कक्षा 9 हिंदी NCERT समाधान: पाठ 4 - साँवले सपनों की याद (जाबिर हुसैन)

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यह पृष्ठ कक्षा 9 हिंदी की पाठ्यपुस्तक 'क्षितिज' के पाठ 4, 'साँवले सपनों की याद' के लिए विस्तृत NCERT समाधान प्रस्तुत करता है। यह पाठ प्रसिद्ध पक्षी विज्ञानी सालिम अली के जीवन और पर्यावरण के प्रति उनकी गहरी चिंता पर आधारित है, जिसे लेखक जाबिर हुसैन ने संस्मरण के रूप में लिखा है। समाधानों में सालिम अली के जीवन को बदलने वाली घटनाओं, पर्यावरण संबंधी उनकी चिंताओं, और उनकी सहज, प्रकृति-प्रेमी जीवनशैली पर प्रकाश डाला गया है। पाठ के विभिन्न पहलुओं, जैसे कि लॉरेंस की पत्नी फ्रीडा के कथन का आशय, सालिम अली के व्यक्तित्व की विशेषताएँ, और 'साँवले सपनों की याद' शीर्षक की सार्थकता पर गहन चर्चा की गई है। ये समाधान छात्रों को पाठ की गहरी समझ विकसित करने और परीक्षा की तैयारी में मदद करने के लिए डिज़ाइन किए गए हैं।

Quick info

BoardCBSE
ClassClass 9
Subjectहिंदी
Session2026
LanguageHindi
TypeNCERT Solutions
Chapter4. जाबिर हुसैन - साँवले सपनों की याद

Chapter summary

कक्षा 9 हिंदी के पाठ 4, 'साँवले सपनों की याद' के NCERT समाधान, लेखक जाबिर हुसैन द्वारा रचित सालिम अली के संस्मरण पर केंद्रित हैं। ये समाधान सालिम अली के जीवन की महत्वपूर्ण घटनाओं, जैसे कि बचपन में गौरैया को घायल करने की घटना, जिसने उन्हें पक्षी विज्ञानी बनने के लिए प्रेरित किया, का विस्तृत विश्लेषण करते हैं। इसमें केरल की साइलेंट वैली के संबंध में पर्यावरण के खतरों पर सालिम अली की चिंता और पूर्व प्रधानमंत्री की प्रतिक्रिया का भी वर्णन है। समाधान लॉरेंस के साथ सालिम अली की तुलना, उनके सरल और सहज व्यक्तित्व, और 'साँवले सपनों की याद' शीर्षक की सार्थकता को भी स्पष्ट करते हैं।

Learning outcomes

  • सालिम अली के जीवन को बदलने वाली बचपन की घटना को समझना।
  • पर्यावरण संरक्षण के प्रति सालिम अली की चिंताओं का विश्लेषण करना।
  • लेखक की भाषा-शैली की विशेषताओं को पहचानना।
  • सालिम अली के व्यक्तित्व के विभिन्न पहलुओं का वर्णन करना।
  • 'साँवले सपनों की याद' शीर्षक की सार्थकता का मूल्यांकन करना।

Topics covered

Paper topics

  • सालिम अली का जीवन परिचय
  • बचपन की घटना का प्रभाव
  • पर्यावरण संरक्षण की चिंता
  • साइलेंट वैली का मुद्दा
  • सालिम अली और लॉरेंस की तुलना
  • लेखक की भाषा-शैली
  • चित्रात्मक शैली
  • कलात्मकता
  • सालिम अली का व्यक्तित्व
  • प्रकृति प्रेम
  • 'साँवले सपनों की याद' शीर्षक की सार्थकता
  • संस्मरण विधा

Important topics

  • सालिम अली के जीवन को बदलने वाली घटना
  • पर्यावरण के प्रति सालिम अली की चिंताएँ
  • सालिम अली के व्यक्तित्व की विशेषताएँ
  • लेखक की भाषा-शैली
  • 'साँवले सपनों की याद' शीर्षक का अर्थ

