कक्षा 8 सामाजिक विज्ञान: अध्याय 3 - खनिज और शक्ति संसाधन NCERT समाधान
यह खंड कक्षा 8 के सामाजिक विज्ञान के लिए 'खनिज और शक्ति संसाधन' अध्याय पर केंद्रित NCERT समाधान प्रस्तुत करता है। इसमें खनिजों के प्रकार, उनके वितरण, और उपयोग पर चर्चा की गई है, जिसमें लोहा, नमक और एल्युमिनियम जैसे दैनिक उपयोग के खनिजों का उल्लेख है। समाधान बताते हैं कि अयस्क क्या हैं और धात्विक खनिज कहाँ पाए जाते हैं। ऊर्जा संसाधनों के संबंध में, यह प्राकृतिक गैस के प्रमुख उत्पादक क्षेत्रों, जैसे कृष्णा-गोदावरी डेल्टा और मुंबई के अपतटीय क्षेत्रों की पहचान करता है। यह ग्रामीण, तटीय और शुष्क क्षेत्रों के लिए उपयुक्त ऊर्जा स्रोतों का सुझाव देता है, जिसमें बायो-गैस, ज्वारीय ऊर्जा, पवन ऊर्जा और सौर ऊर्जा शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, यह घर पर ऊर्जा संरक्षण के व्यावहारिक तरीकों पर प्रकाश डालता है, जैसे कि बिजली के उपकरणों को बंद करना और खाना पकाने की कुशल विधियों का उपयोग करना। यह खंड छात्रों को खनिजों के महत्व, ऊर्जा के विभिन्न स्रोतों और स्थायी ऊर्जा प्रथाओं की आवश्यकता को समझने में मदद करता है, जो परीक्षा की तैयारी के लिए महत्वपूर्ण हैं।
Quick info
| Board | CBSE |
|---|---|
| Class | Class 8 |
| Subject | सामाजिक विज्ञान |
| Session | 2026 |
| Language | Hindi |
| Type | NCERT Solutions |
| Chapter | 3. खनिज और शक्ति संसाधन |
Chapter summary
कक्षा 8 के सामाजिक विज्ञान के अध्याय 3, 'खनिज और शक्ति संसाधन' के लिए ये NCERT समाधान खनिजों के वर्गीकरण, उनके निष्कर्षण और उपयोग पर केंद्रित हैं। इसमें दैनिक जीवन में उपयोग होने वाले खनिजों, अयस्कों की परिभाषा और धात्विक खनिजों के प्राप्ति स्थानों की जानकारी शामिल है। समाधान प्राकृतिक गैस के प्रमुख उत्पादक क्षेत्रों और विभिन्न भौगोलिक क्षेत्रों के लिए ऊर्जा स्रोतों के सुझावों पर भी प्रकाश डालते हैं। ऊर्जा संरक्षण के व्यावहारिक उपायों पर जोर दिया गया है। यह अध्याय छात्रों को प्राकृतिक संसाधनों के महत्व और उनके विवेकपूर्ण उपयोग के बारे में शिक्षित करता है।
Learning outcomes
- दैनिक जीवन में उपयोग होने वाले तीन सामान्य खनिजों की पहचान करना।
- अयस्क की परिभाषा को समझना और धात्विक खनिजों के प्राप्ति स्थानों को जानना।
- प्राकृतिक गैस के प्रमुख उत्पादक क्षेत्रों को सूचीबद्ध करना।
- विभिन्न क्षेत्रों (ग्रामीण, तटीय, शुष्क) के लिए उपयुक्त ऊर्जा स्रोतों का सुझाव देना।
- घर पर ऊर्जा बचाने के पाँच तरीकों को समझाना।
- खनिजों की विशेषताओं और अभ्रक, ताँबे जैसे खनिजों के उत्पादकों को पहचानना।
- ऊर्जा संरक्षण के महत्व को समझना और एल.पी.जी. के उपयोग को बचाने के तरीके जानना।
- बड़े बांधों के निर्माण, कोयला खानों के पास उद्योगों के केंद्रीकरण, पेट्रोलियम के महत्व और खनन के पर्यावरणीय प्रभावों के कारणों का विश्लेषण करना।
