कक्षा 9 संस्कृत: पाठ 3 सोमप्रभम् NCERT समाधान
यह पृष्ठ कक्षा 9 संस्कृत के पाठ 'सोमप्रभम्' के लिए विस्तृत समाधान प्रदान करता है। इसमें पाठ के अभ्यास प्रश्नों के उत्तर शामिल हैं, जो छात्रों को सोमप्रभा के चरित्र, उसके सामने आने वाली कठिनाइयों और उसके द्वारा दिखाई गई बहादुरी को समझने में मदद करते हैं। पाठ के श्लोक का आशय भी स्पष्ट किया गया है, जो दहेज जैसी सामाजिक कुरीतियों पर प्रकाश डालता है। इसके अतिरिक्त, पर्यायवाची शब्द, संधि विच्छेद और प्रकृति-प्रत्यय संयोग जैसे व्याकरणिक अभ्यासों के समाधान भी दिए गए हैं। ये समाधान छात्रों को पाठ की गहरी समझ विकसित करने और परीक्षा की तैयारी में सहायता करने के लिए डिज़ाइन किए गए हैं।
Quick info
| Board | CBSE |
|---|---|
| Class | Class 9 |
| Subject | संस्कृत |
| Session | 2026 |
| Language | Hindi |
| Type | NCERT Solutions |
| Chapter | 3. सोमप्रभम् |
Chapter summary
कक्षा 9 संस्कृत के पाठ 'सोमप्रभम्' के ये NCERT समाधान छात्रों को पाठ के मुख्य पात्र सोमप्रभा के संघर्षों और साहस को समझने में मदद करते हैं। इसमें पाठ के प्रश्नों के उत्तर, श्लोक का भावार्थ, पर्यायवाची शब्द, संधि और प्रकृति-प्रत्यय संयोग जैसे व्याकरणिक अभ्यासों पर ध्यान केंद्रित किया गया है। यह छात्रों को पाठ की विषय-वस्तु और भाषा पर अपनी पकड़ मजबूत करने में सहायता करता है।
Learning outcomes
- पाठ 'सोमप्रभम्' के पात्रों और घटनाओं का विश्लेषण करना।
- सोमप्रभा के चरित्र की विशेषताओं को समझना।
- दहेज प्रथा से संबंधित सामाजिक मुद्दों को पहचानना।
- संस्कृत व्याकरण के विभिन्न पहलुओं (पर्यायवाची, संधि, प्रत्यय) का अभ्यास करना।
- श्लोक के भावार्थ को हिंदी या अंग्रेजी में व्यक्त करना।
Topics covered
Paper topics
- सोमप्रभा की कहानी
- पारिवारिक दुर्व्यवहार
- दहेज प्रथा का विरोध
- कर्तव्यपरायणता
- संस्कृत व्याकरण
- पर्यायवाची शब्द
- संधि
- प्रकृति-प्रत्यय संयोग
- श्लोक का भावार्थ
Important topics
- सोमप्रभा द्वारा माँ का बचाव
- दहेज प्रथा की आलोचना
- पुरुष निरीक्षक का चरित्र
- पर्यायवाची शब्द
- संधि विच्छेद
- प्रत्यय का प्रयोग
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Questions and Solutions
प्रश्न 1
अ. अध्यापिका सोमप्रभां कक्षायाः किमर्थं निष्कासितवती?
आ. विद्यालयात् गृहम् आगत्य सा (सोमप्रभा) किम् अपश्यत्?
इ. विमलायाः श्वसुरः श्वश्रूः च ताम् कुत्र किमर्थञ्च नयतः?
ई. सोमप्रभा कथम् मातुः त्राणम् अकरोत्?
उ. सोमप्रभायाः आयुः कति वर्षाणि आसीत्?
ऊ. अस्मिन् नाटके पुरुषनिरीक्षकस्य (आरक्षिणः) कर्तव्यपरायणता वर्णिताऽस्ति भ्रष्टाचारपरायणता वा?
