कक्षा 6 संस्कृत अध्याय 8 सूक्तिस्तबकः NCERT समाधान
यह पृष्ठ कक्षा 6 के संस्कृत के लिए NCERT समाधान प्रस्तुत करता है, विशेष रूप से अध्याय 8, 'सूक्तिस्तबकः' पर केंद्रित है। यह अध्याय छात्रों को जीवन के महत्वपूर्ण नैतिक मूल्यों और ज्ञानवर्धक सूक्तियों से परिचित कराता है। समाधानों में श्लोकों का सस्वर गायन, श्लोकांशों का सही मिलान, प्रश्नों के उत्तर, कथनों की सत्यता-असत्यता का निर्धारण और समानार्थक शब्दों की पहचान शामिल है। इन समाधानों का उद्देश्य छात्रों को श्लोकों के अर्थ को गहराई से समझने, उनकी भाषा पर पकड़ बनाने और संस्कृत साहित्य के माध्यम से नैतिक शिक्षा प्राप्त करने में मदद करना है। यह विस्तृत समाधान छात्रों को परीक्षा की तैयारी में सहायता करेगा और उन्हें पाठ की अवधारणाओं को स्पष्ट रूप से समझने में मदद करेगा।
Quick info
| Board | CBSE |
|---|---|
| Class | Class 6 |
| Subject | Sanskrit |
| Session | 2026 |
| Language | Hindi |
| Type | NCERT Solutions |
| Chapter | Chapter 8 |
Chapter summary
अध्याय 8, 'सूक्तिस्तबकः', कक्षा 6 के संस्कृत के छात्रों के लिए महत्वपूर्ण सूक्तियों का संग्रह प्रस्तुत करता है। इस अध्याय के NCERT समाधान छात्रों को श्लोकों को सही ढंग से गाने, श्लोकांशों को जोड़ने, पाठ-आधारित प्रश्नों के उत्तर देने और समानार्थक शब्दों को पहचानने का अभ्यास कराते हैं। यह छात्रों को प्रिय वचन बोलने, कर्म के महत्व और ज्ञान की उपयोगिता जैसे नैतिक मूल्यों को समझने में मदद करता है।
Learning outcomes
- श्लोकों को सस्वर गाने का अभ्यास करना।
- श्लोकांशों का सही मिलान करना सीखना।
- दिए गए प्रश्नों के उत्तर संस्कृत में देना।
- उचित और अनुचित कथनों की पहचान करना।
- समानार्थक संस्कृत शब्दों को पहचानना और उनका प्रयोग करना।
Topics covered
Paper topics
- श्लोक गायन
- श्लोकांश मिलान
- प्रश्न उत्तर
- सत्य/असत्य कथन
- समानार्थक शब्द
- प्रिय वचन का महत्व
- कर्म की महत्ता
- ज्ञान का महत्व
- नैतिक शिक्षा
Important topics
- प्रिय वाक्यप्रदानेन सर्वे तुष्यन्ति जन्तवः
- गच्छन् पिपीलको याति योजनानां शतान्यपि
- वचने का दरिद्रता
- पिककाकयोः भेदः
- समानार्थक पदों का ज्ञान
PDF preview
Read page by page below. PDF is streamed from the official NCERT website — no download button on this page.
Questions and Solutions
प्रश्न 1
प्रश्न 2
(क) तस्मात् प्रियं हि वक्तव्यं
प्रियवाक्यप्रदानेन
काक: कृष्ण: पिक: कृष्ण:
किं भवेत् तेन पाठेन
(ख) गच्छन् पिपीलको याति
सर्वे तुष्यन्ति जन्तवः।
को भेद: पिककाकयो:।
जीवने यो न सार्थक:।
वचने का दरिद्रता।
योजनानां शतान्यपि।
- तस्मात् प्रियं हि वक्तव्यं — वचने का दरिद्रता।
- प्रियवाक्यप्रदानेन — सर्वे तुष्यन्ति जन्तवः।
- काक: कृष्ण: पिक: कृष्ण: — को भेद: पिककाकयो:।
- किं भवेत् तेन पाठेन — जीवने यो न सार्थक:।
- गच्छन् पिपीलको याति — योजनानां शतान्यपि।
प्रश्न 3
- सर्वे जन्तवः केन तुष्यन्ति?
- पिककाकयोः भेदः कदा भवति?
- कः; गच्छन् योजनानां शतान्यपि याति?
- अस्माभिः किं वक्तव्यम्?
- सर्वे जन्तवः प्रियवाक्यप्रदानेन तुष्यन्ति। (सभी प्राणी प्रिय वचन बोलने से संतुष्ट होते हैं।)
- वसंतसमये पिककाकयोः भेदः भवति। (कौआ और कोयल में भेद वसंत ऋतु में होता है।)
- पिपीलक : गच्छन् योजनानां शतान्यपि याति। (चींटी चलते-चलते भी सैकड़ों योजन की दूरी तय कर लेती है।)
- अस्माभिः प्रियं वक्तव्यम्। (हमें प्रिय बोलना चाहिए।)
प्रश्न 4
- काक: कृष्णः न भवति। .....
