कक्षा 6 संस्कृत अध्याय 12: दशमः त्वम असि - NCERT समाधान

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यह पृष्ठ कक्षा 6 के लिए संस्कृत अध्याय 12, 'दशमः त्वम असि' (दसवें तुम हो) के NCERT समाधान प्रदान करता है। यह अध्याय गिनती और संख्या की अवधारणाओं पर केंद्रित है, जिसमें दस लड़कों की एक कहानी बताई गई है जो नदी में नहाने जाते हैं और गलती से एक को खो देते हैं। समाधानों में उच्चारण अभ्यास, प्रश्नों के उत्तर, सही/गलत कथनों की पहचान और रिक्त स्थान भरना शामिल है। प्रत्येक प्रश्न का उत्तर स्पष्टीकरण के साथ दिया गया है, जिससे छात्रों को संस्कृत में संख्याओं और वाक्यों को समझने में मदद मिलती है। ये समाधान छात्रों को अध्याय की सामग्री को प्रभावी ढंग से समझने और परीक्षा की तैयारी में सहायता करने के लिए डिज़ाइन किए गए हैं।

Quick info

BoardCBSE
ClassClass 6
SubjectSanskrit
Session2026
LanguageHindi
TypeNCERT Solutions
ChapterChapter 12

Chapter summary

कक्षा 6 संस्कृत के अध्याय 12, 'दशमः त्वम असि' के ये NCERT समाधान छात्रों को संस्कृत में संख्याओं की गिनती और उनके प्रयोग को समझने में मदद करते हैं। इसमें दस लड़कों की कहानी है जो नदी में नहाने जाते हैं और एक लड़का खो जाता है, लेकिन अंत में पता चलता है कि वह कहीं गया नहीं था। समाधानों में उच्चारण, प्रश्नोत्तर, सही/गलत की पहचान और रिक्त स्थान भरने जैसे अभ्यास शामिल हैं, जो छात्रों को अध्याय की शब्दावली और व्याकरण को मजबूत करने में सहायता करते हैं।

Learning outcomes

  • संस्कृत में संख्याओं का सही उच्चारण करना सीखें।
  • अध्याय की कहानी के आधार पर प्रश्नों के उत्तर देना सीखें।
  • दिए गए कथनों की सत्यता का मूल्यांकन करना सीखें।
  • रिक्त स्थानों को उपयुक्त शब्दों से भरना सीखें।
  • संस्कृत में गिनती और संख्यावाचक शब्दों का प्रयोग समझें।

Topics covered

Paper topics

  • संस्कृत में संख्याओं की गिनती (1-10)
  • पुल्लिंग, स्त्रीलिंग और नपुंसक लिंग में संख्यावाचक शब्द
  • अध्याय की कहानी का सारांश
  • प्रश्नवाचक शब्दों का प्रयोग
  • क्रियाओं का प्रयोग (जैसे अगच्छन्, अकुर्वन्, आगच्छत्, अवदत्)
  • सही और गलत कथनों की पहचान
  • रिक्त स्थान की पूर्ति
  • संस्कृत व्याकरण के मूल तत्व

Important topics

  • संस्कृत में संख्याओं की गिनती (1-10)
  • पुल्लिंग, स्त्रीलिंग और नपुंसक लिंग में संख्यावाचक शब्द
  • कहानी के मुख्य प्रश्न और उत्तर
  • सही/गलत कथनों का विश्लेषण
  • रिक्त स्थानों को भरने के लिए क्रियाओं और संज्ञाओं का सही प्रयोग

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Questions and Solutions

प्रश्न 1. उच्चारणं कुरुत (उच्चारण करें)

पुँल्लिङ्गे स्त्रीलिङ्गे नपुंसकलिङ्गे एक:<br>द्वौ त्रय: एका<br>द्वे<br>तिस्त्र: एकम्<br>द्वे<br>त्रीणि चत्वार: चतस्रः चत्वारि पञ्च पञ्च पञ्च षट् षट् षट् सप्त सप्त सप्त अष्ट अष्ट अष्ट नव नव नव दश दश दश
Solution:

इस प्रश्न में संस्कृत में संख्याओं के पुल्लिंग, स्त्रीलिंग और नपुंसक लिंग रूपों का उच्चारण करने का अभ्यास दिया गया है। छात्रों को इन शब्दों को ध्यान से सुनना और दोहराना चाहिए ताकि वे सही उच्चारण सीख सकें।

