कक्षा 9 हिंदी NCERT समाधान: अध्याय 4 - मेरा छोटा-सा निजी पुस्तकालय

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यह पृष्ठ कक्षा 9 की हिंदी पुस्तक 'संचयन' के अध्याय 4, 'मेरा छोटा-सा निजी पुस्तकालय' के लिए विस्तृत NCERT समाधान प्रस्तुत करता है। यह अध्याय लेखक के किताबों के प्रति प्रेम, उनके निजी पुस्तकालय के निर्माण की यात्रा और किताबों के महत्व को दर्शाता है। समाधानों में लेखक के ऑपरेशन से हिचकिचाने के कारणों, किताबों वाले कमरे में रहने की उनकी भावना, घर आने वाली पत्रिकाओं, किताबों के प्रति शौक लगने के कारणों, माँ की चिंता, स्कूल से मिले पुरस्कारों के प्रभाव, पिता की प्रेरणा, पहली पुस्तक खरीदने की मार्मिक घटना और अपनी कृतियों के बीच भरे-भरे महसूस करने के आशय को स्पष्ट किया गया है। ये समाधान छात्रों को न केवल पाठ की गहरी समझ प्रदान करते हैं, बल्कि परीक्षा की तैयारी के लिए एक उत्कृष्ट संसाधन के रूप में भी कार्य करते हैं।

Quick info

BoardCBSE
ClassClass 9
Subjectहिंदी
Session2026
LanguageHindi
TypeNCERT Solutions
ChapterChapter 4

Chapter summary

कक्षा 9 हिंदी NCERT समाधान अध्याय 4 'मेरा छोटा-सा निजी पुस्तकालय' लेखक के व्यक्तिगत अनुभवों और किताबों के प्रति उनके गहरे लगाव पर केंद्रित है। यह अध्याय बताता है कि कैसे लेखक ने विभिन्न परिस्थितियों में किताबों को इकट्ठा किया और अपना निजी पुस्तकालय बनाया। समाधानों में लेखक के बचपन के शौक, पिता की प्रेरणा, पहली पुस्तक खरीदने की मार्मिक घटना और किताबों के बीच रहने की उनकी संतुष्टि का वर्णन है। यह छात्रों को किताबों के महत्व और व्यक्तिगत संग्रह के आनंद को समझने में मदद करता है।

Learning outcomes

  • लेखक के ऑपरेशन से हिचकिचाने के कारणों को समझना।
  • किताबों के प्रति लेखक के गहरे लगाव और निजी पुस्तकालय के महत्व को जानना।
  • लेखक के बचपन के अनुभवों और पिता की प्रेरणा से किताबों के शौक के विकास को समझना।
  • पहली पुस्तक खरीदने की मार्मिक घटना का विश्लेषण करना।
  • लेखक की भावनाओं और कृतियों के बीच उनके जुड़ाव को स्पष्ट करना।

Topics covered

Paper topics

  • लेखक का ऑपरेशन
  • निजी पुस्तकालय का महत्व
  • किताबों के प्रति लगाव
  • लेखक के बचपन के अनुभव
  • पिता की प्रेरणा
  • बाल पत्रिकाएँ
  • पहली पुस्तक खरीदना
  • आर्थिक तंगी
  • साहित्यिक रुचि
  • लेखक की भावनाएँ
  • किताबों का संग्रह
  • जीवन में किताबों का स्थान

Important topics

  • निजी पुस्तकालय के निर्माण की यात्रा
  • किताबों के प्रति लेखक का गहरा लगाव
  • पहली पुस्तक खरीदने की मार्मिक घटना
  • पिता की प्रेरणा और उसका प्रभाव
  • लेखक के जीवन में किताबों का महत्व

