कक्षा 12 भौतिकी NCERT समाधान: अध्याय 11 - विकिरण तथा द्रव्य की द्वैत प्रकृति
यह पृष्ठ कक्षा 12 भौतिकी के अध्याय 11, 'विकिरण तथा द्रव्य की द्वैत प्रकृति' के लिए विस्तृत NCERT समाधान प्रदान करता है। इसमें प्रकाश-विद्युत प्रभाव, एक्स-रे उत्पादन और द्रव्य-तरंगों से संबंधित महत्वपूर्ण अवधारणाओं को शामिल किया गया है। समाधानों में प्रत्येक प्रश्न के लिए चरण-दर-चरण स्पष्टीकरण, प्रासंगिक सूत्रों का अनुप्रयोग और अंतिम उत्तर शामिल हैं। यह छात्रों को इन जटिल विषयों को समझने और परीक्षा की तैयारी में सहायता करने के लिए डिज़ाइन किया गया है। इन समाधानों का उपयोग करके, छात्र अपनी समझ को मजबूत कर सकते हैं और परीक्षा में पूछे जाने वाले विभिन्न प्रकार के प्रश्नों को हल करने का अभ्यास कर सकते हैं।
Quick info
| Board | CBSE |
|---|---|
| Class | Class 12 |
| Subject | भौतिकी |
| Session | 2026 |
| Language | Hindi |
| Type | NCERT Solutions |
| Chapter | 11. विकिरण तथा द्रव्य की द्वैत प्रकृति |
Chapter summary
अध्याय 11, 'विकिरण तथा द्रव्य की द्वैत प्रकृति', के ये NCERT समाधान प्रकाश-विद्युत प्रभाव, एक्स-रे उत्पादन और डी-ब्रोग्ली तरंग दैर्ध्य जैसी प्रमुख अवधारणाओं को कवर करते हैं। समाधानों में प्रश्नों को हल करने के लिए आवश्यक सूत्रों का उपयोग, गणनाओं का विस्तृत विवरण और प्रत्येक चरण का तार्किक स्पष्टीकरण शामिल है। यह छात्रों को इन विषयों की गहन समझ विकसित करने और परीक्षा के लिए प्रभावी ढंग से तैयारी करने में मदद करता है।
Learning outcomes
- 30 kV इलेक्ट्रॉनों द्वारा उत्पन्न एक्स-रे की उच्चतम आवृत्ति और निम्नतम तरंगदैर्ध्य की गणना करना सीखें।
- प्रकाश-विद्युत प्रभाव के लिए आइंस्टीन के समीकरण का उपयोग करके उत्सर्जित इलेक्ट्रॉनों की अधिकतम गतिज ऊर्जा ज्ञात करें।
- प्रकाशिक इलेक्ट्रॉनों के लिए निरोधी विभव (stopping potential) की गणना करना समझें।
- उत्सर्जित प्रकाशिक इलेक्ट्रॉनों की अधिकतम चाल का निर्धारण करें।
- अंतक वोल्टता (threshold voltage) और अधिकतम गतिज ऊर्जा के बीच संबंध स्थापित करें।
Topics covered
Paper topics
- एक्स-रे का उत्पादन
- इलेक्ट्रॉनों की ऊर्जा
- उच्चतम आवृत्ति
- निम्नतम तरंगदैर्ध्य
- कार्य-फलन
- प्रकाश-विद्युत प्रभाव
- आइंस्टीन का प्रकाश-विद्युत समीकरण
- अधिकतम गतिज ऊर्जा
- निरोधी विभव
- अधिकतम चाल
- अंतक वोल्टता
Important topics
- प्रकाश-विद्युत प्रभाव और आइंस्टीन का समीकरण
- कार्य-फलन और निरोधी विभव की गणना
- एक्स-रे उत्पादन: उच्चतम आवृत्ति और निम्नतम तरंगदैर्ध्य
- गतिज ऊर्जा और चाल के बीच संबंध
PDF preview
Read page by page below. PDF is streamed from the official NCERT website — no download button on this page.
