कक्षा 8 सामाजिक विज्ञान: अध्याय 7 हाशियाकरण की समझ - NCERT समाधान

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यह पृष्ठ कक्षा 8 सामाजिक विज्ञान के अध्याय 7, 'हाशियाकरण की समझ' के लिए विस्तृत NCERT समाधान प्रस्तुत करता है। यह अध्याय बताता है कि हाशियाकरण क्या है, यह समाज के कुछ समूहों को कैसे प्रभावित करता है, और इसके क्या कारण हैं। समाधानों में हाशियाकरण के शिकार समुदायों, जैसे आदिवासी, मुसलमान और दलितों द्वारा सामना की जाने वाली समस्याओं पर प्रकाश डाला गया है, जिसमें भेदभाव, संसाधनों से वंचित होना और अवसरों की कमी शामिल है। यह अध्याय यह भी बताता है कि सरकार हाशियाकरण से निपटने के लिए क्या कदम उठाती है, जैसे कि कानून बनाना और विशेष योजनाएं लागू करना। इसके अतिरिक्त, यह आदिवासी समुदायों की विशेषताओं और भारत में उनके महत्व पर भी चर्चा करता है। ये समाधान छात्रों को परीक्षा की तैयारी के लिए इन महत्वपूर्ण अवधारणाओं को स्पष्ट करने में मदद करेंगे।

Quick info

BoardCBSE
ClassClass 8
Subjectसामाजिक विज्ञान
Session2026
LanguageHindi
TypeNCERT Solutions
Chapter7. हाशियाकरण की समझ

Chapter summary

कक्षा 8 सामाजिक विज्ञान के अध्याय 7 के ये NCERT समाधान 'हाशियाकरण की समझ' पर केंद्रित हैं। यह छात्रों को हाशियाकरण की अवधारणा, इसके विभिन्न रूपों और समाज पर इसके प्रभाव को समझने में मदद करता है। समाधानों में उन समुदायों की समस्याओं का विश्लेषण किया गया है जो हाशियाकरण का अनुभव करते हैं, साथ ही सरकार द्वारा इन मुद्दों को संबोधित करने के लिए उठाए गए कदमों पर भी प्रकाश डाला गया है। यह अध्याय आदिवासी समुदायों की विशिष्टताओं और उनके आर्थिक महत्व की भी पड़ताल करता है।

Learning outcomes

  • हाशियाकरण की अवधारणा को परिभाषित करना और समझाना।
  • हाशियाकरण के शिकार समुदायों की पहचान करना और उनकी समस्याओं का वर्णन करना।
  • हाशियाकरण के कारणों और प्रभावों का विश्लेषण करना।
  • हाशियाकरण से निपटने के लिए सरकार द्वारा उठाए गए कदमों को सूचीबद्ध करना।
  • आदिवासी समुदायों की विशेषताओं और महत्व को समझना।

Topics covered

Paper topics

  • हाशियाकरण की परिभाषा
  • हाशियाकरण के शिकार समुदाय (आदिवासी, मुसलमान, दलित)
  • हाशियाकरण की समस्याएँ (भेदभाव, संसाधनों से वंचित होना, शोषण)
  • हाशियाकरण से निपटने के सरकारी उपाय (कानून, नीतियाँ, योजनाएँ)
  • आदिवासी कौन हैं?
  • आदिवासी समुदायों की विशेषताएँ
  • आदिवासी क्षेत्रों का आर्थिक महत्व
  • भारत में आदिवासी समूह और क्षेत्र

Important topics

  • हाशियाकरण की अवधारणा और इसके प्रभाव
  • हाशियाकरण के शिकार समुदायों की समस्याएँ
  • सरकार द्वारा हाशियाकरण से निपटने के उपाय
  • आदिवासी समुदायों की पहचान और विशेषताएँ

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Questions and Solutions

प्रश्न 1: हाशियाकरण क्या है?

हाशियाकरण क्या है?
Solution: हाशियाकरण एक ऐसी सामाजिक प्रक्रिया है जिसमें समाज के कुछ समूह, विशेष रूप से पिछड़े और वंचित वर्ग, मुख्यधारा के सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक जीवन से अलग-थलग पड़ जाते हैं। इसका अर्थ है कि इन समूहों को समाज के अन्य सदस्यों की तरह समान अवसर और संसाधन प्राप्त नहीं होते हैं, जिससे वे हाशिये पर चले जाते हैं।

प्रश्न 2: समाज के उन तीन समूहों का नाम बताइए जो हाशियाकरण के शिकार हुए हैं?

समाज के उन तीन समूहों का नाम बताइए जो हाशियाकरण के शिकार हुए हैं?
Solution: समाज में कई समूह हाशियाकरण के शिकार हुए हैं, जिनमें से तीन प्रमुख समूह निम्नलिखित हैं:
  1. आदिवासी (जनजातीय समुदाय)
  2. मुसलमान (धार्मिक अल्पसंख्यक)
  3. दलित (जाति-आधारित उत्पीड़न के शिकार)
ये समूह विभिन्न कारणों से सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक रूप से मुख्यधारा से कटे हुए महसूस करते हैं।

प्रश्न 3: हाशियाकरण से निपटने के लिए सरकार क्या करती है?