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Questions and Solutions

प्रश्न 1

लेखक का ऑपरेशन करने से सर्जन क्यों हिचक रहे थे?
Solution: लेखक को तीन बार गंभीर हार्ट अटैक आए थे, जिसके कारण उनकी नब्ज और साँसें भी बंद हो गई थीं। कुछ डॉक्टरों ने तो उन्हें मृत घोषित कर दिया था। डॉक्टर बोर्जेस द्वारा दिए गए इलेक्ट्रिक शॉक से वे जीवित तो हो गए, लेकिन उनका साठ प्रतिशत हार्ट स्थायी रूप से नष्ट हो गया था। शेष चालीस प्रतिशत हार्ट पर तीन अवरोध होने के कारण कोई भी सर्जन ऑपरेशन करने में संकोच कर रहा था। इसलिए, यह निर्णय लिया गया कि अन्य विशेषज्ञों की राय ली जाए और कुछ दिनों बाद ऑपरेशन के बारे में सोचा जाए।

प्रश्न 2

'किताबों वाले कमरे' में रहने की पीछे लेखक के मन में क्या भावना थी?
Solution: लेखक को किताबें पढ़ने का बहुत शौक था और उन्होंने बहुत सारी किताबें जमा कर रखी थीं, जिससे उनका कमरा एक छोटी सी लाइब्रेरी जैसा बन गया था। इन किताबों से उनका गहरा भावनात्मक जुड़ाव था। इसलिए, वे बेडरूम में सोने जाने के बजाय किताबों वाले कमरे में रहना चाहते थे, ताकि वे अपनी प्रिय किताबों को देख सकें। लेखक का मानना था कि उनके प्राण इन हज़ारों किताबों में बसते हैं।

प्रश्न 3

लेखक के घर कौन-कौन-सी पत्रिकाएँ आती थीं?
Solution: लेखक के घर नियमित रूप से कई पत्रिकाएँ आती थीं। इनमें साप्ताहिक पत्रिका 'आर्यमित्र', 'वेदोदम', 'सरस्वती', 'गृहणी', और बच्चों के लिए विशेष पत्रिकाएँ 'बालसखा' तथा 'चमचम' शामिल थीं।

प्रश्न 4

लेखक को किताबें पढ़ने और सहेजने का शौक कैसे लगा?
Solution: लेखक के पिता नियमित रूप से पत्र-पत्रिकाएँ मंगाते थे। उनके लिए विशेष रूप से 'बालसखा' और 'चमचम' नामक दो बाल पत्रिकाएँ आती थीं, जिनमें राजकुमारों, दानवों, परियों की कहानियाँ और रेखाचित्र होते थे। इन कहानियों ने लेखक में पत्रिकाएँ पढ़ने का शौक जगाया। इसके अतिरिक्त, पाँचवीं कक्षा में प्रथम आने पर उन्हें अंग्रेजी की दो किताबें इनाम में मिलीं, जिन्होंने लेखक के लिए ज्ञान की एक नई दुनिया खोल दी। पिताजी की प्रेरणा से ही उन्होंने धीरे-धीरे किताबें इकट्ठा करना शुरू किया।

प्रश्न 5

माँ लेखक की स्कूली पढ़ाई को लेकर क्यों चिंतित रहती थी?
Solution: लेखक की पत्रिकाओं और किताबों में अत्यधिक रुचि होने के कारण उनका मन स्कूल की किताबें पढ़ने में कम लगता था। माँ इस बात को लेकर चिंतित रहती थीं कि कहीं उनका बेटा पढ़ाई से विमुख होकर साधु न बन जाए। माँ का मानना था कि जीवन में केवल स्कूली शिक्षा ही काम आती है, इसलिए वे चाहती थीं कि लेखक अपनी पढ़ाई पर अधिक ध्यान दे।

प्रश्न 6

स्कूल से इनाम में मिली अंग्रेज़ी की दोनों पुस्तकों ने किस प्रकार लेखक के लिए नयी दुनिया के द्वार खोल दिए?
Solution: लेखक ने मेहनत करके तीसरी, चौथी और पाँचवीं कक्षा में प्रथम स्थान प्राप्त किया, जिसके फलस्वरूप उन्हें स्कूल से इनाम के तौर पर अंग्रेजी की दो पुस्तकें मिलीं। एक पुस्तक पक्षियों के बारे में थी और दूसरी जहाजों तथा समुद्र के बारे में। ये दोनों पुस्तकें अत्यंत ज्ञानवर्धक थीं और इन्होंने लेखक के लिए ज्ञान और कल्पना की एक नई दुनिया का द्वार खोल दिया। पिताजी ने इन किताबों को एक अलमारी में रखते हुए कहा कि यह लेखक की अपनी लाइब्रेरी है, जिससे लेखक को और अधिक पढ़ने और जानने की प्रेरणा मिली।

