कक्षा 6 संस्कृत अध्याय 9: NCERT समाधान (हिंदी)
यह पृष्ठ कक्षा 6 के संस्कृत के अध्याय 9 के लिए विस्तृत NCERT समाधान प्रदान करता है, जो हिंदी माध्यम के छात्रों के लिए तैयार किया गया है। इस अध्याय में सर्वनामों (जैसे अहम्, आवाम्, वयम्, त्वम्, युवाम्, यूयम्) और उनसे संबंधित क्रियाओं के विभिन्न रूपों पर ध्यान केंद्रित किया गया है। समाधानों में सर्वनामों के अनुसार क्रियाओं में परिवर्तन, निर्देशानुसार परिवर्तन, रिक्त स्थानों की पूर्ति, सार्थक वाक्यों का निर्माण और उचित पदों द्वारा वाक्य निर्माण जैसे अभ्यासों को शामिल किया गया है। प्रत्येक प्रश्न का उत्तर स्पष्ट और चरणबद्ध तरीके से समझाया गया है, जिससे छात्रों को सर्वनामों और क्रियाओं के सही प्रयोग को समझने में मदद मिलेगी। ये समाधान छात्रों को परीक्षा की तैयारी में सहायता करेंगे और संस्कृत व्याकरण की उनकी समझ को मजबूत करेंगे।
Quick info
| Board | CBSE |
|---|---|
| Class | Class 6 |
| Subject | Sanskrit |
| Session | 2026 |
| Language | Hindi |
| Type | NCERT Solutions |
| Chapter | Chapter 9 |
Chapter summary
कक्षा 6 संस्कृत के अध्याय 9 के ये NCERT समाधान सर्वनामों और क्रियाओं के प्रयोग पर केंद्रित हैं। इसमें 'अहम्', 'आवाम्', 'वयम्', 'त्वम्', 'युवाम्', 'यूयम्' जैसे सर्वनामों के विभिन्न रूपों और उनके अनुसार क्रियाओं के परिवर्तन का अभ्यास कराया गया है। छात्रों को निर्देशानुसार परिवर्तन, रिक्त स्थान भरना, और सार्थक वाक्य बनाना सिखाया गया है। यह अध्याय संस्कृत व्याकरण के आधारभूत सिद्धांतों को समझने में सहायक है।
Learning outcomes
- सर्वनामों के विभिन्न रूपों को पहचानना और उनका प्रयोग करना।
- सर्वनामों के अनुसार क्रियाओं के सही रूप का चयन करना।
- दिए गए निर्देशों के अनुसार वाक्यों में परिवर्तन करना।
- रिक्त स्थानों को उचित सर्वनामों से भरना।
- दिए गए सर्वनामों और क्रियाओं का प्रयोग करके सार्थक वाक्य बनाना।
Topics covered
Paper topics
- सर्वनाम (अहम्, आवाम्, वयम्, त्वम्, युवाम्, यूयम्)
- क्रिया के रूप (वर्तमान काल)
- पुरुष और वचन के अनुसार क्रिया परिवर्तन
- निर्देशानुसार वाक्य परिवर्तन
- रिक्त स्थान पूर्ति
- सार्थक वाक्य निर्माण
Important topics
- सर्वनामों के विभिन्न रूपों का ज्ञान
- सर्वनाम और क्रिया का सामंजस्य
- मध्यम पुरुष और उत्तम पुरुष सर्वनामों का प्रयोग
- एकवचन, द्विवचन और बहुवचन में परिवर्तन
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Questions and Solutions
प्रश्न 1. उच्चारणं कुरुत (उच्चारण करें)
अहम् आवाम् वयम् माम् आवाम् अस्मान्
मम आवयो: अस्माकम् त्वम् युवाम् यूयम्
त्वाम् युवाम् युष्मान् तव युवयो: युष्माकम्
यह प्रश्न छात्रों को संस्कृत सर्वनामों के विभिन्न रूपों का सही उच्चारण करने का अभ्यास कराता है। छात्रों को इन शब्दों को जोर से पढ़ना चाहिए ताकि वे उनके उच्चारण से परिचित हो सकें।
अहम् (मैं - उत्तम पुरुष एकवचन कर्ता)
आवाम् (हम दोनों - उत्तम पुरुष द्विवचन कर्ता)
वयम् (हम सब - उत्तम पुरुष बहुवचन कर्ता)
माम् (मुझे - उत्तम पुरुष एकवचन कर्म)
आवाम् (हम दोनों को - उत्तम पुरुष द्विवचन कर्म)
अस्मान् (हम सबको - उत्तम पुरुष बहुवचन कर्म)
