कक्षा 8 संस्कृत: सप्तभगिन्यः NCERT समाधान
यह पृष्ठ कक्षा 8 संस्कृत के अध्याय 9, 'सप्तभगिन्यः' के लिए विस्तृत NCERT समाधान प्रदान करता है। इसमें पाठ के सभी अभ्यासों को शामिल किया गया है, जिसमें उच्चारण अभ्यास, एक-पद उत्तर, प्रकृति-प्रत्यय विश्लेषण, तद्भव-तत्सम शब्दों की पहचान, भिन्न प्रकृति वाले पदों का चयन, क्रियाओं से रिक्त स्थान भरना और विशेषण-विशेष्य का सही मिलान करना शामिल है। प्रत्येक प्रश्न का उत्तर स्पष्ट और संक्षिप्त रूप से समझाया गया है, जिससे छात्रों को पाठ की अवधारणाओं को गहराई से समझने में मदद मिलती है। ये समाधान छात्रों को परीक्षा की तैयारी और विषय की अपनी समझ को मजबूत करने में सहायक होंगे।
Quick info
| Board | CBSE |
|---|---|
| Class | Class 8 |
| Subject | संस्कृत |
| Session | 2026 |
| Language | Hindi |
| Type | NCERT Solutions |
| Chapter | Chapter 9 सप्तभगिन्यः |
Chapter summary
अध्याय 9 'सप्तभगिन्यः' के ये NCERT समाधान छात्रों को उत्तर-पूर्व भारत के सात राज्यों के समूह से परिचित कराते हैं। समाधानों में उच्चारण अभ्यास, संक्षिप्त उत्तर, प्रकृति-प्रत्यय, तद्भव-तत्सम शब्दों का मिलान, भिन्न पद छाँटना, क्रियाओं का सही प्रयोग और विशेषण-विशेष्य का मिलान जैसे अभ्यास शामिल हैं। यह छात्रों को संस्कृत शब्दावली और व्याकरणिक संरचनाओं को समझने में मदद करता है।
Learning outcomes
- पाठ 'सप्तभगिन्यः' के प्रश्नों के उत्तर एक पद में देना सीखें।
- दिए गए पदों के प्रकृति और प्रत्यय को पहचानना सीखें।
- तद्भव और तत्सम संस्कृत शब्दों के बीच अंतर करना सीखें।
- वाक्यों में भिन्न प्रकृति वाले पदों को छाँटना सीखें।
- क्रियापदों का सही प्रयोग करके रिक्त स्थानों की पूर्ति करना सीखें।
- विशेष्य और विशेषण पदों का उचित मिलान करना सीखें।
Topics covered
Paper topics
- सप्तभगिन्यः का परिचय
- भारत के राज्य और केंद्रशासित प्रदेश
- संस्कृत में उच्चारण अभ्यास
- एक-पद उत्तर वाले प्रश्न
- प्रकृति और प्रत्यय का विश्लेषण (तुमुन् प्रत्यय)
- तद्भव और तत्सम शब्दों की पहचान
- भिन्न प्रकृति वाले पदों का चयन
- क्रियापदों का प्रयोग
- विशेष्य और विशेषण का मिलान
- उत्तर-पूर्व भारत के राज्यों का सांस्कृतिक महत्व
Important topics
- सप्तभगिन्यः का अर्थ और परिचय
- प्रकृति-प्रत्यय विभाग (तुमुन् प्रत्यय)
- तद्भव-तत्सम शब्द पहचान
- विशेष्य-विशेषण का उचित मिलान
- क्रियापदों का सही प्रयोग
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Questions and Solutions
प्रश्न 1: उच्चारणं कुरुत (उच्चारण कीजिए)
प्रश्न 2: प्रश्नानाम् उत्तराणि एकपदेन लिखत (प्रश्नों के उत्तर एक पद में लिखिए)
- (क) अस्माकं देशे कति राज्यानि सन्ति?
- (ख) प्राचीनेतिहासे का: स्वाधीना: आसन्?
- (ग) केषां समवाय: 'सप्तभगिन्य:' इति कथ्यते?
- (घ) अस्माकं देशे कति केन्द्रशासितप्रदेशा: सन्ति?
- (ङ) सप्तभगिनी-प्रदेशे क: उद्योग: सर्वप्रमुख:?