प्रश्न 7

'आज से यह खाना तुम्हारी अपनी किताबों का। यह तुम्हारी लाइब्रेरी है'-पिता के इस कथन से लेखक को क्या प्रेरणा मिली?
Solution: जब लेखक के पिता ने इनाम में मिली दो पुस्तकों को अलमारी के एक खाली खाने में रखते हुए कहा कि यह खाना अब लेखक की अपनी किताबों का है और यह उसकी लाइब्रेरी है, तो इस कथन ने लेखक के मन में किताबें जमा करने की तीव्र इच्छा जगा दी। बचपन के इस अनुभव और पिता की प्रेरणा ने आगे चलकर लेखक को एक समृद्ध और विस्तृत निजी पुस्तकालय बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

प्रश्न 8

लेखक द्वारा पहली पुस्तक खरीदने की घटना का वर्णन अपने शब्दों मे कीजिए।
Solution: लेखक के पिता के निधन के बाद आर्थिक तंगी के कारण अपनी पसंद की किताबें खरीदना संभव नहीं था। राम ट्रस्ट से योग्य छात्रों को पाठ्यपुस्तकें खरीदने के लिए कुछ धनराशि मिलती थी, जिससे लेखक पुरानी (सेकंड-हैंड) किताबें खरीदता था। इंटरमीडिएट पास करने के बाद, अपनी पाठ्यपुस्तकें बेचकर लेखक ने बी.ए. की पुरानी किताबें खरीदीं, जिससे उसके पास दो रुपये बच गए। उन दिनों 'देवदास' फिल्म लगी थी, जिसे देखने की उसकी बहुत इच्छा थी। माँ को फिल्में देखना पसंद नहीं था, लेकिन लेखक के बार-बार फिल्म का गाना गुनगुनाने पर, माँ ने उसे फिल्म देखने की अनुमति दे दी। हालाँकि, फिल्म देखने जाने के बजाय, लेखक पास की किताबों की दुकान पर गया जहाँ उसे 'देवदास' पुस्तक दस आने में मिल गई। उसने फिल्म न देखकर वह पुस्तक खरीद ली और बचे हुए पैसे माँ को दे दिए। इस प्रकार, लेखक ने अपनी पहली पुस्तक खरीदी।

प्रश्न 9

'इन कृतियों के बीच अपने को कितना भरा-भरा महसूस करता हूँ'-का आशय स्पष्ट कीजिए।
Solution: लेखक जब बीमार थे और अपनी लाइब्रेरी में लेटे हुए थे, तब उन्होंने यह बात कही। उनके पास उस समय हिन्दी और अंग्रेजी के उपन्यास, नाटक, काव्य-संकलन, जीवनियाँ, संस्मरण, इतिहास, कला, पुरातत्व और राजनीति जैसे विभिन्न विषयों पर हजारों पुस्तकें थीं। इन अनगिनत किताबों को अपने चारों ओर देखकर लेखक को अपने जीवन के वे सभी अनुभव याद आते थे जिनके कारण वह यह संग्रह बना पाया था। किताबों के इस विशाल संग्रह के बीच लेखक को अकेलापन महसूस नहीं होता था, बल्कि वह संतुष्टि और पूर्णता का अनुभव करता था, इसीलिए वह अपने को 'भरा-भरा' महसूस करता था।

Common mistakes

  • लेखक के ऑपरेशन से हिचकिचाने के कारणों को गलत समझना।
  • किताबों के प्रति लेखक के लगाव के पीछे की प्रेरणाओं को अनदेखा करना।
  • पहली पुस्तक खरीदने की घटना के भावनात्मक पहलुओं को न समझना।
  • लेखक के 'भरे-भरे महसूस' करने के आशय को सतही तौर पर लेना।

