कक्षा 6 विज्ञान अध्याय 16: कचरा - संग्रहण एवं निपटान NCERT समाधान
यह पृष्ठ कक्षा 6 के विज्ञान विषय के अध्याय 16, 'कचरा - संग्रहण एवं निपटान' के लिए विस्तृत NCERT समाधान प्रस्तुत करता है। इसमें कचरे के प्रबंधन, भराव क्षेत्रों के महत्व, कम्पोस्टिंग और वर्मीकम्पोस्टिंग की प्रक्रियाओं को समझाया गया है। छात्र सीखेंगे कि कैसे उपयोगी और अनुपयोगी कचरे को अलग किया जाता है, और कैसे लाल केंचुओं का उपयोग करके जैविक कचरे से खाद बनाई जाती है। समाधान पुनर्चक्रण के महत्व और प्लास्टिक तथा कागज जैसे पदार्थों के प्रबंधन पर भी प्रकाश डालते हैं। यह सामग्री छात्रों को कचरा प्रबंधन की विभिन्न विधियों को समझने और परीक्षा की तैयारी में मदद करने के लिए डिज़ाइन की गई है।
Quick info
| Board | CBSE |
|---|---|
| Class | Class 6 |
| Subject | विज्ञान |
| Session | 2026 |
| Language | Hindi |
| Type | NCERT Solutions |
| Chapter | 16. कचरा - संग्रहण एवं निपटान |
Chapter summary
कक्षा 6 विज्ञान के अध्याय 16 'कचरा - संग्रहण एवं निपटान' के ये NCERT समाधान कचरा प्रबंधन की बुनियादी अवधारणाओं को स्पष्ट करते हैं। इनमें भराव क्षेत्रों, कम्पोस्टिंग, वर्मीकम्पोस्टिंग और पुनर्चक्रण जैसी महत्वपूर्ण प्रक्रियाओं पर ध्यान केंद्रित किया गया है। समाधान छात्रों को यह समझने में मदद करते हैं कि कचरे को कैसे अलग किया जाए, उपयोगी खाद कैसे बनाई जाए, और पर्यावरण पर कचरे के प्रभाव को कैसे कम किया जाए। यह अध्याय छात्रों को जिम्मेदार नागरिक बनने और कचरा प्रबंधन में अपनी भूमिका समझने के लिए आवश्यक ज्ञान प्रदान करता है।
Learning outcomes
- कचरा संग्रहण और निपटान के विभिन्न तरीकों को समझना।
- भराव क्षेत्र (landfill) की अवधारणा को स्पष्ट करना।
- कम्पोस्टिंग और वर्मीकम्पोस्टिंग की प्रक्रिया को समझना।
- लाल केंचुओं की भूमिका और उनके द्वारा कम्पोस्ट बनाने की विधि को जानना।
- पुनर्चक्रण (recycling) के महत्व और प्रक्रिया को समझना।
- प्लास्टिक और कागज जैसे पदार्थों के पुनर्चक्रण की संभावनाओं का पता लगाना।
- कचरा प्रबंधन में व्यक्तिगत जिम्मेदारी को पहचानना।
Topics covered
Paper topics
- कचरा
- कचरा संग्रहण
- कचरा निपटान
- भराव क्षेत्र (Landfill)
- कम्पोस्टिंग (Composting)
- वर्मीकम्पोस्टिंग (Vermicomposting)
- लाल केंचुए
- पुनर्चक्रण (Recycling)
- पुन: उपयोग (Reuse)
- जैविक निम्नीकरणीय कचरा
- अजैव निम्नीकरणीय कचरा
- पर्यावरण संरक्षण
Important topics
- कम्पोस्टिंग और वर्मीकम्पोस्टिंग की प्रक्रियाएँ
- भराव क्षेत्र का महत्व और उपयोग
- पुनर्चक्रण योग्य सामग्री की पहचान
- कचरा प्रबंधन में व्यक्तिगत जिम्मेदारी
- जैविक और अजैव निम्नीकरणीय कचरे में अंतर
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Questions and Solutions
प्रश्न 1 (क)
प्रश्न 1 (ख)
प्रश्न 2 (क)
प्रश्न 2 (ख)
प्रश्न 3 (क)
प्रश्न 3 (ख)
प्रश्न 4 (क)
प्रश्न 4 (ख)
प्रश्न 5 (क)
प्रश्न 5 (ख)
प्रश्न 5 (ग)
प्रश्न 6
प्रश्न 1
प्रश्न 2
प्रश्न 3
प्रश्न 4
प्रश्न 5
Common mistakes
- सभी प्रकार के कचरे को कम्पोस्ट में परिवर्तित करने का प्रयास करना, जबकि अजैव निम्नीकरणीय पदार्थ कम्पोस्ट नहीं बनते।
- सूखी पत्तियों और अन्य अपशिष्टों को जलाने के हानिकारक प्रभावों को अनदेखा करना।
- कचरा प्रबंधन को केवल सरकारी जिम्मेदारी मानना और अपनी भूमिका को कम आंकना।
- पुनर्चक्रण योग्य और गैर-पुनर्चक्रण योग्य प्लास्टिक के बीच अंतर को न समझना।
- पैकेजिंग सामग्री के अत्यधिक उपयोग के पर्यावरणीय प्रभाव को कम आंकना।
Revision tips
- कम्पोस्टिंग और वर्मीकम्पोस्टिंग की प्रक्रियाओं के बीच मुख्य अंतरों को सूचीबद्ध करें।
- पुनर्चक्रण (recycling) और पुन: उपयोग (reuse) के बीच के अंतर को स्पष्ट करें।
- कचरे को अलग-अलग कूड़ेदानों (नीला और हरा) में डालने के महत्व को समझें।
- लाल केंचुओं की विशेष आवश्यकताओं (तापमान, नमी) को याद रखें।
- पर्यावरण को स्वच्छ रखने के लिए आप क्या कर सकते हैं, इसके बारे में एक छोटी सूची बनाएं।
Practice MCQs
Q1. लाल केंचुए किस प्रकार के कचरे को कम्पोस्ट में परिवर्तित नहीं कर सकते?
