CBSE Class 9 Hindi NCERT Solutions: Chapter 5 - Nanasaheb ki Putri Devi Maina ko Bhasm kar diya gaya

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CBSE कक्षा 9 हिंदी (क्षितिज) के अध्याय 5 में, हम नाना साहब की पुत्री देवी मैना की मार्मिक कहानी और उसके दुखद अंत के बारे में जानते हैं। यह अध्याय उस ऐतिहासिक संदर्भ और भावनात्मक गहराई को उजागर करता है जिसमें मैना ने अपने पैतृक महल को बचाने की गुहार लगाई थी। हम जनरल 'हे' के साथ उसके साहसिक तर्क-वितर्क और अंग्रेजों की राजनीतिक मंशाओं को भी समझते हैं। समाधान सर थॉमस 'हे' द्वारा दिखाई गई करुणा और जनरल आउट्रम के उस डर पर भी प्रकाश डालते हैं जिसने मैना की अंतिम इच्छा को पूरा करने से रोक दिया। इस अध्याय के माध्यम से, छात्र देशभक्ति, साहस और संघर्ष की मानवीय कीमत जैसे विषयों को समझेंगे, जो परीक्षा की तैयारी में स्पष्ट व्याख्या और अंतर्दृष्टि प्रदान करते हैं।

Quick info

BoardCBSE
ClassClass 9
Subjectहिंदी
Session2026
LanguageHindi
TypeNCERT Solutions
Chapter5. चपला देवी - नाना साहब की पुत्री देवी मैना को भस्म कर दिया गया

Chapter summary

NCERT Solutions for Class 9 Hindi Kshitij, Chapter 5, 'Nanasaheb ki Putri Devi Maina ko Bhasm kar diya gaya', provides detailed answers to the chapter's questions. It covers the historical events surrounding Nanasaheb's daughter, Maina, her attempts to save her palace, and her eventual tragic fate. The solutions explore themes of courage, patriotism, and the harsh realities of the Indian independence struggle from a historical perspective.

Learning outcomes

  • Understand the historical context of the story of Devi Maina.
  • Analyze the arguments presented by Maina to save her palace.
  • Identify the reasons for the British authorities' actions against Maina.
  • Evaluate the role of compassion and fear in the decisions of the British officers.
  • Appreciate the themes of patriotism and sacrifice presented in the chapter.

Topics covered

Paper topics

  • Devi Maina's plea to save the palace
  • Arguments for preserving historical sites
  • British colonial policies and revenge
  • Compassion and empathy in conflict
  • The role of fear in decision-making
  • Patriotism and sacrifice
  • Historical context of the 1857 rebellion
  • Character analysis of Maina and General 'He'
  • The concept of 'Bharat Sarkar' under British rule
  • The narrative style of reportage

Important topics

  • Maina's arguments for saving the palace
  • Reasons for the British desire to destroy the palace
  • Sir Thomas 'He's' compassion
  • General Outram's fear and decision
  • Themes of patriotism and sacrifice
  • Historical significance of the events

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Questions and Solutions

प्रश्न 1

बालिका मैना ने सेनापति 'हे' को कौन-कौन से तर्क देकर महल की रक्षा के लिए प्रेरित किया ?
Solution:

बालिका मैना ने अपने पिता के महल की रक्षा के लिए सेनापति 'हे' के समक्ष कई तर्क प्रस्तुत किए। उसने सबसे पहले यह तर्क दिया कि इस महल को गिराने से ब्रिटिश सेनापति के किसी भी उद्देश्य की पूर्ति नहीं होगी, क्योंकि यह केवल एक निर्जीव संरचना है। उसने आगे कहा कि जो लोग अंग्रेजों के विरुद्ध शस्त्र उठाते हैं, वे दोषी हैं, लेकिन इस जड़ पदार्थ मकान ने अंग्रेजों का क्या बिगाड़ा है? मैना ने अपनी बात को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए सेनापति 'हे' को अपना परिचय दिया और बताया कि वह उनकी मृत पुत्री मेरी की सहेली है। उसने यह भी उल्लेख किया कि मेरी का अंतिम पत्र अभी भी उसके पास सुरक्षित है, जिससे उसने भावनात्मक जुड़ाव बनाने का प्रयास किया।

प्रश्न 2

मैना जड़ पदार्थ मकान को बचाना चाहती थी पर अंग्रेज़ उसे नष्ट करना चाहते थे। क्यों ?
Solution:

मैना उस जड़ पदार्थ मकान को इसलिए बचाना चाहती थी क्योंकि वह उसके लिए केवल एक इमारत नहीं, बल्कि उसकी पैतृक धरोहर थी। उस महल में उसकी बचपन की अनमोल यादें, उसके पिता की स्मृतियाँ और पूरे परिवार की निशानियाँ समाई हुई थीं। वह महल उसके जीवन का अंतिम सहारा भी हो सकता था।

दूसरी ओर, अंग्रेज़ उस महल को नष्ट करना चाहते थे क्योंकि वह उनके दुश्मन नाना साहब का था। नाना साहब ने अंग्रेजों का नरसंहार करके उन्हें बहुत हानि पहुँचाई थी। अंग्रेज़ सरकार बदला लेने की भावना से नाना साहब से जुड़ी हर निशानी को मिटा देना चाहती थी, ताकि भविष्य में कोई भी अंग्रेजों के विरुद्ध आवाज़ उठाने का साहस न कर सके। वे इस महल को नष्ट करके एक संदेश देना चाहते थे कि विद्रोहियों का अंत इसी तरह होगा।

प्रश्न 3

सर टामस 'हे' के मैना पर दया-भाव के क्या कारण थे ?
Solution:

सर टामस 'हे' के मन में मैना के प्रति दया-भाव उत्पन्न होने के कई कारण थे। सबसे प्रमुख कारण यह था कि मैना उनकी मृत पुत्री मेरी की प्रिय सहेली थी। संभवतः, मैना को देखकर उन्हें अपनी पुत्री मेरी की छवि याद आ गई होगी, जिससे उनके मन में ममता और वात्सल्य का भाव जागृत हुआ। इसके अतिरिक्त, यह भी संभव है कि सर टामस 'हे' मैना के घर आते रहे हों और तब से ही वे मैना को अपनी पुत्री के समान ही प्यार करते हों। मैना द्वारा प्रस्तुत किए गए तर्कों में उन्हें सच्चाई भी नज़र आई होगी, जिसने उनके दया भाव को और बढ़ाया होगा।

प्रश्न 4

मैना की अंतिम इच्छा थी कि वह उस प्रासाद के ढेर पर बैठकर जी भरकर रो ले लेकिन पाषाण-हृदय वाले जनरल ने किस भय से उसकी इच्छा पूर्ण न होने दी ?
Solution:

मैना की अंतिम इच्छा थी कि वह अपने नष्ट हो चुके महल के ढेर पर बैठकर जी भरकर रो ले। परंतु, पाषाण-हृदय वाले जनरल आउटरम ने उसकी यह छोटी सी इच्छा भी पूरी नहीं होने दी। जनरल आउटरम के मन में यह भय था कि यदि वह नाना साहब की बेटी के प्रति थोड़ी सी भी सहानुभूति दिखाता है, तो ब्रिटिश सरकार का गुस्सा उस पर फूट पड़ेगा। उसे इस कृत्य के लिए कठोर दंड भी मिल सकता था। इसी डर के कारण, उसने मैना की अंतिम इच्छा को भी अनसुना कर दिया।

प्रश्न 5

बालिका मैना के चरित्र की कौन-कौन सी विशेषताएँ आप अपनाना चाहेंगें और क्यों ?
Solution:

बालिका मैना के चरित्र से हम कई महत्वपूर्ण विशेषताएँ अपनाना चाहेंगे, जो हमारे व्यक्तिगत और सामाजिक विकास के लिए आवश्यक हैं। इनमें प्रमुख हैं:

  • देश-प्रेम की भावना: मैना अपने पैतृक महल और अपनी मातृभूमि के प्रति गहरा प्रेम रखती थी, जिसके लिए वह संघर्ष करने को तैयार थी।
  • साहस और निडरता: उसने बड़े-बड़े अंग्रेजों के सामने बिना डरे अपनी बात रखी और अपने महल की रक्षा के लिए तर्क दिए।
  • स्पष्ट वक्ता: मैना अपनी बात को स्पष्ट और सीधे तरीके से कहने में सक्षम थी।
  • भावुकता: अपनी सहेली मेरी की याद और अपने महल से जुड़े लगाव ने उसके चरित्र में भावुकता का पक्ष भी दिखाया।
  • तर्कशीलता: उसने केवल भावनात्मक अपील ही नहीं की, बल्कि तार्किक आधार पर भी महल की रक्षा का प्रयास किया।