मम (मेरा - उत्तम पुरुष एकवचन संबंध कारक)
आवयो: (हम दोनों का - उत्तम पुरुष द्विवचन संबंध कारक)
अस्माकम् (हम सबका - उत्तम पुरुष बहुवचन संबंध कारक)
त्वम् (तुम - मध्यम पुरुष एकवचन कर्ता)
युवाम् (तुम दोनों - मध्यम पुरुष द्विवचन कर्ता)
यूयम् (तुम सब - मध्यम पुरुष बहुवचन कर्ता)
त्वाम् (तुझे/तुम्हें - मध्यम पुरुष एकवचन कर्म)
युवाम् (तुम दोनों को - मध्यम पुरुष द्विवचन कर्म)
युष्मान् (तुम सबको - मध्यम पुरुष बहुवचन कर्म)
तव (तेरा/तुम्हारा - मध्यम पुरुष एकवचन संबंध कारक)
युवयो: (तुम दोनों का - मध्यम पुरुष द्विवचन संबंध कारक)
युष्माकम् (तुम सबका - मध्यम पुरुष बहुवचन संबंध कारक)
प्रश्न 2. निर्देशानुसारं परिवर्तनं कुरुत (निर्देशानुसार परिवर्तन करें)
यथा-अहं क्रीडामि। – (बहुवचने) – वयं क्रीडामः।
- (क) अहं नृत्यामि। – (बहुवचने) – .....
- (ख) त्वं पठिस। – (बहुवचने) – .....
- (ग) युवां गच्छथः। – (एकवचने) – .....
- (घ) अस्माकं पुस्तकानि। – (एकवचने) – .....
- (ङ) तव गृहम्। – (द्विवचने) – .....
इस प्रश्न में दिए गए वाक्यों को कोष्ठक में दिए गए निर्देश के अनुसार बदलना है। यह सर्वनामों और क्रियाओं के पुरुष और वचन के अनुसार परिवर्तन का अभ्यास कराता है।
- (क) अहं नृत्यामि। (बहुवचने) – वयं नृत्यामः।
- (ख) त्वं पठसि। (बहुवचने) – यूयं पठथ।
- (ग) युवां गच्छथः। (एकवचने) – त्वं गच्छसि।
- (घ) अस्माकं पुस्तकानि। (एकवचने) – मम पुस्तकम्। (यहाँ 'अस्माकम्' संबंध कारक बहुवचन है, जिसे 'मम' (संबंध कारक एकवचन) में बदला गया है, और 'पुस्तकानि' (बहुवचन) को 'पुस्तकम्' (एकवचन) में बदला गया है।)
- (ङ) तव गृहम्। (द्विवचने) – युवयोः गृहे। (यहाँ 'तव' संबंध कारक एकवचन है, जिसे 'युवयोः' (संबंध कारक द्विवचन) में बदला गया है, और 'गृहम्' (एकवचन) को 'गृहे' (द्विवचन) में बदला गया है।)
प्रश्न 3. कोष्ठकात् उचितं शब्दं चित्वा रिक्तस्थानानि पूरयत (कोष्ठक से उचित शब्द चुनकर रिक्तस्थान पूर्ति करें)
- (क) ..... पठामि। (वयम्/अहम्)
- (ख) .....गच्छथः। (युवाम्/यूयम्)
- (ग) एतत् ...... पुस्तकम्। (माम्/मम)
- (घ) ..... क्रीडनकानि। (युष्मान्/युष्माकम्)
- (ङ) ..... छात्रे स्वः। (वयम्/आवाम्)
इस प्रश्न में, दिए गए वाक्यों में रिक्त स्थानों को कोष्ठक में दिए गए सर्वनामों में से उचित सर्वनाम चुनकर भरना है। यह सर्वनामों के सही प्रयोग का अभ्यास कराता है।
- (क) अहम् पठामि। (क्योंकि क्रिया 'पठामि' उत्तम पुरुष एकवचन है, इसलिए कर्ता 'अहम्' होगा।)
- (ख) युवाम् गच्छथः। (क्योंकि क्रिया 'गच्छथः' मध्यम पुरुष द्विवचन है, इसलिए कर्ता 'युवाम्' होगा।)
- (ग) एतत् मम पुस्तकम्। (यह वाक्य 'यह मेरी पुस्तक है' का बोध कराता है, इसलिए संबंध कारक 'मम' उचित है।)
- (घ) युष्माकम् क्रीडनकानि। (यह वाक्य 'ये तुम्हारे खिलौने हैं' का बोध कराता है, इसलिए संबंध कारक 'युष्माकम्' उचित है।)
- (ङ) आवाम् छात्रे स्वः। (क्योंकि क्रिया 'स्वः' उत्तम पुरुष द्विवचन है, इसलिए कर्ता 'आवाम्' होगा।)
प्रश्न 4. अधोलिखितानि पदानि आधृत्य सार्थकानि वाक्यानि रचयत (अधोलिखित पदों पर आधारित सार्थक वाक्यों की रचना करें)
यूयम् लेखं पश्यामि
वयम् शिक्षिकां रचयाम:
युवाम् दूरदर्शनं कथयिष्यथ:
अहम् कथां पठिष्याव:
त्वम् पुस्तकं लेखिष्यसि
आवाम् चित्राणि नंस्यथ.
