कक्षा 9 हिंदी स्पर्श गद्य खंड: कीचड़ का काव्य - NCERT समाधान

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यह पृष्ठ कक्षा 9 के हिंदी स्पर्श गद्य खंड के पाठ 'कीचड़ का काव्य' के लिए विस्तृत NCERT समाधान प्रस्तुत करता है। काका कालेलकर द्वारा लिखित यह पाठ कीचड़ के प्रति समाज की उपेक्षापूर्ण दृष्टि पर प्रकाश डालता है और इसके छिपे हुए महत्व और सौंदर्य को उजागर करता है। समाधानों में कीचड़ के प्रति सहानुभूति की कमी के कारणों, उसके सूखने पर बनने वाले दृश्यों, और कला तथा प्रकृति में उसके योगदान जैसे विषयों पर गहन चर्चा की गई है। यह पाठ छात्रों को प्रकृति के हर तत्व को सम्मान की दृष्टि से देखने के लिए प्रेरित करता है, भले ही वह सामान्यतः उपेक्षित हो। ये समाधान छात्रों को पाठ की गहरी समझ विकसित करने और परीक्षा की तैयारी में सहायता करेंगे।

Quick info

BoardCBSE
ClassClass 9
Subjectहिंदी
Session2026
LanguageHindi
TypeNCERT Solutions
ChapterGadd Khand - Kaka Kalekar – Keechad Ka Kavya

Chapter summary

कक्षा 9 के हिंदी स्पर्श गद्य खंड के पाठ 'कीचड़ का काव्य' के ये NCERT समाधान छात्रों को कीचड़ के महत्व और सौंदर्य को समझने में मदद करते हैं। समाधानों में कीचड़ के प्रति सामाजिक उपेक्षा, उसके द्वारा उत्पन्न होने वाले दृश्य सौंदर्य, और कलात्मक उपयोगिता जैसे पहलुओं पर ध्यान केंद्रित किया गया है। यह पाठ प्रकृति के विभिन्न रूपों के प्रति सम्मान सिखाता है, यहाँ तक कि उन तत्वों के प्रति भी जिन्हें हम सामान्यतः तुच्छ समझते हैं। ये समाधान छात्रों को पाठ के मुख्य विचारों को आत्मसात करने और परीक्षा में पूछे जाने वाले प्रश्नों के उत्तर देने के लिए तैयार करते हैं।

Learning outcomes

  • कीचड़ के प्रति सामाजिक उपेक्षा के कारणों को समझना।
  • सूखे कीचड़ से बनने वाले प्राकृतिक दृश्यों का वर्णन करना।
  • कला और प्रकृति में कीचड़ के महत्व को पहचानना।
  • लेखक की दृष्टि से कवियों की धारणा का विश्लेषण करना।
  • प्रकृति के सभी तत्वों के प्रति सम्मान की भावना विकसित करना।

Topics covered

Paper topics

  • कीचड़ का महत्व
  • कीचड़ के प्रति सामाजिक दृष्टिकोण
  • कीचड़ का सौंदर्य
  • प्रकृति के तत्व
  • कला और कीचड़
  • काका कालेलकर का लेखन
  • कवियों की आलोचना
  • पदचिह्न और दृश्य
  • अन्न उत्पादन में कीचड़ की भूमिका
  • कमल और कीचड़ का संबंध

Important topics

  • कीचड़ के प्रति उपेक्षा और उसके महत्व की समझ
  • सूखे कीचड़ का सौंदर्य और दृश्य प्रभाव
  • कलात्मक उपयोगिता (रंग, बर्तन)
  • प्रकृति के सभी रूपों का सम्मान
  • कवियों की दोहरी मानसिकता पर लेखक की टिप्पणी

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Questions and Solutions

प्रश्न 1:

कीचड़ के प्रति किसी को सहानुभूति क्यों नहीं होती?
Solution:

कीचड़ के प्रति किसी को सहानुभूति इसलिए नहीं होती क्योंकि यह सीधे तौर पर गंदगी और मैल से जुड़ा होता है। जब कोई व्यक्ति कीचड़ में चलता है, तो उसके शरीर पर कीचड़ लग जाता है और कपड़े गंदे हो जाते हैं। अपने शरीर या कपड़ों पर कीचड़ लगना किसी को भी अच्छा नहीं लगता, इसलिए लोग इससे दूर रहना पसंद करते हैं और इसके प्रति सहानुभूति नहीं रखते।

प्रश्न 2:

जमीन ठोस होने पर उस पर किनके पदचिह्न अंकित होते हैं?
Solution:

जब नदी किनारे का कीचड़ सूखकर ठोस हो जाता है, तो उस पर विभिन्न जीवों के पदचिह्न अंकित हो जाते हैं। सबसे पहले, बगुले और अन्य पक्षी अपने पंजों की छाप छोड़ते हैं, जो दूर तक फैले सूखे कीचड़ पर स्पष्ट दिखाई देती हैं। इसके बाद, जब कीचड़ पूरी तरह सूख जाता है, तब गाय, भैंस, पांड़े, भेड़ और बकरी जैसे जानवर भी उस पर अपने पदचिह्न छोड़ते हैं। ये पदचिह्न उस प्राकृतिक दृश्य की शोभा को और भी बढ़ा देते हैं।

प्रश्न 3:

मनुष्य को क्या भान होता जिससे वह कीचड़ का तिरस्कार न करता?
Solution:

लेखक के अनुसार, यदि मनुष्य को यह भान होता कि उसके जीवन के लिए आवश्यक कई महत्वपूर्ण चीजें कीचड़ से ही उत्पन्न होती हैं, तो वह कीचड़ का तिरस्कार नहीं करता। उदाहरण के लिए, हम जो अन्न खाते हैं, वह कीचड़ में ही पैदा होता है। साथ ही, ईश्वर पर चढ़ाए जाने वाले कमल जैसे पवित्र पुष्प भी कीचड़ में ही खिलते हैं। इस ज्ञान के होने पर मनुष्य कीचड़ के प्रति अपनी उपेक्षापूर्ण भावना को बदल सकता था।

प्रश्न 4:

पहाड़ लुप्त कर देने वाले कीचड़ की क्या विशेषता है?
Solution:

लेखक 'पहाड़ लुप्त कर देने वाले कीचड़' का वर्णन करते हुए गंगा या सिंधु नदी के किनारे फैले विशाल कीचड़ के मैदानों का उल्लेख करते हैं। उनकी विशेषता यह है कि यह कीचड़ इतना अधिक और विस्तृत होता है कि यह अपने सामने आने वाले छोटे-मोटे टीलों या बाधाओं को ढक लेता है, मानो वे लुप्त हो गए हों। लेखक आगे बताते हैं कि यदि किसी को और भी अधिक कीचड़ देखना हो, तो वे खंभात जा सकते हैं, जहाँ इतना कीचड़ होता है कि उसमें पूरा हाथी भी डूब जाए।

प्रश्न 1:

कीचड़ का रंग किन-किन लोगों को खुश करता है?
Solution:

कीचड़ का रंग विशेष रूप से कलाकारों और उन लोगों को खुश करता है जो प्रकृति की सुंदरता का महत्व समझते हैं। कलाकारों को कीचड़ के विभिन्न रंग आकर्षित करते हैं, जिनका उपयोग वे पुस्तकों के गत्तों और कपड़ों के लिए करते हैं। मिट्टी के बर्तनों के अधिक पक जाने पर जो काला सा रंग आता है, उसे भी कलाकार 'वार्टमोन' कहकर उसकी प्रशंसा करते हैं। इस प्रकार, कीचड़ का रंग कलात्मक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जाता है।

प्रश्न 2:

कीचड़ सूखकर किस प्रकार के दृश्य उपस्थित करता है?
Solution:

जब नदी के किनारे का कीचड़ सूख जाता है, तो यह एक अत्यंत सुंदर और अनूठा दृश्य प्रस्तुत करता है। सूखने पर कीचड़ में दरारें पड़ जाती हैं, और यह छोटे-छोटे टुकड़ों में बंटकर खपरों (या पपड़ी) का रूप ले लेता है। दूर-दूर तक फैली यह दरारों वाली सतह देखने में बहुत सुंदर लगती है। यह दृश्य हमें सोचने पर मजबूर कर देता है कि कीचड़ जैसा सामान्य और उपेक्षित तत्व भी इतना सौंदर्यपूर्ण हो सकता है।

प्रश्न 3:

सूखे हुए कीचड़ का सौंदर्य किन स्थानों पर दिखाई देता है?
Solution:

सूखे हुए कीचड़ के सौंदर्य का अनुभव करने के लिए लेखक कुछ विशेष स्थानों का उल्लेख करते हैं। यदि कोई गंगा नदी के किनारे या मही नदी के तट पर जाए, तो उसे कीचड़ का वास्तविक सौंदर्य देखने को मिलेगा। लेखक यह भी सुझाव देते हैं कि यदि इससे भी मन न भरे, तो सीधे खंभात जाना चाहिए। खंभात में दूर-दूर तक फैले हुए कीचड़ के विशाल क्षेत्र दिखाई देते हैं, जो प्राकृतिक सुंदरता को बढ़ाते हैं और सूखे हुए कीचड़ के अनूठे दृश्यों को प्रस्तुत करते हैं।

प्रश्न 4:

कवियों की धारणा को लेखक ने युक्तिशून्य क्यों कहा है?
Solution:

लेखक ने कवियों की धारणा को युक्तिशून्य इसलिए कहा है क्योंकि वे प्रकृति के प्रति एक प्रकार की पक्षपातपूर्ण या दोहरी मानसिकता रखते हैं। कवि अक्सर कमल के फूल की सुंदरता और पवित्रता का वर्णन करने के लिए बहुत सारी उपमाओं और अलंकारों का प्रयोग करते हैं, जो कि कीचड़ में ही उगता है। लेकिन जब उनसे उसी कीचड़ के बारे में कुछ कहने या उसकी उपमा देने के लिए कहा जाता है, तो वे नाक-भौं सिकोड़ने लगते हैं और ऐसा करने से कतराते हैं। लेखक का मानना है कि जो व्यक्ति प्रकृति के एक हिस्से (कमल) की तो प्रशंसा करे और दूसरे हिस्से (कीचड़) को तुच्छ समझे, वह सच्चा प्रकृति प्रेमी नहीं हो सकता।

Common mistakes

  • कीचड़ को केवल गंदगी के रूप में देखना और उसके महत्व को अनदेखा करना।
  • कलाकारों और प्रकृति प्रेमियों के दृष्टिकोण को न समझ पाना।
  • कवियों द्वारा कमल की प्रशंसा और कीचड़ की उपेक्षा के विरोधाभास को न पकड़ पाना।

Revision tips

  • पाठ के मुख्य विचारों को रेखांकित करें, विशेष रूप से कीचड़ के महत्व पर लेखक के तर्कों पर ध्यान दें।
  • प्रत्येक प्रश्न के उत्तर को अपने शब्दों में संक्षेप में लिखने का अभ्यास करें।
  • उन स्थानों को याद करें जहाँ कीचड़ के सौंदर्य का वर्णन किया गया है।
  • लेखक द्वारा कवियों की आलोचना के पीछे के कारण को समझें।

Practice MCQs

Q1. लेखक के अनुसार, कीचड़ के प्रति किसी को सहानुभूति क्यों नहीं होती?

Q2. जमीन के ठोस होने पर उस पर किनके पदचिह्न अंकित होते हैं?

Q3. मनुष्य को कीचड़ का तिरस्कार न करने के लिए क्या भान होना चाहिए?

Q4. किन लोगों को कीचड़ का रंग खुश करता है?

Q5. लेखक ने कवियों की धारणा को युक्तिशून्य क्यों कहा है?

Frequently asked questions

कक्षा 9 हिंदी स्पर्श के पाठ 'कीचड़ का काव्य' में मुख्य रूप से क्या समझाया गया है?

इस पाठ में लेखक काका कालेलकर ने कीचड़ के प्रति समाज की उपेक्षापूर्ण दृष्टि पर प्रकाश डाला है और उसके छिपे हुए महत्व, सौंदर्य तथा कलात्मक उपयोगिता को उजागर किया है।

लेखक के अनुसार, मनुष्य को कीचड़ का तिरस्कार क्यों नहीं करना चाहिए?

लेखक का मानना है कि मनुष्य को कीचड़ का तिरस्कार इसलिए नहीं करना चाहिए क्योंकि वह जिस अन्न को खाता है और जिस कमल के फूल की पूजा करता है, वे दोनों ही कीचड़ में ही उत्पन्न होते हैं।

कीचड़ सूखने के बाद कैसा दृश्य प्रस्तुत करता है?

जब कीचड़ सूख जाता है, तो उसमें दरारें पड़ जाती हैं और वह छोटे-छोटे टुकड़ों में बंटकर सुंदर दृश्य प्रस्तुत करता है। इस पर पक्षियों और जानवरों के पदचिह्न भी अंकित हो जाते हैं।

कलाकारों के लिए कीचड़ का क्या महत्व है?

कलाकारों के लिए कीचड़ का रंग महत्वपूर्ण होता है, जिसका उपयोग पुस्तकों के गत्तों और कपड़ों के लिए किया जाता है। मिट्टी के बर्तनों में पकने के बाद आने वाला काला रंग भी कलाकारों को आकर्षित करता है।

लेखक ने कवियों की आलोचना क्यों की है?

लेखक ने कवियों की आलोचना इसलिए की है क्योंकि वे कमल की तो बहुत प्रशंसा करते हैं, लेकिन कीचड़ को उपमा देने से कतराते हैं, जिसे लेखक उनकी दोहरी मानसिकता मानते हैं।

यह NCERT समाधान छात्रों के लिए कैसे उपयोगी हैं?

ये समाधान छात्रों को 'कीचड़ का काव्य' पाठ की गहरी समझ प्रदान करते हैं, महत्वपूर्ण अवधारणाओं को स्पष्ट करते हैं और परीक्षा में पूछे जाने वाले प्रश्नों के उत्तर देने में मदद करते हैं।

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