- अ. सोमप्रभायाः उपानहौ (जूते) त्रुटितौ आसीत्, तथा च तस्याः पुस्तकमञ्जूषा (बस्ता) अपि त्रुटिता आसीत्। एतस्मात् कारणात् अध्यापिका तां कक्षायाः निष्कासितवती।
- आ. विद्यालयात् गृहम् आगत्य सोमप्रभा अपश्यत् यत् तस्याः पितामहः (दादा) पितामही (दादी) च तस्याः मातरम् (माँ) विमलां मारयतः स्म।
- इ. विमलायाः श्वसुरः श्वश्रूः च ताम् महानसम् (रसोईघरं) ज्वालयितुम् (आगं दातुं) नयतः स्म।
- ई. सोमप्रभायाः आयुः केवलं पञ्चवर्षाणि आसीत्। यदा सा स्वमातरं पीड्यमानं अपश्यत्, तदा सा स्वल्पायुः अपि साहसेन पितृव्यौ निवारयितुं प्रयत्नम् अकरोत्।
- उ. अस्मिन् नाटके पुरुषनिरीक्षकस्य (आरक्षिणः) कर्तव्यपरायणता वर्णिताऽस्ति, न तु भ्रष्टाचारपरायणता। सः स्वकर्तव्यं निष्ठापूर्वकं निर्वहति।
प्रश्न 2
आशय (हिन्दी में): इस श्लोक का भाव यह है कि धन के लोभ में क्रूरता और हिंसा क्षण-क्षण बढ़ रही है। मनुष्यता को निर्दयी प्राणी अत्यंत क्रूरता से नष्ट कर रहे हैं। संसार दो भागों में बँट गया है और हत्यारों द्वारा उसे मारा जा रहा है। साधुता और मनुष्यता अत्यंत दीन-हीन अवस्था को प्राप्त हो गई हैं। यह श्लोक समाज में व्याप्त बुराइयों, विशेषकर दहेज जैसी कुप्रथाओं की ओर संकेत करता है, जहाँ धन के लिए मनुष्यता का हनन हो रहा है।
प्रश्न 3 (क)
i. पुत्रवधूः - .....
ii. पदत्राणे - .....
iii. पाकशालाम् - .....
iv. शीघ्रं कुरु - .....
v. पात्राणि - .....
vi. हन्तुम् इच्छा - .....
- i. पुत्रवधूः - स्नुषा
- ii. पदत्राणे - उपानहौ
- iii. पाकशालाम् - महानसम्
- iv. शीघ्रं कुरु - त्वरस्व
- v. पात्राणि - भाजनानि
- vi. हन्तुम् इच्छा - जिघांसा
प्रश्न 3 (ख)
i. कलह + आडम्बरः - .....
ii. प्रचलति + अत्र - .....
iii. न + अस्ति - .....
iv. प्रति + एव - .....
v. मया + एतत् - .....
vi. तत्र + एव - .....
- i. कलह + आडम्बरः - कलहाडम्बरः (दीर्घ सन्धिः)
- ii. प्रचलति + अत्र - प्रचलत्यत्र (यण् सन्धिः)
- iii. न + अस्ति - नास्ति (दीर्घ सन्धिः)
- iv. प्रति + एव - प्रत्येव (यण् सन्धिः)
- v. मया + एतत् - मयैतत् (अयादेशः)
- vi. तत्र + एव - तत्रैव (वृद्धि सन्धिः)
प्रश्न 4
यथा- आ + गम् + ल्यप् - आगत्य
सम् + पूज् + ल्यप् - सम्पूज्य
i. अभि + गम् + ल्यप् - .....
ii. वि + हा + ल्यप् - .....
iii. निर् + गम् + ल्यप् - .....
iv. वि + हस् + ल्यप् - .....
v. प्र + क्लृप् (कृष्) + ल्यप् - .....
vi. सम् + बुध् + ल्यप् - .....