- (क) हमारे देश में कितने राज्य हैं? उत्तर: अष्टाविंशतिः (28)।
- (ख) प्राचीन इतिहास में कौन स्वतंत्र थे? उत्तर: सप्तभगिन्यः (सात बहनें, अर्थात् वे राज्य)।
- (ग) किसका समूह 'सप्तभगिन्यः' कहा जाता है? उत्तर: सप्तराज्यानाम् (सात राज्यों का)।
- (घ) हमारे देश में कितने केंद्रशासित प्रदेश हैं? उत्तर: सप्त (सात)।
- (ङ) सप्तभगिनी प्रदेश में कौन सा उद्योग सबसे प्रमुख है? उत्तर: वंशोद्योगः (बाँस उद्योग)।
प्रश्न 3: अधोलिखितपदेषु प्रकृति-प्रत्ययविभागं कुरुत (निम्नलिखित पदों के प्रकृति-प्रत्ययों का विभाग कीजिए)
- ज्ञातुम्: ज्ञा + तुमुन् (जानने के लिए)
- ग्रहीतुम्: ग्रह् + तुमुन् (ग्रहण करने के लिए)
- पातुम्: पा + तुमुन् (पीने के लिए)
- श्रोतुम्: श्रु + तुमुन् (सुनने के लिए)
- भ्रमितुम्: भ्रम् + तुमुन् (घूमने के लिए)
प्रश्न 4: पाठात् चित्वा तद्भवपदानां कृते संस्कृतपदानि लिखत (तद्भव पदों के लिए पाठ से चुनकर संस्कृत पद लिखिए)
- तद्भव-पदानि: सात, बहिन, संगठन, बाँस, आज, खेत
- संस्कृत-पदानि: सप्त, भगिनी, सङ्घटनम्, वंशः, अद्य, क्षेत्रम्
प्रश्न 5: भिन्नप्रकृतिकं पदं चिनुत (भिन्न प्रकृति वाले पद चुनिए)
- (क) गच्छति, पठित, धावित, अहसत्, क्रीडित।
- (ख) छात्र:, सेवक:, शिक्षक:, लेखिका, क्रीडक:।
- (ग) पत्रम्, मित्रम्, पुष्पम्, आम्रः, नक्षत्रम्।
- (घ) व्याघ्र:, भल्लूक:, गज:, कपोत:, वृषभ:, सिंह:।
- (ङ) पृथिवी, वसुन्धरा, धरित्री, यानम्, वसुधा।
- (क) भिन्न पद: अहसत्। कारण: 'गच्छति', 'धावित', 'क्रीडित' क्रिया के वर्तमान या भूतकाल के रूप हैं, जबकि 'अहसत्' (हँसा) एक विशिष्ट भूतकाल का रूप है। 'पठित' भी एक क्रिया का रूप है। यहाँ 'अहसत्' को भिन्न माना गया है क्योंकि यह अन्य क्रियाओं से भिन्न काल या प्रकार का हो सकता है, या यह एक विशिष्ट भूतकाल का रूप है। (स्पष्टीकरण के लिए, 'गच्छति' वर्तमान काल, 'पठित' भूतकाल का क्त प्रत्यय, 'धावित' भूतकाल का क्त प्रत्यय, 'अहसत्' लङ् लकार प्रथम पुरुष एकवचन, 'क्रीडित' भूतकाल का क्त प्रत्यय हो सकता है। यदि 'पठित', 'धावित', 'क्रीडित' को क्त प्रत्यय मान लें तो 'गच्छति' (वर्तमान) और 'अहसत्' (लङ्) भिन्न हैं। दिए गए उत्तर 'अहसत्' को मानते हुए, यह संभव है कि अन्य सभी क्रियाएँ वर्तमान काल या किसी अन्य सामान्य भूतकाल रूप में हों।)
- (ख) भिन्न पद: लेखिका। कारण: 'छात्रः', 'सेवकः', 'शिक्षकः', 'क्रीडकः' सभी पुल्लिंग शब्द हैं, जबकि 'लेखिका' स्त्रीलिंग शब्द है।
- (ग) भिन्न पद: आम्रः। कारण: 'पत्रम्', 'मित्रम्', 'पुष्पम्', 'नक्षत्रम्' सभी नपुंसकलिंग शब्द हैं, जबकि 'आम्रः' (आम) एक पुल्लिंग शब्द है।
- (घ) भिन्न पद: कपोतः। कारण: 'व्याघ्रः' (बाघ), 'भल्लूकः' (भालू), 'गजः' (हाथी), 'वृषभः' (बैल), 'सिंहः' (शेर) सभी जंगली या पालतू पशु हैं, जबकि 'कपोतः' (कबूतर) एक पक्षी है।
- (ङ) भिन्न पद: यानम्। कारण: 'पृथिवी', 'वसुन्धरा', 'धरित्री', 'वसुधा' सभी पृथ्वी के पर्यायवाची शब्द हैं, जबकि 'यानम्' (वाहन) एक अलग अर्थ वाला शब्द है।
