CBSE Class 5 EVS NCERT Solutions: Chapter 12 खत्म हो जाए तो

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This chapter, 'खत्म हो जाए तो' (What if it runs out?), for CBSE Class 5 Environmental Studies in Hindi, delves into the crucial topic of fuel consumption and its impact. Students will explore various modes of transport, the fuels they use (petrol, diesel, CNG, LPG, electricity), and the environmental consequences of vehicle emissions, such as air pollution and health issues like coughing and respiratory problems. The solutions also touch upon the sources of oil in India, other minerals found underground, and the rising prices of petrol and diesel. It encourages critical thinking about sustainable transportation, suggesting ways to reduce traffic congestion and pollution, like using public transport or carpooling. These solutions are designed to help students understand the importance of conserving fuel resources and making informed choices for a healthier environment, aiding in their exam preparation.

Quick info

BoardCBSE
ClassClass 5
SubjectEnvironmental Studies
Session2026
LanguageHindi
TypeNCERT Solutions
Chapter12 खत्म हो जाए तो

Chapter summary

Chapter 12, 'खत्म हो जाए तो', of Class 5 EVS focuses on vehicles, their fuels, and the resulting pollution. The NCERT Solutions explain different types of vehicles, the fuels they consume (petrol, diesel, CNG, etc.), and the environmental impact of smoke emissions. It also covers the locations of oil reserves in India, other underground resources, and the reasons behind fuel price hikes. The solutions guide students to think about traffic management and pollution control strategies, promoting resource conservation.

Learning outcomes

  • Identify different types of vehicles and their fuel sources.
  • Understand the concept of air pollution caused by vehicle emissions.
  • Recognize the health issues associated with air pollution.
  • Learn about oil reserves and other mineral resources in India.
  • Analyze the factors affecting fuel prices.
  • Suggest methods to reduce traffic and pollution.
  • Understand the importance of fuel conservation.

Topics covered

Paper topics

  • Vehicles and their fuels
  • Petrol and Diesel
  • CNG and LPG
  • Electric Vehicles
  • Solar Energy for vehicles
  • Air Pollution from vehicles
  • Health impacts of pollution
  • Oil reserves in India
  • Underground mineral resources
  • Fuel price fluctuations
  • Traffic congestion
  • Fuel conservation

Important topics

  • Vehicles and their fuels
  • Air Pollution from vehicles
  • Health impacts of pollution
  • Fuel price fluctuations
  • Traffic congestion
  • Fuel conservation

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Questions and Solutions

चित्र देखकर लिखो-

कौन-कौन-सी गाड़ियाँ दिख रही हैं?
Solution: इस चित्र में हमें बस, कार, ऑटो रिक्शा, स्कूटर और मोटरसाइकिल जैसी विभिन्न प्रकार की गाड़ियाँ दिखाई दे रही हैं। ये सभी सड़क पर चलने वाले सामान्य वाहन हैं।

चित्र देखकर लिखो-

ये किस-किस चींज से चलती होंगी?
Solution: चित्र में दिखाई देने वाली अधिकांश गाड़ियाँ, जैसे बस, कार, ऑटो रिक्शा और स्कूटर, पेट्रोल और डीजल जैसे जीवाश्म ईंधनों से चलती हैं। कुछ आधुनिक वाहन बिजली या सी.एन.जी. (संपीड़ित प्राकृतिक गैस) से भी चल सकते हैं।

चित्र देखकर लिखो-

चित्र में दिए गए जिस-जिस वाहन में से धुँआ नहीं निकलता, उस पर लाल निशान लगाओ।
Solution: आमतौर पर, पेट्रोल या डीजल से चलने वाले वाहनों से धुँआ निकलता है। बिजली से चलने वाले वाहन (जैसे कुछ इलेक्ट्रिक कारें या स्कूटर) या साइकिल जैसे मानव-चालित वाहन कोई धुँआ नहीं छोड़ते हैं। इसलिए, ऐसे वाहनों पर लाल निशान लगाया जाना चाहिए।

बताओ

क्या तुम साइकिल चलाते हो? यदि हाँ, तो उससे कहाँ-कहाँ जाते हो?
Solution: हाँ, मैं साइकिल चलाता हूँ। मैं साइकिल से स्कूल, बाज़ार, पार्क में खेलने और अपने दोस्तों के घर जाता हूँ। साइकिल चलाना एक स्वस्थ और पर्यावरण के अनुकूल तरीका है।

बताओ

तुम स्कूल किस तरह आते हो?
Solution: मैं स्कूल साइकिल से आता हूँ। यह एक सुविधाजनक और पर्यावरण के अनुकूल तरीका है जिससे मैं स्कूल पहुँचता हूँ।

