कक्षा 8 हिंदी: पाठ 4 - ओस (कविता) NCERT समाधान

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यह पृष्ठ कक्षा 8 हिंदी की पुस्तक के पाठ 4, 'ओस' कविता के लिए विस्तृत NCERT समाधान प्रस्तुत करता है। यह कविता ओस की बूंदों की सुंदरता का वर्णन करती है, जिन्हें कवि ने 'रतन' और 'मोती' कहा है। समाधानों में कविता के प्रश्नों के उत्तर शामिल हैं, जैसे ओस को रतन क्यों कहा गया है, वे कहाँ बिखरे होते हैं, और ओस की बूंदों को देखकर कवि के मन में क्या विचार आते हैं। इसमें 'उलट-फेर' अभ्यास भी शामिल है, जहाँ छात्रों को पंक्तियों को पुनर्व्यवस्थित करना सिखाया जाता है, और 'रूप बदलकर' अभ्यास के माध्यम से शब्दों के विभिन्न रूपों का प्रयोग सिखाया जाता है। ये समाधान छात्रों को कविता की गहरी समझ विकसित करने और परीक्षा की तैयारी में मदद करने के लिए डिज़ाइन किए गए हैं।

Quick info

BoardCBSE
ClassClass 8
Subjectहिंदी
Session2026
LanguageHindi
TypeNCERT Solutions
Chapterपाठ 4 - ओस (कविता)

Chapter summary

कक्षा 8 हिंदी की पुस्तक के पाठ 4 'ओस' कविता के लिए ये NCERT समाधान छात्रों को ओस की बूंदों के प्राकृतिक सौंदर्य का अन्वेषण करने में मदद करते हैं। समाधान कविता के मुख्य भावों, जैसे ओस को 'रतन' या 'मोती' कहना, और कवि की भावनाओं को समझने पर केंद्रित हैं। इसमें भाषा के अभ्यास भी शामिल हैं, जैसे वाक्यों को उलट-फेर कर लिखना और क्रियाओं के विभिन्न रूपों का प्रयोग करना, जो छात्रों की भाषाई समझ को बढ़ाते हैं।

Learning outcomes

  • ओस की बूंदों को 'रतन' और 'मोती' कहने के पीछे के भाव को समझना।
  • कविता में वर्णित ओस के बिखराव के स्थानों की पहचान करना।
  • ओस की बूंदों को देखकर कवि के मन में उठने वाली भावनाओं और विचारों को समझना।
  • दिए गए वाक्यों में उलट-फेर करके उन्हें नए ढंग से लिखना सीखना।
  • दिए गए शब्दों के विभिन्न रूपों का प्रयोग करके वाक्यों को पूरा करना।
  • कविता के सौंदर्य बोध और प्रकृति प्रेम को समझना।

Topics covered

Paper topics

  • ओस कविता का भावार्थ
  • ओस की बूंदों का सौंदर्य
  • कवि की भावनाएँ
  • रतन, मोती, हीरे जैसे बिंबों का प्रयोग
  • वाक्य उलट-फेर अभ्यास
  • क्रिया रूपों का प्रयोग
  • शब्द-रूप परिवर्तन
  • प्रकृति चित्रण

Important topics

  • ओस कविता का केंद्रीय भाव और सौंदर्य बोध
  • ओस को 'रतन' और 'मोती' कहने का अर्थ
  • कवि की ओस के प्रति भावनाएँ
  • क्रिया रूपों का सही प्रयोग (प्रश्न 10)
  • वाक्यों को पुनर्व्यवस्थित करने का अभ्यास (प्रश्न 2)

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Questions and Solutions

प्रश्न 1 (क)

कविता में ओस की बूंदों को क्या कहा गया है और वे कहाँ-कहाँ बिखरी हुई हैं?
Solution: कविता में ओस की बूंदों को अनमोल 'रतन' कहा गया है। ये रतन सुबह के समय हरी घास, पत्तों और फूलों पर ऐसे बिखरे हुए दिखाई देते हैं मानो किसी ने उन्हें वहाँ सजा दिया हो। उनकी चमक और सुंदरता उन्हें रत्नों के समान मूल्यवान बनाती है।

प्रश्न 1 (ख)