Revision tips

  • प्रत्येक प्रश्न के उत्तर में लेखक की भावनाओं और प्रेरणाओं पर ध्यान केंद्रित करें।
  • पहली पुस्तक खरीदने की घटना के क्रम और उसके पीछे के आर्थिक व भावनात्मक कारणों को याद रखें।
  • लेखक के निजी पुस्तकालय के निर्माण की यात्रा को समझने के लिए मुख्य घटनाओं को सूचीबद्ध करें।
  • अध्याय के शीर्षक 'मेरा छोटा-सा निजी पुस्तकालय' के महत्व को लेखक के अनुभवों से जोड़ें।

Practice MCQs

Q1. लेखक को तीन हार्ट अटैक आने के बाद डॉक्टर ऑपरेशन करने से क्यों हिचक रहे थे?

Q2. 'किताबों वाले कमरे' में रहने की लेखक की इच्छा का मुख्य कारण क्या था?

Q3. लेखक के घर कौन-कौन सी बाल पत्रिकाएँ आती थीं?

Q4. लेखक को किताबें पढ़ने और सहेजने का शौक कैसे लगा?

Q5. माँ लेखक की स्कूली पढ़ाई को लेकर क्यों चिंतित रहती थी?

Q6. पिता के कथन 'आज से यह खाना तुम्हारी अपनी किताबों का। यह तुम्हारी लाइब्रेरी है' से लेखक को क्या प्रेरणा मिली?

Frequently asked questions

कक्षा 9 हिंदी NCERT समाधान अध्याय 4 किस बारे में है?

यह समाधान कक्षा 9 की हिंदी पुस्तक 'संचयन' के अध्याय 4 'मेरा छोटा-सा निजी पुस्तकालय' पर आधारित है, जो लेखक के किताबों के प्रति प्रेम और उनके निजी पुस्तकालय के निर्माण की यात्रा का वर्णन करता है।

लेखक का ऑपरेशन क्यों टाला गया?

लेखक को तीन हार्ट अटैक आए थे, जिससे उनका हृदय काफी क्षतिग्रस्त हो गया था और शेष भाग पर तीन अवरोध थे। इस गंभीर स्थिति के कारण डॉक्टर ऑपरेशन करने से हिचकिचा रहे थे और अन्य विशेषज्ञों की राय लेना उचित समझा।

लेखक को किताबों का शौक कैसे लगा?

लेखक को यह शौक पिता द्वारा मंगाए जाने वाली बाल पत्रिकाओं (बालसखा, चमचम) में कहानियों और रेखाचित्रों को पढ़ने से लगा। बाद में, स्कूल से इनाम में मिली अंग्रेजी की किताबों ने उनके लिए नई दुनिया के द्वार खोल दिए।

लेखक ने अपनी पहली पुस्तक कैसे खरीदी?

आर्थिक तंगी के बावजूद, लेखक ने इंटरमीडिएट पास करने के बाद, बी.ए. की किताबें बेचकर कुछ पैसे बचाए। फिर, फिल्म 'देवदास' देखने जाने के बजाय, उन्होंने उसी पैसे से 'देवदास' पुस्तक खरीदी, जो उनकी पहली पुस्तक थी।

लेखक 'इन कृतियों के बीच अपने को कितना भरा-भरा महसूस करता हूँ' से क्या कहना चाहते हैं?

इसका आशय यह है कि अपनी लाइब्रेरी में हजारों किताबों के बीच रहकर लेखक को अकेलापन महसूस नहीं होता। किताबों को देखकर उन्हें संतुष्टि मिलती है और वे अपने जीवन के अनुभवों तथा किताबों के संग्रह से समृद्ध महसूस करते हैं।

ये NCERT समाधान परीक्षा की तैयारी में कैसे मदद करते हैं?

ये समाधान प्रत्येक प्रश्न के उत्तर को विस्तृत और स्पष्ट रूप से समझाते हैं, जिससे छात्रों को पाठ की गहरी समझ विकसित करने और परीक्षा में पूछे जाने वाले प्रश्नों के सटीक उत्तर देने में मदद मिलती है।

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