बताओ

तुम्हारे परिवार के लोग घर से बाहर काम पर कैसे-कैसे जाते हैं?
Solution: मेरे पिताजी अपनी कार से काम पर जाते हैं। मेरी माँ कभी-कभी ऑटो रिक्शा या बस का उपयोग करती हैं, और मेरे चाचाजी मोटरसाइकिल से जाते हैं। इस प्रकार, परिवार के सदस्य काम पर जाने के लिए विभिन्न साधनों का उपयोग करते हैं।

बताओ

क्या गाड़ियों से निकलने वाले धुँए से हमें कुछ परेशानी हो सकती है? किस तरह की?
Solution: हाँ, गाड़ियों से निकलने वाले धुएं से हमें कई तरह की परेशानियाँ हो सकती हैं। यह हवा को प्रदूषित करता है, जिससे खाँसी, गले में खराश, आँखों में जलन और सिरदर्द जैसी समस्याएँ हो सकती हैं। लंबे समय तक इस धुएं के संपर्क में रहने से फेफड़ों से संबंधित गंभीर बीमारियाँ भी हो सकती हैं।

पता करो

भारत में तेल के भंडार किस-किस राज्य में हैं?
Solution: भारत में तेल के भंडार मुख्य रूप से असम, गुजरात, महाराष्ट्र और आंध्र प्रदेश जैसे राज्यों में पाए जाते हैं। इन क्षेत्रों में तेल का खनन और उत्पादन किया जाता है।

पता करो

जमीन के बहुत अंदर से तेल के अलावा और क्या-क्या मिलता है?
Solution: जमीन के बहुत अंदर से तेल के अलावा कई अन्य महत्वपूर्ण खनिज भी मिलते हैं। इनमें कोयला, लोहा, तांबा, सोना, बॉक्साइट, चूना पत्थर और प्राकृतिक गैस प्रमुख हैं। ये खनिज विभिन्न उद्योगों के लिए कच्चे माल के रूप में काम आते हैं।

लिखो

गाड़ी चलाने के लिए किस-किस चीज का इंस्तेमाल हो सकता है?
Solution: गाड़ी चलाने के लिए विभिन्न प्रकार के ईंधनों और ऊर्जा स्रोतों का इस्तेमाल हो सकता है। इनमें पेट्रोल, डीजल, सी.एन.जी. (संपीड़ित प्राकृतिक गैस), एल.पी.जी. (तरलीकृत पेट्रोलियम गैस), बिजली (बैटरी से चलने वाले वाहनों के लिए) और सौर ऊर्जा (सौर ऊर्जा से चलने वाले वाहनों के लिए) शामिल हैं।

लिखो

अगर इसी तरह सड़कों पर वाहनों की संख्या बढ़ती रही, तो क्या-क्या समस्याएँ हो सकती हैं? जैसे सड़क पर ट्रैफिक बढ़ जाएगा। बड़ों से बात करके अपने विचार लिखो।
Solution: अगर सड़कों पर वाहनों की संख्या इसी तरह बढ़ती रही, तो कई गंभीर समस्याएँ उत्पन्न हो सकती हैं। सबसे पहली समस्या यातायात की भीड़ (ट्रैफिक जाम) बढ़ेगी, जिससे यात्रा का समय बढ़ जाएगा। दूसरा, वाहनों से निकलने वाले धुएं के कारण वायु प्रदूषण बहुत अधिक बढ़ जाएगा, जिसका स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ेगा। तीसरा, दुर्घटनाओं की संख्या भी बढ़ सकती है। इसके अलावा, पार्किंग की समस्या भी गंभीर हो जाएगी और सड़कों पर शोर का स्तर भी बढ़ जाएगा।

मंजू ने कहा, 'सब बस में क्यों नहीं जाते?' सभी लोग बस में सफर क्यों नहीं करते?
Solution: सभी लोग बस में सफर इसलिए नहीं करते क्योंकि बसों में अक्सर बहुत भीड़ होती है, जिससे यात्रा असुविधाजनक हो जाती है। साथ ही, बसें एक निश्चित मार्ग पर चलती हैं और उनके समय-सारणी के अनुसार हर जगह समय पर पहुँचना मुश्किल हो सकता है। लोग अपनी सुविधा, समय की बचत और आराम के लिए निजी वाहनों या अन्य साधनों का उपयोग करना पसंद करते हैं।