हाशियाकरण से निपटने के लिए सरकार क्या करती है?
Solution: हाशियाकरण से निपटने के लिए सरकार कई महत्वपूर्ण कदम उठाती है। इसमें सबसे पहले, हाशियाकरण के शिकार समुदायों के अधिकारों की रक्षा के लिए कानून बनाना शामिल है। इसके अतिरिक्त, सरकार इन समुदायों के जीवन स्तर को सुधारने और उन्हें समाज की मुख्यधारा में लाने के लिए विशेष नीतियाँ और योजनाएँ लागू करती है, ताकि उन्हें शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और अन्य आवश्यक सुविधाओं का लाभ मिल सके।

प्रश्न 4: हाशियाकरण के शिकार समुदायों की क्या समस्याएँ हैं?

हाशियाकरण के शिकार समुदायों की क्या समस्याएँ है?
Solution: हाशियाकरण के शिकार समुदायों को अनेक गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ता है, जिनमें प्रमुख हैं:
  1. भेदभाव: इन समुदायों के साथ अक्सर सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक आधार पर भेदभाव किया जाता है।
  2. संसाधनों से वंचित होना: उन्हें अपनी जमीन, जंगल और अन्य प्राकृतिक संसाधनों से वंचित कर दिया जाता है, जिन पर उनका जीवन निर्भर करता है।
  3. अनुचित मजदूरी और शोषण: उन्हें अक्सर उनके काम के लिए उचित मजदूरी नहीं मिलती और उनका आर्थिक शोषण होता है।
  4. हक के लिए संघर्ष: उन्हें अपने अधिकारों और न्याय के लिए लगातार संघर्ष करना पड़ता है।
  5. अवसरों की कमी: उन्हें सरकारी सेवाओं, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार जैसे महत्वपूर्ण सामाजिक और सरकारी अवसरों का लाभ नहीं मिल पाता है।
ये समस्याएँ उन्हें विकास की दौड़ में पीछे छोड़ देती हैं।

प्रश्न 5: आदिवासी कौन लोग हैं?

आदिवासी कौन लोग हैं?
Solution: 'आदिवासी' शब्द का अर्थ 'मूल निवासी' होता है। ये ऐसे समुदाय हैं जो पारंपरिक रूप से जंगलों और पहाड़ियों में रहते आए हैं और आज भी अपनी जीवन शैली को काफी हद तक बनाए हुए हैं। भारत की कुल आबादी का लगभग 8 प्रतिशत हिस्सा आदिवासियों का है, और वे अपनी अनूठी संस्कृति, भाषा और परंपराओं के लिए जाने जाते हैं।

प्रश्न 6: आर्थिक रूप से आदिवासी क्षेत्रों का क्या महत्व है?

आर्थिक रूप से आदिवासी क्षेत्रों का क्या महत्व है?
Solution: आर्थिक दृष्टि से आदिवासी क्षेत्र अत्यंत महत्वपूर्ण हैं क्योंकि देश के कई प्रमुख खनन और औद्योगिक क्षेत्र इन्हीं इलाकों में स्थित हैं। इन क्षेत्रों से प्राप्त खनिज संपदा और अन्य प्राकृतिक संसाधन देश की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं। इस प्रकार, ये क्षेत्र देश के आर्थिक विकास के लिए मूल्यवान संसाधन प्रदान करते हैं।

प्रश्न 7: भारत में कितने आदिवासी समूह हैं?

भारत में कितने आदिवासी समूह हैं?
Solution: भारत एक विविधतापूर्ण देश है और यहाँ लगभग 500 से अधिक विभिन्न आदिवासी समूह निवास करते हैं। प्रत्येक समूह की अपनी विशिष्ट सांस्कृतिक पहचान, भाषा और परंपराएँ होती हैं, जो भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का हिस्सा हैं।

प्रश्न 8: भारत में प्रमुख आदिवासी क्षेत्र कहाँ-कहाँ हैं?

भारत में प्रमुख आदिवासी क्षेत्र कहाँ-कहाँ हैं?
Solution: भारत में आदिवासियों की संख्या कई राज्यों में बहुत अधिक है, जो उन्हें प्रमुख आदिवासी क्षेत्र बनाते हैं। इनमें छत्तीसगढ़, झारखण्ड, मध्य प्रदेश, ओडिशा, गुजरात, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, असम, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नागालैंड और त्रिपुरा जैसे राज्य शामिल हैं। इन राज्यों के विभिन्न हिस्सों में आदिवासी समुदाय अपनी पारंपरिक जीवन शैली के साथ निवास करते हैं।