पुल्लिंग: एकः, द्वौ, त्रयः, चत्वारः, पञ्च, षट्, सप्त, अष्ट, नव, दश

स्त्रीलिंग: एका, द्वे, तिस्रः, चतस्रः, पञ्च, षट्, सप्त, अष्ट, नव, दश

नपुंसक लिंग: एकम्, द्वे, त्रीणि, चत्वारि, पञ्च, षट्, सप्त, अष्ट, नव, दश

प्रश्न 2. प्रश्नानाम् उत्तराणि लिखत (प्रश्नों के उत्तर लिखें)

(क) कति बालकाः स्नानाय अगच्छन्? (ख) ते स्नानाय कुत्र अगच्छन्? (ग) ते कं निश्चयम् अकुर्वन्? (घ) मार्गे कः आगच्छत्? (ङ) पथिकः किम् अवदत्?
Solution:

यहाँ दिए गए प्रश्नों के उत्तर संस्कृत में लिखने हैं, जो अध्याय की कहानी पर आधारित हैं:

(क) कति बालकाः स्नानाय अगच्छन्?

उत्तर: दश बालकाः स्नानाय अगच्छन्। (दस लड़के नहाने के लिए गए।)

(ख) ते स्नानाय कुत्र अगच्छन्?

उत्तर: ते स्नानाय नदीम् अगच्छन्। (वे नहाने के लिए नदी गए।)

(ग) ते कं निश्चयम् अकुर्वन्?

उत्तर: दशमः नद्यां मग्नः इति ते निश्चयम् अकुर्वन्। (उन्होंने यह निश्चय किया कि दसवां लड़का नदी में डूब गया है।)

(घ) मार्गे कः आगच्छत्?

उत्तर: मार्गे पथिकः आगच्छत्। (रास्ते में एक राहगीर आया।)

(ङ) पथिकः किम् अवदत्?

उत्तर: पथिकः अवदत्-दशमः त्वम् असि। (राहगीर ने कहा - दसवां तुम हो।)

प्रश्न 3. शुद्धकथनानां समक्षम् (🗸) इति अशुद्धकथनानां समक्षं (X) कुरुत (शुद्ध कथनों के सामने (√) चिह्न तथा अशुद्ध कथनों के सामने (X) चिह्न लगायें)

(क) दशबालका: स्नानाय अगच्छन्। (ख) सर्वे वाटिकायाम् अभ्रमन्। (ग) ते वस्तुत: नव बालका: एव आसन्। (घ) बालक: स्वं न अगणयत्। (ङ) एक: बालक: नद्यां मग्न:। (च) ते सुखिता: तूष्णीम् अतिष्ठन्। (छ) कोऽपि पथिक: न आगच्छत्। (ज) नायक: अवदत्-दशम: त्वम् असि इति। (झ) ते सर्वे प्रहृष्टा: भूत्वा च गृहम् अगच्छन्।
Solution:

इस प्रश्न में दिए गए कथनों को पढ़कर यह बताना है कि कौन सा कथन सही (√) है और कौन सा गलत (X)। यह अध्याय की कहानी की समझ का परीक्षण करता है।

(क) दशबालकाः स्नानाय अगच्छन्। (दस लड़के नहाने गए।) - (√) यह कथन सही है।

(ख) सर्वे वाटिकायाम् अभ्रमन्। (सभी बगीचे में घूम रहे थे।) - (X) यह कथन गलत है, वे नदी गए थे।

(ग) ते वस्तुतः नव बालकाः एव आसन्। (वे वास्तव में केवल नौ लड़के थे।) - (X) यह कथन गलत है, वे दस थे।

(घ) बालकः स्वं न अगणयत्। (लड़के ने स्वयं को नहीं गिना।) - (√) यह कथन सही है, इसी कारण गिनती में एक कम आया।

(ङ) एकः बालकः नद्यां मग्नः। (एक लड़का नदी में डूब गया।) - (X) यह कथन गलत है, कोई डूबा नहीं था।

(च) ते सुखिताः तूष्णीम् अतिष्ठन्। (वे खुश होकर चुपचाप बैठ गए।) - (X) यह कथन गलत है, वे दुखी थे और राहगीर से बात कर रहे थे।

(छ) कोऽपि पथिकः न आगच्छत्। (कोई राहगीर नहीं आया।) - (X) यह कथन गलत है, एक राहगीर आया था।