Topics covered
Paper topics
- खनिज
- अयस्क
- धात्विक खनिज
- गैर-धात्विक खनिज
- ऊर्जा संसाधन
- नवीकरणीय ऊर्जा स्रोत
- अनवीकरणीय ऊर्जा स्रोत
- प्राकृतिक गैस
- कोयला
- पेट्रोलियम
- ऊर्जा संरक्षण
- खनन के पर्यावरणीय प्रभाव
Important topics
- खनिजों के प्रकार और उनके उपयोग
- ऊर्जा के विभिन्न स्रोत (नवीकरणीय और अनवीकरणीय)
- ऊर्जा संरक्षण के उपाय
- खनन और बांध निर्माण के पर्यावरणीय प्रभाव
- खनिजों की विशेषताएँ
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Questions and Solutions
प्रश्न 1 (क)
- लोहा: इसका उपयोग बर्तन, औजार, मशीनरी और निर्माण सामग्री बनाने में होता है।
- नमक (सोडियम क्लोराइड): यह भोजन में स्वाद बढ़ाने और खाद्य पदार्थों को संरक्षित करने के लिए आवश्यक है।
- एल्युमिनियम: इसका उपयोग हल्के बर्तन, हवाई जहाज के पुर्जे, बिजली के तार और पैकेजिंग सामग्री बनाने में किया जाता है।
प्रश्न 1 (ख)
अयस्क: वे शैल जिनसे खनिजों का खनन किया जाता है, अयस्क कहलाते हैं। अयस्क में धातु की मात्रा अधिक होती है और उसे शुद्धिकरण की प्रक्रियाओं द्वारा अलग किया जा सकता है।
धात्विक खनिजों के अयस्क का स्थान: धात्विक खनिजों के अयस्क मुख्य रूप से आग्नेय (Igneous) और कायांतरित (Metamorphic) शैल समूहों में पाए जाते हैं। ये शैल पृथ्वी की पपड़ी के भीतर उच्च तापमान और दबाव की विभिन्न भूवैज्ञानिक प्रक्रियाओं के कारण बनते हैं, जो धातुओं के निर्माण और सांद्रण के लिए अनुकूल होती हैं।
प्रश्न 1 (ग)
- कृष्णा-गोदावरी डेल्टा: यह भारत के पूर्वी तट पर स्थित एक महत्वपूर्ण क्षेत्र है जहाँ प्राकृतिक गैस के बड़े भंडार पाए जाते हैं।
- मुंबई के कुछ अपतटीय क्षेत्र: अरब सागर में मुंबई के तट से दूर स्थित इन क्षेत्रों में भी प्राकृतिक गैस के महत्वपूर्ण भंडार मौजूद हैं।
प्रश्न 1 (घ)
- ग्रामीण क्षेत्र: इन क्षेत्रों के लिए बायो-गैस एक उपयुक्त ऊर्जा स्रोत है। बायो-गैस का उत्पादन जैविक कचरे (जैसे गोबर, कृषि अवशेष) से किया जाता है, जो ग्रामीण क्षेत्रों में आसानी से उपलब्ध होता है। यह खाना पकाने और प्रकाश व्यवस्था के लिए ऊर्जा प्रदान कर सकती है।
- तटीय क्षेत्र: तटीय क्षेत्रों में ज्वारीय ऊर्जा और पवन ऊर्जा के अच्छे स्रोत उपलब्ध होते हैं। समुद्र के ज्वार-भाटे से उत्पन्न होने वाली ऊर्जा (ज्वारीय ऊर्जा) और तटीय हवाओं से प्राप्त होने वाली ऊर्जा (पवन ऊर्जा) का उपयोग बिजली उत्पादन के लिए किया जा सकता है।
- शुष्क प्रदेश: शुष्क प्रदेशों में जहाँ सूर्य का प्रकाश प्रचुर मात्रा में उपलब्ध होता है, वहाँ सौर ऊर्जा एक उत्कृष्ट विकल्प है। इसके अतिरिक्त, इन क्षेत्रों में अक्सर तेज हवाएँ चलती हैं, इसलिए पवन ऊर्जा भी एक व्यवहार्य विकल्प है।
प्रश्न 1 (इ)