- अस्माभिः प्रियं वक्तव्यम्। .....
- वसंतसमये पिककाकयोः भेदः स्पष्टः भवति। .....
- वैनतेयः पशुः अस्ति। .....
- वचने दिरद्रता न कर्त्तव्या। .....
- काक: कृष्णः न भवति। - न (कौआ काला होता है।)
- अस्माभिः प्रियं वक्तव्यम्। - आम् (हमें प्रिय बोलना चाहिए।)
- वसंतसमये पिककाकयोः भेदः स्पष्टः भवति। - आम् (वसंत ऋतु में कोयल की कूक से भेद स्पष्ट होता है।)
- वैनतेयः पशुः अस्ति। - न (वैनतेय गरुड़ है, पशु नहीं।)
- वचने दिरद्रता न कर्त्तव्या। - आम् (बोलने में कंजूसी नहीं करनी चाहिए।)
प्रश्न 5
ग्रन्थे, कोकिलः, गरुडः, परिश्रमेण, कथने
- वचने — .....
- वैनतेयः — .....
- पुस्तके — .....
- उद्यमेन .- .....
- पिकः — .....
- वचने — कथने (वचन का अर्थ है बोलना, कथन)
- वैनतेयः — गरुडः (वैनतेय गरुड़ का पर्यायवाची है।)
- पुस्तके — ग्रन्थे (पुस्तक का अर्थ है ग्रन्थ।)
- उद्यमेन .- परिश्रमेण (उद्यम का अर्थ है परिश्रम।)
- पिकः — कोकिलः (पिक कोयल का पर्यायवाची है।)
Common mistakes
- श्लोकों के अर्थ को समझने में कठिनाई।
- समानार्थक शब्दों को गलत मिलाना।
- प्रश्नों के उत्तर लिखते समय व्याकरण संबंधी त्रुटियाँ।
- कथनों की सत्यता का गलत निर्धारण।
Revision tips
- सभी श्लोकों को बार-बार सस्वर गाकर याद करें।
- श्लोकांशों के मिलान का अभ्यास करें ताकि श्लोकों की संरचना समझ में आए।
- प्रश्नों के उत्तर लिखते समय पाठ के शब्दों का प्रयोग करें।
- समानार्थक शब्दों की सूची बनाएं और उनका अर्थ समझें।
Practice MCQs
Q1. सभी प्राणी किससे प्रसन्न होते हैं?
Explanation: श्लोक के अनुसार, प्रिय वाक्य बोलने से सभी प्राणी संतुष्ट होते हैं।
Q2. कौआ और कोयल में भेद कब स्पष्ट होता है?
Explanation: कौआ और कोयल दोनों काले होते हैं, लेकिन वसंत ऋतु में कोयल की कूक से उनमें भेद पता चलता है।
Q3. कौन चलते-चलते भी सैकड़ों योजन की दूरी तय कर लेता है?
Explanation: श्लोक में चींटी (पिपीलक) का उदाहरण दिया गया है कि वह निरंतर चलते रहने से बहुत दूरी तय कर लेती है।
Q4. हमें कैसा बोलना चाहिए?
Explanation: श्लोक हमें सिखाता है कि हमें हमेशा प्रिय वचन बोलने चाहिए।
Q5. 'वैनतेयः' का क्या अर्थ है?
Explanation: वैनतेय भगवान विष्णु का वाहन गरुड़ का एक नाम है।
Frequently asked questions
कक्षा 6 के संस्कृत के अध्याय 8 का क्या नाम है?
कक्षा 6 के संस्कृत के अध्याय 8 का नाम 'सूक्तिस्तबकः' है।
यह समाधान किन छात्रों के लिए उपयोगी है?
यह समाधान विशेष रूप से CBSE बोर्ड से कक्षा 6 में संस्कृत पढ़ रहे छात्रों के लिए उपयोगी है, जो अध्याय 8 'सूक्तिस्तबकः' का अध्ययन कर रहे हैं।
समाधान में किस प्रकार के प्रश्न शामिल हैं?
समाधान में श्लोकों को सस्वर गाने का निर्देश, श्लोकांशों का मिलान, पाठ-आधारित प्रश्नों के उत्तर, कथनों की सत्यता-असत्यता का निर्धारण और समानार्थक शब्दों की पहचान जैसे प्रश्न शामिल हैं।
क्या ये समाधान परीक्षा की तैयारी में मदद करेंगे?
हाँ, ये विस्तृत समाधान छात्रों को अध्याय की अवधारणाओं को समझने, अभ्यास करने और परीक्षा के लिए प्रभावी ढंग से तैयारी करने में मदद करेंगे।
श्लोक 'प्रियवाक्यप्रदानेन सर्वे तुष्यन्ति जन्तवः' का क्या अर्थ है?
इस श्लोक का अर्थ है कि प्रिय वचन बोलने से सभी प्राणी संतुष्ट होते हैं।
Content reviewed by the NCERT Help team. Editorial Team and update policy
NCERT Solutions PDF PDF on NCERT Help. URL unchanged for search indexing.