प्रश्न 6: मञ्जूषातः क्रियापदानि चित्वा रिक्तस्थानानि पूरयत (मञ्जूषा से क्रिया-पद चुनकर रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए)
- (क) अयं प्रयोगः प्रतीकात्मकः .....।
- (ख) सप्त केन्द्रशासितप्रदेशा: """"।
- (ग) अत्र बहव: जनजातीया: """"।
- (घ) अहं किमपि श्रोतुम् .....।
- (ङ) तत्र हस्तिशिल्पिनां बाहुल्यं .....।
- (च) सप्तभगिनीप्रदेशा: रम्याः हृद्याः च .....।
- (छ) गुणगौरवदृष्ट्या इमानि वृहत्तराणि """""।
- (क) अयं प्रयोगः प्रतीकात्मकः वर्तते। (यह प्रयोग प्रतीकात्मक है।)
- (ख) सप्त केन्द्रशासितप्रदेशा: सन्ति। (सात केंद्रशासित प्रदेश हैं।)
- (ग) अत्र बहव: जनजातीया: निवसन्ति। (यहाँ बहुत सी जनजातियाँ निवास करती हैं।)
- (घ) अहं किमपि श्रोतुम् इच्छामि। (मैं कुछ सुनना चाहता/चाहती हूँ।)
- (ङ) तत्र हस्तशिल्पिनां बाहुल्यं अस्ति। (वहाँ हस्तशिल्पियों की बहुतायत है।)
- (च) सप्तभगिनीप्रदेशा: रम्या: हृद्या: च वर्तन्ते। (सप्तभगिनी प्रदेश रमणीय और हृदयस्पर्शी हैं।)
- (छ) गुणगौरवदृष्ट्या इमानि वृहत्तराणि प्रतीयन्ते। (गुणवत्ता और गौरव की दृष्टि से ये बड़े प्रतीत होते हैं।)
प्रश्न 7: विशेष्य-विशेषणानाम् उचितं मेलनम् कुरुत (विशेष्य और विशेषण का सही मिलान कीजिए)
विशेष्य-पदानि | विशेषण-पदानि
अयम् प्रदेश: | महत्त्वाधायिनी
संस्कृति: | प्राचीने
इतिहासे | एक:
समवाय: | संस्कृतिविशिष्टायाम्
भारतभूमौ |
सही मिलान इस प्रकार है:
- अयम् प्रदेश: (यह प्रदेश) - महत्त्वाधायिनी (महत्वपूर्ण)
- संस्कृति: (संस्कृति) - संस्कृतिविशिष्टायाम् (संस्कृति से विशिष्ट)
- इतिहासे (इतिहास में) - प्राचीने (प्राचीन)
- समवाय: (समूह) - एक: (एक)
- भारतभूमौ (भारत भूमि में) - (यहाँ कोई सीधा विशेषण नहीं है, यह स्थान सूचक है)
पाठ के अनुसार सटीक मिलान:
विशेष्य-पदानि | विशेषण-पदानि
अयम् प्रदेश: | महत्त्वाधायिनी
संस्कृति: | प्राचीने
इतिहासे | एक:
समवाय: | संस्कृतिविशिष्टायाम्
भारतभूमौ |
अंतिम सही मिलान:
अयम् प्रदेश: (यह प्रदेश) - महत्त्वाधायिनी (महत्वपूर्ण)
संस्कृति: (संस्कृति) - संस्कृतिविशिष्टायाम् (संस्कृति से विशिष्ट)
इतिहासे (इतिहास में) - प्राचीने (प्राचीन)
समवाय: (समूह) - एक: (एक)
भारतभूमौ (भारत भूमि में) - (यह स्वयं एक विशेष्य है, जिसका विशेषण ऊपर दिए गए शब्दों में नहीं है या यह एक स्थान का वर्णन कर रहा है। दिए गए विकल्पों के अनुसार, 'एक:' समवाय: के लिए उपयुक्त है।)
पाठ के अनुसार सबसे उपयुक्त मिलान:
विशेष्य-पदानि | विशेषण-पदानि
अयम् प्रदेश: | महत्त्वाधायिनी
संस्कृति: | संस्कृतिविशिष्टायाम्
इतिहासे | प्राचीने
समवाय: | एक:
अतिरिक्त-अभ्यास: प्रश्न 1: मञ्जूषायाः सहायतया अधोदत्तं पाठांशम् पूरयत (मञ्जूषा की सहायता से निम्नलिखित पाठांश को पूरा कीजिए)
प्राचुर्यं विद्यते। साम्प्रतं वंशोद्योगोऽयं अवाप्तोऽस्ति।
वंशवृक्षाणम्, वंशवृक्षाः, अन्ताराष्ट्रियख्यातिम्, हस्तशिल्पानाम्, वस्तूनाम्
मालती – महोदये! तत्र तु हस्तशिल्पानाम् अपि प्राप्यन्ते?