ओस की बूंदों को देखकर कवि का मन क्या करने का करता है?
Solution: ओस की बूंदों की मनमोहक सुंदरता को देखकर कवि का मन उन्हें अपनी अंजलि में भरकर ले आने का करता है। कवि चाहता है कि वह इन सुंदर बूंदों को निहारता रहे और उन्हें देखकर एक नई कविता की रचना करे।

प्रश्न 2 (क)

दी गई पंक्ति "कौन रात में गूँथ गया है ये उज्ज्वल हीरों की कड़ियाँ?" को उलट-फेर कर अपने ढंग से लिखिए।
Solution: इस पंक्ति को उलट-फेर करके इस प्रकार लिखा जा सकता है: "रात में ये उज्ज्वल हीरों की कड़ियाँ किसने गूँथ दी हैं?"

प्रश्न 2 (ख)

दी गई पंक्ति "नभ के नन्हें तारों में ये कौन दमकते हैं यों दमदम?" को उलट-फेर कर अपने ढंग से लिखिए।
Solution: इस पंक्ति को उलट-फेर करके इस प्रकार लिखा जा सकता है: "नभ के नन्हे तारों में ये कौन हैं जो यूँ दमदम दमक रहे हैं?"

प्रश्न 8

नीचे लिखी चीज़ों जैसी कुछ और चीज़ों के नाम सोचकर लिखिए जो निम्नलिखित के समान हों: (क) जुगनू जैसे चमकीले, (ख) तारों जैसे झिलमिल, (ग) हीरों जैसे दमकते, (घ) फूलों जैसे सुंदर।
Solution: यहाँ कुछ और चीज़ों के नाम दिए गए हैं जो दिए गए उदाहरणों के समान हैं:
  • (क) जुगनू जैसे चमकीले: रात में चमकते तारे, बिजली की चमक।
  • (ख) तारों जैसे झिलमिल: पानी में चमकती रोशनी, छोटे-छोटे रंगीन बल्ब।
  • (ग) हीरों जैसे दमकते: ओस की बूँदें, साफ पानी की बूँदें, चमकीले पत्थर।
  • (घ) फूलों जैसे सुंदर: बच्चों के मुखड़े, सुंदर चित्र, मनमोहक दृश्य।

प्रश्न 10 (क)

दिए गए शब्दों का रूप बदलकर खाली स्थान भरिए। वाक्य है: "ज़रा सा रगड़ते ही हीरे ...... शुरू कर दिया।" (शब्द: दमक)
Solution: यहाँ 'दमक' शब्द का सही रूप 'दमकना' होगा। वाक्य पूरा होता है: "ज़रा सा रगड़ते ही हीरे दमकना शुरू कर दिया।"

प्रश्न 10 (ख)

दिए गए शब्दों का रूप बदलकर खाली स्थान भरिए। वाक्य है: "तुम यह कमीज़ किस दर्जी से ...... चाहते हो?" (शब्द: बन)
Solution: यहाँ 'बन' शब्द का सही रूप 'बनवाना' होगा, क्योंकि कमीज़ दर्जी से बनवाई जाती है। वाक्य पूरा होता है: "तुम यह कमीज़ किस दर्जी से बनवाना चाहते हो?"

प्रश्न 10 (ग)

दिए गए शब्दों का रूप बदलकर खाली स्थान भरिए। वाक्य है: "साँप ने धीरे-धीरे ...... शुरू कर दिया।" (शब्द: सरक)
Solution: यहाँ 'सरक' शब्द का सही रूप 'सरकना' होगा, जो साँप की चाल को दर्शाता है। वाक्य पूरा होता है: "साँप ने धीरे-धीरे सरकना शुरू कर दिया।"

प्रश्न 10 (घ)

दिए गए शब्दों का रूप बदलकर खाली स्थान भरिए। वाक्य है: "लकी को मूर्ख ...... तो बहुत आसान है।" (शब्द: बन)
Solution: यहाँ 'बन' शब्द का सही रूप 'बनाना' होगा, क्योंकि किसी को मूर्ख बनाया जाता है। वाक्य पूरा होता है: "लकी को मूर्ख बनाना तो बहुत आसान है।"

