कक्षा 8 संस्कृत अध्याय 11 सावित्री बाई फुले NCERT समाधान

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यह पृष्ठ कक्षा 8 संस्कृत के अध्याय 11, 'सावित्री बाई फुले' के लिए विस्तृत NCERT समाधान प्रस्तुत करता है। यह अध्याय भारत की अग्रणी महिला समाज सुधारक और शिक्षाविद् सावित्री बाई फुले के जीवन और कार्यों पर केंद्रित है। समाधानों में उनके जीवन के महत्वपूर्ण पहलुओं, जैसे महाराष्ट्र की पहली महिला शिक्षक बनना, वंचित समुदायों की लड़कियों के लिए स्कूल खोलना, और बाल विवाह, सती प्रथा जैसी सामाजिक कुरीतियों का विरोध करना शामिल है। इसमें उनके काव्य संग्रह और प्लेग जैसी बीमारियों के दौरान उनकी निस्वार्थ सेवा का भी उल्लेख है। ये समाधान छात्रों को सावित्री बाई फुले के योगदान को समझने और संस्कृत भाषा में उनके बारे में लिखने का अभ्यास करने में मदद करते हैं। परीक्षा की तैयारी के लिए यह एक महत्वपूर्ण संसाधन है।

Quick info

BoardCBSE
ClassClass 8
Subjectसंस्कृत
Session2026
LanguageHindi
TypeNCERT Solutions
ChapterChapter 11 सावित्री भाई फुले

Chapter summary

कक्षा 8 संस्कृत के अध्याय 11 'सावित्री बाई फुले' के ये NCERT समाधान, भारत की महान समाज सुधारक और शिक्षाविद् सावित्री बाई फुले के जीवन पर प्रकाश डालते हैं। समाधानों में उनके द्वारा शिक्षा के क्षेत्र में किए गए अभूतपूर्व कार्यों, विशेषकर दलित और वंचित समुदायों की बालिकाओं के लिए विद्यालय की स्थापना, का विस्तृत वर्णन है। साथ ही, यह अध्याय तत्कालीन समाज में व्याप्त कुरीतियों के प्रति उनके विरोध और समानता के लिए उनके संघर्ष को भी दर्शाता है। छात्रों को इस अध्याय के माध्यम से संस्कृत में प्रश्नोत्तर, वाक्य निर्माण, विलोम शब्द, लिंग-वचन-विभक्ति और लकार परिवर्तन का अभ्यास करने का अवसर मिलता है।

Learning outcomes

  • सावित्री बाई फुले के जीवन और शिक्षा के क्षेत्र में उनके योगदान को समझना।
  • संस्कृत में दिए गए प्रश्नों के उत्तर गद्यांश के आधार पर लिखना।
  • दिए गए पदों का प्रयोग करके संस्कृत में वाक्य बनाना।
  • संस्कृत शब्दों के विलोम शब्द पहचानना।
  • संस्कृत पदों का लिंग, विभक्ति और वचन का विश्लेषण करना।
  • वर्तमान काल से भूतकाल में क्रियाओं का परिवर्तन करना सीखना।

Topics covered

Paper topics

  • सावित्री बाई फुले का जीवन परिचय
  • महाराष्ट्र की प्रथम महिला शिक्षिका
  • बालिकाओं की शिक्षा का महत्व
  • सामाजिक कुरीतियों का विरोध
  • जातिवाद और अस्पृश्यता
  • समानता और स्वतंत्रता का समर्थन
  • सावित्री बाई फुले के काव्य संग्रह
  • प्लेग महामारी के दौरान सेवा कार्य
  • संस्कृत गद्यांश पठन एवं बोधन
  • वाक्य निर्माण अभ्यास
  • विलोम शब्द
  • लिंग, विभक्ति, वचन तथा लकार परिवर्तन

Important topics

  • सावित्री बाई फुले का शिक्षा में योगदान
  • सामाजिक सुधारों के प्रति उनका दृष्टिकोण
  • गद्यांश आधारित प्रश्नोत्तर
  • व्याकरण अभ्यास (लकार, लिंग, वचन, विभक्ति)
  • सावित्री बाई फुले के कार्य और उनका महत्व

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Questions and Solutions

प्रश्न 1

1. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर लिखिए —
  • (क) महाराष्ट्र की प्रथम महिला शिक्षिका कौन थीं?
  • (ख) किस समुदाय की बालिकाओं के लिए सावित्री ने एक अलग विद्यालय प्रारंभ किया?
  • (ग) किस प्रकार की कुरीतियों का सावित्री ने विरोध किया?
  • (घ) फटे वस्त्र पहने हुए स्त्रियाँ कुएं से जल लेने से क्यों रोकी गईं?
  • (ङ) सावित्री की मृत्यु कैसे हुई?
  • (च) उनके दो काव्य संग्रहों के नाम क्या हैं?
Solution:

(क) महाराष्ट्र की प्रथम महिला शिक्षिका सावित्री बाई फुले थीं।

(ख) अस्पृश्यता के कारण तिरस्कृत समुदाय की बालिकाओं के लिए सावित्री ने एक अलग विद्यालय प्रारंभ किया।

