कक्षा 8 सामाजिक विज्ञान: अध्याय 1 संसाधन - NCERT समाधान
यह पृष्ठ कक्षा 8 के सामाजिक विज्ञान के अध्याय 1 'संसाधन' के लिए विस्तृत NCERT समाधान प्रदान करता है। इसमें संसाधनों के वर्गीकरण, जैसे संभाव्य और वास्तविक संसाधन, तथा सर्वव्यापक और स्थानीय संसाधनों के बीच अंतर को समझाया गया है। समाधान यह भी स्पष्ट करते हैं कि पृथ्वी पर संसाधनों का वितरण असमान क्यों है, संसाधन संरक्षण का क्या अर्थ है, और मानव संसाधन क्यों महत्वपूर्ण हैं। सततपोषणीय विकास की अवधारणा पर भी प्रकाश डाला गया है, जो संसाधनों के उपयोग और भविष्य के संरक्षण के बीच संतुलन स्थापित करने पर जोर देता है। ये समाधान छात्रों को संसाधनों की अवधारणाओं को गहराई से समझने और परीक्षा की तैयारी में मदद करने के लिए डिज़ाइन किए गए हैं।
Quick info
| Board | CBSE |
|---|---|
| Class | Class 8 |
| Subject | सामाजिक विज्ञान |
| Session | 2026 |
| Language | Hindi |
| Type | NCERT Solutions |
| Chapter | 1. संसाधन |
Chapter summary
कक्षा 8 सामाजिक विज्ञान के अध्याय 1 'संसाधन' के ये NCERT समाधान छात्रों को संसाधनों की मूल बातें समझने में मदद करते हैं। इसमें संसाधनों के प्रकार, उनके वितरण के कारण, और मानव द्वारा उनके उपयोग के महत्व पर चर्चा की गई है। समाधान संभाव्य बनाम वास्तविक संसाधन और सर्वव्यापक बनाम स्थानीय संसाधन जैसे महत्वपूर्ण वर्गीकरणों को स्पष्ट करते हैं। सतत विकास और संसाधन संरक्षण की अवधारणाओं को भी समझाया गया है, जो छात्रों को भविष्य के लिए संसाधनों के महत्व को समझने में सहायता करते हैं।
Learning outcomes
- संसाधन क्या हैं और उनका वर्गीकरण कैसे किया जाता है, यह समझना।
- संभाव्य और वास्तविक संसाधनों के बीच अंतर स्पष्ट करना।
- सर्वव्यापक और स्थानीय संसाधनों के बीच भेद करना।
- पृथ्वी पर संसाधनों के असमान वितरण के कारणों का विश्लेषण करना।
- संसाधन संरक्षण के महत्व को समझना।
- सततपोषणीय विकास की अवधारणा को परिभाषित करना।
- मानव संसाधन के महत्व को पहचानना।
Topics covered
Paper topics
- संसाधन की परिभाषा
- संसाधनों का वर्गीकरण
- संभाव्य संसाधन
- वास्तविक संसाधन
- सर्वव्यापक संसाधन
- स्थानीय संसाधन
- संसाधनों का वितरण
- संसाधन संरक्षण
- सततपोषणीय विकास
- मानव संसाधन
- संसाधन और मानव क्रियाएँ
- संसाधन का मूल्य
Important topics
- संसाधन क्या हैं और उनका वर्गीकरण
- संभाव्य बनाम वास्तविक संसाधन
- सर्वव्यापक बनाम स्थानीय संसाधन
- संसाधनों का असमान वितरण
- संसाधन संरक्षण का महत्व
- सततपोषणीय विकास की अवधारणा
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Questions and Solutions
प्रश्न 1
प्रश्न 2
प्रश्न 3
प्रश्न 4
प्रश्न 5
(क) उपयोगिता
(ख) मूल्य
(ग) मात्रा
प्रश्न 6
(क) कैंसर उपचार की औषधियाँ
(ख) झरने का जल
(ग) उष्णकटिबंधीय वन
प्रश्न 7
(क) जीव जंतुओं से व्युत्पन्न
(ख) मनुष्यों द्वारा निर्मित
(ग) निर्जीव वस्तुओं से व्युत्पन्न
प्रश्न 8
संभाव्य संसाधन:
- ये वे संसाधन हैं जिनकी पूरी मात्रा ज्ञात नहीं हो सकती है।
- इनका वर्तमान में उपयोग नहीं किया जा रहा है, लेकिन भविष्य में इनका उपयोग किया जा सकता है।
- इनका विकास तकनीकी प्रगति और उपलब्धता पर निर्भर करता है।
- उदाहरण: सौर ऊर्जा, पवन ऊर्जा (जिनका पूरी तरह से दोहन अभी नहीं हुआ है)।
वास्तविक संसाधन:
- इन संसाधनों की मात्रा ज्ञात होती है।
- इनका वर्तमान में उपयोग किया जा रहा है।
- इनका उपयोग करने के लिए हमारे पास आवश्यक तकनीक उपलब्ध है।
- उदाहरण: कोयला, पेट्रोलियम, लौह अयस्क।
प्रश्न 9
सर्वव्यापक संसाधन:
- ये वे संसाधन हैं जो सभी जगह पाए जाते हैं, अर्थात हर जगह उपलब्ध होते हैं।
- इनका उपयोग आसानी से किया जा सकता है क्योंकि ये सर्वत्र उपलब्ध हैं।
- उदाहरण: वायु, सूर्य की रोशनी।
स्थानीय संसाधन:
- ये वे संसाधन हैं जो केवल कुछ निश्चित स्थानों पर ही पाए जाते हैं।
- इनकी उपलब्धता सीमित होती है और ये विशिष्ट भौगोलिक क्षेत्रों तक ही सीमित होते हैं।
- उदाहरण: ताँबा, लौह अयस्क, कोयला (जो केवल विशेष खदानों में मिलते हैं)।
प्रश्न 10
Common mistakes
- संसाधनों के वर्गीकरण में भ्रमित होना (जैसे संभाव्य बनाम वास्तविक)।
- संसाधन वितरण के कारणों को ठीक से न समझना।
- सतत विकास और संसाधन संरक्षण के बीच अंतर को स्पष्ट न कर पाना।
Revision tips
- प्रत्येक प्रकार के संसाधन (संभाव्य, वास्तविक, सर्वव्यापक, स्थानीय) के उदाहरणों को याद करें।
- संसाधन वितरण को प्रभावित करने वाले भौतिक कारकों की सूची बनाएं।
- सतत विकास और संसाधन संरक्षण के बीच संबंध को समझें।
- अभ्यास प्रश्नों के उत्तरों को अपने शब्दों में समझाने का प्रयास करें।
Practice MCQs
Q1. निम्नलिखित में से कौन सा कारक किसी वस्तु को संसाधन के रूप में निर्धारित करने में सबसे कम महत्वपूर्ण है?