सड़कों पर वाहनों की बढ़ती संख्या से आई परेशानियों को कम करने के लिए कुछ तरीके सुझाओ ।
Solution: सड़कों पर वाहनों की बढ़ती संख्या से उत्पन्न परेशानियों को कम करने के लिए निम्नलिखित तरीके अपनाए जा सकते हैं:
  1. अधिक से अधिक लोगों को सार्वजनिक परिवहन जैसे बस, मेट्रो आदि का उपयोग करने के लिए प्रोत्साहित करना।
  2. कारपूलिंग को बढ़ावा देना, ताकि एक ही गंतव्य पर जाने वाले लोग एक ही कार साझा कर सकें।
  3. साइकिल चलाने और पैदल चलने को बढ़ावा देना, खासकर छोटी दूरी के लिए।
  4. सड़कों की चौड़ाई बढ़ाना और यातायात प्रबंधन को बेहतर बनाना।
  5. वाहनों के उत्सर्जन (धुएं) को नियंत्रित करने के लिए सख्त नियम लागू करना।
  6. लोगों को पर्यावरण के अनुकूल वाहनों (जैसे इलेक्ट्रिक वाहन) का उपयोग करने के लिए प्रेरित करना।

कितना तेल लगे?

स्कूटर, कार, ट्रैक्टर - ये एक बार में कितना पेट्रोल/डीजल भरवा पाते हैं? ये एक लीटर पेट्रोल/डीजल से कितनी दूर जा पाते हैं?
Solution: यह तालिका विभिन्न वाहनों की ईंधन क्षमता और माइलेज को दर्शाती है:

वाहन: स्कूटर, कार, ट्रैक्टर

एक बार में भरा जाने वाला पेट्रोल/डीजल: स्कूटर लगभग 10 लीटर, कार लगभग 30 लीटर, ट्रैक्टर लगभग 40 लीटर।

एक लीटर पेट्रोल/डीजल से तय की जाने वाली दूरी: स्कूटर लगभग 50 किलोमीटर, कार लगभग 12 किलोमीटर, ट्रैक्टर लगभग 8 किलोमीटर।

यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि ये आँकड़े अनुमानित हैं और वाहन के मॉडल, इंजन की स्थिति और ड्राइविंग की आदतों के आधार पर भिन्न हो सकते हैं।

हर शहर में पेट्रोल की कीमत अलग होती है। इस तालिका में चेन्नई में पेट्रोल और डीज़ल की कीमत दी गई हैं। इसे देखकर नीचे दिए गए प्रश्नों के उत्तर दो।

तालिका:

तेल | सन् 2002 में एक लीटर की कीमत (लगभग) | सन् 2007 में एक लीटर की कीमत (लगभग)

पेट्रोल | ₹. 28 | रु. 47

डीजल | ₹. 18 | रु. 33

Solution: तालिका के अनुसार, चेन्नई में 2002 और 2007 के बीच पेट्रोल और डीजल की कीमतों में वृद्धि हुई है।

5 सालों में पेट्रोल की कीमत में वृद्धि: सन् 2007 में पेट्रोल की कीमत ₹. 47 थी और सन् 2002 में ₹. 28 थी। इसलिए, कीमत में वृद्धि = ₹. 47 - ₹. 28 = ₹. 19 हुई।

5 सालों में डीजल की कीमत में वृद्धि: सन् 2007 में डीजल की कीमत ₹. 33 थी और सन् 2002 में ₹. 18 थी। इसलिए, कीमत में वृद्धि = ₹. 33 - ₹. 18 = ₹. 15 हुई।

सन् 2007 में डीजल और पेट्रोल की कीमत में अंतर: सन् 2007 में पेट्रोल की कीमत ₹. 47 और डीजल की कीमत ₹. 33 थी। इसलिए, अंतर = ₹. 47 - ₹. 33 = ₹. 14 था।

पता करो

तुम्हारे इलाके में आजकल पेट्रोल और डीजल की कीमत क्या है?
Solution: मेरे इलाके में आजकल पेट्रोल की कीमत लगभग 68 रुपये प्रति लीटर और डीजल की कीमत लगभग 45 रुपये प्रति लीटर है। (यह कीमत स्थान और समय के अनुसार बदल सकती है)।

पता करो

पेट्रोल और डीजल की कीमत क्यों बढ़ रही है?
Solution: पेट्रोल और डीजल की कीमतें कई कारणों से बढ़ रही हैं। मुख्य कारण यह है कि इनका उत्पादन सीमित है जबकि इनकी मांग (खपत) बहुत अधिक है। इसके अतिरिक्त, अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें, परिवहन लागत, सरकारी कर (टैक्स) और मुद्रा विनिमय दरें भी इनकी कीमतों को प्रभावित करती हैं।