- बिजली के उपकरणों का विवेकपूर्ण उपयोग: जब पंखे, लाइटें या अन्य बिजली के उपकरण उपयोग में न हों, तो उन्हें बंद कर देना चाहिए।
- प्राकृतिक प्रकाश और हवा का उपयोग: दिन के समय, कृत्रिम रोशनी की आवश्यकता को कम करने के लिए खिड़कियाँ खोलकर प्राकृतिक रोशनी और हवा का घर के अंदर आने देना चाहिए।
- बाहर जाते समय स्विच बंद करना: घर से बाहर जाते समय यह सुनिश्चित करना चाहिए कि सभी अनावश्यक बिजली के स्विच बंद कर दिए गए हों।
- खाना पकाने की तैयारी: गैस जलाने से पहले सब्जियों को काटकर और धोकर तैयार रखने से खाना पकाने का समय कम लगता है, जिससे गैस की बचत होती है।
- प्रेशर कुकर का प्रयोग: प्रेशर कुकर में खाना पकाने से ऊष्मा का नुकसान कम होता है और खाना जल्दी पकता है, जिससे ऊर्जा (गैस या बिजली) की बचत होती है।
प्रश्न 2 (i)
(क) वे प्राकृतिक प्रक्रियाओं द्वारा निर्मित होते हैं।
(ख) उनका एक निश्चित रासायनिक संघटन होता है।
(ग) वे समाप्य होते हैं।
(घ) उनका वितरण असमान होता है।
स्पष्टीकरण: खनिजों की मुख्य विशेषताएँ हैं कि वे प्राकृतिक प्रक्रियाओं द्वारा निर्मित होते हैं, उनका एक निश्चित रासायनिक संघटन होता है, और उनका वितरण पृथ्वी पर असमान होता है। 'समाप्य' (Non-renewable) होना खनिजों की एक विशेषता है क्योंकि वे सीमित मात्रा में उपलब्ध हैं और उनके बनने में लाखों वर्ष लगते हैं, लेकिन यह उनकी परिभाषा का हिस्सा नहीं है, बल्कि उनके उपयोग से संबंधित एक महत्वपूर्ण पहलू है।
प्रश्न 2 (ii)
(क) झारखंड
(ख) राजस्थान
(ग) कर्नाटक
(घ) आंध्र प्रदेश
स्पष्टीकरण: झारखंड, राजस्थान और आंध्र प्रदेश भारत में अभ्रक के प्रमुख उत्पादक राज्य हैं। कर्नाटक अभ्रक का एक महत्वपूर्ण उत्पादक नहीं माना जाता है।
प्रश्न 2 (iii)
(क) बोलीविया
(ख) चिली
(ग) घाना
(घ) जिम्बावे
स्पष्टीकरण: चिली विश्व में ताँबे का सबसे बड़ा उत्पादक देश है। बोलीविया, घाना और जिम्बावे भी ताँबे का उत्पादन करते हैं, लेकिन चिली की तुलना में बहुत कम मात्रा में।
प्रश्न 2 (iv)
(क) पकाने से पहले दाल को कुछ समय के लिए भिगोना।
(ख) प्रेशर कुकर में खाना पकाना।
(ग) पकाने के लिए गैस जलने से पूर्व सब्जी को काट लेना।
(घ) खुली कड़ाही में कम ज्वाला कर भोजन पकाना।
स्पष्टीकरण: खुली कड़ाही में कम ज्वाला पर भोजन पकाने से ऊष्मा का अधिक नुकसान होता है और खाना पकाने में अधिक समय लगता है, जिससे एल.पी.जी. की खपत बढ़ जाती है। दाल को भिगोना, प्रेशर कुकर का उपयोग करना और सब्जी काटने के बाद गैस जलाना, ये सभी एल.पी.जी. को संरक्षित करने के प्रभावी तरीके हैं क्योंकि ये खाना पकाने के समय और ऊर्जा की खपत को कम करते हैं।
प्रश्न 3 (i)
- वनों की कटाई: बाँधों के निर्माण के लिए बड़े पैमाने पर भूमि की आवश्यकता होती है, जिसके कारण अक्सर घने जंगलों को काटना पड़ता है, जिससे जैव विविधता का नुकसान होता है।
