कक्षा 8 सामाजिक विज्ञान: अध्याय 2 - भूमि, मृदा, जल, प्राकृतिक वनस्पति और वन्य जीवन संसाधन NCERT समाधान

NCERT Solutions PDF Class 8 PDF

यह पृष्ठ कक्षा 8 के सामाजिक विज्ञान के अध्याय 2, 'भूमि, मृदा, जल, प्राकृतिक वनस्पति और वन्य जीवन संसाधन' के लिए विस्तृत NCERT समाधान प्रस्तुत करता है। यह अध्याय प्राकृतिक संसाधनों के महत्व, उनके निर्माण की प्रक्रियाओं और संरक्षण की आवश्यकता पर केंद्रित है। समाधानों में मृदा निर्माण के कारकों, भूमि निम्नीकरण के कारणों, भूमि को एक महत्वपूर्ण संसाधन मानने के कारणों और पौधों व प्राणियों के संरक्षण के लिए सरकारी पहलों जैसे विषयों को शामिल किया गया है। इसके अतिरिक्त, जल संरक्षण के तरीकों और प्राकृतिक संसाधनों के सतत उपयोग से संबंधित प्रश्नों के उत्तर भी दिए गए हैं। ये समाधान छात्रों को इन महत्वपूर्ण अवधारणाओं को गहराई से समझने और परीक्षा के लिए प्रभावी ढंग से तैयारी करने में मदद करेंगे।

Quick info

BoardCBSE
ClassClass 8
Subjectसामाजिक विज्ञान
Session2026
LanguageHindi
TypeNCERT Solutions
Chapter2. भूमि, मृदा, जल, प्राकृतिक वनस्पति और वन्य जीवन संसाधन

Chapter summary

कक्षा 8 के सामाजिक विज्ञान के अध्याय 2 के ये NCERT समाधान भूमि, मृदा, जल, प्राकृतिक वनस्पति और वन्य जीवन जैसे महत्वपूर्ण प्राकृतिक संसाधनों की पड़ताल करते हैं। समाधान छात्रों को मृदा निर्माण के कारकों, भूमि निम्नीकरण के कारणों, भूमि के महत्व, और पौधों व वन्यजीवों के संरक्षण के लिए उठाए गए कदमों को समझने में मदद करते हैं। जल संरक्षण के विभिन्न तरीकों पर भी प्रकाश डाला गया है। यह खंड छात्रों को इन संसाधनों के सतत उपयोग और प्रबंधन के महत्व को सिखाता है, जो परीक्षा की तैयारी के लिए आवश्यक है।

Learning outcomes

  • मृदा निर्माण को प्रभावित करने वाले जलवायु कारकों की पहचान करना।
  • भूमि निम्नीकरण के प्रमुख कारणों को समझना।
  • भूमि को एक मूल्यवान संसाधन के रूप में इसके महत्व को समझाना।
  • वनस्पतियों और जीवों के संरक्षण के लिए सरकारी पहलों का वर्णन करना।
  • जल संरक्षण के विभिन्न तरीकों को सूचीबद्ध करना।
  • प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के महत्व को समझना।

Topics covered

Paper topics

  • भूमि संसाधन
  • मृदा निर्माण
  • मृदा अपरदन
  • भूमि निम्नीकरण
  • भूमि संरक्षण
  • जल संसाधन
  • जल संरक्षण
  • प्राकृतिक वनस्पति
  • वन्य जीवन
  • वन्यजीव संरक्षण
  • सतत विकास
  • संसाधन प्रबंधन

Important topics

  • भूमि का महत्व और उपयोग
  • मृदा निर्माण के कारक और प्रक्रिया
  • भूमि निम्नीकरण के कारण और रोकथाम
  • जल संरक्षण की विधियाँ
  • वनस्पति और वन्यजीवों का संरक्षण

PDF preview

Read page by page below. PDF is streamed from the official NCERT website — no download button on this page.