(ज) नायकः अवदत्-दशमः त्वम् असि इति। (नायक ने कहा - दसवां तुम हो।) - (X) यह कथन गलत है, नायक नहीं बल्कि राहगीर ने यह कहा था।

(झ) ते सर्वे प्रहृष्टाः भूत्वा च गृहम् अगच्छन्। (वे सब खुश होकर घर चले गए।) - (√) यह कथन सही है, सच्चाई पता चलने पर वे खुश होकर घर गए।

प्रश्न 4. मञ्जूषातः शब्दान् चित्वा रिक्तस्थानानि पूरयत (मंजूषा से शब्दों को चुनकर रिक्त स्थान की पूर्ति करें)

(क) ते बालकाः ...... नद्याः उत्तीर्णाः। (ख) पथिकः बालकान् दुःखितान् ...... अपृच्छत्। (ग) पुस्तकानि ...... विद्यालयं गच्छ। (घ) पथिकस्य वचनं ...... सर्वे प्रमुदिताः गृहम् अगच्छन्। (ङ) पथिकः बालकान् ...... अकथयत् दशमः त्वम् असि। (च) मोहनः कार्यं ...... गृहं गच्छति।

मंजूषा: गणयित्वा, श्रुत्वा, दृष्ट्वा, कृत्वा, गृहीत्वा, ती।

Solution:

इस प्रश्न में दिए गए वाक्यों में रिक्त स्थानों को मंजूषा (शब्द-सूची) से सही शब्द चुनकर भरना है। ये शब्द क्रियाओं के विशेष रूप (जैसे - कर के, सुनकर) हैं।

(क) ते बालकाः गणयित्वा नद्याः उत्तीर्णाः। (वे लड़के गिनती करके नदी पार कर गए।)

(ख) पथिकः बालकान् दुःखितान् दृष्ट्वा अपृच्छत्। (राहगीर ने दुखी लड़कों को देखकर पूछा।)

(ग) पुस्तकानि गृहीत्वा विद्यालयं गच्छ। (किताबें लेकर विद्यालय जाओ।)

(घ) पथिकस्य वचनं श्रुत्वा सर्वे प्रमुदिताः गृहम् अगच्छन्। (राहगीर की बात सुनकर सब खुश होकर घर चले गए।)

(ङ) पथिकः बालकान् कथयित्वा अकथयत् दशमः त्वम् असि। (राहगीर ने लड़कों को कहकर बताया, 'दसवां तुम हो'। - यहाँ मूल पाठ में 'कथयित्वा' के स्थान पर 'कृत्वा' अधिक उपयुक्त हो सकता है, लेकिन दिए गए विकल्पों में से 'कथयित्वा' का प्रयोग किया गया है, जिसका अर्थ है 'कहकर'। यदि 'कृत्वा' का प्रयोग होता तो 'कार्यं कृत्वा' जैसा अर्थ होता। दिए गए विकल्पों में 'कथयित्वा' नहीं है, इसलिए हम 'कृत्वा' का प्रयोग करेंगे यदि वह उपयुक्त हो। यहाँ 'कथयित्वा' का अर्थ 'कहकर' है, जो वाक्य के भाव के अनुसार सही है, लेकिन यह मंजूषा में नहीं है। मंजूषा में 'कृत्वा' है। यदि हम 'कृत्वा' का प्रयोग करें तो वाक्य का अर्थ थोड़ा बदल जाएगा। दिए गए विकल्पों में से 'श्रुत्वा' (सुनकर), 'दृष्ट्वा' (देखकर), 'गृहीत्वा' (लेकर), 'गणयित्वा' (गिनकर), 'कृत्वा' (करके) हैं। वाक्य के भाव के अनुसार, राहगीर ने लड़कों को कुछ कहा, इसलिए 'कथयित्वा' जैसा शब्द चाहिए। दिए गए विकल्पों में से 'कृत्वा' का प्रयोग यहाँ सबसे उपयुक्त लग रहा है, यदि इसका अर्थ 'यह कार्य करके' लिया जाए। लेकिन यदि हम मूल पाठ के अनुसार चलें तो यह प्रश्न थोड़ा भ्रमित करने वाला है। दिए गए उत्तरों के अनुसार, 'कथयित्वा' का प्रयोग किया गया है, जो मंजूषा में नहीं है। मान लेते हैं कि यहाँ 'कृत्वा' का प्रयोग किया गया है जिसका अर्थ 'यह कहकर' लिया जा सकता है। **सुधार:** मूल पाठ में 'कथयित्वा' शब्द का प्रयोग हुआ है, जो मंजूषा में नहीं है। दिए गए विकल्पों में से 'कृत्वा' का प्रयोग यहाँ सबसे उपयुक्त है, जिसका अर्थ 'यह कार्य करके' या 'यह कहकर' लिया जा सकता है। अतः, पथिकः बालकान् कृत्वा अकथयत् दशमः त्वम् असि। (राहगीर ने लड़कों को (यह कहकर) बताया कि दसवां तुम हो।))

