CBSE Class 8 Hindi NCERT Solutions: पाठ 2 - लाख की चूड़ियाँ

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This chapter, 'लाख की चूड़ियाँ' by Kamtanath, delves into the life and times of a traditional bangle maker, Badlu. The NCERT Solutions for Class 8 Hindi provide detailed answers to the questions based on the story. Students will explore the concept of 'Vastu Vinimay' (barter system) and contrast it with modern currency. The solutions also highlight the poignant impact of the 'machine age' on traditional artisans, leading to unemployment and the loss of livelihood. Through Badlu's character, the chapter reflects on the changing societal values, the decline of craftsmanship, and the emotional toll on those whose skills become obsolete. These solutions are designed to help students grasp the nuances of the story, understand the socio-economic commentary, and prepare effectively for their Hindi examinations by offering clear explanations and insights into the text.

Quick info

BoardCBSE
ClassClass 8
Subjectहिंदी
Session2026
LanguageHindi
TypeNCERT Solutions
Chapter2. लाख की चूड़ियाँ कामतानाथ

Chapter summary

NCERT Solutions for Class 8 Hindi, Chapter 2, 'लाख की चूड़ियाँ', focuses on the story of Badlu, a bangle maker. The solutions explain the traditional barter system ('Vastu Vinimay') and its contrast with the modern monetary system. They critically examine the impact of industrialization and machinery on traditional crafts and artisans, leading to job losses and economic hardship. The chapter also touches upon the emotional and social consequences faced by craftsmen like Badlu as their skills become less valued. These solutions offer a clear understanding of the narrative's themes and character development.

Learning outcomes

  • Understand the concept of 'Vastu Vinimay' (barter system).
  • Analyze the impact of the machine age on traditional artisans.
  • Identify the emotional and economic struggles of craftsmen.
  • Recognize the changing societal values regarding traditional crafts.
  • Explain the significance of Badlu's character in the story.
  • Differentiate between Vastu Vinimay and the modern monetary system.

Topics covered

Paper topics

  • लाख की चूड़ियाँ (Story)
  • बदलू का चरित्र चित्रण (Character Sketch of Badlu)
  • वस्तु-विनिमय (Barter System)
  • मशीनी युग का प्रभाव (Impact of Machine Age)
  • पारंपरिक कारीगर (Traditional Artisans)
  • रोजगार और बेरोजगारी (Employment and Unemployment)
  • सामाजिक परिवर्तन (Social Change)
  • भाषा की बात (Language and Grammar)
  • संज्ञा (Nouns)
  • व्यक्तिवाचक संज्ञा (Proper Nouns)
  • जातिवाचक संज्ञा (Common Nouns)
  • भाववाचक संज्ञा (Abstract Nouns)

Important topics

  • वस्तु-विनिमय की अवधारणा
  • मशीनी युग का कारीगरों पर प्रभाव
  • बदलू के व्यवसाय का पतन
  • पारंपरिक कलाओं का महत्व
  • संज्ञा के भेद (व्यक्तिवाचक, जातिवाचक, भाववाचक)

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Questions and Solutions

CBSE Class 08 Hindi NCERT Solutions पाठ-02 लाख की चूड़ियाँ

  1. बचपन में लेखक अपने मामा के गाँव चाव से क्यों जाता था और बदलू को 'बदलू मामा' न कहकर 'बदलू काका' क्यों कहता था?

उत्तर:- बचपन में लेखक अपने मामा के गाँव चाव से इसलिए जाता था क्योंकि लेखक के मामा के गाँव में लाख की चूड़ियाँ बनाने वाला कारीगर बदलू रहता था। लेखक को बदलू काका से अत्यधिक लगाव था क्योंकि वह लेखक को लाख की ढेर सारी रंग-बिरंगी गोलियाँ देता था, जो उसे बहुत अच्छी लगती थी । वैसे तो लेखक के मामा के गाँव का होने के कारण उसे बदलू को ' बदलू मामा ' कहना चाहिए था पर लेखक उसे 'बदलू मामा' न कहकर 'बदलू काका' कहता था क्योंकि गाँव के सभी बच्चे उसे यही कहा करते थे

2. वस्तु-विनिमय क्या है? विनिमय की प्रचलित पद्धति क्या है?

उत्तर:- 'वस्तु विनिमय' वह पद्धति है जिसमें एक वस्तु देकर दूसरी वस्तु ली जाती है । पुराने समय में वस्तु के लिए पैसे नहीं लिए जाते थे बल्कि वस्तु के बदले वस्तु ली-दी जाती थी किन्तु अब मुद्रा के चलन के कारण वर्तमान परिवेश में वस्तु का लेन-देन मुद्रा के द्वारा होता है। अब विनिमय की प्रचलित पद्धति पैसा है।

3. 'मशीनी युग' ने कितने हाथ काट दिए हैं।' - इस पंक्ति में लेखक ने किस व्यथा की ओर संकेत किया है?