Loading document …
Page of
Loading page …

Questions and Solutions

प्रश्न 1

निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए:
  1. मृदा निर्माण के लिए उत्तरदायी दो मुख्य जलवायु कारक कौन-से हैं?
Solution:

मृदा निर्माण के लिए उत्तरदायी दो मुख्य जलवायु कारक निम्नलिखित हैं:

  1. (क) वर्षा: वर्षा की मात्रा और तीव्रता अपक्षय की दर को प्रभावित करती है, जिससे चट्टानें टूटती हैं और मृदा बनती है। अत्यधिक वर्षा मृदा अपरदन को भी बढ़ा सकती है।
  2. (ख) तापमान: तापमान में उतार-चढ़ाव चट्टानों के फैलने और सिकुड़ने का कारण बनता है, जिससे उनमें दरारें पड़ती हैं। यह रासायनिक अपक्षय की दर को भी प्रभावित करता है।

प्रश्न 1

  1. भूमि निम्नीकरण के कोई कारक लिखिए।
Solution:

भूमि निम्नीकरण के प्रमुख कारक निम्नलिखित हैं:

  • (क) कृषि भूमि का प्रसार: बढ़ती जनसंख्या की भोजन की मांग को पूरा करने के लिए वनों को काटकर या अन्य प्राकृतिक भूमियों को कृषि योग्य भूमि में परिवर्तित करने से भूमि का निम्नीकरण हो सकता है।
  • (ख) निर्माण संबंधी गतिविधियों का प्रसार: शहरीकरण, औद्योगिकीकरण और बुनियादी ढांचे के विकास (जैसे सड़कें, बांध) के लिए भूमि का अत्यधिक उपयोग भी भूमि निम्नीकरण का कारण बनता है।
  • अन्य कारक: अत्यधिक चराई, वनों की कटाई, और अनुचित खनन पद्धतियाँ भी भूमि निम्नीकरण में योगदान करती हैं।

प्रश्न 1

  1. भूमि को महत्वपूर्ण संसाधन क्यों माना जाता है?
Solution:

भूमि को एक अत्यंत महत्वपूर्ण संसाधन माना जाता है क्योंकि:

  • मानव निवास: यह मनुष्यों के रहने के लिए आधार प्रदान करती है।
  • कृषि: भूमि पर ही विभिन्न प्रकार के खाद्यान्न, फल और सब्जियाँ उगाई जाती हैं, जो मानव जीवन के लिए आवश्यक हैं।
  • आर्थिक विकास: भूमि का उपयोग वानिकी, खनन, सड़कों, रेलवे लाइनों और उद्योगों की स्थापना के लिए किया जाता है, जो देश के आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं।
  • विविधता: भूमि विभिन्न प्रकार के पारिस्थितिक तंत्रों का समर्थन करती है, जो जैव विविधता के लिए महत्वपूर्ण हैं।

प्रश्न 1

  1. किन्हीं दो सोपानों के नाम बताइए जिन्हें सरकार ने पौधों और प्राणियों के संरक्षण के लिए आरंभ किया है?
Solution:

पौधों और प्राणियों के संरक्षण के लिए सरकार द्वारा उठाए गए दो महत्वपूर्ण कदम निम्नलिखित हैं:

  • (क) CITES (Convention on International Trade in Endangered Species of Wild Fauna and Flora): यह एक अंतर्राष्ट्रीय समझौता है जिसके तहत संकटग्रस्त पौधों और जानवरों की प्रजातियों के अंतर्राष्ट्रीय व्यापार पर प्रतिबंध लगाया गया है। इसका उद्देश्य इन प्रजातियों को विलुप्त होने से बचाना है।
  • (ख) सामाजिक वानिकी और वन महोत्सव: प्रादेशिक और सामुदायिक स्तर पर सामाजिक वानिकी कार्यक्रमों को बढ़ावा देना और वन महोत्सव जैसे आयोजनों के माध्यम से वृक्षारोपण को प्रोत्साहित करना, जिससे वनों का विस्तार हो और वन्यजीवों के आवास सुरक्षित रहें।

