CBSE Class 8 Hindi NCERT Solutions: Chapter 1 - Dhwani
CBSE कक्षा 8 हिंदी के पाठ 1, 'ध्वनि', सूर्यकांत त्रिपाठी 'निराला' द्वारा रचित कविता के लिए विस्तृत समाधान प्रस्तुत हैं। ये समाधान कविता के मूल भावों की गहराई में उतरते हैं, कवि के जीवन के प्रति आशावादी दृष्टिकोण और युवाओं को आलस्य से जगाने की उनकी इच्छा का अन्वेषण करते हैं। इसमें प्रकृति को पूर्ण रूप से खिलाने और नई पीढ़ी को प्रेरित करने के कवि के प्रयासों की व्याख्या की गई है। समाधान वसंत ऋतु के महत्व को 'ऋतुराज' के रूप में भी समझाते हैं और इस जीवंत अवधि के दौरान मनाए जाने वाले त्योहारों, जिसमें होली पर एक विस्तृत निबंध भी शामिल है, के बारे में जानकारी प्रदान करते हैं। यह मार्गदर्शिका छात्रों को कविता की बारीकियों को समझने, इसकी कल्पना का विश्लेषण करने और अपनी हिंदी परीक्षाओं के लिए प्रभावी ढंग से तैयारी करने में मदद करने के लिए डिज़ाइन की गई है।
Quick info
| Board | CBSE |
|---|---|
| Class | Class 8 |
| Subject | हिंदी |
| Session | 2026 |
| Language | Hindi |
| Type | NCERT Solutions |
| Chapter | 1. ध्वनि - सूर्यकांत त्रिपाठी ‘निराला’ |
Chapter summary
Chapter 1, 'Dhwani' by Suryakant Tripathi 'Nirala', focuses on themes of hope, renewal, and the poet's determination to inspire change. The NCERT Solutions break down the poem's verses, explaining the poet's belief in his enduring spirit and his mission to awaken the youth. It clarifies the imagery used to depict nature's rejuvenation and the poet's role in it. The chapter also touches upon the cultural context of spring festivals, particularly Holi, offering insights into their significance and traditions.
Learning outcomes
- Understand the optimistic message of the poem 'Dhwani'.
- Analyze the poet's role in inspiring the youth.
- Identify and explain the poetic devices used in the poem.
- Learn about the significance of spring and its associated festivals.
- Comprehend the cultural importance of Holi.
Topics covered
Paper topics
- Poem: Dhwani
- Poet: Suryakant Tripathi 'Nirala'
- Themes of hope and renewal
- Poet's message to youth
- Imagery of nature
- Significance of Spring (Ruturaj)
- Festivals of Spring
- Holi festival
- Poetic devices (e.g., repetition, yamak)
- Language and vocabulary
Important topics
- Poet's optimistic outlook and message for youth
- Symbolism of nature's awakening
- Significance of Spring as 'Ruturaj'
- Cultural context of Holi
- Understanding poetic devices like repetition
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Questions and Solutions
प्रश्न 1
प्रश्न 2
प्रश्न 3
प्रश्न 4
प्रश्न 5
भाषा की बात - प्रश्न 1
कविता में 'हरे-हरे ये पात' वाक्यांश में 'हरे-हरे' शब्द युग्म पत्तों के रंग (विशेषण) के रूप में प्रयुक्त हुआ है, जहाँ 'पात' शब्द बहुवचन में है।
कभी-कभी एक ही शब्द का प्रयोग एक से अधिक अर्थों में भी होता है, जैसे - "तीन बेर खाती थी, वे तीन बेर खाती है।" यहाँ 'बेर' शब्द का प्रयोग दो अलग-अलग अर्थों में हुआ है: पहला 'तीन बार' (समय) और दूसरा 'एक प्रकार का फल'। इस प्रकार के प्रयोग से वाक्य में चमत्कार उत्पन्न होता है और इसे यमक अलंकार कहते हैं।
कभी-कभी उच्चारण की समानता के कारण शब्दों की पुनरावृत्ति का आभास होता है, जबकि वे दो भिन्न शब्द होते हैं, जैसे - 'मन का' और 'मनका'।
ऐसे वाक्यों को एकत्र कीजिए जिनमें एक ही शब्द की पुनरावृत्ति हो। ऐसे प्रयोगों को ध्यान से देखिए और निम्नलिखित पुनरावृत शब्दों का वाक्य में प्रयोग कीजिए:
बातों-बातों में, रह-रहकर, लाल-लाल, सुबह-सुबह, रातों-रात।
Common mistakes
- Confusing the poet's personal feelings with general observations.
