CBSE Class 7 Hindi Vasant Chapter 18: Veer Kunwar Singh NCERT Solutions
This chapter delves into the life and times of Veer Kunwar Singh, a prominent figure in the 1857 Indian rebellion. The NCERT Solutions for Class 7 Hindi Vasant, Chapter 18, provide detailed answers to questions based on the essay. Students will explore Kunwar Singh's personality traits, his childhood interests, his commitment to communal harmony, and his acts of bravery, generosity, and self-respect. The solutions also touch upon the broader context of the 1857 uprising, encouraging students to research other freedom fighters and understand the significance of folk songs in preserving historical memory. These solutions are designed to help students grasp the historical narrative and develop a deeper appreciation for the sacrifices made during India's struggle for independence, aiding in their exam preparation.
Quick info
| Board | CBSE |
|---|---|
| Class | Class 7 |
| Subject | Hindi Vasant |
| Session | 2026 |
| Language | Hindi |
| Type | NCERT Solutions |
| Chapter | Chapter 18 |
Chapter summary
Chapter 18 of Hindi Vasant for Class 7 focuses on the heroic life of Veer Kunwar Singh. The NCERT Solutions cover questions related to his personality, childhood activities, secular beliefs, and courageous actions. It also prompts students to research other freedom fighters of 1857 and explore the role of folk songs in commemorating historical events. The solutions aim to provide a clear understanding of Kunwar Singh's contributions and the spirit of the 1857 revolt.
Learning outcomes
- Understand the key characteristics of Veer Kunwar Singh's personality.
- Analyze Kunwar Singh's childhood interests and their potential impact on his future.
- Explain Kunwar Singh's belief in communal harmony with examples from the text.
- Identify instances of Kunwar Singh's bravery, generosity, and self-respect.
- Research and write about other freedom fighters of the 1857 revolt.
- Appreciate the role of folk songs in preserving historical narratives.
Topics covered
Paper topics
- Veer Kunwar Singh's personality
- Childhood interests
- Communal harmony
- Bravery and self-respect
- Role of fairs
- 1857 Revolt
- Freedom fighters
- Folk songs and history
- Grammar: Noun pluralization
Important topics
- Veer Kunwar Singh's personality and actions
- Significance of the 1857 Revolt
- Communal harmony
- Bravery and self-respect
- Research on freedom fighters
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Questions and Solutions
प्रश्न 1
- साहस और वीरता: उन्होंने 80 वर्ष की आयु में भी अंग्रेजों के विरुद्ध अदम्य साहस का परिचय दिया और युद्ध में नेतृत्व किया।
- उदारता और दानशीलता: वे अपनी प्रजा के प्रति अत्यंत उदार थे और ज़रूरतमंदों की सहायता के लिए तत्पर रहते थे।
- स्वाभिमान: उन्होंने कभी भी अपने स्वाभिमान से समझौता नहीं किया और अपनी आन-बान की रक्षा के लिए संघर्ष किया।
- सांप्रदायिक सदभाव: वे सभी धर्मों का आदर करते थे और हिंदू-मुस्लिम एकता के प्रतीक थे। उन्होंने अपनी जागीर में तालाब खुदवाए और कुएँ बनवाए, जिससे सभी को लाभ हो।