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Questions and Solutions

प्रश्न 1

किस घटना ने सालिम अली के जीवन की दिशा को बदल दिया?
Solution: बचपन में सालिम अली अपने मामा द्वारा दी गई एयरगन से खेल रहे थे। उसी दौरान उन्होंने एक गौरैया को घायल कर दिया। यह घटना सालिम अली के मन में पक्षियों के प्रति गहरी जिज्ञासा उत्पन्न करने वाली सिद्ध हुई। वे उस गौरैया के बारे में और अधिक जानना चाहते थे। उनके मामा ने उन्हें नैचुरल हिस्ट्री सोसायटी (बी.एन.एच.एस) जाने की सलाह दी, जहाँ जाकर उन्होंने न केवल गौरैया के बारे में जानकारी प्राप्त की, बल्कि उनकी रुचि पूरे पक्षी-संसार की ओर मुड़ गई और वे एक प्रसिद्ध पक्षी-प्रेमी बन गए।

प्रश्न 2

सालिम अली ने पूर्व प्रधानमंत्री के सामने पर्यावरण से संबंधित किन संभावित खतरों का चित्र खींचा होगा कि जिससे उनकी आँखें नम हो गई थीं?
Solution: सालिम अली ने संभवतः पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरणसिंह के सामने केरल की 'साइलेंट वैली' के संबंध में पर्यावरण को होने वाले गंभीर खतरों का वर्णन किया होगा। उस समय केरल पर रेगिस्तानी हवा के गर्म झोंकों के प्रभाव से पर्यावरण के दूषित होने का खतरा मंडरा रहा था, जिससे वहाँ की जैव-विविधता पर संकट आ सकता था। सालिम अली, जो स्वयं भी प्रकृति और ज़मीन से गहरे जुड़े हुए थे, ने इस संभावित विनाश का जो मार्मिक चित्र खींचा होगा, उसे देखकर और पर्यावरण की चिंता को महसूस करके प्रधानमंत्री की आँखें नम हो गई होंगी।

प्रश्न 3

लॉरेंस की पत्नी फ्रीडा ने ऐसा क्यों कहा होगा कि "मेरी छत पर बैठने वाली गौरेया लॉरेंस के बारे में ढेर सारी बातें जानती है?"
Solution: लॉरेंस की पत्नी फ्रीडा ने यह बात संभवतः इसलिए कही होगी क्योंकि वे जानती थीं कि उनके पति डी.एच. लॉरेंस को पक्षियों, विशेषकर गौरेया से अत्यधिक प्रेम था। लॉरेंस अपना काफी समय गौरेया के साथ बिताते थे और उनके साथ उनका एक गहरा भावनात्मक जुड़ाव था। गौरेया भी उनके प्रति मित्रवत व्यवहार करती थी। फ्रीडा इस कथन के माध्यम से लॉरेंस के पक्षियों के प्रति प्रेम और उनके सरल, सहज स्वभाव को उजागर करना चाहती थीं, मानो गौरेया उनके जीवन की अनेक बातें जानती हो।

प्रश्न 4.1

आशय स्पष्ट कीजिए - "वो लॉरेंस की तरह, नैसर्गिक जिंदगी का प्रतिरूप बन गए थे।"
Solution: इस कथन का आशय यह है कि जिस प्रकार अंग्रेजी कवि डी.एच. लॉरेंस का जीवन प्रकृति के साथ एकाकार था, वे सरल, सहज और प्राकृतिक जीवन जीते थे, उसी प्रकार सालिम अली भी अपने जीवन में प्रकृति के अत्यंत निकट आ गए थे। सालिम अली का व्यक्तित्व भी प्रकृति की तरह ही सहज, सरल और निश्छल हो गया था। उन्होंने अपना जीवन प्रकृति और पक्षियों के अध्ययन और संरक्षण के लिए समर्पित कर दिया था, जिससे वे स्वयं प्रकृति का एक जीवंत रूप बन गए थे।