अध्यापिका – आम्। प्रदेशेऽस्मिन् वंशवृक्षाः बाहुल्यं वर्तते। आ वस्त्राभूषणेभ्य: गृहनिर्माणपर्यन्तं प्रायः वंशवृक्षनिर्मितानां वस्तूनाम् उपयोगः क्रियते। यतो हि अत्र प्राचुर्यं विद्यते। साम्प्रतं वंशोद्योगोऽयं अन्ताराष्ट्रियख्यातिम् अवाप्तोऽस्ति।
पूर्ण पाठांश:
मालती – महोदये! तत्र तु हस्तशिल्पानाम् अपि प्राप्यन्ते? अध्यापिका – आम्। प्रदेशेऽस्मिन् वंशवृक्षाः बाहुल्यं वर्तते। आ वस्त्राभूषणेभ्य: गृहनिर्माणपर्यन्तं प्रायः वंशवृक्षनिर्मितानां वस्तूनाम् उपयोगः क्रियते। यतो हि अत्र प्राचुर्यं विद्यते। साम्प्रतं वंशोद्योगोऽयं अन्ताराष्ट्रियख्यातिम् अवाप्तोऽस्ति।
अतिरिक्त-अभ्यास: प्रश्न 2: परस्परमेलनम् कुरुत (परस्पर मेल कीजिए)
- (क) पर्यायपदानि (ख) विशेषणविशेष्यानि
समवाय: बाहुल्यम् इमानि भगिनीनाम्
प्रथित: निपुणा: अस्मिन् प्रयोग:
सार्धम् भवतु इमा: राज्यानि
निष्णता: समूह: इयम् काले
प्राचुयम् विख्यात:/प्रसिद्ध: अयम् सप्तभगिन्य:
अस्तु सह एतासाम् भावना
(क) पर्यायपदानि (पर्यायवाची शब्द):
- समवाय: - समूह: (समूह)
- बाहुल्यम् - प्राचुर्यम् (बहुतायत)
- प्रथित: - विख्यात:/प्रसिद्ध: (प्रसिद्ध)
- निपुणा: - निष्णता: (निपुण)
- सार्धम् - सह (साथ)
- अस्तु - भवतु (हो)
(ख) विशेषणविशेष्यानि (विशेषण-विशेष्य):
- इमानि राज्यानि (ये राज्य) - इमानि (ये) विशेषण, राज्यानि (राज्य) विशेष्य
- अस्मिन् प्रयोग: (इस प्रयोग में) - अस्मिन् (इस) विशेषण, प्रयोग: (प्रयोग) विशेष्य
- इयम् काले (इस समय में) - इयम् (यह) विशेषण, काले (समय) विशेष्य (यहाँ 'काले' विशेष्य के रूप में प्रयुक्त है)
- अयम् सप्तभगिन्य: (यह सप्तभगिन्यः) - अयम् (यह) विशेषण, सप्तभगिन्य: (सात बहनें) विशेष्य
- एतासाम् भावना (इनकी भावना) - एतासाम् (इनकी) विशेषण, भावना (भावना) विशेष्य
दिए गए उत्तर के अनुसार मिलान:
(क) समवायः - समूह: (यह सही है)
(ख) इमानि राज्यानि (यह सही है)
अन्य संभावित मिलान (दिए गए शब्दों के आधार पर):
पर्यायवाची:
बाहुल्यम् - प्राचुर्यम्
प्रथित: - विख्यात:/प्रसिद्ध:
निपुणा: - निष्णता:
सार्धम् - सह
अस्तु - भवतु
विशेषण-विशेष्य:
इमानि - राज्यानि
अस्मिन् - प्रयोग:
इयम् - काले
अयम् - सप्तभगिन्य:
एतासाम् - भावना
Common mistakes
- प्रकृति-प्रत्यय विभाग में प्रत्यय को गलत पहचानना।
- तद्भव और तत्सम शब्दों के मिलान में भ्रमित होना।
- भिन्न प्रकृति वाले पद को गलत चुनना, विशेषकर क्रिया रूपों में।
- क्रियापदों के लिंग, वचन या काल के अनुसार गलत रूप का चयन करना।
Revision tips
- प्रत्येक प्रश्न के उत्तर को पाठ के संदर्भ में समझें।
- प्रकृति-प्रत्यय और तद्भव-तत्सम अभ्यासों का विशेष रूप से अभ्यास करें।
- विशेषण-विशेष्य मिलान करते समय दोनों पदों के लिंग, वचन और कारक पर ध्यान दें।
- क्रियापदों के विभिन्न रूपों को याद करें और उनका सही प्रयोग सीखें।
Practice MCQs
Q1. अष्टाविंशतिः (28) क्या हैं?
