कक्षा 6 विज्ञान अध्याय 5: पदार्थों का पृथक्करण NCERT समाधान
यह पृष्ठ कक्षा 6 के विज्ञान अध्याय 5, 'पदार्थों का पृथक्करण' के लिए विस्तृत NCERT समाधान प्रदान करता है। यह अध्याय विभिन्न प्रकार के मिश्रणों से अवयवों को अलग करने की आवश्यक विधियों पर केंद्रित है। समाधानों में हस्त-चयन, निष्पावन, चालन, अवसादन, निस्तारण और निस्यंदन जैसी प्रक्रियाओं को शामिल किया गया है। प्रत्येक प्रश्न को स्पष्ट रूप से समझाया गया है, जिससे छात्रों को यह समझने में मदद मिलती है कि विभिन्न प्रकार के मिश्रणों से अशुद्धियों या वांछित पदार्थों को क्यों और कैसे अलग किया जाता है। ये समाधान छात्रों को पृथक्करण की तकनीकों की व्यावहारिक समझ विकसित करने और परीक्षा की तैयारी में सहायता करने के लिए डिज़ाइन किए गए हैं।
Quick info
| Board | CBSE |
|---|---|
| Class | Class 6 |
| Subject | विज्ञान |
| Session | 2026 |
| Language | Hindi |
| Type | NCERT Solutions |
| Chapter | 5. पदार्थो का पृथक्करण |
Chapter summary
कक्षा 6 के विज्ञान के अध्याय 5, 'पदार्थों का पृथक्करण' के NCERT समाधान, मिश्रणों से अवयवों को अलग करने की विभिन्न विधियों पर प्रकाश डालते हैं। इसमें हस्त-चयन, निष्पावन, चालन, अवसादन, निस्तारण और निस्यंदन जैसी तकनीकों की व्याख्या की गई है। समाधान छात्रों को यह समझने में मदद करते हैं कि इन विधियों का उपयोग कब और क्यों किया जाता है, जैसे कि खाद्य पदार्थों से अशुद्धियों को हटाना या उपयोगी पदार्थों को प्राप्त करना। यह अध्याय पृथक्करण की व्यावहारिक तकनीकों पर केंद्रित है जो दैनिक जीवन में उपयोगी हैं।
Learning outcomes
- मिश्रणों को पृथक करने की आवश्यकता को समझना।
- हस्त-चयन, निष्पावन, चालन, अवसादन, निस्तारण और निस्यंदन जैसी पृथक्करण विधियों को पहचानना और उनका वर्णन करना।
- विभिन्न प्रकार के मिश्रणों के लिए उपयुक्त पृथक्करण विधि का चयन करना।
- दैनिक जीवन में पृथक्करण की विधियों के अनुप्रयोगों को समझना।
- पंकिल जल से स्वच्छ जल प्राप्त करने की प्रक्रिया को समझाना।
Topics covered
Paper topics
- मिश्रणों का पृथक्करण
- हस्त-चयन विधि
- निष्पावन विधि
- चालन विधि
- अवसादन प्रक्रिया
- निस्तारण प्रक्रिया
- निस्यंदन प्रक्रिया
- वाष्पन प्रक्रिया
- अशुद्धियों को दूर करना
- खाद्य पदार्थों का शुद्धिकरण
- पृथक्करण की विधियों के अनुप्रयोग
- पदार्थों के गुण
Important topics
- पृथक्करण की विभिन्न विधियाँ (निष्पावन, चालन, निस्यंदन, निस्तारण, अवसादन)
- प्रत्येक विधि का उपयोग और अनुप्रयोग
- मिश्रणों को पृथक करने की आवश्यकता
- पंकिल जल से स्वच्छ जल प्राप्त करना
- समुद्र जल से नमक प्राप्त करना
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Questions and Solutions
प्रश्न 1
किसी मिश्रण के विभिन्न अवयवों को पृथक करने की आवश्यकता इसलिए होती है ताकि हम उपयोगी पदार्थों को अशुद्धियों से अलग कर सकें, या मिश्रण के विभिन्न घटकों को उनके शुद्ध रूप में प्राप्त कर सकें ताकि उनका बेहतर उपयोग किया जा सके।
दो उदाहरण:
- खाद्य पदार्थों से अशुद्धियाँ हटाना: जैसे गेहूं, चावल या दाल से पत्थर, धूल या भूसी के टुकड़े जैसी अशुद्धियों को हस्त-चयन विधि द्वारा अलग करना, ताकि खाने योग्य अनाज शुद्ध रूप में प्राप्त हो सके।