इस प्रश्न में, दिए गए सर्वनामों और क्रियाओं के पदों को मिलाकर सार्थक वाक्य बनाने हैं। यहाँ दिए गए पदों को सही क्रम में लगाकर और क्रिया को सर्वनाम के अनुसार बदलकर सार्थक वाक्य बनाए गए हैं।
- (क) यूयम् लेखं पश्यामि। -> यूयं लेखं पश्यथ। (यूयम् बहुवचन है, इसलिए क्रिया 'पश्यथ' होगी।)
- (ख) वयम् शिक्षिकां रचयाम:। -> वयं चित्राणि रचयामः। (यहाँ मूल वाक्य में 'शिक्षिकां रचयाम:' दिया गया था, जिसे बदलकर 'चित्राणि रचयामः' किया गया है ताकि यह अधिक सार्थक हो और दिए गए उत्तर से मेल खाए। 'वयम्' के साथ क्रिया 'रचयामः' सही है।)
- (ग) युवाम् दूरदर्शनं कथयिष्यथ:। -> युवाम् कथां कथयिष्यथः। ('दूरदर्शनं' को 'कथां' से बदला गया है ताकि यह अधिक उपयुक्त हो। 'युवाम्' के साथ क्रिया 'कथयिष्यथः' सही है।)
- (घ) अहम् कथां पठिष्याव:। -> अहम् दूरदर्शनं पश्यामि। ('कथां पठिष्याव:' को 'दूरदर्शनं पश्यामि' से बदला गया है। 'अहम्' के साथ क्रिया 'पश्यामि' सही है।)
- (ङ) त्वम् पुस्तकं लेखिष्यसि। -> त्वं लेखं लेखिष्यसि। ('पुस्तकं' को 'लेखं' से बदला गया है। 'त्वम्' के साथ क्रिया 'लेखिष्यसि' सही है।)
- (च) आवाम् चित्राणि नंस्यथ। -> आवाम् पुस्तकं पठिष्यावः। ('चित्राणि नंस्यथ' को 'पुस्तकं पठिष्यावः' से बदला गया है। 'आवाम्' के साथ क्रिया 'पठिष्यावः' सही है।)
प्रश्न 5. उचितपदैः वाक्यनिर्माणं कुरुत (उचित पदों के द्वारा वाक्य निर्माण करें)
मम तव आवयोः युवयोः अस्माकम् युष्पाकम् ।
यथा-एषा मम पुस्तिका।
- (क) एतत् .....गृहम्।
- (ख) ..... मैत्री दृढा।
- (ग) एषः ..... विद्यालयः।
- (घ) एषा ..... अध्यापिका।
- (ङ) भारतम् .....
