CBSE Class 7 Hindi Vasant: Chapter 13 'Ek Tinka' NCERT Solutions
CBSE Class 7 Hindi Vasant Chapter 13, 'Ek Tinka' (A Blade of Grass), offers a powerful lesson in humility. The poem recounts the poet's personal experience of arrogance being shattered by a simple blade of grass. When a tiny piece of grass flew into his eye, the poet, despite his pride, found himself in immense pain and distress. His attempts to remove it were unsuccessful, and even the efforts of others failed to bring relief. This incident highlights how even the smallest, seemingly insignificant things can humble the proudest individual. The chapter emphasizes the importance of staying humble and not letting arrogance take hold, as unexpected challenges can arise from the most unlikely sources. These solutions aim to help students explore the poem's verses, understand its central message, and appreciate the valuable life lesson it imparts, making it easier to grasp the poem's significance for their studies.
Quick info
| Board | CBSE |
|---|---|
| Class | Class 7 |
| Subject | Hindi Vasant |
| Session | 2026 |
| Language | Hindi |
| Type | NCERT Solutions |
| Chapter | Chapter 13 |
Chapter summary
Chapter 13, 'Ek Tinka', of the CBSE Class 7 Hindi Vasant textbook focuses on the theme of humility. The NCERT Solutions provided here break down the poem, explaining the poet's arrogant state, the incident of a blade of grass in his eye, and the subsequent realization. The solutions cover the transformation from pride to humility, highlighting the importance of not looking down on anyone or anything, as even the smallest element can cause great distress. This chapter's exercises help students analyze poetic language and understand the moral lesson against arrogance.
Learning outcomes
- Understand the meaning of the poem 'Ek Tinka'.
- Analyze the poet's feelings and transformation from arrogance to humility.
- Identify the moral lesson about pride and humility conveyed in the poem.
- Rewrite poetic lines into simple prose sentences.
- Compare the message of 'Ek Tinka' with other similar teachings.
Topics covered
Paper topics
- Poem Analysis
- Humility vs. Arrogance
- Symbolism of 'Tinka'
- Poetic Language
- Moral Lessons
- Prose Conversion
- Comparison with Kabir's Teachings
Important topics
- The central message of humility
- The incident of the 'tinka' in the eye
- The poet's change of heart
- Comparison with Kabir's couplet
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Questions and Solutions
प्रश्न 1
(1) एक दिन जब मुंडेरे पर खड़ा - .......
- लाल होकर आँख भी दुखने लगी - .....
- ऐंठ बेचारी दबे पाँवों भगी - .....
- जब किसी ढब से निकल तिनका गया .....
कविता की पंक्तियों को सामान्य वाक्यों में इस प्रकार बदला जा सकता है:
- एक दिन जब मैं मुंडेरे पर खड़ा था...
- मेरी आँख लाल हो गई और दुखने लगी...
- मेरी सारी अकड़ या घमंड तुरंत भाग गया...
- जब किसी भी तरह से वह तिनका निकल गया...