- नेतृत्व क्षमता: उन्होंने 1857 के विद्रोह में सैनिकों का नेतृत्व किया और उन्हें प्रेरित किया।
प्रश्न 2
हाँ, इन कामों से उन्हें स्वतंत्रता सेनानी बनने में निश्चित रूप से मदद मिली। कुश्ती और तलवारबाज़ी ने उन्हें शारीरिक रूप से बलवान और फुर्तीला बनाया। घुड़सवारी ने उन्हें युद्ध के मैदान में तेज़ी से चलने और रणनीति बनाने में सक्षम बनाया। इन शारीरिक कौशलों ने उन्हें 1857 के विद्रोह के दौरान अंग्रेजों से लड़ने के लिए आवश्यक शारीरिक और मानसिक दृढ़ता प्रदान की। वे इन अभ्यासों के माध्यम से बचपन से ही एक योद्धा के रूप में तैयार हो रहे थे।
प्रश्न 3
- उन्होंने अपनी जागीर में अनेक तालाब खुदवाए और कुएँ बनवाए, जिससे सभी धर्मों और समुदायों के लोगों को पानी की सुविधा मिल सके।
- वे ईद और होली जैसे त्योहारों को मिलजुलकर मनाते थे। उन्होंने अपनी जागीर के एक बड़े हिस्से को 'अमरैया' नामक स्थान पर एक ऐसी कोठी बनवाने में दान कर दिया जहाँ मुहर्रम के ताजिये रखे जाते थे।
- वे सभी धर्मों के लोगों को समान दृष्टि से देखते थे और उनके कल्याण के लिए कार्य करते थे।
प्रश्न 4
साहस:
- 80 वर्ष की आयु में भी उन्होंने अंग्रेजों के विरुद्ध हथियार उठाए और युद्ध का नेतृत्व किया।
- जब उनके हाथ में गोली लगी, तो उन्होंने अपनी पत्नी की कटार से अपना हाथ काट कर गंगा में बहा दिया, ताकि घाव से ज़हर न फैले। यह उनके अदम्य साहस और दृढ़ संकल्प का प्रतीक है।
उदारता:
- उन्होंने अपनी जागीर में तालाब और कुएँ बनवाए ताकि सभी को पानी मिल सके।
- उन्होंने मुहर्रम के ताजिये रखने के लिए अपनी ज़मीन दान कर दी, जो उनकी उदारता को दर्शाता है।
स्वाभिमान:
- उन्होंने कभी भी अंग्रेजों के सामने सिर नहीं झुकाया और अपने स्वाभिमान की रक्षा के लिए संघर्ष किया।
- हाथ कटवाने का उनका निर्णय भी उनके स्वाभिमान और अपने शरीर पर नियंत्रण का प्रमाण था, ताकि वे दुश्मन के हाथ न लगें।
प्रश्न 5
यह मेला एक विशाल सभा का रूप लेता था जहाँ दूर-दूर से लोग आते थे। वीर कुँवर सिंह ने इस अवसर का लाभ उठाकर अपनी स्वतंत्रता की योजनाएँ बनाईं। उन्होंने मेले में आए लोगों, विशेषकर सैनिकों और आम जनता को संगठित किया और उन्हें 1857 के विद्रोह में भाग लेने के लिए प्रेरित किया। इस प्रकार, उन्होंने मेले को अपनी क्रांतिकारी गतिविधियों के प्रसार और लोगों को एकजुट करने के एक मंच के रूप में प्रयोग किया।
प्रश्न 1
- रानी लक्ष्मीबाई: झाँसी की रानी लक्ष्मीबाई ने अंग्रेजों के विरुद्ध वीरतापूर्वक संघर्ष किया। वे अपनी दत्तक पुत्र दामोदर राव को झाँसी का उत्तराधिकारी घोषित करना चाहती थीं, जिसका अंग्रेजों ने विरोध किया। उन्होंने युद्ध में अपनी जान की बाजी लगा दी।
- तात्या टोपे: तात्या टोपे एक कुशल योद्धा थे और उन्होंने 1857 के विद्रोह में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वे गुरिल्ला युद्ध में माहिर थे और उन्होंने कई स्थानों पर अंग्रेजों को सफलतापूर्वक चुनौती दी।
- मंगल पांडे: मंगल पांडे एक ऐसे सैनिक थे जिन्होंने बैरकपुर में ब्रिटिश अधिकारियों पर हमला किया, जिससे 1857 के विद्रोह की चिंगारी भड़की। उनके बलिदान ने अन्य सैनिकों को भी प्रेरित किया।
- बहादुर शाह ज़फ़र: वे भारत के अंतिम मुगल सम्राट थे और 1857 के विद्रोह के दौरान उन्होंने स्वयं को हिंदुस्तान का सम्राट घोषित किया। हालाँकि वे स्वयं युद्ध में सक्रिय नहीं थे, पर उनका नेतृत्व प्रतीकात्मक रूप से महत्वपूर्ण था।
प्रश्न 2
ऐसे कुछ गीतों के उदाहरण (जिन्हें संकलित किया जा सकता है) इस प्रकार हैं:
- उत्तर भारत में वीर रस के लोकगीत, जिनमें 1857 के नायकों जैसे कुँवर सिंह, रानी लक्ष्मीबाई आदि की वीरता का वर्णन होता है।
- अवधी, भोजपुरी, ब्रजभाषा आदि बोलियों में रचित ऐसे गीत जिनमें सैनिकों के बलिदान, उनकी माताओं के विलाप और अंग्रेजों के अत्याचारों का उल्लेख होता है।
- कुछ ऐसे गीत जिनमें स्वतंत्रता की आकांक्षा और अंग्रेजों को देश से निकालने का संकल्प व्यक्त किया जाता है।
प्रश्न 1
मुझे निम्नलिखित गतिविधियों में ख़ूब मज़ा आता है:
- खेलकूद: जैसे क्रिकेट खेलना, दौड़ना और तैराकी करना। ये खेल मुझे फुर्तीला और स्वस्थ रखते हैं।
- कला और शिल्प: चित्र बनाना, मिट्टी के खिलौने बनाना और हस्तकला की अन्य चीजें सीखना मुझे रचनात्मकता का अवसर देते हैं।
- संगीत सुनना और वाद्य यंत्र बजाना: मुझे गिटार बजाना सीखना पसंद है और मैं विभिन्न प्रकार के संगीत सुनना पसंद करता हूँ।
- बागवानी: अपने घर के छोटे से बगीचे में पौधे लगाना और उनकी देखभाल करना मुझे प्रकृति के करीब लाता है और शांति का अनुभव कराता है।
- कहानी लिखना: मुझे अपनी कल्पनाओं को शब्दों में पिरोकर छोटी-छोटी कहानियाँ लिखना पसंद है।
प्रश्न 2
एक 12 वर्षीय बालक के रूप में, मैं सीधे युद्ध में तो भाग नहीं ले पाता, लेकिन मैं निम्नलिखित तरीकों से योगदान दे सकता था:
- संदेशवाहक बनना: मैं गुप्त संदेशों को एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुँचाने का काम कर सकता था, क्योंकि बच्चे अक्सर संदेह के घेरे में नहीं आते थे।
- सहायता कार्य: मैं घायलों की देखभाल में मदद कर सकता था, या सैनिकों के लिए भोजन और पानी की व्यवस्था करने में सहायता कर सकता था।
- जासूसी: मैं अंग्रेजों की गतिविधियों पर नज़र रखकर महत्वपूर्ण जानकारी क्रांतिकारियों तक पहुँचा सकता था।
- प्रेरणा देना: मैं अपने साथियों और आसपास के लोगों को स्वतंत्रता के महत्व के बारे में बताकर उन्हें प्रेरित करने का प्रयास करता।
- शिक्षा प्राप्त करना: मैं अपने बड़ों से उस समय की घटनाओं और स्वतंत्रता सेनानियों की कहानियाँ सुनकर ज्ञान प्राप्त करता और भविष्य के लिए तैयार रहता।
प्रश्न 3
- विशाल जनसमूह: सोनपुर का मेला एक बहुत बड़ा वार्षिक मेला था जहाँ दूर-दूर से व्यापारी, सैनिक, आम जनता और विभिन्न राज्यों के लोग इकट्ठा होते थे। यह बड़ी संख्या में लोगों तक पहुँचने और उन्हें संगठित करने का एक आदर्श अवसर था।
- गुप्त बैठकें: मेले के शोर-शराबे और भीड़भाड़ का फायदा उठाकर, लोग आसानी से गुप्त बैठकें कर सकते थे और अपनी योजनाएँ बना सकते थे, जिन पर किसी का ध्यान नहीं जाता।
- संचार का माध्यम: यह मेला विभिन्न क्षेत्रों के लोगों के मिलने का एक प्रमुख केंद्र था। यहाँ से स्वतंत्रता संग्राम से संबंधित सूचनाओं और संदेशों को फैलाना आसान था।
- संसाधन जुटाना: मेले में विभिन्न प्रकार के सामान और लोग उपलब्ध होते थे, जिनसे शायद हथियार, घोड़े या अन्य आवश्यक संसाधन जुटाने में मदद मिल सकती थी।
- सुरक्षा: भीड़ में होने के कारण, योजना बनाने वाले लोगों को अंग्रेजों द्वारा पकड़े जाने का खतरा कम रहता था।
प्रश्न 1
मान लीजिए मूल शब्द थे:
- सेनानी (एकवचन) → सेनानियों (बहुवचन)
- दृष्टि (एकवचन) → दृष्टियों (बहुवचन)
यदि पाठ में कुछ अन्य शब्द दिए गए थे जिनका वचन बदलना था, तो उन्हें भी इसी नियम का पालन करते हुए बदला जाएगा। उदाहरण के लिए:
- लड़की → लड़कियों
- नदी → नदियों
- कहानी → कहानियों
यह नियम उन संज्ञा शब्दों पर लागू होता है जिनका अंत 'ई' (ी) से होता है।
Common mistakes
- Confusing historical facts about Veer Kunwar Singh.