- जलीय जीवन पर प्रभाव: बाँध नदियों के प्राकृतिक प्रवाह को रोक देते हैं, जिससे नदियों में रहने वाले जलीय जीवों, विशेषकर मछलियों के प्रजनन और प्रवास में बाधा उत्पन्न होती है।
- भूमि का जलमग्न होना: बाँध के पीछे बनने वाले विशाल जलाशय के कारण आसपास की उपजाऊ भूमि और बस्तियाँ जलमग्न हो जाती हैं।
- पारिस्थितिकी तंत्र में परिवर्तन: बाँधों के निर्माण से नदी के निचले इलाकों में पानी के प्रवाह और तलछट की मात्रा में परिवर्तन आता है, जो वहाँ के पारिस्थितिकी तंत्र को प्रभावित करता है।
प्रश्न 3 (ii)
प्रश्न 3 (iii)
- आर्थिक मूल्य: पेट्रोलियम और इसके उत्पाद (जैसे पेट्रोल, डीजल, केरोसिन, एल.पी.जी.) वैश्विक बाजार में बहुत ऊँची कीमत पर बिकते हैं।
- ऊर्जा का प्रमुख स्रोत: विश्व का अधिकांश परिवहन तंत्र (कार, ट्रक, जहाज, हवाई जहाज) पेट्रोलियम उत्पादों पर ही निर्भर करता है। यह उद्योगों और घरों के लिए भी ऊर्जा का एक महत्वपूर्ण स्रोत है।
- अन्य उत्पादों का आधार: पेट्रोलियम से प्लास्टिक, उर्वरक, दवाइयाँ, सिंथेटिक फाइबर और कई अन्य आवश्यक वस्तुएँ भी बनाई जाती हैं।
प्रश्न 3 (iv)
- वायु प्रदूषण: खनन के दौरान धूल और हानिकारक धुएँ का उत्सर्जन होता है, जो वायु की गुणवत्ता को खराब करता है और श्वसन संबंधी बीमारियों (जैसे फेफड़ों की बीमारियाँ) का कारण बन सकता है।
- जल प्रदूषण: खनन प्रक्रियाओं से निकलने वाला अपशिष्ट जल (waste water) अक्सर भारी धातुओं और रसायनों से दूषित होता है। जब यह जल नदियों या भूजल में मिलता है, तो यह जल स्रोतों को संदूषित कर देता है, जिससे जलीय जीवन और मानव स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव पड़ता है।
- भूमि क्षरण: खनन के लिए बड़े पैमाने पर भूमि की खुदाई की जाती है, जिससे भूमि का क्षरण होता है, भू-दृश्य बदल जाता है और प्राकृतिक आवास नष्ट हो जाते हैं।
- ध्वनि प्रदूषण: खनन में उपयोग होने वाले भारी मशीनरी और विस्फोटों से अत्यधिक ध्वनि प्रदूषण होता है।
Common mistakes
- खनिजों की विशेषताओं को गलत समझना।
- खनिजों या ऊर्जा स्रोतों के प्रमुख उत्पादक क्षेत्रों को याद रखने में कठिनाई।
- ऊर्जा संरक्षण के व्यावहारिक तरीकों को अनदेखा करना।
- खनन और बांध निर्माण से जुड़े पर्यावरणीय मुद्दों के कारणों को ठीक से न समझना।
Revision tips
- प्रत्येक प्रश्न के उत्तर को ध्यान से पढ़ें और मुख्य बिंदुओं को नोट करें।
- खनिजों के प्रकार, उनके उपयोग और प्रमुख उत्पादक देशों/क्षेत्रों की सूची बनाएँ।
- ऊर्जा संरक्षण के तरीकों को अपने दैनिक जीवन में लागू करने का प्रयास करें।
- कारण बताओ प्रश्नों के उत्तरों में दिए गए तर्कों को समझें और उन्हें अपने शब्दों में व्यक्त करने का अभ्यास करें।
- अभ्यास प्रश्नों को हल करने के बाद, दिए गए उत्तरों से मिलान करें और अपनी गलतियों को सुधारें।
Practice MCQs
Q1. निम्नलिखित में से कौन-सी एक खनिजों की विशेषता नहीं है?