(च) मोहनः कार्यं कृत्वा गृहं गच्छति। (मोहन काम करके घर जाता है।)

नोट: प्रश्न 4 (ङ) में मूल पाठ में 'कथयित्वा' शब्द है, जो मंजूषा में नहीं है। दिए गए विकल्पों में से 'कृत्वा' का प्रयोग यहाँ सबसे उपयुक्त माना गया है, जिसका अर्थ 'यह कार्य करके' या 'यह कहकर' लिया जा सकता है।

Common mistakes

  • संख्याओं के उच्चारण में त्रुटियाँ करना।
  • कहानी के संदर्भ को ठीक से न समझना, जिससे गलत उत्तर देना।
  • सही और गलत कथनों के बीच अंतर करने में कठिनाई।
  • रिक्त स्थानों के लिए सही संस्कृत शब्द का चयन करने में भ्रम।

Revision tips

  • सभी संख्याओं का संस्कृत में सही उच्चारण करने का अभ्यास करें।
  • कहानी को ध्यान से पढ़ें और मुख्य घटनाओं को याद रखें।
  • प्रश्नों के उत्तर लिखते समय व्याकरण और शब्दों पर ध्यान दें।
  • रिक्त स्थानों को भरने के लिए दिए गए शब्दों के अर्थ को समझें।

Practice MCQs

Q1. नदी में नहाने के लिए कितने लड़के गए थे?

Q2. लड़कों ने जब एक लड़के को कम गिना, तो उन्होंने क्या सोचा?

Q3. किसने लड़कों को बताया कि वे दस हैं?

Q4. राहगीर (पथिक) ने लड़कों को क्या कहा?

Q5. सभी लड़के अंत में कैसे महसूस कर रहे थे?

Frequently asked questions

कक्षा 6 के संस्कृत अध्याय 12 का क्या शीर्षक है?

कक्षा 6 के संस्कृत अध्याय 12 का शीर्षक 'दशमः त्वम असि' है, जिसका अर्थ है 'दसवां तुम हो'। यह शीर्षक कहानी के मुख्य संदेश को दर्शाता है।

इस अध्याय में कौन सी मुख्य अवधारणाएँ सिखाई गई हैं?

इस अध्याय में मुख्य रूप से संस्कृत में संख्याओं (1 से 10 तक) की गिनती, उनके उच्चारण और विभिन्न लिंगों (पुल्लिंग, स्त्रीलिंग, नपुंसक लिंग) में उनके प्रयोग को सिखाया गया है। साथ ही, कहानी के माध्यम से प्रश्न पूछना और उत्तर देना भी सिखाया गया है।

क्या ये समाधान परीक्षा की तैयारी में मदद करेंगे?

हाँ, ये समाधान परीक्षा की तैयारी में बहुत मदद करेंगे क्योंकि इनमें अभ्यास प्रश्न, उनके विस्तृत उत्तर और स्पष्टीकरण शामिल हैं, जो छात्रों को अध्याय की सामग्री को बेहतर ढंग से समझने और याद रखने में सहायता करते हैं।

प्रश्न 1 में उच्चारण अभ्यास का क्या महत्व है?

प्रश्न 1 में उच्चारण अभ्यास छात्रों को संस्कृत संख्याओं के सही उच्चारण को सीखने में मदद करता है, जो कि भाषा की नींव है। सही उच्चारण से अर्थ स्पष्ट होता है और संवाद में आसानी होती है।

रिक्त स्थान भरने वाले प्रश्न (प्रश्न 4) किस कौशल का परीक्षण करते हैं?

प्रश्न 4 छात्रों के संस्कृत शब्दावली और व्याकरण के ज्ञान का परीक्षण करते हैं। उन्हें कहानी के संदर्भ के अनुसार सही क्रिया या संज्ञा चुनकर रिक्त स्थानों को भरना होता है।

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