Questions and Solutions
प्रश्न 1
दिया गया है, विभवान्तर । इलेक्ट्रॉन का आवेश और प्लांक स्थिरांक है। प्रकाश की चाल है।
(a) उच्चतम आवृत्ति (v_max):
जब इलेक्ट्रॉन विभवान्तर V से त्वरित होते हैं, तो उनकी अधिकतम ऊर्जा होती है। यह ऊर्जा फोटॉन की ऊर्जा के बराबर होती है, जहाँ उच्चतम आवृत्ति है।
इसलिए,
उच्चतम आवृत्ति
अतः, उत्पन्न X-किरणों की उच्चतम आवृत्ति लगभग है।
(b) निम्नतम तरंगदैर्घ्य (λ_min):
तरंगदैर्घ्य और आवृत्ति के बीच संबंध है। निम्नतम तरंगदैर्घ्य प्राप्त करने के लिए उच्चतम आवृत्ति का उपयोग किया जाता है:
इसे नैनोमीटर (nm) में बदलने पर:
अतः, उत्पन्न X-किरणों की निम्नतम तरंगदैर्घ्य लगभग है।
प्रश्न 2
दिया गया है: सीजियम धातु का कार्य-फलन । आपतित प्रकाश की आवृत्ति । प्लांक स्थिरांक । इलेक्ट्रॉन का आवेश । इलेक्ट्रॉन का द्रव्यमान ।
(a) उत्सर्जित इलेक्ट्रॉनों की उच्चतम गतिज ऊर्जा (KE_max):
आइंस्टीन के प्रकाश-विद्युत समीकरण के अनुसार, अधिकतम गतिज ऊर्जा होती है।
पहले आपतित फोटॉन की ऊर्जा को जूल में बदलें:
अब इसे इलेक्ट्रॉन-वोल्ट (eV) में बदलें:
अब, अधिकतम गतिज ऊर्जा की गणना करें:
अतः, उत्सर्जित इलेक्ट्रॉनों की उच्चतम गतिज ऊर्जा है।
(b) निरोधी विभव (V₀):
निरोधी विभव वह विभव है जिस पर अधिकतम गतिज ऊर्जा वाले इलेक्ट्रॉन भी रुक जाते हैं। यह द्वारा दिया जाता है।
अतः,
निरोधी विभव है।
(c) उत्सर्जित प्रकाशिक इलेक्ट्रॉनों की उच्चतम चाल (v_max):
अधिकतम गतिज ऊर्जा को के रूप में भी व्यक्त किया जा सकता है।
पहले गतिज ऊर्जा को जूल में बदलें:
अब, उच्चतम चाल की गणना करें:
इसे किलोमीटर प्रति सेकंड में बदलने पर:
अतः, उत्सर्जित प्रकाशिक इलेक्ट्रॉनों की उच्चतम चाल लगभग या है।
प्रश्न 3
दिया गया है, अंतक वोल्टता (निरोधी विभव) ।
उत्सर्जित प्रकाशिक इलेक्ट्रॉनों की उच्चतम गतिज ऊर्जा () और निरोधी विभव () के बीच संबंध है, जहाँ इलेक्ट्रॉन का आवेश है।
यदि हम ऊर्जा को इलेक्ट्रॉन-वोल्ट (eV) में व्यक्त करते हैं, तो:
यदि ऊर्जा को जूल (J) में व्यक्त करना हो, तो इलेक्ट्रॉन के आवेश का उपयोग करें:
अतः, उत्सर्जित प्रकाशिक इलेक्ट्रॉनों की उच्चतम गतिज ऊर्जा या है।
Common mistakes
- कार्य-फलन (work function) और आपतित फोटॉन की ऊर्जा के बीच अंतर को समझने में गलती करना।
- इलेक्ट्रॉन-वोल्ट (eV) को जूल (J) में परिवर्तित करते समय या इसके विपरीत, रूपांतरण कारकों को गलत तरीके से लागू करना।
- प्रकाश-विद्युत प्रभाव के लिए आइंस्टीन के समीकरण को सही ढंग से लागू न करना।
- निरोधी विभव और आपतित प्रकाश की आवृत्ति के बीच संबंध को गलत समझना।
Revision tips
- प्रत्येक प्रश्न के लिए उपयोग किए गए मूल सूत्रों को सूचीबद्ध करें और उन्हें याद करें।
- कार्य-फलन, निरोधी विभव और अधिकतम गतिज ऊर्जा के बीच संबंध को समझें।
- इकाइयों (जैसे eV, J, Hz, m/s) के रूपांतरण पर विशेष ध्यान दें।
- एक्स-रे उत्पादन से संबंधित आवृत्ति और तरंगदैर्ध्य की गणना का अभ्यास करें।
Practice MCQs
Q1. 30 kV इलेक्ट्रॉनों द्वारा उत्पन्न एक्स-रे की उच्चतम आवृत्ति क्या है?
Explanation: उच्चतम आवृत्ति की गणना इलेक्ट्रॉन की ऊर्जा (eV) को प्लांक स्थिरांक (h) से विभाजित करके की जाती है। eV = hv, इसलिए v = eV/h।
Q2. सीजियम धातु का कार्य-फलन 2.14 eV है। यदि 6 × 10^14 Hz आवृत्ति का प्रकाश आपतित होता है, तो उत्सर्जित इलेक्ट्रॉनों की अधिकतम गतिज ऊर्जा कितनी होगी?