ये गुण मनुष्य को चरित्रवान बनाते हैं और उसे अपने समाज व देश के विकास में सकारात्मक योगदान देने के लिए प्रेरित करते हैं।

प्रश्न 6

'टाइम्स' पत्र ने 6 सितम्बर को लिखा था - 'बड़े दुख का विषय है कि भारत सरकार आज तक उस दुर्दांत नाना साहब को नहीं पकड़ सकी'। इस वाक्य में 'भारत सरकार' से क्या आशय है ?
Solution:

इस वाक्य में 'भारत सरकार' से आशय उस समय की ब्रिटिश सरकार से है, जो भारत पर शासन कर रही थी। यह सरकार अंग्रेज़ अधिकारियों के आदेशों और नीतियों के अनुसार चलती थी और भारत के लोगों के हितों की बजाय ब्रिटिश साम्राज्य के हितों को प्राथमिकता देती थी। इसलिए, यहाँ 'भारत सरकार' का अर्थ उस समय की औपनिवेशिक सत्ता से है, न कि भारत की अपनी स्वतंत्र और स्वदेशी सरकार से।

प्रश्न 7

स्वाधीनता आंदोलन को आगे बढ़ाने में इस प्रकार के लेखन की क्या भूमिका रही होगी ?
Solution:

स्वाधीनता आंदोलन को आगे बढ़ाने में इस प्रकार के लेखन की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रही होगी। ऐसे लेखों के माध्यम से:

  • जन-जागरण: लोगों तक अंग्रेजों के अत्याचारों और अन्याय की खबरें पहुँचाई जाती थीं, जिससे उनमें आक्रोश और विरोध की भावना जागृत होती थी।
  • प्रेरणा स्रोत: मैना जैसी वीर बालिकाओं के बलिदान की कहानियाँ पढ़कर लोगों के मन में देशभक्ति की भावना प्रबल होती थी और वे संघर्ष के लिए प्रेरित होते थे।
  • एकता का संचार: ऐसे लेख विभिन्न समुदायों और वर्गों के लोगों को एक साझा दुश्मन के खिलाफ एकजुट होने का संदेश देते थे।
  • भावनात्मक जुड़ाव: मैना जैसी नायिकाओं के प्रति करुणा और श्रद्धा का भाव लोगों को स्वतंत्रता संग्राम से भावनात्मक रूप से जोड़ता था।

इस प्रकार, ये लेख न केवल सूचना का माध्यम थे, बल्कि स्वाधीनता आंदोलन के लिए जनसमर्थन जुटाने और लोगों के मनोबल को बढ़ाने में भी सहायक सिद्ध होते थे।

प्रश्न 8

कल्पना कीजिए कि मैना के बलिदान की यह खबर आपको रेडियो पर प्रस्तुत करनी है। इन सूचनाओं के आधार पर आप एक रेडियो समाचार तैयार करें और कक्षा में भावपूर्ण शैली में पढ़ें।
Solution:

(भावपूर्ण संगीत के साथ) नमस्कार, आप सुन रहे हैं आकाशवाणी, कानपुर। मैं हूँ रवि वर्मा, लेकर संध्या समाचार। आज हमें अत्यंत दुःख और भारी मन से यह सूचित करना पड़ रहा है कि कल शाम, कानपुर की वीर बेटी मैनादेवी का देहावसान हो गया। अत्यंत अमानवीय और क्रूरतापूर्ण तरीके से, अंग्रेज जनरल आउटरम के आदेश पर, मैनादेवी को जलती हुई आग में भस्म कर दिया गया। यह घटना न केवल कानपुर शहर, बल्कि पूरे क्षेत्र को शोक और रोष में डुबो गई है। भले ही आज मैनादेवी इस नश्वर संसार को त्याग कर परमधाम चली गई हैं, परन्तु उनका यह बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा। उनका यह अदम्य साहस और देशप्रेम आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बना रहेगा। धन्यवाद।

प्रश्न 9.1

इस पाठ में रिपोर्ताज के प्रारंभिक रूप की झलक मिलती है लेकिन आज अख़बारों में अधिकांश खबरें रिपोर्ताज की शैली में लिखी जाती हैं। आप - कोई दो खबरें किसी अख़बार से काटकर अपनी कॉपी में चिपकाए तथा कक्षा में पढ़कर सुनाइए।
Solution:

यह प्रश्न छात्रों को रिपोर्ताज शैली को समझने और वास्तविक समाचारों से उसका संबंध जोड़ने के लिए प्रोत्साहित करता है। छात्रों को किसी भी समाचार पत्र से दो खबरें चुननी होंगी जो घटना का विस्तृत और सजीव वर्णन करती हों, जैसे कि किसी खेल आयोजन, सांस्कृतिक कार्यक्रम, या किसी महत्वपूर्ण घटना का कवरेज। इन खबरों को कॉपी में चिपकाने और कक्षा में पढ़कर सुनाने से वे रिपोर्ताज की शैली, जैसे कि घटनास्थल का विवरण, पात्रों के संवाद, और लेखक की अपनी प्रतिक्रिया, को बेहतर ढंग से समझ पाएंगे।

उदाहरण के लिए, एक छात्र निम्नलिखित प्रकार की खबरें चुन सकता है:

  1. खेल समाचार: किसी बड़े मैच का विस्तृत विवरण, जिसमें खिलाड़ियों के प्रदर्शन, दर्शकों की प्रतिक्रिया और मैच के उतार-चढ़ाव का वर्णन हो।
  2. सामाजिक या सांस्कृतिक आयोजन: किसी मेले, उत्सव या महत्वपूर्ण सामाजिक मुद्दे पर आधारित रिपोर्ट, जिसमें वहां का माहौल, लोगों की राय और आयोजन के उद्देश्य का उल्लेख हो।

छात्रों को इन खबरों को पढ़ते समय रिपोर्ताज की विशेषताओं पर ध्यान केंद्रित करने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है।

Common mistakes

  • Confusing the motivations of different British officers.
  • Underestimating the emotional and historical significance of the palace.
  • Misinterpreting the 'Bharat Sarkar' reference in the text.

Revision tips

  • Focus on understanding the historical background of the Nanasaheb rebellion.
  • Analyze Maina's character and her arguments from different perspectives.
  • Pay attention to the emotional tone and the author's commentary.
  • Practice answering questions related to historical events and character motivations.

Practice MCQs

Q1. मैना ने सेनापति 'हे' को महल बचाने के लिए क्या तर्क दिया?

Q2. अंग्रेज़ मैना के पैतृक महल को नष्ट क्यों करना चाहते थे?

Q3. सर टामस 'हे' को मैना पर दया क्यों आई?

Q4. जनरल आउटरम ने मैना की अंतिम इच्छा क्यों पूरी नहीं की?

Q5. पाठ में 'भारत सरकार' से क्या आशय है?

Frequently asked questions

यह पाठ किस ऐतिहासिक घटना से संबंधित है?

यह पाठ 1857 के विद्रोह के बाद नाना साहब की बेटी मैना के साथ हुई एक दुखद घटना से संबंधित है, जहाँ ब्रिटिश सरकार ने उसके महल को नष्ट करने का आदेश दिया था।

मैना ने अपने पिता के महल को बचाने के लिए क्या तर्क दिए?

मैना ने तर्क दिया कि महल गिराने से कोई उद्देश्य पूरा नहीं होगा, महल एक निर्जीव वस्तु है जिसने किसी का अहित नहीं किया, और उसने सेनापति 'हे' को अपनी पुत्री मेरी की सहेली होने का वास्ता भी दिया।

सर टामस 'हे' ने मैना के प्रति दया क्यों दिखाई?

सर टामस 'हे' ने मैना के प्रति दया इसलिए दिखाई क्योंकि मैना उनकी मृत पुत्री मेरी की सहेली थी, और संभवतः उन्होंने मैना में अपनी बेटी की छवि देखी।

जनरल आउटरम ने मैना की अंतिम इच्छा को पूरा करने से क्यों इनकार कर दिया?

जनरल आउटरम को डर था कि यदि वह नाना साहब की बेटी के प्रति कोई सहानुभूति दिखाता है, तो ब्रिटिश सरकार उससे नाराज़ हो सकती है और उसे दंडित कर सकती है।

इस पाठ से हमें क्या सीख मिलती है?

यह पाठ हमें देशभक्ति, साहस, और मानवीय करुणा के महत्व के बारे में सिखाता है, साथ ही यह भी दर्शाता है कि कैसे राजनीतिक प्रतिशोध मानवीय भावनाओं पर हावी हो सकता है।

पाठ में 'भारत सरकार' का क्या अर्थ है?

पाठ के संदर्भ में, 'भारत सरकार' से आशय उस सरकार से है जो ब्रिटिश अधिकारियों के आदेशों के तहत काम करती थी, न कि भारत की अपनी स्वतंत्र सरकार।

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