- Incomplete research on other freedom fighters.
- Not connecting childhood activities to later life events.
- Misinterpreting the significance of the 1857 revolt.
Revision tips
- Read the chapter thoroughly to understand Veer Kunwar Singh's life story.
- Focus on the specific examples provided in the solutions to illustrate his qualities.
- Use the 'NIBANDH SE AAGE' section to expand your knowledge on the 1857 revolt.
- Practice writing short biographies of other freedom fighters.
- Discuss the importance of communal harmony as highlighted in the solutions.
Practice MCQs
Q1. वीर कुँवर सिंह के व्यक्तित्व की कौन सी विशेषता पाठकों को सबसे अधिक प्रभावित करती है?
Explanation: पाठ के अनुसार, वीर कुँवर सिंह सांप्रदायिक सदभाव में गहरी आस्था रखते थे, जो उनकी एक महत्वपूर्ण विशेषता थी।
Q2. कुँवर सिंह को बचपन में किन गतिविधियों में मज़ा आता था?
Explanation: पाठ में बताया गया है कि वीर कुँवर सिंह को पढ़ने के साथ-साथ कुश्ती और घुड़सवारी में भी बहुत मज़ा आता था।
Q3. पाठ के अनुसार, वीर कुँवर सिंह ने मेले का उपयोग किस रूप में किया?
Explanation: वीर कुँवर सिंह ने सोनपुर के मेले का उपयोग स्वाधीनता की योजना बनाने और लोगों को संगठित करने के लिए किया।
Q4. सन 1857 के आंदोलन में भाग लेने वाले सेनानियों के बारे में जानकारी कहाँ से प्राप्त की जा सकती है?
Explanation: सन 1857 के क्रांतिकारियों से संबंधित गीत विभिन्न भाषाओं में गाए जाते हैं, जो उनके बारे में जानकारी का स्रोत हो सकते हैं।
Q5. कुँवर सिंह की किस विशेषता से पता चलता है कि वे उदार थे?
Explanation: पाठ में ऐसे प्रसंगों का उल्लेख है जिनसे पता चलता है कि कुँवर सिंह उदार थे और दानशीलता का भाव रखते थे।
Frequently asked questions
यह समाधान किस कक्षा और विषय के लिए हैं?
यह समाधान कक्षा 7 के हिंदी वसंत विषय के अध्याय 18 के लिए हैं।
यह अध्याय किस बारे में है?
यह अध्याय वीर कुँवर सिंह के जीवन, उनकी वीरता, उदारता और 1857 के स्वतंत्रता संग्राम में उनकी भूमिका पर केंद्रित है।
समाधानों में वीर कुँवर सिंह के किन गुणों पर प्रकाश डाला गया है?
समाधानों में वीर कुँवर सिंह के व्यक्तित्व की विशेषताओं, जैसे साहस, उदारता, स्वाभिमान और सांप्रदायिक सदभाव में उनकी गहरी आस्था पर प्रकाश डाला गया है।
क्या इन समाधानों से 1857 के विद्रोह के बारे में जानकारी मिलती है?
हाँ, ये समाधान 1857 के विद्रोह के संदर्भ में वीर कुँवर सिंह के योगदान को बताते हैं और अन्य सेनानियों पर शोध करने के लिए भी प्रेरित करते हैं।
भाषा की बात खंड में क्या सिखाया गया है?
भाषा की बात खंड में बहुवचन बनाते समय संज्ञा शब्दों की वर्तनी में होने वाले बदलावों को समझाया गया है, विशेषकर 'ई' की मात्रा के 'इ' में बदलने के नियम को।
ये समाधान परीक्षा की तैयारी में कैसे मदद करेंगे?
ये समाधान पाठ की गहरी समझ प्रदान करते हैं, महत्वपूर्ण बिंदुओं को स्पष्ट करते हैं और अभ्यास के लिए प्रश्नोत्तर उपलब्ध कराते हैं, जिससे परीक्षा की तैयारी बेहतर होती है।
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