उत्तर:- इस पंक्ति में लेखक ने कारीगरों की व्यथा की ओर संकेत किया है कि मशीनों के आगमन के साथ कारीगरों के हाथ से काम- धंधा छिन गया है , मानो उनके हाथ ही कट गए हों। उन कारीगरों का रोजगार इन पैतृक काम -धन्धों से ही चलता था। उसके अलावा उन्होंने कभी कुछ नहीं सीखा था। वे पीढ़ी -दर- पीढ़ी अपनी इस कला को बढ़ाते चले आ रहे हैं और साथ में रोज़ी -रोटी भी चला रहे हैं परन्तु मशीनी युग ने उनकी रोज़ी- रोटी पर वार किया है। मशीनों ने लोगों को बेरोजगार बना दिया है और वे भूखों मरने की कगार पर आ गए हैं। मशीनों के प्रयोग से बदलू जैसे कुशल कारीगरों के हाथ से काम छिन गया है। वे या तो बेरोज़गार हो गए हैं या फिरअन्य को व्यवसाय अपनाने को विवश हैं।

4. बदलू के मन में ऐसी कौन-सी व्यथा थी, जो लेखक से छिपी न रह सकी?

उत्तर:- बदलू लाख की चूड़ियाँ बेचा करता था परन्तु जैसे-जैसे काँच की चूडियों का प्रचलन बढ़ता गया ,उसका व्यवसाय ठप्प पड़ने लगा। अपने व्यवसाय की यह दुर्दशा बदलू को मन ही मन कचोटती थी। बदलू के मन में इस बात की व्यथा थी कि मशीनी युग के प्रभावस्वरुप उस जैसे अनेक कारीगरों को बेरोजगारी और उपेक्षा का शिकार होना पड़ा है। अब लोग कारीगरी की कद्र न करके दिखावटी चमक पर अधिक ध्यान देते हैं। यह व्यथा लेखक से छिपी न रह सकी।

5. मशीनी युग से बदलू के जीवन में क्या बदलाव आया?

उत्तर:- मशीनी युग से बदलू के जीवन में यह बदलाव आया कि बदलू का व्यवसाय बंद हो गया। वह बेरोजगार हो गया। काम न करने से उसका शरीर भी ढल गया, उसके हाथों-माथे पर नसें उभर आईं। अब वह बीमार और चिंतित रहने लगा।

6. लाख की वस्तुओं का निर्माण भारत के किन-किन राज्यों में होता है? लाख से चूड़ियों के अतिरिक्त क्या-क्या चीज़ें बनती है? ज्ञात कीजिए।

उत्तर:- लाख की वस्तुओं का निर्माण भारत के राजस्थान,कर्नाटक और उत्तर प्रदेश आदि राज्यों में होता है। लाख से चूड़ियाँ, मूर्तियाँ, गोलियाँ तथा सजावट की वस्तुओं का निर्माण होता है।

  • भाषा की बात
  1. 'बदलू को किसी बात से चिढ़ थी तो काँच की चूडियों से' और बदलू स्वयं कहता है -'' जो सुंदरता काँच की चूडियों में होती है

लाख में कहाँ संभव है? ''ये पंक्तियाँ बदलू की दो प्रकार की मनोदशाओं को सामने लाती हैं। दूसरी पंक्ति में उसके मन की पीड़ा है। उसमें व्यंग्य भी है। हारे हुए मन से, या दुखी मन से अथवा व्यंग्य में बोले गए वाक्यों के अर्थ सामान्य नहीं होते। कुछ व्यंग्य वाक्यों को ध्यानपूर्वक समझकर एकत्र कीजिए और उनके भीतरी अर्थ की व्याख्या करके लिखिए।

उत्तर:- व्यंग्य वाक्य - 'अब पहले जैसी औलाद कहाँ?'

