कक्षा 12 भौतिकी NCERT समाधान: अध्याय 7 प्रत्यावर्ती धारा
यह पृष्ठ कक्षा 12 भौतिकी के अध्याय 7, प्रत्यावर्ती धारा (Alternating Current) के लिए विस्तृत NCERT समाधान प्रदान करता है। इसमें प्रतिरोधक, प्रेरक और संधारित्र से जुड़े AC परिपथों के विश्लेषण पर ध्यान केंद्रित किया गया है। समाधानों में RMS मान, शिखर मान, शक्ति व्यय और प्रतिघात (प्रेरणिक और धारितीय) की गणना शामिल है। प्रत्येक प्रश्न का हल चरण-दर-चरण स्पष्टीकरण के साथ प्रस्तुत किया गया है, जिससे छात्रों को प्रत्यावर्ती धाराओं की अवधारणाओं को गहराई से समझने में मदद मिलती है। यह संसाधन छात्रों को परीक्षा की तैयारी और अवधारणाओं की पुनरीक्षा में सहायता के लिए डिज़ाइन किया गया है।
Quick info
| Board | CBSE |
|---|---|
| Class | Class 12 |
| Subject | भौतिकी |
| Session | 2026 |
| Language | Hindi |
| Type | NCERT Solutions |
| Chapter | 7. प्रत्यावर्ती धारा |
Chapter summary
अध्याय 7, प्रत्यावर्ती धारा, AC परिपथों के मूल सिद्धांतों पर केंद्रित है। इसमें प्रत्यावर्ती वोल्टेज और धाराओं के RMS मान और शिखर मान की गणना, प्रतिरोधों, प्रेरकों और संधारित्रों के साथ AC परिपथों में धारा और शक्ति की गणना शामिल है। समाधान अभ्यास प्रश्नों के माध्यम से इन अवधारणाओं को स्पष्ट करते हैं, जिसमें प्रेरणिक और धारितीय प्रतिघात की गणना भी शामिल है।
Learning outcomes
- प्रत्यावर्ती धारा परिपथों में RMS मान और शिखर मान की गणना करना सीखें।
- प्रतिरोधक, प्रेरक और संधारित्र युक्त AC परिपथों में धारा का RMS मान ज्ञात करें।
- AC परिपथों में शक्ति व्यय की गणना करें।
- प्रेरणिक प्रतिघात (XL) और धारितीय प्रतिघात (XC) की गणना और अनुप्रयोग को समझें।
Topics covered
Paper topics
- प्रत्यावर्ती धारा (AC)
- RMS मान
- शिखर मान
- प्रतिरोधक युक्त AC परिपथ
- प्रेरक युक्त AC परिपथ
- संधारित्र युक्त AC परिपथ
- प्रेरणिक प्रतिघात (X<0xE2><0x82><0x97>)
- धारितीय प्रतिघात (X<0xE2><0x82><0x9C>)
- AC परिपथ में शक्ति व्यय
- आवृत्ति
- वोल्टेज
- धारा
Important topics
- RMS मान और शिखर मान की गणना
- प्रेरणिक प्रतिघात (X<0xE2><0x82><0x97>) की गणना
- धारितीय प्रतिघात (X<0xE2><0x82><0x9C>) की गणना
- AC परिपथ में शक्ति व्यय
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Questions and Solutions
प्रश्न 1
- परिपथ में धारा का rms मान कितना है?
- एक पूरे चक्र में कितनी नेट शक्ति व्यय होती है?
दिए गए मान हैं:
- प्रतिरोध,
- आपूर्ति का RMS वोल्टेज,
- आपूर्ति की आवृत्ति,
(a) परिपथ में धारा का rms मान:
ओम के नियम के अनुसार, परिपथ में धारा का RMS मान निम्न प्रकार दिया जाता है:
मान रखने पर:
अतः, परिपथ में धारा का RMS मान 2.2 A है।
(b) एक पूरे चक्र में नेट शक्ति व्यय:
एक शुद्ध प्रतिरोधक परिपथ में, एक पूरे चक्र में नेट शक्ति व्यय निम्न सूत्र द्वारा दिया जाता है:
मान रखने पर:
अतः, एक पूरे चक्र में नेट शक्ति व्यय 484 W है।
प्रश्न 2
- AC परिपथ में घारा का rms मान 10 A है। शिखर घारा कितनी है?
