रमुख आदर्शों पर जोर दिया गया था:
  1. प्रभुता सम्पन्न स्वतंत्र भारत की स्थापना: प्रस्ताव में एक ऐसे स्वतंत्र और प्रभुता सम्पन्न भारत की परिकल्पना की गई थी, जिसकी सरकार के सभी अंग और शक्तियाँ जनता से प्राप्त होतीं।
  2. न्याय, समानता और स्वतंत्रता: भारत के सभी नागरिकों को सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक न्याय प्रदान करने का लक्ष्य रखा गया था। साथ ही, पद और अवसर की समानता, कानून के समक्ष समानता, विचार, अभिव्यक्ति, विश्वास, धर्म और उपासना की स्वतंत्रता सुनिश्चित करने पर बल दिया गया था।
  3. अल्पसंख्यकों, पिछड़े और अविकसित क्षेत्रों के हितों की रक्षा: प्रस्ताव में यह भी सुनिश्चित किया गया था कि देश के अल्पसंख्यकों, पिछड़े और अविकसित क्षेत्रों के लोगों के अधिकारों और हितों की रक्षा की जाएगी, ताकि वे भी राष्ट्रीय विकास में समान रूप से भाग ले सकें।
यह प्रस्ताव भारतीय संविधान की प्रस्तावना का आधार बना।

Common mistakes

  • संविधान सभा की बैठकों की तारीखों और अध्यक्षता को लेकर भ्रमित होना।
  • प्रारूप समिति के गठन की तिथि और उसके अध्यक्ष के नाम में गलती करना।
  • उद्देश्य प्रस्ताव के आदर्शों को ठीक से याद न रख पाना।
  • अल्पसंख्यक शब्द की विभिन्न व्याख्याओं को समझने में कठिनाई।
  • हैदराबाद के विलय की प्रक्रिया के चरणों को क्रमबद्ध न कर पाना।

Revision tips

  • संविधान सभा के गठन से संबंधित प्रमुख तिथियों और योजनाओं को सारणीबद्ध करें।
  • प्रारूप समिति और उसके सदस्यों के योगदान को विशेष रूप से याद करें।
  • उद्देश्य प्रस्ताव के मुख्य बिंदुओं को समझें और उन्हें अपने शब्दों में लिखें।
  • अल्पसंख्यकों से संबंधित विभिन्न समूहों की मांगों का विश्लेषण करें।
  • हैदराबाद के विलय की घटनाक्रम को क्रम से याद करने का प्रयास करें।

Practice MCQs

Q1. संविधान सभा का गठन किस योजना के अनुसार अक्टूबर 1946 में किया गया था?

Q2. संविधान सभा की प्रथम बैठक कब और किसकी अध्यक्षता में हुई?

Q3. प्रारूप समिति का गठन कब किया गया था?

Q4. महात्मा गांधी किस भाषा को राष्ट्रभाषा बनाना चाहते थे?

Q5. हैदराबाद के निजाम ने भारतीय संघ में विलय के लिए कब आत्मसमर्पण किया?

Frequently asked questions

सीबीएसई कक्षा 12 इतिहास के अध्याय 15 का शीर्षक क्या है?

सीबीएसई कक्षा 12 इतिहास के अध्याय 15 का शीर्षक 'संविधान का निर्माण: एक नए युग की शुरुआत' है।

संविधान सभा का गठन कब और किस योजना के तहत हुआ?

संविधान सभा का गठन अक्टूबर 1946 में कैबिनेट मिशन योजना के अनुसार किया गया था।

प्रारूप समिति के अध्यक्ष कौन थे और इसका गठन कब हुआ?

प्रारूप समिति का गठन 29 अगस्त, 1947 को किया गया था और इसके अध्यक्ष डॉ. बी.आर. अम्बेडकर थे।

उद्देश्य प्रस्ताव में किन मुख्य आदर्शों पर जोर दिया गया था?

उद्देश्य प्रस्ताव में प्रभुता सम्पन्न स्वतंत्र भारत की स्थापना, सभी शक्ति जनता से प्राप्त होना, और सामाजिक, आर्थिक, राजनीतिक न्याय व समानता जैसे आदर्शों पर जोर दिया गया था।

हैदराबाद को भारतीय संघ में कैसे शामिल किया गया?

हैदराबाद को भारतीय संघ में सैनिक कार्यवाही के माध्यम से शामिल किया गया, जिसके बाद निजाम ने 17 सितंबर, 1948 को आत्मसमर्पण कर दिया।

यह समाधान छात्रों के लिए कैसे उपयोगी हैं?

ये समाधान छात्रों को संविधान निर्माण की प्रक्रिया, प्रमुख घटनाओं और संबंधित तर्कों को समझने में मदद करते हैं, जिससे उन्हें परीक्षा की तैयारी में सहायता मिलती है।

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