प्रश्न 9: आदिवासी समूह की विशेषताएँ लिखिए।

आदिवासी समूह की विशेषताएँ लिखिए।
Solution: आदिवासी समूहों की कुछ प्रमुख विशेषताएँ निम्नलिखित हैं:
  1. सामाजिक समानता: आदिवासी समाजों में आमतौर पर ऊँच-नीच या वर्ग भेद बहुत कम होता है, जिससे उनमें अधिक समानता पाई जाती है।
  2. भिन्न सामाजिक संरचना: ये समुदाय जाति-वर्ण पर आधारित समाजों या राजशाही शासन वाले समाजों से काफी अलग होते हैं।
  3. धार्मिक और सांस्कृतिक उपासना: वे अक्सर अपने पुरखों, गाँव के देवताओं और प्रकृति (जैसे जंगल, पहाड़, नदियाँ) की पूजा करते हैं।
  4. प्रकृति पर निर्भरता: कई आदिवासी समुदाय जंगलों में निवास करते हैं और अपनी आजीविका के लिए पूरी तरह से जंगल के उत्पादों और शिकार पर निर्भर रहते हैं।
ये विशेषताएँ उन्हें भारतीय समाज की अन्य सांस्कृतिक इकाइयों से अलग पहचान देती हैं।

प्रश्न 10: आदिवासी लोगों के प्रति हमारे बीच कौन-कौन सी गलत और प्रचलित छवियाँ हैं?

आदिवासी लोगों के प्रति हमारे बीच कौन-कौन सी गलत और प्रचलित छवियाँ हैं?
Solution: आदिवासी लोगों के प्रति समाज में अक्सर कुछ गलत और रूढ़िवादी छवियाँ प्रचलित होती हैं। इनमें सबसे आम है उन्हें 'पिछड़ा', 'जंगली', 'अशिक्षित' या 'विकास से दूर' मानना। यह धारणा गलत है क्योंकि आदिवासी समुदायों की अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, ज्ञान प्रणाली और सामाजिक संरचनाएँ होती हैं। उन्हें अक्सर मुख्यधारा के समाज से अलग और कमतर समझा जाता है, जो कि एक भ्रामक और हानिकारक दृष्टिकोण है। उनकी विविधता और योगदान को अक्सर अनदेखा कर दिया जाता है।

Common mistakes

  • हाशियाकरण को केवल गरीबी से जोड़ना, जबकि यह सामाजिक बहिष्कार का भी एक रूप है।
  • आदिवासी समुदायों को केवल 'जंगली' या 'पिछड़ा' मान लेना, उनकी समृद्ध संस्कृति और योगदान को अनदेखा करना।
  • सरकार की नीतियों और कानूनों के महत्व को कम आंकना।
  • भेदभाव और शोषण के बीच के अंतर को स्पष्ट रूप से न समझना।

Revision tips

  • प्रत्येक प्रश्न के उत्तर को अपने शब्दों में समझाने का प्रयास करें।
  • हाशियाकरण से जुड़े विभिन्न समुदायों और उनकी समस्याओं की एक सूची बनाएं।
  • सरकार द्वारा हाशियाकरण से निपटने के लिए लागू की गई योजनाओं और कानूनों पर विशेष ध्यान दें।
  • आदिवासी समुदायों की विशेषताओं और उनके महत्व को याद करने के लिए माइंड मैप का उपयोग करें।

Practice MCQs

Q1. हाशियाकरण का क्या अर्थ है?

Q2. निम्नलिखित में से कौन सा समूह हाशियाकरण का शिकार हुआ है?

Q3. हाशियाकरण से निपटने के लिए सरकार क्या करती है?

Q4. आदिवासी शब्द का क्या अर्थ है?

Q5. आदिवासी समुदायों की एक विशेषता क्या है?

Frequently asked questions

हाशियाकरण की समझ क्या है?

हाशियाकरण का अर्थ है समाज के पिछड़े और वंचित समूहों का समाज और राजनीतिक अवसरों से अलग-थलग पड़ जाना, जिससे वे मुख्यधारा से कट जाते हैं।

कक्षा 8 के सामाजिक विज्ञान के अध्याय 7 में किन मुख्य समुदायों पर चर्चा की गई है जो हाशियाकरण का अनुभव करते हैं?

इस अध्याय में मुख्य रूप से आदिवासी, मुसलमान और दलित समुदायों पर चर्चा की गई है जो हाशियाकरण का अनुभव करते हैं।

हाशियाकरण के शिकार समुदायों को किन समस्याओं का सामना करना पड़ता है?

इन समुदायों को भेदभाव, संसाधनों से वंचित होने, उचित मजदूरी न मिलने, शोषण और सरकारी व सामाजिक अवसरों का लाभ न मिलने जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है।

सरकार हाशियाकरण से निपटने के लिए क्या कदम उठाती है?

सरकार हाशियाकरण से निपटने के लिए कानून बनाती है और इन समुदायों को लाभ पहुँचाने के लिए विभिन्न नीतियाँ और योजनाएँ लागू करती है।

आदिवासी कौन होते हैं और उनकी क्या विशेषताएँ हैं?

आदिवासी का अर्थ 'मूल निवासी' होता है। वे जंगलों के साथ जीते आए हैं और उनकी विशेषता है कि उनमें ऊँच-नीच का भेद कम होता है, वे अपने पुरखों, गाँव और प्रकृति की उपासना करते हैं, और जंगलों के उत्पादों पर निर्भर रहते हैं।

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