प्रश्न 4.2

"कोई अपने जिस्म की हरारत और दिल की धड़कन देकर भी उसे लौटाना चाहे तो वह पक्षी अपने सपनों के गीत दोबारा कैसे गा सकेगा!" - इस कथन का आशय स्पष्ट कीजिए।
Solution: इस कथन के माध्यम से लेखक यह बताना चाहते हैं कि सालिम अली जैसे महान पक्षी-प्रेमी की मृत्यु के बाद, उनके जैसा व्यक्ति दोबारा उत्पन्न नहीं हो सकता। सालिम अली रूपी पक्षी, जो प्रकृति के सपनों में खोया रहता था, अब मृत्यु की गोद में सो चुका है। यदि कोई व्यक्ति अपने शरीर की गर्मी (हरारत) और दिल की धड़कन देकर भी उसे जीवित करना चाहे, तो भी वह संभव नहीं है, क्योंकि उसके सपने और उसकी चेतना उसके अपने जीवन से उपजी थी। इसका गहरा अर्थ यह है कि मृत व्यक्ति को जीवित नहीं किया जा सकता और सालिम अली जैसे मौलिक व्यक्तित्व का निर्माण प्रयास से संभव नहीं है।

प्रश्न 4.3

सालिम अली प्रकृति की दुनिया में एक टापू बनने की बजाए अथाह सागर बनकर उभरे थे। - इस कथन का आशय स्पष्ट कीजिए।
Solution: इस कथन का आशय यह है कि सालिम अली ने प्रकृति की दुनिया को केवल एक सीमित दायरे या 'टापू' तक सीमित नहीं रखा, बल्कि उन्होंने अपने ज्ञान और अन्वेषण से उसे एक 'अथाह सागर' का रूप दे दिया। टापू बंधन और सीमा का प्रतीक है, जबकि सागर असीमता और विस्तार का। सालिम अली ने स्वयं को किसी सीमा में नहीं बांधा; वे निरंतर प्रकृति के रहस्यों की खोज में लगे रहे। उनकी दूरबीन, जो उनके गले में हमेशा लटकी रहती थी, उनके इसी असीम समर्पण और खोज की प्रवृत्ति का प्रतीक है।

प्रश्न 5

इस पाठ के आधार पर लेखक की भाषा-शैली की चार विशेषताएँ बताइए।
Solution: "साँवले सपनों की याद" पाठ के आधार पर लेखक जाबिर हुसैन की भाषा-शैली की चार प्रमुख विशेषताएँ निम्नलिखित हैं:
  1. मिश्रित शब्दावली का प्रयोग: लेखक ने पाठ में उर्दू, तद्भव और संस्कृत शब्दों का कुशलतापूर्वक मिश्रण किया है, जिससे भाषा समृद्ध और प्रभावशाली बनी है।
  2. चित्रात्मक शैली: लेखक की शैली अत्यंत चित्रात्मक है। वे शब्दों के माध्यम से ऐसी छवियाँ प्रस्तुत करते हैं कि पाठक को घटनाएँ आँखों के सामने घटित होती हुई प्रतीत होती हैं।
  3. कलात्मकता और जटिल वाक्य-विन्यास: लेखक के वाक्य सरल-सीधे न होकर कलात्मक और अक्सर जटिल होते हैं, जो उनके विचारों को गहराई और बारीकी से व्यक्त करते हैं।
  4. भावनात्मक अभिव्यक्ति: लेखक अपने मनोभावों और विचारों को व्यक्त करने के लिए एक विशेष शैली का प्रयोग करते हैं, जो पाठक के हृदय को छू जाती है। वे अलंकारों का भी सुंदर प्रयोग करते हैं, जैसे उपमा और रूपक।