Explanation: किसी वस्तु की उपयोगिता और मूल्य उसे संसाधन बनाते हैं। मात्रा महत्वपूर्ण हो सकती है, लेकिन यह हमेशा प्राथमिक निर्धारक नहीं होती है। संसाधन का निर्धारण मुख्य रूप से उसकी उपयोगिता और मूल्य से होता है।
Q2. निम्नलिखित में से कौन सा एक मानव निर्मित संसाधन का उदाहरण है?
Explanation: कैंसर उपचार की औषधियाँ मानव द्वारा वैज्ञानिक ज्ञान और प्रौद्योगिकी का उपयोग करके बनाई जाती हैं, इसलिए वे मानव निर्मित संसाधन हैं। झरने का जल, वन और नदियाँ प्राकृतिक संसाधन हैं।
Q3. जैव संसाधन वे होते हैं जो किससे व्युत्पन्न होते हैं?
Explanation: जैव संसाधन वे होते हैं जो जीवित प्राणियों, जैसे जीव-जंतुओं और वनस्पतियों से प्राप्त होते हैं। निर्जीव वस्तुओं से प्राप्त संसाधन अजैव संसाधन कहलाते हैं।
Q4. संसाधनों का सतर्कतापूर्वक उपयोग करना और उन्हें नवीकरण के लिए समय देना क्या कहलाता है?
Explanation: संसाधन संरक्षण का अर्थ है संसाधनों का विवेकपूर्ण उपयोग करना ताकि वे भविष्य की पीढ़ियों के लिए उपलब्ध रहें और उनके नवीकरण के लिए पर्याप्त समय मिले।
Frequently asked questions
कक्षा 8 सामाजिक विज्ञान के अध्याय 1 में 'संसाधन' का क्या अर्थ है?
संसाधन कोई भी ऐसी वस्तु है जिसका उपयोग हमारी आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए किया जा सकता है। यह कोई भी पदार्थ या वस्तु हो सकती है जिसे उपयोगी बनाने के लिए मानव प्रयास, ज्ञान और प्रौद्योगिकी का उपयोग किया जाता है।
पृथ्वी पर संसाधनों का वितरण असमान क्यों है?
संसाधनों का वितरण असमान है क्योंकि यह विभिन्न भौतिक कारकों जैसे भूभाग, जलवायु और ऊँचाई पर निर्भर करता है, जिनमें पृथ्वी पर भिन्नता पाई जाती है।
संभाव्य संसाधन और वास्तविक संसाधन में क्या अंतर है?
संभाव्य संसाधन वे हैं जिनकी पूरी मात्रा ज्ञात नहीं हो सकती है और जिनका वर्तमान में उपयोग नहीं किया जा रहा है, लेकिन भविष्य में उपयोग किया जा सकता है। वास्तविक संसाधन वे हैं जिनकी मात्रा ज्ञात होती है और जिनका वर्तमान में उपयोग किया जा रहा है।
संसाधन संरक्षण क्यों महत्वपूर्ण है?
संसाधन संरक्षण महत्वपूर्ण है ताकि हम अपनी वर्तमान आवश्यकताओं को पूरा कर सकें और भविष्य की पीढ़ियों के लिए भी इन संसाधनों को बचा सकें। यह संसाधनों के अत्यधिक दोहन को रोकता है।
सततपोषणीय विकास का क्या मतलब है?
सततपोषणीय विकास का अर्थ है संसाधनों का इस प्रकार उपयोग करना कि हम अपनी वर्तमान आवश्यकताओं को पूरा कर सकें और साथ ही भविष्य की पीढ़ियों की आवश्यकताओं को पूरा करने की उनकी क्षमता से समझौता न करें।
मानव संसाधन को महत्वपूर्ण क्यों माना जाता है?
मानव संसाधन महत्वपूर्ण है क्योंकि मनुष्य की अपनी योग्यताएं, ज्ञान और कौशल ही भौतिक पदार्थों को मूल्यवान संसाधनों में बदलने में सहायता करते हैं।
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