- Misinterpreting the symbolism of nature's rejuvenation.
- Failing to connect the poem's themes with the poet's intent.
- Overlooking the cultural context of the festivals discussed.
Revision tips
- Read the poem 'Dhwani' aloud to grasp its rhythm and mood.
- Focus on understanding the poet's message of hope and renewal.
- Analyze the imagery of nature and its connection to human life.
- Review the explanations of spring festivals, especially Holi, for cultural context.
- Practice writing short answers based on the questions provided.
Practice MCQs
Q1. कवि को अपने अंत का विश्वास क्यों नहीं है?
Explanation: कवि को विश्वास है कि उसका अंत अभी नहीं होगा क्योंकि उसके मन में अभी भी नया जोश और उमंग बाकी है, और उसे अभी बहुत कुछ करना है।
Q2. कवि फूलों को कहाँ से कहाँ विकसित करना चाहता है?
Explanation: कवि फूलों को उनकी कलियों की अवस्था से निकालकर पूरी तरह खिला हुआ फूल बनाना चाहता है, जिससे वे अनंत तक विकसित हो सकें।
Q3. वसंत को 'ऋतुराज' क्यों कहा जाता है?
Explanation: वसंत को ऋतुराज इसलिए कहा जाता है क्योंकि इस मौसम में प्रकृति अपने चरम सौंदर्य पर होती है, सर्दी कम हो जाती है और मौसम अत्यंत सुहावना हो जाता है।
Q4. होली का त्योहार किस माह की पूर्णिमा को मनाया जाता है?
Explanation: होली का प्रसिद्ध त्योहार फाल्गुन मास की पूर्णिमा को मनाया जाता है, जो वसंत ऋतु के आगमन का प्रतीक है।
Q5. पौराणिक कथा के अनुसार, होलिका का क्या हुआ था?
Explanation: पौराणिक कथा के अनुसार, भगवान विष्णु के भक्त प्रहलाद को अग्नि में जलाने के प्रयास में उसकी बुआ होलिका स्वयं अग्नि में जलकर भस्म हो गई थी।
Frequently asked questions
यह NCERT समाधान किस कक्षा और विषय के लिए हैं?
यह NCERT समाधान CBSE कक्षा 8 के हिंदी विषय के लिए हैं, विशेष रूप से पाठ 1 'ध्वनि' पर केंद्रित हैं।
'ध्वनि' कविता का मुख्य भाव क्या है?
'ध्वनि' कविता का मुख्य भाव आशावाद, नवजीवन का संचार और युवाओं को आलस्य से जगाकर प्रेरित करना है।
कवि अपने अंत को निकट क्यों नहीं मानता?
कवि अपने अंत को निकट इसलिए नहीं मानता क्योंकि उसके मन में अभी भी नया जोश और उमंग है तथा उसे समाज के लिए बहुत कुछ करना बाकी है।
वसंत ऋतु को 'ऋतुराज' क्यों कहा गया है?
वसंत ऋतु को 'ऋतुराज' इसलिए कहा जाता है क्योंकि इस समय प्रकृति अपने पूरे यौवन पर होती है, मौसम सुहावना हो जाता है और चारों ओर उल्लास का वातावरण होता है।
इस पाठ में किन त्योहारों का उल्लेख है?
इस पाठ में वसंत ऋतु में मनाए जाने वाले त्योहारों जैसे वसंत पंचमी, महाशिवरात्रि और विशेष रूप से होली का उल्लेख है।
यह समाधान छात्रों की परीक्षा की तैयारी में कैसे मदद करेंगे?
ये समाधान छात्रों को कविता के अर्थ, भाव, भाषा और सांस्कृतिक संदर्भ को गहराई से समझने में मदद करते हैं, जिससे वे परीक्षा में पूछे जाने वाले प्रश्नों का सटीक उत्तर दे सकें।
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