प्रश्न 1

  1. जल संरक्षण के तीन तरीके बताइए।
Solution:

जल संरक्षण के तीन महत्वपूर्ण तरीके निम्नलिखित हैं:

  • (क) धरातल को वनस्पति विहीन होने से बचाना: वनस्पति आवरण वर्षा जल के बहाव को धीमा करता है, जिससे अधिक पानी भूमि में रिसकर भूजल स्तर को बढ़ाता है। यह मृदा अपरदन को भी रोकता है।
  • (ख) जल रिसाव को कम करके: सिंचाई नहरों और जल वितरण प्रणालियों में रिसाव को रोककर पानी की बर्बादी को कम किया जा सकता है। घरों में भी नल और पाइपलाइनों की मरम्मत करके पानी बचाया जा सकता है।
  • (ग) स्प्रिंकलर (छिड़काव) द्वारा सिंचाई: पारंपरिक बाढ़ सिंचाई की तुलना में स्प्रिंकलर या ड्रिप सिंचाई विधियों का उपयोग करके पानी को सीधे पौधों की जड़ों तक पहुँचाया जा सकता है, जिससे पानी की काफी बचत होती है।

प्रश्न 2

सही उत्तर को चिन्हित कीजिए:
  1. निम्नलिखित में से कौन-सा कारक मृदा निर्माण का नही है?
  • (क) समय
  • (ख) मृदा का गठन
  • (ग) जैव पदार्थ
Solution:

सही उत्तर है (ख) मृदा का गठन

स्पष्टीकरण: मृदा निर्माण की प्रक्रिया में समय, जलवायु, मूल चट्टान, स्थलाकृति, वनस्पति और जीव-जंतु (जैविक पदार्थ) जैसे कारक महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। मृदा का गठन (जैसे कणों का आकार - रेतीली, दोमट, चिकनी मिट्टी) मृदा निर्माण के बाद उसकी एक विशेषता है, न कि निर्माण का कारक।

प्रश्न 2

  1. निम्नलिखित में से कौन सी विधि तीव्र ढालों पर मृदा अपरदन को रोकने के लिए सर्वाधिक उपयुक्त है?
  • (क) रक्षक मेखला
  • (ख) मलचिंग
  • (ग) वेदिका कृषि
Solution:

सही उत्तर है (ग) वेदिका कृषि

स्पष्टीकरण: तीव्र ढालों पर वेदिका कृषि (सीढ़ीदार खेत बनाना) पानी के बहाव को धीमा करके और मिट्टी को बांधकर मृदा अपरदन को प्रभावी ढंग से रोकती है। रक्षक मेखला हवा के अपरदन को रोकने के लिए उपयोगी है, और मलचिंग नमी बनाए रखने और खरपतवारों को नियंत्रित करने में मदद करती है, लेकिन ये तीव्र ढालों पर अपरदन रोकने के लिए वेदिका कृषि जितने प्रभावी नहीं हैं।

प्रश्न 2

  1. निम्नलिखित में कौन सा प्रकृति के संरक्षण के अनुकूल नही है?
  • (क) बल्ब को बंद कर देना जब आवश्यकता न हो।
  • (ख) नल को उपयोग के बाद तुरंत बंद कर देना चाहिए।
  • (ग) खरीदारी के बाद पाली पैक नष्ट कर देना चाहिए।
Solution:

सही उत्तर है (ग) खरीदारी के बाद पाली पैक नष्ट कर देना चाहिए।

स्पष्टीकरण: प्रकृति के संरक्षण के अनुकूल कार्य वे हैं जो पर्यावरण को नुकसान न पहुँचाएँ या उसे बेहतर बनाएँ। बल्ब बंद करना और नल बंद करना ऊर्जा और जल की बचत करते हैं, जो संरक्षण के अनुकूल है। हालाँकि, पॉली पैक (प्लास्टिक) को नष्ट करने से प्रदूषण बढ़ता है। इसके बजाय, पॉली पैक का पुनर्चक्रण (recycling) या पुनः उपयोग (reuse) करना प्रकृति के संरक्षण के लिए बेहतर है।