प्रश्न 6

इस पाठ में लेखक ने सालिम अली के व्यक्तित्व का जो चित्र खींचा है, उसे अपने शब्दों में लिखिए।
Solution: लेखक जाबिर हुसैन ने सालिम अली को एक अनन्य प्रकृति-प्रेमी के रूप में चित्रित किया है, जिनके मन में प्रकृति और पक्षियों के प्रति कभी न समाप्त होने वाली जिज्ञासा थी। वे संभवतः दुनिया के सबसे बड़े 'बर्ड-वाचर' (पक्षी-प्रेमी) थे। उनका स्वभाव भ्रमणशील था और लंबी यात्राओं ने उनके शरीर को भले ही थका दिया हो, पर उनकी आत्मा को सदैव सक्रिय रखा। व्यवहार में वे अत्यंत सरल, सीधे और स्पष्टवादी थे। वे किसी भी प्रकार की बाहरी चकाचौंध या विशिष्टता से दूर रहते थे। जीवन के अंतिम क्षणों तक भी वे पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ अपने पक्षी-प्रेम और खोज में लगे रहे।

प्रश्न 7

"साँवले सपनों की याद" शीर्षक की सार्थकता पर टिप्पणी कीजिए।
Solution: "साँवले सपनों की याद" शीर्षक अत्यंत सार्थक और रहस्यात्मक है। यह रचना लेखक जाबिर हुसैन द्वारा अपने प्रिय मित्र और महान पक्षी विज्ञानी सालिम अली की स्मृति में लिखा गया एक संस्मरण है। सालिम अली की मृत्यु से उत्पन्न हुए गहरे दुःख और अवसाद को लेखक ने इस शीर्षक के माध्यम से व्यक्त किया है। "साँवले सपने" यहाँ मनमोहक इच्छाओं, अनवरत खोजों और जीवन के उन अनूठे अनुभवों के प्रतीक हैं जिनमें सालिम अली खोए रहते थे। वे जीवन भर सुनहरे पक्षियों की दुनिया में रमे रहे, उनकी सुरक्षा और उनके रहस्यों की खोज के सपनों में जीते रहे। इसलिए, जब सालिम अली नहीं रहे, तो लेखक को उन 'साँवले सपनों' की याद आती है जो सालिम अली की आँखों में बसते थे और जिनके वे जीते-जागते प्रतीक थे।

प्रश्न (रचना-अभिव्यक्ति) 1

प्रस्तुत पाठ सालिम अली की पर्यावरण के प्रति चिंता को भी व्यक्त करता है। पर्यावरण को बचाने के लिए आप कैसे योगदान दे सकते हैं?
Solution: सालिम अली की तरह, हमें भी पर्यावरण के प्रति अपनी जिम्मेदारी समझनी चाहिए। पर्यावरण को बचाने के लिए मैं निम्नलिखित तरीकों से योगदान दे सकता हूँ:
  1. पेड़-पौधे लगाना: अधिक से अधिक पेड़-पौधे लगाकर और उनकी देखभाल करके मैं वायुमंडल को शुद्ध करने और जैव-विविधता को बढ़ाने में मदद कर सकता हूँ।
  2. जल संरक्षण: पानी की बर्बादी को रोककर, वर्षा जल संचयन को बढ़ावा देकर और जल स्रोतों को स्वच्छ रखकर मैं जल संसाधनों का संरक्षण कर सकता हूँ।
  3. प्लास्टिक का कम उपयोग: प्लास्टिक थैलियों और अन्य एकल-उपयोग प्लास्टिक के स्थान पर कपड़े के थैलों या अन्य पुन: प्रयोज्य (reusable) वस्तुओं का उपयोग करके मैं प्रदूषण को कम कर सकता हूँ।
  4. ऊर्जा संरक्षण: बिजली और अन्य ऊर्जा स्रोतों का विवेकपूर्ण उपयोग करके, जैसे कि जरूरत न होने पर लाइट और पंखे बंद करके, मैं ऊर्जा की बचत में योगदान दे सकता हूँ।
  5. जागरूकता फैलाना: मैं अपने मित्रों, परिवार और समुदाय के लोगों को पर्यावरण संरक्षण के महत्व के बारे में जागरूक कर सकता हूँ और उन्हें भी इन प्रयासों में शामिल होने के लिए प्रेरित कर सकता हूँ।
  6. कचरा प्रबंधन: कचरे को सही ढंग से अलग करके (गीला और सूखा कचरा) और पुनर्चक्रण (recycling) को बढ़ावा देकर मैं पर्यावरण को स्वच्छ रखने में सहायता कर सकता हूँ।