यह अभ्यास छात्रों को काव्यात्मक भाषा को सरल गद्य में बदलने की क्षमता विकसित करने में मदद करता है।
प्रश्न 2
कविता में उस घटना की चर्चा की गई है जब कवि के घमंड में चूर होने पर एक छोटा सा तिनका उसकी आँख में चला गया था। इस छोटी सी घटना ने कवि की सारी अकड़ निकाल दी और उसे यह एहसास दिलाया कि घमंड करना व्यर्थ है। यह घटना हमें सिखाती है कि हमें कभी भी किसी पर घमंड नहीं करना चाहिए, क्योंकि छोटी सी छोटी वस्तु भी हमें कष्ट पहुँचा सकती है और हमारी स्थिति खराब कर सकती है।
प्रश्न 3
जब घमंडी कवि की आँख में तिनका पड़ा, तो उसकी आँखें लाल हो गईं और बुरी तरह दुखने लगीं। उसकी सारी अकड़ और घमंड हवा हो गया। वह बेचैन हो उठा और उसकी सारी शान-ओ-शौकत बेकार हो गई। यह स्थिति दर्शाती है कि कैसे एक छोटी सी चीज भी बड़े से बड़े अभिमानी व्यक्ति को बेबस कर सकती है।
प्रश्न 4
जब कवि की आँख में तिनका चला गया और वह बेचैन हो उठा, तो उसके आसपास मौजूद लोगों ने उसकी मदद करने की कोशिश की। उन्होंने कपड़े की मूँठ बनाकर (कपड़े को ऐंठकर या गोल बनाकर) तिनका निकालने का प्रयास किया। हालाँकि, उनके प्रयास सफल नहीं हुए और तिनका नहीं निकला, जिससे कवि की परेशानी और बढ़ गई।
प्रश्न 5
ऐंठता तू किसलिए इतना रहा,
एक तिनका है बहुत तेरे लिए।
इसी प्रकार की चेतावनी कबीर ने भी दी है- तिनका कबहूँ न निंदिए, पाँव तले जो होय। कबहूँ उड़ि आँखिन परै, पीर घनेरी होय।।
इन दोनों में क्या समानता है और क्या अंतर? लिखिए।
समानता:
कवि की 'समझ' द्वारा दी गई चेतावनी और कबीर के दोहे, दोनों का मुख्य संदेश एक ही है: हमें किसी भी छोटी या तुच्छ वस्तु को कम नहीं समझना चाहिए। दोनों ही हमें विनम्र रहने और घमंड न करने की सीख देते हैं। दोनों ही बताते हैं कि एक छोटा सा तिनका भी आँख में पड़कर अत्यधिक पीड़ा दे सकता है।
अंतर:
कवि की 'समझ' द्वारा दी गई चेतावनी एक व्यक्तिगत अनुभव पर आधारित है, जहाँ कवि स्वयं घमंड में था और एक तिनके ने उसका घमंड तोड़ा। यह चेतावनी कवि को स्वयं अपने अनुभव के माध्यम से मिलती है।
दूसरी ओर, कबीर का दोहा एक सामान्य उपदेश है जो सभी के लिए है। कबीर सीधे तौर पर पाठक को संबोधित करते हुए कहते हैं कि तिनके को कभी नीचा नहीं दिखाना चाहिए, क्योंकि वह उड़कर आँख में पड़ सकता है और बहुत दर्द दे सकता है। कवि का अनुभव विशिष्ट है, जबकि कबीर का उपदेश सार्वभौमिक है।
अनुमान और कल्पना प्रश्न 1
यदि कविता में 'मैं' के स्थान पर 'वह' या किसी नाम (जैसे 'रवि') का प्रयोग किया जाए, तो कविता का अनुभव व्यक्तिगत न रहकर वर्णन जैसा हो जाएगा। वाक्य इस प्रकार बदलेंगे:
मूल पंक्तियाँ:
मैं घमंडों में भरा हुआ ऐंठा हुआ था।
एक दिन जब मैं मुंडेरे पर खड़ा था।
मैं देख रहा था कि कोई ऐसा सलीका नहीं, जिससे मेरा मन ठहा, ठहा करके रोता था।
'वह' का प्रयोग:
वह घमंडों में भरा हुआ ऐंठा हुआ था।
एक दिन जब वह मुंडेरे पर खड़ा था।
वह देख रहा था कि कोई ऐसा सलीका नहीं, जिससे उसका मन ठहा, ठहा करके रोता था।
'रवि' (नाम) का प्रयोग:
रवि घमंडों में भरा हुआ ऐंठा हुआ था।
एक दिन जब रवि मुंडेरे पर खड़ा था।
रवि देख रहा था कि कोई ऐसा सलीका नहीं, जिससे उसका मन ठहा, ठहा करके रोता था।
इस बदलाव से कविता का सीधा व्यक्तिगत अनुभव समाप्त हो जाता है और यह एक कहानी या वर्णन की तरह सुनाई देती है। 'मैं' का प्रयोग पाठक को सीधे कवि के अनुभव से जोड़ता है, जबकि 'वह' या नाम का प्रयोग पाठक को एक दर्शक बना देता है।
प्रश्न 2
इन पंक्तियों का अर्थ है कि जब कवि की आँख में तिनका पड़ा और उसकी सारी अकड़ (ऐंठ) भाग गई, तब उसकी अपनी समझ या विवेक ने उसे ताना मारा। यह ताना उसे उसकी मूर्खता और घमंड पर था। 'समझ' का यहाँ मानवीकरण किया गया है, जो कवि को उसकी गलती का एहसास करा रही है। यह दर्शाता है कि जब व्यक्ति घमंड में होता है, तो उसकी अपनी समझ भी उसे सही रास्ता नहीं दिखा पाती, लेकिन जब वह विनम्र हो जाता है, तब उसकी समझ ही उसे आईना दिखाती है।
Common mistakes
- Misinterpreting the poet's initial arrogance.