- खाना पकाने से पहले सफाई: चावल या दाल को पकाने से पहले धोया जाता है। पानी डालने पर धूल और मिट्टी के कण जैसी अशुद्धियाँ अलग होकर पानी के साथ बह जाती हैं, जिससे वे साफ हो जाते हैं।
प्रश्न 2
निष्पावन वह विधि है जिसमें किसी मिश्रण के भारी और हल्के अवयवों को हवा के झोंकों का उपयोग करके अलग किया जाता है। हल्के अवयव हवा के साथ उड़ जाते हैं, जबकि भारी अवयव नीचे रह जाते हैं।
यह विधि सामान्यतः किसानों द्वारा उपयोग की जाती है। वे इस विधि का प्रयोग हल्के भूसे को भारी अन्नकणों (जैसे गेहूं या चावल) से पृथक करने के लिए करते हैं।
प्रश्न 3
पकाने से पहले दालों के नमूने से भूसे एवं धूल के कणों को पृथक करने के लिए 'हस्त-चयन' विधि का प्रयोग किया जाएगा। इस विधि में, दालों को फैलाकर उनमें से भूसे के बड़े टुकड़ों और धूल के कणों को हाथ से चुनकर अलग कर दिया जाता है।
प्रश्न 4
चालन वह प्रक्रिया है जिसमें अलग-अलग आकारों के मिश्रण के घटकों को एक छलनी (छलनी) का उपयोग करके अलग किया जाता है। छलनी में मौजूद छोटे छिद्रों से छोटे कण गुजर जाते हैं, जबकि बड़े कण या अशुद्धियाँ छलनी में ही रह जाती हैं।
उपयोग:
- आटा मिलों में, आटे से अनाज के टूटे कणों या चोकर जैसी बड़ी अशुद्धियों को अलग करने के लिए इस विधि का प्रयोग किया जाता है।
- निर्माण स्थलों पर, रेत और सीमेंट के मिश्रण से कंकड़ या बड़ी गांठों को अलग करने के लिए भी चालन का उपयोग होता है।
प्रश्न 5
रेत और जल के मिश्रण को पृथक करने के लिए निम्नलिखित चरणों का पालन किया जा सकता है:
- अवसादन: सबसे पहले, मिश्रण को एक कंटेनर में कुछ समय के लिए स्थिर छोड़ दें। रेत भारी होने के कारण कंटेनर के तल पर बैठ जाएगी। इस प्रक्रिया को अवसादन कहते हैं।
- निस्तारण: तल पर बैठी रेत को बिना हिलाए, ऊपर के साफ पानी को धीरे-धीरे सावधानी से एक दूसरे कंटेनर में डालें। इस प्रक्रिया को निस्तारण कहते हैं।
- निस्यंदन (वैकल्पिक): यदि पानी में रेत के बहुत बारीक कण रह गए हों, तो उन्हें हटाने के लिए फिल्टर पेपर का उपयोग करके पानी को छाना जा सकता है। इस प्रक्रिया को निस्यंदन कहते हैं।
प्रश्न 6
हाँ, आटे और चीनी के मिश्रण से चीनी को पृथक करना संभव है।
इसके लिए 'चालन' विधि का उपयोग किया जा सकता है। एक उपयुक्त आकार की छलनी लें जिसमें आटे के कणों से बड़े छेद हों लेकिन चीनी के कणों से छोटे हों (या ऐसी छलनी लें जिसके छेद चीनी के कणों से बड़े हों)। छलनी में मिश्रण को डालकर हिलाने पर, आटा छलनी से नीचे गिर जाएगा, जबकि चीनी के कण (यदि वे आटे से बड़े हैं) या चीनी के साथ मिश्रित बड़े कण छलनी में रह जाएंगे। यदि चीनी के कण आटे के कणों से छोटे हैं, तो उन्हें आटे से अलग करना मुश्किल होगा यदि वे पूरी तरह से घुलमिल गए हों। हालाँकि, यदि चीनी क्रिस्टल के रूप में है और आटे के कणों से बड़े हैं, तो चालन विधि प्रभावी होगी।
प्रश्न 7
पंकिल जल से साफ पानी प्राप्त करने के लिए निम्नलिखित चरणों का पालन किया जाता है:
- अवसादन: सबसे पहले, पंकिल जल को एक कंटेनर में डालकर कुछ समय के लिए स्थिर छोड़ दें। पंकिल जल में मौजूद मिट्टी और अन्य भारी अशुद्धियाँ धीरे-धीरे कंटेनर के तल पर बैठ जाएँगी। इस प्रक्रिया को अवसादन कहते हैं।
- निस्तारण: तल पर अशुद्धियाँ बैठने के बाद, ऊपर की परत में अपेक्षाकृत साफ पानी दिखाई देगा। इस साफ पानी को सावधानी से दूसरे साफ कंटेनर में धीरे-धीरे उड़ेल लें, ताकि तलछट न हिले। इस प्रक्रिया को निस्तारण कहते हैं।