Common mistakes

  • सालिम अली के जीवन की घटनाओं के क्रम को गलत समझना।
  • पर्यावरण संबंधी चिंताओं के मूल कारण को न समझ पाना।
  • लेखक की चित्रात्मक और कलात्मक शैली को पहचानने में कठिनाई।
  • शीर्षक के प्रतीकात्मक अर्थ को समझने में चूक।

Revision tips

  • सालिम अली के जीवन की मुख्य घटनाओं को कालानुक्रमिक क्रम में याद करें।
  • पर्यावरण संरक्षण के महत्व और सालिम अली की भूमिका पर ध्यान केंद्रित करें।
  • लेखक की भाषा-शैली की विशेषताओं को उदाहरण सहित समझें।
  • पाठ के शीर्षक 'साँवले सपनों की याद' के गहरे अर्थ पर विचार करें।

Practice MCQs

Q1. सालिम अली के जीवन की दिशा किस घटना ने बदली?

Q2. सालिम अली ने पूर्व प्रधानमंत्री के सामने किस संभावित खतरे का चित्र खींचा था?

Q3. लॉरेंस की पत्नी फ्रीडा ने ऐसा क्यों कहा कि 'मेरी छत पर बैठने वाली गौरेया लॉरेंस के बारे में ढेर सारी बातें जानती है'?

Q4. पाठ के अनुसार, सालिम अली का व्यक्तित्व कैसा था?

Q5. 'साँवले सपनों की याद' शीर्षक का क्या आशय है?

Frequently asked questions

कक्षा 9 हिंदी के पाठ 4 'साँवले सपनों की याद' में मुख्य रूप से किस विषय पर चर्चा की गई है?

इस पाठ में प्रसिद्ध पक्षी विज्ञानी सालिम अली के जीवन, उनके प्रकृति प्रेम, पर्यावरण के प्रति उनकी गहरी चिंता और उनके संस्मरण पर चर्चा की गई है, जिसे लेखक जाबिर हुसैन ने लिखा है।

सालिम अली के जीवन को किस घटना ने सबसे अधिक प्रभावित किया?

सालिम अली के जीवन को उनके बचपन की वह घटना सबसे अधिक प्रभावित किया जब उन्होंने मामा की दी हुई एयरगन से एक गौरैया को घायल कर दिया था। इस घटना ने उनमें पक्षियों के प्रति जिज्ञासा जगाई।

लेखक ने सालिम अली की तुलना किस अंग्रेजी कवि से की है और क्यों?

लेखक ने सालिम अली की तुलना अंग्रेजी कवि डी.एच. लॉरेंस से की है। दोनों ही प्रकृति प्रेमी थे, सरल स्वभाव के थे और अपना अधिकांश समय प्रकृति के सानिध्य में बिताते थे।

'साँवले सपनों की याद' शीर्षक का क्या अर्थ है?

यह शीर्षक सालिम अली की मनमोहक इच्छाओं और पक्षियों की दुनिया में उनकी गहरी रुचि व खोज के सपनों का प्रतीक है। लेखक को सालिम अली के न रहने पर उन्हीं 'साँवले सपनों' की याद आती है जो उनकी आँखों में बसते थे।

इस पाठ से पर्यावरण संरक्षण के बारे में क्या संदेश मिलता है?

यह पाठ सालिम अली के माध्यम से पर्यावरण के प्रति गहरी चिंता व्यक्त करता है और बताता है कि हमें प्रकृति और उसके जीवों की रक्षा के लिए सचेत रहना चाहिए।

लेखक जाबिर हुसैन की भाषा-शैली की क्या विशेषताएँ हैं?

लेखक की भाषा-शैली चित्रात्मक, कलात्मक और मिश्रित शब्दावली (उर्दू, तद्भव, संस्कृत) युक्त है। वे जटिल वाक्यों का प्रयोग करते हैं और अलंकारों का सुंदर प्रयोग करते हैं।

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