Explanation: पाठ के अनुसार, हमारे देश में अष्टाविंशतिः (28) राज्य हैं।
Q2. 'सप्तभगिन्यः' यह संज्ञा किनके समूह के लिए प्रयुक्त होती है?
Explanation: पाठ में स्पष्ट रूप से बताया गया है कि सात राज्यों के समूह को 'सप्तभगिन्यः' कहा जाता है।
Q3. निम्नलिखित में से कौन सा पद 'तुमुन्' प्रत्यय का उदाहरण है?
Explanation: 'गन्तुम्' पद 'गम्' धातु और 'तुमुन्' प्रत्यय से मिलकर बना है, जिसका अर्थ है 'जाने के लिए'।
Q4. पाठ के अनुसार, 'बाँस' के लिए संस्कृत शब्द क्या है?
Explanation: पाठ में 'बाँस' के लिए संस्कृत शब्द 'वंशः' का प्रयोग किया गया है।
Q5. निम्नलिखित में से कौन सा पद 'भिन्नप्रकृतिक' (अलग प्रकृति वाला) है?
Explanation: 'गच्छति', 'पठित', 'धावित' क्रिया के रूप हैं, जबकि 'अहसत्' भूतकाल की क्रिया है, जो यहाँ भिन्न है।
Q6. सप्तभगिनी प्रदेश में कौन सा उद्योग प्रमुख है?
Explanation: पाठ के अनुसार, सप्तभगिनी प्रदेश में वंश (बाँस) उद्योग सर्वप्रमुख है।
Frequently asked questions
कक्षा 8 संस्कृत के अध्याय 9 का क्या नाम है?
कक्षा 8 संस्कृत के अध्याय 9 का नाम 'सप्तभगिन्यः' है।
'सप्तभगिन्यः' का क्या अर्थ है?
'सप्तभगिन्यः' का अर्थ है 'सात बहनें'। यह उत्तर-पूर्व भारत के सात राज्यों के समूह को संदर्भित करता है।
इन NCERT समाधानों से छात्रों को क्या लाभ होगा?
ये समाधान छात्रों को अध्याय के सभी अभ्यासों को समझने, व्याकरणिक अवधारणाओं को सीखने और परीक्षा की तैयारी में मदद करेंगे।
क्या इन समाधानों में सभी प्रकार के प्रश्न शामिल हैं?
हाँ, इन समाधानों में उच्चारण अभ्यास, एक-पद उत्तर, प्रकृति-प्रत्यय, तद्भव-तत्सम, भिन्न पद चयन, क्रिया प्रयोग और विशेषण-विशेष्य मिलान जैसे सभी अभ्यास शामिल हैं।
प्रकृति-प्रत्यय विभाग में कौन सा प्रत्यय मुख्य रूप से सिखाया गया है?
इस अध्याय के समाधानों में मुख्य रूप से 'तुमुन्' प्रत्यय का अभ्यास कराया गया है, जो क्रिया के साथ 'के लिए' का अर्थ देता है।
विशेषण-विशेष्य मिलान करते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?
विशेषण-विशेष्य मिलान करते समय, विशेषण का लिंग, वचन और कारक विशेष्य के अनुसार होना चाहिए।
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