Explanation: लाल केंचुए केवल जैविक (निम्नीकरणीय) कचरे को ही कम्पोस्ट में बदल सकते हैं। प्लास्टिक, धातु या कांच जैसे अजैव निम्नीकरणीय पदार्थ उनके लिए अनुपयोगी होते हैं।
Q2. नीले कूड़ेदान का उपयोग किस प्रकार के कचरे के लिए किया जाता है?
Explanation: नीले कूड़ेदान का उपयोग उन पदार्थों के लिए होता है जिन्हें पुनः उपयोग या पुनर्चक्रण किया जा सकता है, जैसे प्लास्टिक, धातुएँ और काँच।
Q3. वर्मीकम्पोस्टिंग में किस जीव की सहायता ली जाती है?
Explanation: वर्मीकम्पोस्टिंग या कृमिकम्पोस्टिंग एक ऐसी विधि है जिसमें लाल केंचुओं की सहायता से जैविक कचरे से खाद बनाई जाती है।
Q4. सूखी पत्तियाँ जलाने से मुख्य रूप से क्या उत्पन्न होता है?
Explanation: सूखी पत्तियों और अन्य कृषि अपशिष्टों को जलाने से स्वास्थ्य के लिए हानिकारक गैसें और धुआँ उत्पन्न होता है, जो वायु प्रदूषण का कारण बनता है।
Q5. कम्पोस्टिंग की प्रक्रिया में क्या होता है?
Explanation: कम्पोस्टिंग वह प्रक्रिया है जिसमें रसोई के कचरे सहित पौधों और जंतुओं के अपशिष्टों को विघटित करके उपयोगी खाद में बदला जाता है।
Frequently asked questions
कक्षा 6 विज्ञान के अध्याय 16 में किन मुख्य विषयों को शामिल किया गया है?
इस अध्याय में कचरा क्या है, इसे कैसे एकत्र और निपटान किया जाता है, भराव क्षेत्र, कम्पोस्टिंग, वर्मीकम्पोस्टिंग, पुनर्चक्रण और पर्यावरण संरक्षण में हमारी भूमिका जैसे विषयों को शामिल किया गया है।
भराव क्षेत्र (Landfill) क्या होता है?
भराव क्षेत्र वह स्थान है जहाँ शहर या नगर का कचरा एकत्र करके पाटा जाता है। बाद में इस क्षेत्र का उपयोग पार्क बनाने जैसे कार्यों के लिए किया जा सकता है।
कम्पोस्टिंग और वर्मीकम्पोस्टिंग में क्या अंतर है?
कम्पोस्टिंग सामान्य जैविक कचरे को खाद में बदलने की प्रक्रिया है, जबकि वर्मीकम्पोस्टिंग विशेष रूप से लाल केंचुओं की सहायता से जैविक कचरे से खाद बनाने की विधि है।
हमें प्लास्टिक की थैलियों की जगह कागज की थैलियों का उपयोग क्यों करना चाहिए?
प्लास्टिक की थैलियाँ आसानी से विघटित नहीं होतीं और पर्यावरण को प्रदूषित करती हैं। कागज की थैलियाँ अधिक आसानी से विघटित हो जाती हैं और पुनर्चक्रण योग्य भी होती हैं।
क्या सभी प्रकार के प्लास्टिक का पुनर्चक्रण किया जा सकता है?
नहीं, कुछ प्रकार के प्लास्टिक का ही पुनर्चक्रण किया जा सकता है। सभी प्रकार के प्लास्टिक पुनर्चक्रण योग्य नहीं होते हैं।
कचरा प्रबंधन में छात्रों की क्या भूमिका हो सकती है?
छात्र कचरे को अलग करके, पुनर्चक्रण योग्य वस्तुओं को सही जगह डालकर, प्लास्टिक का उपयोग कम करके और कम्पोस्टिंग जैसी विधियों को अपनाकर कचरा प्रबंधन में योगदान दे सकते हैं।
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