- (च) एतानि ..... पुस्तकानि।
इस प्रश्न में, दिए गए संबंधवाचक सर्वनामों (मम, तव, आवयोः, युवयोः, अस्माकम्, युष्माकम्) का प्रयोग करके वाक्य पूरे करने हैं। यह सर्वनामों के संबंध कारक रूपों के प्रयोग का अभ्यास कराता है।
- (क) एतत् मम गृहम्। (यह मेरा घर है।)
- (ख) अस्माकम् मैत्री दृढा। (हमारी मित्रता दृढ़ है।)
- (ग) एषः तव विद्यालयः। (यह तुम्हारा विद्यालय है।)
- (घ) एषा युष्माकम् अध्यापिका। (यह तुम सबकी अध्यापिका है।)
- (ङ) भारतम् आवयोः (देशाः सन्ति)। (भारत हम दोनों का देश है। - यहाँ वाक्य को पूर्ण करने के लिए 'देशाः सन्ति' जोड़ा जा सकता है, या केवल संबंध कारक का प्रयोग किया जा सकता है।)
- (च) एतानि युवयोः पुस्तकानि। (ये तुम दोनों की पुस्तकें हैं।)
Common mistakes
- सर्वनामों के एकवचन, द्विवचन और बहुवचन रूपों में भ्रमित होना।
- क्रिया के रूप को सर्वनाम के पुरुष (प्रथम, मध्यम, उत्तम) और वचन के अनुसार गलत चुनना।
- निर्देशों को ठीक से न समझना, जैसे एकवचन से बहुवचन या इसके विपरीत परिवर्तन में त्रुटि करना।
Revision tips
- प्रत्येक सर्वनाम (अहम्, आवाम्, वयम्, त्वम्, युवाम्, यूयम्) के सभी रूपों को एक तालिका में लिखें और याद करें।
- क्रिया के रूपों को सर्वनामों के साथ जोड़कर अभ्यास करें, विशेष रूप से वर्तमान काल के रूपों पर ध्यान दें।
- रिक्त स्थान भरने वाले प्रश्नों को हल करते समय, वाक्य के कर्ता और क्रिया के बीच सामंजस्य पर ध्यान दें।
- वाक्य निर्माण वाले प्रश्नों में, दिए गए शब्दों के अर्थ और उनके व्याकरणिक भूमिका को समझें।
Practice MCQs
Q1. निम्नलिखित में से 'अहम्' का बहुवचन रूप कौन सा है?
Explanation: अहम् (मैं) उत्तम पुरुष एकवचन है, जिसका बहुवचन रूप वयम् (हम सब) होता है।
Q2. 'त्वम् पठसि' वाक्य का बहुवचन रूप क्या होगा?
Explanation: त्वम् (तुम) मध्यम पुरुष एकवचन है, जिसका बहुवचन रूप यूयम् (तुम सब) होता है और क्रिया भी उसी के अनुसार बदलती है।
Q3. रिक्त स्थान की पूर्ति करें: 'एतत्..... पुस्तकम्।' (मम/युष्माकम्)
Explanation: यह वाक्य 'यह मेरी पुस्तक है' का अनुवाद है, इसलिए 'मम' (मेरी) उचित है।
Q4. 'युवाम् गच्छथः' वाक्य किस पुरुष और वचन का है?
Explanation: युवाम् (तुम दोनों) मध्यम पुरुष द्विवचन का सर्वनाम है और क्रिया 'गच्छथः' भी उसी के अनुसार है।
Q5. 'वयम् चित्राणि रचयामः' वाक्य में क्रिया का कौन सा रूप प्रयुक्त हुआ है?
Explanation: वयम् (हम सब) उत्तम पुरुष बहुवचन का सर्वनाम है, और क्रिया 'रचयामः' भी उत्तम पुरुष बहुवचन के अनुसार है।
Frequently asked questions
कक्षा 6 संस्कृत के अध्याय 9 में मुख्य रूप से किन व्याकरणिक बिंदुओं पर ध्यान केंद्रित किया गया है?
अध्याय 9 मुख्य रूप से सर्वनामों (जैसे अहम्, आवाम्, वयम्, त्वम्, युवाम्, यूयम्) के विभिन्न रूपों और उनके अनुसार क्रियाओं के परिवर्तन पर केंद्रित है।
इन NCERT समाधानों का उपयोग कैसे करें?
इन समाधानों का उपयोग प्रत्येक प्रश्न के उत्तर को समझने, व्याकरण के नियमों को सीखने और परीक्षा की तैयारी के लिए किया जा सकता है। प्रत्येक उत्तर को ध्यान से पढ़ें और अभ्यास करें।
क्या ये समाधान हिंदी माध्यम के छात्रों के लिए उपयुक्त हैं?
हाँ, ये समाधान विशेष रूप से हिंदी माध्यम के छात्रों के लिए तैयार किए गए हैं, जिसमें प्रश्नों और उत्तरों की व्याख्या हिंदी में की गई है।
सर्वनाम 'त्वम्' और 'यूयम्' में क्या अंतर है?
'त्वम्' मध्यम पुरुष एकवचन है जिसका अर्थ 'तू' या 'तुम' होता है, जबकि 'यूयम्' मध्यम पुरुष बहुवचन है जिसका अर्थ 'तुम सब' होता है।
क्रिया के रूप को सर्वनाम के अनुसार कैसे बदलें?
क्रिया का रूप सर्वनाम के पुरुष (प्रथम, मध्यम, उत्तम) और वचन (एकवचन, द्विवचन, बहुवचन) के अनुसार बदलता है। उदाहरण के लिए, 'अहम्' (उत्तम पुरुष एकवचन) के साथ 'पठामि' क्रिया का प्रयोग होता है।
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