- निस्यंदन: निस्तारण के बाद भी पानी में बहुत महीन अशुद्धियाँ रह सकती हैं। इन महीन अशुद्धियों को दूर करने के लिए, पानी को फिल्टर पेपर या किसी महीन कपड़े से छान लिया जाता है। इस प्रक्रिया को निस्यंदन कहते हैं। इसके बाद प्राप्त जल स्वच्छ होता है।
प्रश्न 8
- (क) धान के दानों को डंडियों से प्रथक करने की विधि को _____ कहते हैं।
- (ख) किसी एक कपड़े पर दूध को उड़ेलते हैं तो मलाई उस पर रह जाती है। पृथक्करण की यह प्रक्रिया _____ कहलाती है।
- (ग) समुद्र के जल से नमक _____ प्रक्रिया द्वारा प्राप्त किया जाता है।
- (घ) जब पंकिल जल को पूरी रात एक बाल्टी में रखा जाता है तो अशुद्धियाँ तली में बैठ जाती हैं। इसके पश्चात् स्वच्छ जल को ऊपर से पृथक कर लेते हैं। इसमें उपयोग होने वाली पृथक्करण की प्रक्रिया को _____ कहते हैं।
- (क) धान के दानों को डंडियों से प्रथक करने की विधि को गहाई (threshing) कहते हैं।
- (ख) किसी एक कपड़े पर दूध को उड़ेलते हैं तो मलाई उस पर रह जाती है। पृथक्करण की यह प्रक्रिया निस्यंदन (filtration) कहलाती है।
- (ग) समुद्र के जल से नमक वाष्पन (evaporation) प्रक्रिया द्वारा प्राप्त किया जाता है।
- (घ) जब पंकिल जल को पूरी रात एक बाल्टी में रखा जाता है तो अशुद्धियाँ तली में बैठ जाती हैं। इसके पश्चात् स्वच्छ जल को ऊपर से पृथक कर लेते हैं। इसमें उपयोग होने वाली पृथक्करण की प्रक्रिया को निस्तारण (decantation) कहते हैं।
प्रश्न 9
- (क) दूध और जल के मिश्रण को निस्यंदन द्वारा पृथक किया जा सकता है।
- (ख) नमक तथा चीनी के मिश्रण को निष्पावन द्वारा पृथक कर सकते हैं।
- (ग) चाय की पत्तियों को चाय से पृथक्करण निस्यंदन द्वारा किया जा सकता है।
- (घ) अनाज और भूसे का पृथक्करण निस्तारण प्रक्रम द्वारा किया जा सकता है।
- (क) दूध और जल के मिश्रण को निस्यंदन द्वारा पृथक किया जा सकता है। असत्य (दूध और जल आपस में घुल जाते हैं, उन्हें निस्यंदन से अलग नहीं किया जा सकता)।
- (ख) नमक तथा चीनी के मिश्रण को निष्पावन द्वारा पृथक कर सकते हैं। असत्य (निष्पावन भारी और हल्के कणों को हवा से अलग करता है; नमक और चीनी के कणों का घनत्व समान होता है)।
- (ग) चाय की पत्तियों को चाय से पृथक्करण निस्यंदन द्वारा किया जा सकता है। सत्य (चाय की पत्तियाँ ठोस होती हैं और चाय तरल, जिन्हें छलनी या फिल्टर पेपर से आसानी से अलग किया जा सकता है)।
- (घ) अनाज और भूसे का पृथक्करण निस्तारण प्रक्रम द्वारा किया जा सकता है। असत्य (अनाज और भूसे को निष्पावन या हस्त-चयन द्वारा अलग किया जाता है, निस्तारण तलछट को अलग करने के लिए है)।
Common mistakes
- पृथक्करण की विभिन्न विधियों के बीच भ्रमित होना, जैसे निस्यंदन और निस्तारण।
- किसी विशेष मिश्रण के लिए गलत पृथक्करण विधि का चयन करना।
- पृथक्करण विधियों के नामों को गलत याद रखना या उनका गलत उपयोग करना।
- यह न समझना कि कुछ मिश्रणों को आसानी से पृथक नहीं किया जा सकता है।
Revision tips
- प्रत्येक पृथक्करण विधि को उसके उपयोग और उदाहरण के साथ याद करें।
- अभ्यास प्रश्नों में दी गई विभिन्न स्थितियों के लिए सही विधि की पहचान करने का अभ्यास करें।
- पृथक्करण की विधियों के बीच के अंतर को स्पष्ट रूप से समझें।
- अपने दैनिक जीवन से पृथक्करण के उदाहरणों को खोजने का प्रयास करें।
Practice MCQs
Q1. मिश्रण से भारी और हल्के अवयवों को हवा द्वारा अलग करने की विधि क्या कहलाती है?