प्रश्न 10 (ङ)

दिए गए शब्दों का रूप बदलकर खाली स्थान भरिए। वाक्य है: "तुमने अब खिलौने ...... बंद कर दिए हैं।" (शब्द: बिखर)
Solution: यहाँ 'बिखर' शब्द का सही रूप 'बिखेरना' होगा, क्योंकि खिलौनों को बिखेरा जाता है। वाक्य पूरा होता है: "तुमने अब खिलौने बिखेरना बंद कर दिए हैं।"

Common mistakes

  • ओस को केवल पानी की बूंदें समझना, न कि कवि द्वारा वर्णित 'रतन' या 'मोती' के रूप में देखना।
  • वाक्यों में उलट-फेर करते समय मूल अर्थ को बनाए रखने में कठिनाई।
  • क्रियाओं के विभिन्न रूपों (जैसे -ना, -वाना, -ना) को सही संदर्भ में प्रयोग करने में त्रुटि।
  • कविता के भावों को सतही तौर पर समझना और गहराई में न जाना।

Revision tips

  • कविता को कई बार पढ़ें और ओस की बूंदों से जुड़े बिंबों (रतन, मोती, हीरे) पर ध्यान दें।
  • अभ्यास 1 के प्रश्नों के उत्तरों को कविता की पंक्तियों से जोड़कर याद करें।
  • उलट-फेर वाले अभ्यास (प्रश्न 2) को स्वयं करने का प्रयास करें और फिर दिए गए उत्तर से मिलान करें।
  • प्रश्न 10 में दिए गए क्रिया रूपों को समझें और अन्य शब्दों के साथ भी ऐसे प्रयोग करने का अभ्यास करें।
  • कविता के मुख्य भाव और कवि की भावनाओं को सारांशित करने का प्रयास करें।

Practice MCQs

Q1. कविता में ओस की बूंदों को क्या कहा गया है?

Q2. ओस की बूंदें कहाँ-कहाँ बिखरी हुई दिखाई देती हैं?

Q3. ओस की बूंदों को देखकर कवि क्या करना चाहता है?

Q4. प्रश्न 2 (क) में 'उज्ज्वल हीरों की कड़ियाँ' किसे कहा गया है?

Q5. 'चमक-चमकना-चमकाना-चमकाना' की तरह 'दमक' शब्द का सही रूप क्या होगा?

Frequently asked questions

कक्षा 8 हिंदी के पाठ 4 'ओस' में ओस की बूंदों को 'रतन' क्यों कहा गया है?

ओस की बूंदें सुबह घास, पत्तों और फूलों पर बिखरी हुई मोतियों या हीरों की तरह चमकती हैं। उनकी यह प्राकृतिक सुंदरता और चमक कवि को अनमोल 'रतन' के समान प्रतीत होती है।

इस पाठ में 'उलट-फेर' अभ्यास का क्या उद्देश्य है?

इस अभ्यास का उद्देश्य छात्रों को वाक्य संरचना की समझ देना है। इसके द्वारा छात्र सीख सकते हैं कि कैसे वाक्यों के शब्दों के क्रम को बदलकर भी अर्थ को बनाए रखा जा सकता है या थोड़ा बदला जा सकता है।

प्रश्न 10 'रूप बदलकर' में छात्रों को क्या सिखाया जा रहा है?

इस अभ्यास में छात्रों को मूल शब्दों (जैसे दमक, सरक, बिखर, बन) के विभिन्न रूपों (जैसे दमकना, बनवाना) का प्रयोग सिखाया जा रहा है, जो क्रिया के विभिन्न कालों या प्रयोगों को दर्शाते हैं।

क्या ये समाधान परीक्षा की तैयारी के लिए उपयोगी हैं?

हाँ, ये समाधान कविता के भावार्थ, मुख्य बिंदुओं और भाषा अभ्यासों को स्पष्ट करते हैं, जो परीक्षा में पूछे जा सकते हैं।

ओस कविता किस प्रकार की कविता है?

ओस कविता प्रकृति चित्रण पर आधारित एक सुंदर कविता है, जो ओस की बूंदों के माध्यम से प्रकृति की सुंदरता और कवि के मन की कोमलता को व्यक्त करती है।

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