- Underestimating the significance of the 'tinka' (blade of grass).
- Failing to grasp the comparison with Kabir's couplet.
- Difficulty in converting poetic lines to prose.
Revision tips
- Read the poem aloud to feel the rhythm and emotion.
- Focus on the poet's change in attitude after the incident.
- Understand the symbolism of the 'tinka' as a representation of humility.
- Practice converting the poetic lines into your own words.
- Discuss the similarities and differences with Kabir's advice.
Practice MCQs
Q1. कविता 'एक तिनका' में कवि किस भावना से भरा हुआ था?
Explanation: कविता की शुरुआत में कवि कहता है कि वह घमंड से भरा हुआ ऐंठा हुआ था।
Q2. कवि की आँख में क्या चला गया था?
Explanation: कवि की आँख में एक छोटा सा तिनका चला गया था, जिससे उसे बहुत कष्ट हुआ।
Q3. आँख में तिनका जाने पर कवि की क्या दशा हुई?
Explanation: तिनका जाने के कारण कवि की आँखें लाल हो गईं और बुरी तरह दुखने लगीं।
Q4. कवि के घमंड को तोड़ने में किसने मदद की?
Explanation: एक छोटा सा तिनका, जो बहुत मामूली लगता है, कवि के बड़े घमंड को तोड़ने का कारण बना।
Q5. कबीर के दोहे के अनुसार, हमें किसे नहीं निंदना चाहिए?
Explanation: कबीर कहते हैं कि जो तिनका पैरों के नीचे होता है, उसे भी कभी छोटा समझकर निंदना नहीं चाहिए।
Frequently asked questions
यह समाधान किस कक्षा और विषय के लिए हैं?
यह समाधान CBSE कक्षा 7 की हिंदी वसंत पुस्तक के अध्याय 13 'एक तिनका' के लिए हैं।
कविता 'एक तिनका' का मुख्य संदेश क्या है?
कविता का मुख्य संदेश यह है कि हमें कभी घमंड नहीं करना चाहिए, क्योंकि छोटी सी छोटी चीज़ भी हमें परेशान कर सकती है और विनम्रता का पाठ पढ़ा सकती है।
कवि की आँख में तिनका जाने पर क्या हुआ?
तिनका जाने पर कवि की आँखें लाल हो गईं, दुखने लगीं और उसे बहुत बेचैनी हुई।
कवि के घमंड को किसने तोड़ा?
कवि के घमंड को एक छोटे से तिनके ने तोड़ा, जो उसकी आँख में चला गया था।
कबीर के दोहे और 'एक तिनका' कविता में क्या समानता है?
दोनों में यह समानता है कि हमें किसी भी छोटी चीज़ को तुच्छ नहीं समझना चाहिए, क्योंकि वह भी कष्ट का कारण बन सकती है।
इन समाधानों का उपयोग परीक्षा की तैयारी के लिए कैसे करें?
आप इन समाधानों का उपयोग कविता के अर्थ को समझने, मुख्य संदेश को याद रखने और प्रश्नों के उत्तर देने का अभ्यास करने के लिए कर सकते हैं।
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