Explanation: खनिज प्राकृतिक रूप से निर्मित होते हैं, उनका रासायनिक संघटन निश्चित होता है और उनका वितरण असमान होता है। वे समाप्य (non-renewable) हो सकते हैं, लेकिन यह उनकी एक आवश्यक विशेषता नहीं है, बल्कि उनके बनने की दर से संबंधित है।
Q2. निम्नलिखित में से कौन-सा अभ्रक का एक प्रमुख उत्पादक नहीं है?
Explanation: झारखंड, राजस्थान और आंध्र प्रदेश भारत में अभ्रक के प्रमुख उत्पादक राज्य हैं। कर्नाटक अभ्रक का प्रमुख उत्पादक नहीं है।
Q3. विश्व में ताँबे का अग्रणी उत्पादक कौन-सा देश है?
Explanation: चिली विश्व में ताँबे का सबसे बड़ा उत्पादक देश है। बोलीविया, घाना और जिम्बाब्वे भी ताँबे का उत्पादन करते हैं, लेकिन चिली की तुलना में बहुत कम।
Q4. निम्नलिखित में से कौन-सी प्रक्रिया रसोईघर में द्रवित पेट्रोलियम गैस (LPG) को संरक्षित नहीं करेगी?
Explanation: खुली कड़ाही में कम ज्वाला पर भोजन पकाने से अधिक गैस की खपत होती है और एल.पी.जी. का संरक्षण नहीं होता। दाल भिगोना, प्रेशर कुकर का उपयोग करना और सब्जी काटने के बाद गैस जलाना एल.पी.जी. को संरक्षित करने के तरीके हैं।
Q5. बड़े बाँधों के निर्माण से पहले पर्यावरणीय पहलुओं पर विचार क्यों आवश्यक है?
Explanation: बड़े बाँधों के निर्माण से बड़े पैमाने पर वनों की कटाई होती है, जिससे पर्यावरण को नुकसान पहुँचता है। साथ ही, ये नदियों के प्राकृतिक प्रवाह को बाधित करते हैं, जिससे जलीय जीवों का स्थानांतरण और प्रजनन चक्र प्रभावित होता है।
Frequently asked questions
कक्षा 8 सामाजिक विज्ञान के अध्याय 3 में किन मुख्य खनिजों का उल्लेख किया गया है?
अध्याय 3 में दैनिक उपयोग के खनिजों जैसे लोहा, नमक और एल्युमिनियम का उल्लेख किया गया है। साथ ही, अभ्रक और ताँबे जैसे खनिजों के उत्पादकों पर भी चर्चा की गई है।
ऊर्जा के कौन-से स्रोत ग्रामीण, तटीय और शुष्क क्षेत्रों के लिए सुझाए गए हैं?
ग्रामीण क्षेत्रों के लिए बायो-गैस, तटीय क्षेत्रों के लिए ज्वारीय और पवन ऊर्जा, तथा शुष्क प्रदेशों के लिए पवन और सौर ऊर्जा का सुझाव दिया गया है।
घर पर ऊर्जा बचाने के कुछ तरीके क्या हैं?
घर पर ऊर्जा बचाने के तरीकों में आवश्यकता न होने पर पंखे और लाइटें बंद करना, दिन में खिड़कियाँ खोलकर प्राकृतिक रोशनी और हवा का उपयोग करना, और खाना पकाने के लिए प्रेशर कुकर का उपयोग करना शामिल है।
पेट्रोलियम को 'काला सोना' क्यों कहा जाता है?
पेट्रोलियम को 'काला सोना' कहा जाता है क्योंकि यह अत्यंत मूल्यवान है और आधुनिक परिवहन व्यवस्था (पेट्रोल, डीजल आदि) काफी हद तक इस पर निर्भर करती है।
खनन कार्य पर्यावरणीय चिंता का विषय क्यों बन सकता है?
खनन से लगातार धूल और हानिकारक धुआँ निकलता है, जिससे फेफड़ों संबंधी बीमारियाँ हो सकती हैं। साथ ही, जल स्रोत भी संदूषित हो सकते हैं।
क्या ये समाधान परीक्षा की तैयारी में मदद करेंगे?
हाँ, ये समाधान प्रत्येक प्रश्न के विस्तृत उत्तर और स्पष्टीकरण प्रदान करते हैं, जिससे छात्रों को अवधारणाओं को समझने और परीक्षा में पूछे जाने वाले विभिन्न प्रकार के प्रश्नों का उत्तर देने में मदद मिलती है।
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