Explanation: अधिकतम गतिज ऊर्जा (KE_max) की गणना आइंस्टीन के समीकरण KE_maφ₀ का उपयोग करके की जाती है, जहाँ hv आपतित फोटॉन की ऊर्जा है और φ₀ कार्य-फलन है।
Q3. यदि प्रकाशिक इलेक्ट्रॉनों की अधिकतम गतिज ऊर्जा 0.35 eV है, तो निरोधी विभव (stopping potential) कितना होगा?
Explanation: निरोधी विभव (V₀) अधिकतम गतिज ऊर्जा के बराबर होता है जब इसे इलेक्ट्रॉन के आवेश (e) से विभाजित किया जाता है: KE_ma₀।
Q4. एक्स-रे की न्यूनतम तरंगदैर्ध्य की गणना के लिए किस सूत्र का उपयोग किया जाता है?
Explanation: न्यूनतम तरंगदैर्ध्य (λ) प्रकाश की चाल (c) को उच्चतम आवृत्ति (v) से विभाजित करके प्राप्त की जाती है, क्योंकि λ = c/v और E = hv।
Q5. प्रकाश-विद्युत प्रभाव में अंतक वोल्टता (stopping voltage) का क्या अर्थ है?
Explanation: अंतक वोल्टता या निरोधी विभव वह ऋणात्मक विभव है जो कैथोड पर लगाया जाता है ताकि एनोड तक पहुँचने वाले सबसे तीव्र इलेक्ट्रॉनों को भी रोका जा सके।
Frequently asked questions
कक्षा 12 भौतिकी के अध्याय 11 में कौन सी मुख्य अवधारणाएँ शामिल हैं?
अध्याय 11, 'विकिरण तथा द्रव्य की द्वैत प्रकृति', में मुख्य रूप से प्रकाश-विद्युत प्रभाव, एक्स-रे उत्पादन, कार्य-फलन, निरोधी विभव और इलेक्ट्रॉनों की अधिकतम गतिज ऊर्जा और चाल की गणना जैसी अवधारणाएँ शामिल हैं।
प्रकाश-विद्युत प्रभाव क्या है?
प्रकाश-विद्युत प्रभाव वह घटना है जिसमें जब उपयुक्त आवृत्ति का प्रकाश किसी धातु की सतह पर पड़ता है, तो उससे इलेक्ट्रॉन उत्सर्जित होते हैं। इन उत्सर्जित इलेक्ट्रॉनों को प्रकाशिक इलेक्ट्रॉन कहा जाता है।
आइंस्टीन का प्रकाश-विद्युत समीकरण क्या है?
आइंस्टीन का प्रकाश-विद्युत समीकरण है: KE_max = hv - φ₀, जहाँ KE_max उत्सर्जित इलेक्ट्रॉनों की अधिकतम गतिज ऊर्जा है, h प्लांक स्थिरांक है, v आपतित प्रकाश की आवृत्ति है, और φ₀ धातु का कार्य-फलन है।
निरोधी विभव (Stopping Potential) का क्या महत्व है?
निरोधी विभव वह न्यूनतम ऋणात्मक विभव है जो कैथोड पर लगाया जाता है ताकि एनोड तक पहुँचने वाले सबसे तीव्र इलेक्ट्रॉनों को भी रोका जा सके। यह उत्सर्जित इलेक्ट्रॉनों की अधिकतम गतिज ऊर्जा से संबंधित होता है (KE_max = eV₀)।
एक्स-रे उत्पादन में उच्चतम आवृत्ति और निम्नतम तरंगदैर्ध्य का क्या अर्थ है?
जब इलेक्ट्रॉन उच्च विभवान्तर से त्वरित होकर लक्ष्य से टकराते हैं, तो एक्स-रे उत्पन्न होती हैं। उच्चतम आवृत्ति (v_max) तब प्राप्त होती है जब इलेक्ट्रॉन की सारी गतिज ऊर्जा फोटॉन में परिवर्तित हो जाती है (E = eV = hv_max)। निम्नतम तरंगदैर्ध्य (λ_min) इसी उच्चतम आवृत्ति से संबंधित होती है (λ_min = c/v_max)।
इन NCERT समाधानों का उपयोग परीक्षा की तैयारी के लिए कैसे किया जा सकता है?
ये समाधान प्रत्येक प्रश्न के लिए विस्तृत, चरण-दर-चरण स्पष्टीकरण प्रदान करते हैं, जिससे छात्रों को अवधारणाओं को गहराई से समझने में मदद मिलती है। अभ्यास के लिए विभिन्न प्रकार के प्रश्नों को हल करने का तरीका सीखने में ये सहायक हैं।
Content reviewed by the NCERT Help team. Editorial Team and update policy
NCERT Solutions PDF PDF on NCERT Help. URL unchanged for search indexing.