पता करो

तुम्हारे घर में एक महीने में कितना पेट्रोल और डीजल खर्च होता है? किस-किस काम में?
Solution: मेरे घर में एक महीने में लगभग 50 लीटर पेट्रोल और 10 लीटर डीजल खर्च होता है। इसका उपयोग मुख्य रूप से आने-जाने के लिए हमारी गाड़ियों (जैसे कार और मोटरसाइकिल) में ईंधन के रूप में होता है।

एक पोस्टर नीचे दिया हुआ है। पोस्टर को देखकर लिखो- तेल का इस्तेमाल कहाँ-कहाँ होता है?
Solution: पोस्टर के अनुसार, तेल का इस्तेमाल कई जगहों पर होता है, जैसे:
  • ड्राई क्लीनिंग (कपड़ों की सफाई) में।
  • गाड़ियों और हवाई जहाजों के लिए ईंधन के रूप में।
  • पेंट और प्लास्टिक बनाने में।
  • घरों में खाना पकाने के लिए (जैसे एल.पी.जी. के रूप में)।
  • बिजली उत्पादन में।

डीजल कहाँ-कहाँ इस्तेमाल किया जाता है? पता करो?
Solution: डीजल का उपयोग मुख्य रूप से भारी वाहनों और मशीनों में किया जाता है। यह बस, ट्रक, ट्रैक्टर, ट्रेन, जनरेटर और कुछ प्रकार की नावों में ईंधन के रूप में इस्तेमाल होता है। यह भारी मशीनरी चलाने और बिजली पैदा करने के लिए भी महत्वपूर्ण है।

Common mistakes

  • Not distinguishing between different types of fuels.
  • Underestimating the health impacts of pollution.
  • Failing to connect vehicle usage to environmental problems.
  • Not considering alternative transportation methods.

Revision tips

  • Review the different types of vehicles and their fuel requirements.
  • Focus on the causes and effects of air pollution from vehicles.
  • Understand the economic factors influencing fuel prices.
  • Think about practical solutions for reducing traffic and pollution in your community.
  • Discuss the importance of conserving fuel resources with family and friends.

Practice MCQs

Q1. चित्र में कौन-कौन सी गाड़ियाँ दिखाई दे रही हैं?

Q2. गाड़ियाँ मुख्य रूप से किन ईंधनों से चलती हैं?

Q3. गाड़ियों से निकलने वाले धुएं से कौन सी स्वास्थ्य समस्या हो सकती है?

Q4. भारत में तेल के भंडार किन राज्यों में पाए जाते हैं?

Q5. वाहनों की बढ़ती संख्या से कौन सी समस्या उत्पन्न हो सकती है?

Q6. प्रदूषण कम करने के लिए क्या एक तरीका हो सकता है?

Frequently asked questions

यह अध्याय किस बारे में है?

यह अध्याय (खत्म हो जाए तो) वाहनों, उनके द्वारा उपयोग किए जाने वाले ईंधन (जैसे पेट्रोल, डीजल), और इन ईंधनों के समाप्त होने या उनके उपयोग से होने वाले प्रदूषण और समस्याओं के बारे में है।

गाड़ियों से निकलने वाले धुएं से क्या समस्याएं हो सकती हैं?

गाड़ियों से निकलने वाले धुएं से वायु प्रदूषण होता है, जिससे खाँसी, सिरदर्द और फेफड़ों से संबंधित बीमारियाँ जैसी स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं।

भारत में तेल के भंडार कहाँ पाए जाते हैं?

भारत में तेल के भंडार मुख्य रूप से असम, गुजरात, महाराष्ट्र और आंध्र प्रदेश जैसे राज्यों में पाए जाते हैं।

ईंधन की कीमतें क्यों बढ़ती हैं?

ईंधन की कीमतें उत्पादन कम होने और खपत बहुत ज्यादा होने के कारण बढ़ती हैं। इसके अलावा, वैश्विक मांग और आपूर्ति भी कीमतों को प्रभावित करती है।

सड़कों पर वाहनों की बढ़ती संख्या से होने वाली परेशानियों को कैसे कम किया जा सकता है?

परेशानियों को कम करने के लिए सार्वजनिक परिवहन का अधिक उपयोग करना, कारपूलिंग करना, सड़कों की चौड़ाई बढ़ाना और यातायात नियमों का पालन करना जैसे उपाय किए जा सकते हैं।

यह समाधान छात्रों की परीक्षा की तैयारी में कैसे मदद करते हैं?

ये समाधान छात्रों को अध्याय की अवधारणाओं को स्पष्ट रूप से समझने, महत्वपूर्ण प्रश्नों के उत्तर देने का तरीका सीखने और परीक्षा में पूछे जाने वाले विभिन्न प्रकार के प्रश्नों के लिए तैयार होने में मदद करते हैं।

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