- i. अभि + गम् + ल्यप् - अभिगम्य (या अभिगत्य)
- ii. वि + हा + ल्यप् - विहाय
- iii. निर् + गम् + ल्यप् - निर्गम्य
- iv. वि + हस् + ल्यप् - विहस्य
- v. प्र + क्लृप् (कृष्) + ल्यप् - প্রকृष्य
- vi. सम् + बुध् + ल्यप् - सम्बुध्य
Common mistakes
- प्रश्नों के उत्तर लिखते समय पाठ के संदर्भ को ठीक से न समझना।
- व्याकरणिक अभ्यासों में संधि नियमों या प्रत्यय के प्रयोग में त्रुटियाँ करना।
- श्लोक के भावार्थ को सतही तौर पर समझना और सटीक अर्थ न बता पाना।
Revision tips
- प्रत्येक प्रश्न के उत्तर को पाठ के प्रसंग से जोड़कर याद करें।
- व्याकरणिक अभ्यासों को हल करने के बाद संबंधित नियमों को दोहराएं।
- श्लोक के भावार्थ को अपने शब्दों में लिखने का अभ्यास करें।
Practice MCQs
Q1. अध्यापिका ने सोमप्रभा को कक्षा से क्यों निष्कासित किया?
Explanation: सोमप्रभा के जूते टूटे हुए थे और उसकी पुस्तक-पेटी भी फटी हुई थी, जिसके कारण अध्यापिका ने उसे कक्षा से बाहर निकाल दिया।
Q2. विद्यालय से घर आकर सोमप्रभा ने क्या देखा?
Explanation: घर आकर सोमप्रभा ने देखा कि उसके दादा-दादी उसकी माँ विमला को पीट रहे थे।
Q3. विमला के श्वसुर और श्वश्रू उसे कहाँ और क्यों ले जा रहे थे?
Explanation: विमला के श्वसुर और श्वश्रू उसे रसोई में आग लगाने के लिए ले जा रहे थे, जो कि एक गंभीर दुर्व्यवहार था।
Q4. दिए गए श्लोक के अनुसार, मनुष्यता का क्या हो रहा है?
Explanation: श्लोक के अनुसार, मनुष्यता को निर्दयी प्राणियों द्वारा अत्यंत क्रूरता से नष्ट किया जा रहा है और वह दीन-हीन हो गई है।
Q5. पाठ 'सोमप्रभम्' में किस गुण का वर्णन किया गया है?
Explanation: इस पाठ में पुरुष निरीक्षक (आरक्षण) की कर्तव्यपरायणता का वर्णन किया गया है, जो अपनी ड्यूटी ईमानदारी से निभाता है।
Frequently asked questions
कक्षा 9 संस्कृत के पाठ 3 'सोमप्रभम्' में मुख्य पात्र कौन है?
कक्षा 9 संस्कृत के पाठ 3 'सोमप्रभम्' में मुख्य पात्र सोमप्रभा नामक एक छोटी लड़की है।
यह पाठ किस सामाजिक समस्या पर प्रकाश डालता है?
यह पाठ मुख्य रूप से दहेज प्रथा और उसके कारण होने वाले पारिवारिक दुर्व्यवहार जैसी सामाजिक समस्याओं पर प्रकाश डालता है।
पाठ में सोमप्रभा ने अपनी माँ को कैसे बचाया?
जब सोमप्रभा ने देखा कि उसके दादा-दादी उसकी माँ विमला को मार रहे हैं, तो उसने हस्तक्षेप करके अपनी माँ को बचाया।
श्लोक का क्या अर्थ है?
श्लोक का अर्थ है कि धन के लिए क्रूरता बढ़ रही है, मनुष्यता नष्ट हो रही है, और साधुता का पतन हो रहा है, जो दहेज जैसी कुप्रथाओं की ओर इशारा करता है।
इन समाधानों का उपयोग परीक्षा की तैयारी के लिए कैसे किया जा सकता है?
इन समाधानों से आप पाठ के प्रश्नों के उत्तर, व्याकरणिक अभ्यासों को हल करना और श्लोक के भावार्थ को समझ सकते हैं, जो परीक्षा में पूछे जा सकते हैं।
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