(ग) सावित्री ने सामाजिक कुरीतियों का विरोध किया।

(घ) निम्न जाति में जन्म लेने के कारण फटे वस्त्र पहने हुए स्त्रियाँ कुएं से जल लेने से रोकी गईं।

(ङ) महारोग प्लेग के प्रसार के समय सेवा कार्य में लगी सावित्री स्वयं इस असाध्य रोग से ग्रसित होकर मृत्यु को प्राप्त हुईं।

(च) उनके दो काव्य संग्रहों के नाम 'काव्यफुले' और 'सुबोधरत्नाकर' हैं।

प्रश्न 2

2. निम्नलिखित पदों के आधार पर वाक्यों की रचना कीजिए: स्वकीयम्, सविनोदम्, सक्रिया, प्रदेशस्य, मुखरम्, सर्वथा।
Solution:

यहाँ दिए गए पदों का प्रयोग करके वाक्य रचना प्रस्तुत है:

  • स्वकीयम् (अपना): सावित्री ने अपना कर्म सदैव किया।
  • सविनोदम् (प्रसन्नता के साथ): सोहन ने प्रसन्नता के साथ दिन व्यतीत किया।
  • सक्रिया (सक्रिय): सावित्री नारी शिक्षा के लिए सक्रिय थीं।
  • प्रदेशस्य (प्रदेश की): सावित्री ने सदैव प्रदेश की सेवा की।
  • मुखरम् (प्रखर/स्पष्ट): सावित्री ने अत्याचार का प्रखर विरोध किया।
  • सर्वथा (पूरी तरह): वह नारी शिक्षा के लिए पूरी तरह समर्पित थीं।

प्रश्न 3

3. निम्नलिखित पदों के विपरीतार्थक पद लिखिए: उपरि, आदानम्, परकीयम्, विषमता, व्यक्तिगतम्, आरोह:
Solution:

दिए गए पदों के विपरीतार्थक पद निम्नलिखित हैं:

  • उपरि — अध:
  • आदानम् — प्रदानम्
  • परकीयम् — स्वकीयम्
  • विषमता — समानता
  • व्यक्तिगतम् — सार्वजनिकम्
  • आरोह: — अवरोह:

प्रश्न 4

4. निम्नलिखित पदों के लिंग, विभक्ति और वचन लिखिए: धूलिम्, नाम्नि, अपर:, कन्यानाम्, सहभागिताम्, नापितै:
Solution:

यहाँ पदों का लिंग, विभक्ति और वचन इस प्रकार है:

पद लिङ्गम् विभक्तिः वचनम्
धूलिम् स्त्रीलिङ्गम् द्वितीया एकवचनम्
नाम्नि नपुंसकलिङ्गम् सप्तमी एकवचनम्
अपर: पुल्लिङ्गम् प्रथमा एकवचनम्
कन्यानाम् स्त्रीलिङ्गम् षष्ठी बहुवचनम्
सहभागिताम् स्त्रीलिङ्गम् द्वितीया एकवचनम्
नापितै: पुल्लिङ्गम् तृतीया बहुवचनम्

प्रश्न 5

5. उदाहरण के अनुसार लकार परिवर्तन कीजिए:

वर्तमानकालः — अतीतकाल:

यथा: सा शिक्षिका अस्ति। सा शिक्षिका आसीत्।

  • (क) सा अध्यापने संलग्ना भवति।
  • (ख) सः त्रयोदशवर्षकल्पः अस्ति।
  • (ग) महिला: तडागात् जलं नयन्ति।
  • (घ) वयं प्रतिदिनं पाठं पठाम:।
  • (ङ) किं यूयं विद्यालयं गच्छथ?
  • (च) ते बालका: विद्यालयात् गृहं गच्छन्ति।
Solution:

दिए गए वाक्यों का वर्तमान काल से अतीत काल में परिवर्तन इस प्रकार है:

  • (क) सा अध्यापने संलग्ना अभवत्।
  • (ख) सः त्रयोदशवर्षकल्पः आसीत्।
  • (ग) महिला: तडागात् जलम् अनयन्।
  • (घ) वयं प्रतिदिनं पाठम् अपठाम।
  • (ङ) किं यूयं विद्यालयम् अगच्छत।
  • (च) ते बालका: विद्यालयात् गृहम् अगच्छन्।

अतिरिक्त-अभ्यासः

प्रश्न 1 (गद्यांश आधारित)

गद्यांश पढ़कर नीचे दिए गए प्रश्नों के उत्तर दीजिए:

एकदा सावित्र्या मार्गे दृष्टं यत् कूपं निकषा शीर्णवस्त्रावृताः तथाकथिताः निम्नजातीयाः काश्चित् नार्यः जलं पातुं याचन्ते स्म। उच्चवर्गीयाः उपहासं कुर्वन्तः कूपात् जलोद्धरणम् अवारयन्। सावित्री एतत् अपमानं सोढुं नाशक्नोत्। सा ताः स्त्रियः निजगृहं नीतवती। तडागं दर्शयित्वा अकथयत् च यत् यथेष्टं जलं नयत। सार्वजनिकोऽयं तडागः। अस्मात् जलग्रहणे नास्ति जातिबन्धनम्। तया मनुष्याणां समानतायाः स्वतन्त्रतायाश्च पक्षः सर्वदा सर्वथा समर्थितः।