दिए गए मान हैं:
- वोल्टेज का शिखर मान,
- धारा का RMS मान,
(a) RMS वोल्टता की गणना:
AC वोल्टेज का RMS मान उसके शिखर मान को से विभाजित करके प्राप्त किया जाता है:
मान रखने पर:
अतः, RMS वोल्टता लगभग 212.1 V है।
(b) शिखर धारा की गणना:
AC धारा का शिखर मान उसके RMS मान को से गुणा करके प्राप्त किया जाता है:
मान रखने पर:
अतः, शिखर धारा लगभग 14.14 A है।
प्रश्न 3
दिए गए मान हैं:
- प्रेरकत्व,
- आपूर्ति का RMS वोल्टेज,
- आपूर्ति की आवृत्ति,
सबसे पहले, हम प्रेरणिक प्रतिघात () की गणना करेंगे:
मान रखने पर:
अब, परिपथ में धारा का RMS मान ओम के नियम का उपयोग करके ज्ञात किया जा सकता है:
मान रखने पर:
अतः, परिपथ में धारा का RMS मान लगभग 15.9 A है।
प्रश्न 4
दिए गए मान हैं:
- संधारित्र की धारिता,
- आपूर्ति का RMS वोल्टेज,
- आपूर्ति की आवृत्ति,
सबसे पहले, हम धारितीय प्रतिघात () की गणना करेंगे:
मान रखने पर:
अब, परिपथ में धारा का RMS मान ओम के नियम का उपयोग करके ज्ञात किया जा सकता है:
मान रखने पर:
अतः, परिपथ में धारा का RMS मान लगभग 2.49 A है।
Common mistakes
- RMS मान और शिखर मान के बीच भ्रमित होना।
- प्रेरकत्व और धारिता के लिए सही प्रतिघात सूत्रों का उपयोग न करना।
- इकाइयों (जैसे mH, μF) को परिवर्तित करने में त्रुटियाँ करना।
Revision tips
- RMS और शिखर मान के बीच संबंध को याद रखें: V₀ = √2 V<0xE2><0x82><0x99><0xE2><0x82><0x98><0xE2><0x82><0x9B>।
- प्रेरणिक प्रतिघात (X<0xE2><0x82><0x97>) और धारितीय प्रतिघात (X<0xE2><0x82><0x9C>) के सूत्रों को समझें और उन्हें लागू करें।
- शक्ति व्यय की गणना के लिए P = V<0xE2><0x82><0x99><0xE2><0x82><0x98><0xE2><0x82><0x9B> I<0xE2><0x82><0x99><0xE2><0x82><0x98><0xE2><0x82><0x9B> सूत्र का उपयोग करें।
- दिए गए मानों की इकाइयों पर ध्यान दें और उन्हें SI इकाइयों में परिवर्तित करें।
Practice MCQs
Q1. एक AC परिपथ में, यदि वोल्टेज का शिखर मान 300 V है, तो इसका RMS मान क्या होगा?
Explanation: AC वोल्टेज का RMS मान शिखर मान को √2 से विभाजित करके प्राप्त किया जाता है। इसलिए, V<0xE2><0x82><0x99><0xE2><0x82><0x98><0xE2><0x82><0x9B> = V₀ / √2 = 300 V / √2 ≈ 212.1 V।
Q2. एक AC परिपथ में धारा का RMS मान 10 A है। धारा का शिखर मान क्या होगा?
Explanation: धारा का शिखर मान (I₀) RMS मान (I<0xE2><0x82><0x99><0xE2><0x82><0x98><0xE2><0x82><0x9B>) को √2 से गुणा करके प्राप्त किया जाता है। इसलिए, I₀ = √2 × I<0xE2><0x82><0x99><0xE2><0x82><0x98><0xE2><0x82><0x9B> = √2 × 10 A ≈ 14.14 A।
Q3. 44 mH के प्रेरकत्व वाले परिपथ में 50 Hz आवृत्ति पर प्रेरणिक प्रतिघात (X<0xE2><0x82><0x97>) का मान क्या है?