प्रश्न 3

निम्नलिखित का मिलान कीजिए:
  • (क) भूमि उपयोग
  • (ख) हूमस
  • (ग) चट्टान बांध
  • (घ) कृषि योग्य भूमि
  • (i) मृदा अपरदन को रोकना
  • (ii) कृषि के लिए उपयुक्त भूमि
  • (iii) भूमि का उत्पादनकारी उपयोग
  • (iv) ऊपरी मृदा पर निक्षेपित जैव पदार्थ
Solution:

सही मिलान इस प्रकार है:

  • (क) भूमि उपयोग - (iii) भूमि का उत्पादनकारी उपयोग: भूमि का उपयोग विभिन्न आर्थिक गतिविधियों के लिए किया जाता है, जैसे कृषि, उद्योग, आवास आदि, जिससे उसका उत्पादनकारी मूल्य बढ़ता है।
  • (ख) हूमस - (iv) ऊपरी मृदा पर निक्षेपित जैव पदार्थ: हूमस (खाद) सड़े-गले जैविक पदार्थों से बनता है जो ऊपरी मृदा को उपजाऊ बनाते हैं।
  • (ग) चट्टान बांध - (i) मृदा अपरदन को रोकना: चट्टान बांध या अन्य अवरोधक संरचनाएँ जल के बहाव को धीमा करके और मिट्टी को रोककर मृदा अपरदन को रोकने में मदद करती हैं।
  • (घ) कृषि योग्य भूमि - (ii) कृषि के लिए उपयुक्त भूमि: वह भूमि जो फसलें उगाने के लिए उपजाऊ और उपयुक्त होती है, कृषि योग्य भूमि कहलाती है।

प्रश्न 4

निम्नलिखित कथनों में से सत्य अथवा असत्य बताइए। यदि सत्य है तो कारण बताइए:
  1. भारत का गंगा, ब्रहापुत्र मैदान अत्यधिक आबाद प्रदेश है।
Solution:

सत्य।

कारण: गंगा और ब्रहापुत्र नदियों द्वारा निर्मित यह मैदान अत्यंत उपजाऊ है, जहाँ की मिट्टी कृषि के लिए बहुत उपयुक्त है। यहाँ पर्याप्त मात्रा में जल उपलब्ध है और मैदानी भाग होने के कारण परिवहन (सड़कें और रेलमार्ग) का सघन जाल बिछा है। इन अनुकूल परिस्थितियों के कारण यह क्षेत्र अत्यधिक आबाद है।

प्रश्न 4

  1. भारत में प्रति व्यक्ति जल की उपलब्धता कम हो रही है।
Solution:

सत्य।

कारण: भारत में प्रति व्यक्ति जल की उपलब्धता कम होने के कई कारण हैं, जिनमें बढ़ती जनसंख्या, भोजन और नकदी फसलों की बढ़ती मांग के कारण जल का अधिक उपयोग, और शहरीकरण के कारण जल संसाधनों पर बढ़ता दबाव शामिल है। ये सभी कारक उपलब्ध जल संसाधनों पर अधिक बोझ डालते हैं, जिससे प्रति व्यक्ति उपलब्धता कम हो जाती है।

प्रश्न 4

  1. तटीय क्षेत्रों में पवन गति रोकने के लिए वृक्ष कतार में लगाए जाते हैं, जिसे बिज की फसल उगाना कहते हैं।
Solution:

असत्य।

स्पष्टीकरण: तटीय क्षेत्रों में पवन गति को रोकने के लिए वृक्षों को कतार में लगाया जाता है, इस विधि को 'रक्षक मेखला' (Shelterbelt) कहा जाता है, न कि 'बिज की फसल उगाना'। रक्षक मेखलाएँ फसलों को तेज हवाओं से बचाती हैं और मृदा अपरदन को कम करती हैं। 'बिज की फसल' एक अलग कृषि शब्दावली है जिसका अर्थ कुछ और होता है।

Common mistakes

  • मृदा निर्माण के कारकों को गलत पहचानना।
  • भूमि निम्नीकरण के कारणों को स्पष्ट न कर पाना।
  • वन्यजीव संरक्षण के सरकारी उपायों को याद रखने में कठिनाई।
  • जल संरक्षण के तरीकों को गलत बताना।

Revision tips

  • प्रत्येक संसाधन (भूमि, मृदा, जल) के महत्व को समझने पर ध्यान केंद्रित करें।
  • संरक्षण के तरीकों और सरकारी पहलों को याद करने के लिए फ़्लैशकार्ड का उपयोग करें।
  • अभ्यास प्रश्नों को हल करके अपनी समझ का परीक्षण करें।
  • चार्ट या डायग्राम बनाकर मृदा निर्माण की प्रक्रिया को समझें।

Practice MCQs

Q1. मृदा निर्माण के लिए उत्तरदायी दो मुख्य जलवायु कारक कौन से हैं?

Q2. निम्नलिखित में से कौन सा कारक मृदा निर्माण का कारक नहीं है?

Q3. तीव्र ढालों पर मृदा अपरदन को रोकने के लिए कौन सी विधि सबसे उपयुक्त है?

Q4. निम्नलिखित में से कौन सा प्रकृति के संरक्षण के अनुकूल नहीं है?

Q5. भूमि को एक महत्वपूर्ण संसाधन क्यों माना जाता है?

Frequently asked questions

कक्षा 8 सामाजिक विज्ञान के अध्याय 2 में किन मुख्य प्राकृतिक संसाधनों पर चर्चा की गई है?

अध्याय 2 में मुख्य रूप से भूमि, मृदा, जल, प्राकृतिक वनस्पति और वन्य जीवन जैसे महत्वपूर्ण प्राकृतिक संसाधनों पर चर्चा की गई है।

मृदा निर्माण के लिए कौन से जलवायु कारक महत्वपूर्ण हैं?

मृदा निर्माण के लिए वर्षा और तापमान दो मुख्य जलवायु कारक हैं जो अपक्षय की प्रक्रिया को प्रभावित करते हैं।

भूमि निम्नीकरण के कुछ कारण क्या हैं?

भूमि निम्नीकरण के कुछ प्रमुख कारण कृषि भूमि का प्रसार, निर्माण संबंधी गतिविधियों का प्रसार, वनों की कटाई और अत्यधिक चराई हैं।

पौधों और प्राणियों के संरक्षण के लिए सरकार द्वारा क्या कदम उठाए गए हैं?

सरकार ने संकटग्रस्त प्रजातियों के व्यापार को प्रतिबंधित करने के लिए CITES जैसी अंतर्राष्ट्रीय परिपाटियों की स्थापना की है और सामाजिक वानिकी व वन महोत्सव जैसे कार्यक्रमों को प्रोत्साहित किया है।

जल को संरक्षित करने के कुछ तरीके क्या हैं?

जल को संरक्षित करने के तरीकों में धरातल को वनस्पति विहीन होने से बचाना, जल रिसाव को कम करना और स्प्रिंकलर जैसी विधियों का उपयोग करना शामिल है।

यह समाधान छात्रों के लिए कैसे उपयोगी हैं?

ये समाधान छात्रों को अध्याय की अवधारणाओं को स्पष्ट रूप से समझने, महत्वपूर्ण प्रश्नों के उत्तर जानने और परीक्षा की तैयारी को मजबूत करने में मदद करते हैं।

Content reviewed by the NCERT Help team. Editorial Team and update policy

NCERT Solutions PDF PDF on NCERT Help. URL unchanged for search indexing.