Explanation: निष्पावन वह विधि है जिसमें हवा के झोंकों का उपयोग करके मिश्रण के भारी और हल्के अवयवों को अलग किया जाता है, जैसे कि भूसे से अनाज को अलग करना।
Q2. आटा मिलों में आटे से अनाज के कणों को अलग करने के लिए किस विधि का उपयोग किया जाता है?
Explanation: चालन विधि में छलनी का उपयोग करके अलग-अलग आकार के घटकों को अलग किया जाता है, जो आटा मिलों में अनाज के कणों को आटे से अलग करने के लिए उपयुक्त है।
Q3. पंकिल जल से स्वच्छ जल प्राप्त करने के लिए पहले तल पर अशुद्धियों के बैठने की प्रक्रिया क्या कहलाती है?
Explanation: अवसादन वह प्रक्रिया है जिसमें भारी अशुद्धियाँ जल में नीचे बैठ जाती हैं, जिससे ऊपर का जल स्वच्छ हो जाता है।
Q4. समुद्र के जल से नमक किस प्रक्रिया द्वारा प्राप्त किया जाता है?
Explanation: समुद्र के जल से नमक वाष्पन प्रक्रिया द्वारा प्राप्त किया जाता है, जहाँ जल वाष्पित हो जाता है और नमक पीछे रह जाता है।
Q5. चाय की पत्तियों को चाय से अलग करने के लिए कौन सी विधि सबसे उपयुक्त है?
Explanation: निस्यंदन विधि में फिल्टर पेपर या छलनी का उपयोग करके ठोस कणों को तरल से अलग किया जाता है, जो चाय की पत्तियों को चाय से अलग करने के लिए प्रभावी है।
Frequently asked questions
कक्षा 6 विज्ञान में 'पदार्थों का पृथक्करण' अध्याय क्यों महत्वपूर्ण है?
यह अध्याय छात्रों को सिखाता है कि विभिन्न प्रकार के मिश्रणों से उपयोगी पदार्थों को अशुद्धियों से कैसे अलग किया जाए। यह दैनिक जीवन में उपयोग की जाने वाली व्यावहारिक तकनीकों को समझने में मदद करता है।
पृथक्करण की मुख्य विधियाँ कौन सी हैं?
मुख्य विधियों में हस्त-चयन, निष्पावन, चालन, अवसादन, निस्तारण और निस्यंदन शामिल हैं। समुद्र के जल से नमक प्राप्त करने के लिए वाष्पन का भी उपयोग किया जाता है।
क्या इन समाधानों का उपयोग परीक्षा की तैयारी के लिए किया जा सकता है?
हाँ, ये समाधान प्रत्येक प्रश्न के विस्तृत उत्तर प्रदान करते हैं और पृथक्करण की विधियों को स्पष्ट करते हैं, जो परीक्षा की तैयारी के लिए बहुत उपयोगी हैं।
निस्यंदन और निस्तारण में क्या अंतर है?
निस्तारण में, तलछट को नीचे बैठने दिया जाता है और ऊपर के साफ तरल को सावधानी से दूसरे बर्तन में डाला जाता है। निस्यंदन में, एक फिल्टर माध्यम (जैसे फिल्टर पेपर) का उपयोग करके ठोस कणों को तरल से अलग किया जाता है।
पंकिल जल से स्वच्छ जल प्राप्त करने के चरणों को समझाइए।
पहले पंकिल जल को स्थिर छोड़ दिया जाता है (अवसादन) ताकि अशुद्धियाँ नीचे बैठ जाएँ। फिर, ऊपर के साफ पानी को सावधानी से दूसरे बर्तन में डाला जाता है (निस्तारण)। अंत में, महीन अशुद्धियों को दूर करने के लिए इसे फिल्टर पेपर से छाना जाता है (निस्यंदन)।
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