I. एकपदेन उत्तरत।

  1. के जलोद्धरणम् अवारयन्?
  2. शीर्णवस्त्रावृता: स्त्रिय: किं पातुम् इच्छन्ति स्म?
  3. सावित्री ता: स्त्रिय: कुत्र नी-त-वती?
  4. सावित्री ता: गृहं नीत्वा किम् अदर्शयत्?

II. पूर्णवाक्येन उत्तरत।

  1. सावित्री शीर्णवस्त्रावृता: महिला: कुत्र अपश्यत्?
  2. सावित्री कीदृशंम् अपमानं सोढुं न अशक्नोत्?
  3. तडागं दर्शयित्वा सा ताः महिलाः किम् अकथयत्?
Solution:

I. एकपदेन उत्तरत:

  1. उच्चवर्गीयाः
  2. जलम्
  3. निजगृहं
  4. तडागम्

II. पूर्णवाक्येन उत्तरत:

  1. सावित्री शीर्णवस्त्रावृता: महिला: कूपं निकषा अपश्यत्।
  2. सावित्री उच्चवर्गीयाणां उपहासं कुर्वन्तः जलोद्धरणम् अवारयन् इति अपमानं सोढुं न अशक्नोत्।
  3. तडागं दर्शयित्वा सा ताः महिलाः अकथयत् यत् यथेष्टं जलं नयत, सार्वजनिकोऽयं तडागः। अस्मात् जलग्रहणे नास्ति जातिबन्धनम्।

Common mistakes

  • गद्यांश को ध्यान से न पढ़ने के कारण प्रश्नों के उत्तर गलत देना।
  • वाक्य निर्माण में क्रिया और कर्ता के वचन और पुरुष का ध्यान न रखना।
  • लकार परिवर्तन करते समय क्रिया के सही रूप का प्रयोग न करना।
  • लिंग, विभक्ति और वचन का निर्धारण करते समय भ्रमित होना।

Revision tips

  • सावित्री बाई फुले के जीवन की मुख्य घटनाओं को याद करें।
  • अभ्यास प्रश्नों को हल करते समय गद्यांश का संदर्भ अवश्य लें।
  • लकार परिवर्तन के नियमों को दोहराएं और अभ्यास करें।
  • संस्कृत व्याकरण के नियमों (लिंग, वचन, विभक्ति) का पुनरावलोकन करें।

Practice MCQs

Q1. महाराष्ट्र की प्रथम महिला शिक्षिका कौन थीं?

Q2. सावित्री बाई फुले ने किस समुदाय की बालिकाओं के लिए एक अलग विद्यालय खोला?

Q3. सावित्री बाई फुले ने किस प्रकार की सामाजिक कुरीतियों का विरोध किया?

Q4. शीर्णवस्त्रावृताः नार्यः कूपात् जलं ग्रहीतुं वारिताः, इसका कारण क्या था?

Q5. सावित्री बाई फुले के काव्य संग्रह के नाम क्या हैं?

Frequently asked questions

यह NCERT समाधान किस कक्षा और विषय के लिए है?

यह NCERT समाधान कक्षा 8 के संस्कृत विषय के लिए है, विशेष रूप से अध्याय 11 'सावित्री बाई फुले' पर केंद्रित है।

इन समाधानों में क्या शामिल है?

इन समाधानों में अध्याय के सभी प्रश्नों के उत्तर, गद्यांश आधारित प्रश्न, वाक्य निर्माण, विलोम शब्द, लिंग-विभक्ति-वचन और लकार परिवर्तन जैसे व्याकरणिक अभ्यास शामिल हैं।

सावित्री बाई फुले कौन थीं?

सावित्री बाई फुले भारत की प्रथम महिला शिक्षिकाओं में से एक, एक प्रमुख समाज सुधारक और शिक्षाविद् थीं, जिन्होंने विशेष रूप से दलित और वंचित समुदायों की बालिकाओं की शिक्षा के लिए महत्वपूर्ण कार्य किया।

क्या ये समाधान परीक्षा की तैयारी में मदद करेंगे?

हाँ, ये समाधान अध्याय की अवधारणाओं को स्पष्ट करने, संस्कृत भाषा के प्रयोग को बेहतर बनाने और व्याकरणिक अभ्यासों के माध्यम से परीक्षा की तैयारी में बहुत सहायक होंगे।

गद्यांश आधारित प्रश्नों को कैसे हल करें?

गद्यांश आधारित प्रश्नों को हल करने के लिए, पहले गद्यांश को ध्यान से पढ़ें, मुख्य बिंदुओं को समझें, और फिर प्रश्न के अनुसार गद्यांश में प्रासंगिक जानकारी खोजें।

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