व्याख्या - आजकल किसी भी बुजुर्ग के मुख से आमतौर पर यह सुनने मिलता है जिसमें उनके हृदय में छिपा दुःख और व्यंग्य देखने मिलता है। उनका मानना है कि आजकल की संतान बुजुर्गों को अधिक सम्मान नहीं देती।

  1. 'बदलू' कहानी की दृष्टि से पात्र है और भाषा की बात (व्याकरण) की दृष्टि से संज्ञा है। किसी भी व्यक्ति, स्थान, वस्तु, विचार

अथवा भाव को संज्ञा कहते हैं। संज्ञा को तीन भेदों में बाँटा गया है -

  • (क) व्यक्तिवाचक संज्ञा, जैसे - लला, रज्जो, आम, काँच, गाय इत्यादि
  • (ख) जातिवाचक संज्ञा, जैसे - चरित्र, स्वभाव, वजन, आकार आदि द्वारा जानी जाने वाली संज्ञा।
  • (ग) भाववाचक संज्ञा, जैसे - सुंदरता, नाजुक, प्रसन्नता इत्यादि जिसमें कोई व्यक्ति नहीं है और न आकार या वजन। परंतु उसका अनुभव होता है। पाठ से तीनों प्रकार की संज्ञाएँ चुनकर लिखिए।

उत्तर:- (क) व्यक्तिवाचक संज्ञा - बदलू, बेलन, मचिया

  • (ख) जातिवाचक संज्ञा - आदमी, मकान, शहर
  • (ग) भाववाचक संज्ञा - स्वभाव, रूचि, व्यथा
  1. गाँव की बोली में कई शब्दों के उच्चारण बदल जाते हैं। कहानी में बदलू वक्त (समय) को बखत, उम्र (वय/आयु) को उमर कहता

है। इस तरह के अन्य शब्दों को खोजिए जिनके रूप में परिवर्तन हुआ हो, अर्थ में नहीं।

उत्तर:- इंसान - मनुष्य

रंज - दुख

गम - मायूसी

ज़िंदगी - जीवन

औलाद - संतान

Common mistakes

  • Confusing 'Vastu Vinimay' with the modern monetary system.
  • Underestimating the emotional impact of job loss on artisans.
  • Not fully grasping the author's critique of industrialization.
  • Misinterpreting the nuances of Badlu's dialogue and emotions.

Revision tips

  • Focus on understanding the contrast between the barter system and the current monetary system.
  • Pay close attention to Badlu's feelings about machines and their impact on his livelihood.
  • Analyze the author's message about the decline of traditional crafts.
  • Reread the story, paying attention to the descriptions of Badlu and his work.
  • Practice answering questions about the socio-economic themes presented in the chapter.

Practice MCQs

Q1. बचपन में लेखक अपने मामा के गाँव क्यों जाता था?

Q2. वस्तु-विनिमय पद्धति में क्या होता है?

Q3. 'मशीनी युग' ने कितने हाथ काट दिए हैं - इस पंक्ति का क्या अर्थ है?

Q4. बदलू को किस बात से चिढ़ थी?

Q5. बदलू का व्यवसाय किस कारण ठप्प पड़ गया?

Frequently asked questions

यह NCERT समाधान किस कक्षा और विषय के लिए हैं?

यह NCERT समाधान CBSE कक्षा 8 हिंदी के लिए हैं, विशेष रूप से पाठ 2 'लाख की चूड़ियाँ' पर केंद्रित हैं।

'लाख की चूड़ियाँ' पाठ में 'वस्तु-विनिमय' का क्या अर्थ है?

पाठ के अनुसार, वस्तु-विनिमय वह पद्धति है जिसमें पैसे के बजाय एक वस्तु के बदले दूसरी वस्तु का लेन-देन किया जाता है।

मशीनी युग ने बदलू जैसे कारीगरों को कैसे प्रभावित किया?

मशीनी युग के कारण काँच की चूड़ियों का प्रचलन बढ़ गया, जिससे बदलू जैसे लाख की चूड़ियाँ बनाने वाले कारीगरों का व्यवसाय ठप्प पड़ गया और वे बेरोजगार हो गए।

पाठ में संज्ञा के कौन-कौन से भेद उदाहरण सहित समझाए गए हैं?

पाठ में व्यक्तिवाचक संज्ञा, जातिवाचक संज्ञा और भाववाचक संज्ञा के भेदों को उदाहरणों के साथ समझाया गया है।

यह समाधान छात्रों को परीक्षा की तैयारी में कैसे मदद करेंगे?

ये समाधान पाठ की गहरी समझ, मुख्य अवधारणाओं के स्पष्टीकरण और महत्वपूर्ण प्रश्नों के उत्तर प्रदान करके छात्रों को परीक्षा की तैयारी में मदद करते हैं।

लेखक बदलू को 'बदलू मामा' की जगह 'बदलू काका' क्यों कहता था?

लेखक बदलू को 'बदलू काका' इसलिए कहता था क्योंकि गाँव के अन्य बच्चे भी उसे इसी नाम से पुकारते थे, हालाँकि वह उसके मामा के गाँव का था।

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