Explanation: प्रेरणिक प्रतिघात X<0xE2><0x82><0x97> = 2πfL। दिए गए मानों का उपयोग करके, X<0xE2><0x82><0x97> = 2 × 3.14 × 50 Hz × 44 × 10⁻³ H ≈ 13.83 Ω।
Q4. एक 60 μF संधारित्र के लिए 60 Hz आवृत्ति पर धारितीय प्रतिघात (X<0xE2><0x82><0x9C>) का मान क्या है?
Explanation: धारितीय प्रतिघात X<0xE2><0x82><0x9C> = 1 / (2πfC)। दिए गए मानों का उपयोग करके, X<0xE2><0x82><0x9C> = 1 / (2 × 3.14 × 60 Hz × 60 × 10⁻⁶ F) ≈ 44.23 Ω।
Q5. एक शुद्ध प्रतिरोधक परिपथ में, शक्ति व्यय किस पर निर्भर करता है?
Explanation: एक शुद्ध प्रतिरोधक परिपथ में, एक पूरे चक्र में नेट शक्ति व्यय P = V<0xE2><0x82><0x99><0xE2><0x82><0x98><0xE2><0x82><0x9B> × I<0xE2><0x82><0x99><0xE2><0x82><0x98><0xE2><0x82><0x9B> द्वारा दिया जाता है, जो RMS वोल्टेज और RMS धारा दोनों पर निर्भर करता है।
Frequently asked questions
प्रत्यावर्ती धारा (AC) परिपथों में RMS मान का क्या महत्व है?
RMS (रूट मीन स्क्वायर) मान AC वोल्टेज या धारा के उस प्रभावी मान को दर्शाता है जो एक प्रतिरोधक में उतनी ही ऊष्मा उत्पन्न करेगा जितनी कि समान मान का DC वोल्टेज या धारा उत्पन्न करता है। यह AC परिपथों में गणना के लिए एक मानक माप है।
AC परिपथ में प्रतिरोधक, प्रेरक और संधारित्र कैसे व्यवहार करते हैं?
प्रतिरोधक ओम के नियम का पालन करता है (V=IR)। प्रेरक प्रेरणिक प्रतिघात (X<0xE2><0x82><0x97> = 2πfL) प्रस्तुत करता है, जो आवृत्ति के साथ बढ़ता है। संधारित्र धारितीय प्रतिघात (X<0xE2><0x82><0x9C> = 1/(2πfC)) प्रस्तुत करता है, जो आवृत्ति के साथ घटता है।
क्या AC परिपथ में शक्ति व्यय हमेशा शून्य होता है?
नहीं, शक्ति व्यय केवल शुद्ध प्रतिरोधक परिपथों में होता है। शुद्ध प्रेरक या संधारित्र परिपथों में, शक्ति व्यय एक पूरे चक्र में शून्य होता है क्योंकि ऊर्जा संग्रहीत और वापस की जाती है। मिश्रित परिपथों में शक्ति व्यय प्रतिरोध पर निर्भर करता है।
प्रश्न 1 में शक्ति व्यय 484 W क्यों है?
प्रश्न 1 में परिपथ में केवल एक प्रतिरोधक है। शुद्ध प्रतिरोधक परिपथ में, शक्ति व्यय P = V<0xE2><0x82><0x99><0xE2><0x82><0x98><0xE2><0x82><0x9B> × I<0xE2><0x82><0x99><0xE2><0x82><0x98><0xE2><0x82><0x9B> = (220 V) × (2.2 A) = 484 W होता है।
प्रेरकत्व (L) और धारिता (C) के मात्रक क्या हैं?
प्रेरकत्व (L) का मात्रक हेनरी (H) है, और धारिता (C) का मात्रक फैरड (F) है।
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