कक्षा 12 भौतिकी: तरंग प्रकाशिकी NCERT समाधान
यह पृष्ठ कक्षा 12 भौतिकी के अध्याय 10, 'तरंग प्रकाशिकी' के लिए विस्तृत NCERT समाधान प्रदान करता है। इसमें प्रकाशिकी के तरंग सिद्धांत की गहन समझ शामिल है, जिसमें व्यतिकरण, विवर्तन और ध्रुवीकरण जैसी महत्वपूर्ण अवधारणाएँ शामिल हैं। समाधान प्रत्येक प्रश्न को स्पष्ट रूप से समझाते हैं, जिससे छात्रों को इन जटिल विषयों को समझने में मदद मिलती है। यह छात्रों को परीक्षा की तैयारी में सहायता करने के लिए एक मूल्यवान संसाधन के रूप में कार्य करता है, जो अवधारणाओं की स्पष्टता और समस्या-समाधान कौशल को बढ़ाता है।
Quick info
| Board | CBSE |
|---|---|
| Class | Class 12 |
| Subject | भौतिकी |
| Session | 2026 |
| Language | Hindi |
| Type | NCERT Solutions |
| Chapter | 10. तरंग प्रकाशिकी |
Chapter summary
कक्षा 12 भौतिकी के अध्याय 10, 'तरंग प्रकाशिकी' के लिए NCERT समाधान, प्रकाश के तरंग स्वरूप पर केंद्रित हैं। यह अध्याय व्यतिकरण, विवर्तन और ध्रुवीकरण जैसी घटनाओं की व्याख्या करता है, जो प्रकाश के कणिका सिद्धांत से परे जाकर तरंग प्रकृति को प्रदर्शित करती हैं। समाधान छात्रों को इन अवधारणाओं को समझने और संबंधित गणितीय समस्याओं को हल करने में सहायता करते हैं।
Learning outcomes
- प्रकाश के तरंग सिद्धांत की अवधारणा को समझना।
- परावर्तित और अपवर्तित प्रकाश की तरंगदैर्घ्य, आवृत्ति और चाल की गणना करना।
- विभिन्न स्रोतों से उत्पन्न तरंगाग्रों के आकार की पहचान करना।
- प्रकाश की चाल और माध्यम के अपवर्तनांक के बीच संबंध को समझना।
- प्रकाश के रंग के आधार पर माध्यम में उसकी चाल पर निर्भरता का विश्लेषण करना।
Topics covered
Paper topics
- तरंग प्रकाशिकी का परिचय
- प्रकाश की चाल और माध्यम
- अपवर्तनांक
- परावर्तित प्रकाश के गुण
- अपवर्तित प्रकाश के गुण
- तरंगाग्र की आकृति
- बिंदु स्रोत से तरंगाग्र
- समतल तरंगाग्र
- गोलीय तरंगाग्र
- प्रकाश की चाल का रंग पर निर्भरता
- काँच में प्रकाश की चाल
- जल में प्रकाश की चाल
Important topics
- परावर्तित और अपवर्तित प्रकाश की तरंगदैर्घ्य, आवृत्ति और चाल की गणना।
- तरंगाग्रों के विभिन्न आकृतियों की पहचान।
- अपवर्तनांक और प्रकाश की चाल के बीच संबंध।
- प्रकाश के रंग के आधार पर माध्यम में उसकी चाल पर निर्भरता।
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Questions and Solutions
प्रश्न 1
दिया गया है:
प्रकाश की तरंगदैर्घ्य, <math>\lambda = 589 \, \text{nm} = 589 \times 10^{-9} \, \text{m}</math>
जल का अपवर्तनांक, <math>\mu_w = 1.33</math>
निर्वात में प्रकाश की चाल, <math>c = 3 \times 10^8 \, \text{m/s}</math>
(a) परावर्तित प्रकाश के लिए:
जब प्रकाश किसी सतह से परावर्तित होता है, तो वह उसी माध्यम में रहता है। इसलिए, परावर्तित प्रकाश की तरंगदैर्घ्य, आवृत्ति और चाल आपतित प्रकाश के समान ही रहती है।
परावर्तित प्रकाश की तरंगदैर्घ्य = आपतित प्रकाश की तरंगदैर्घ्य = <math>\lambda = 589 \times 10^{-9} \, \text{m}</math>
परावर्तित प्रकाश की आवृत्ति = आपतित प्रकाश की आवृत्ति = <math>v = \frac{c}{\lambda} = \frac{3 \times 10^8 \, \text{m/s}}{589 \times 10^{-9} \, \text{m}} \approx 5.09 \times 10^{14} \, \text{Hz}</math>
परावर्तित प्रकाश की चाल = आपतित प्रकाश की चाल (वायु में) = <math>c = 3 \times 10^8 \, \text{m/s}</math>
(b) अपवर्तित प्रकाश के लिए:
जब प्रकाश एक माध्यम से दूसरे माध्यम में प्रवेश करता है (जैसे वायु से जल में), तो उसकी चाल और तरंगदैर्घ्य बदल जाती है, लेकिन आवृत्ति वही रहती है।
अपवर्तित प्रकाश की आवृत्ति = आपतित प्रकाश की आवृत्ति = <math>v \approx 5.09 \times 10^{14} \, \text{Hz}</math>
अपवर्तित प्रकाश की चाल जल में <math>v_w = \frac{c}{\mu_w} = \frac{3 \times 10^8 \, \text{m/s}}{1.33} \approx 2.25 \times 10^8 \, \text{m/s}</math>
अपवर्तित प्रकाश की तरंगदैर्घ्य <math>\lambda' = \frac{\lambda}{\mu_w} = \frac{589 \times 10^{-9} \, \text{m}}{1.33} \approx 4.42 \times 10^{-7} \, \text{m}</math>
उत्तर: परावर्तित प्रकाश की तरंगदैर्घ्य, आवृत्ति और चाल क्रमशः <math>589 \times 10^{-9} \, \text{m}</math>, <math>5.09 \times 10^{14} \, \text{Hz}</math>, और <math>3 \times 10^8 \, \text{m/s}</math> होगी। अपवर्तित प्रकाश की आवृत्ति <math>5.09 \times 10^{14} \, \text{Hz}</math>, तरंगदैर्घ्य <math>4.42 \times 10^{-7} \, \text{m}</math>, और चाल <math>2.25 \times 10^8 \, \text{m/s}</math> होगी।
प्रश्न 2
- किसी बिन्दु स्रोत से अपसरित प्रकाश।
- उत्तल लेंस से निर्गमित प्रकाश, जिसके फोकस बिन्दु पर कोई बिन्दु स्रोत रखा है।
- किसी दूरस्य तारे से आने वाले प्रकाश तरंगाग्र का पृथ्वी द्वारा अवरोधित (intercepted) भाग।
तरंगाग्र (Wavefront) एक ऐसा पृष्ठ होता है जिस पर तरंग के सभी कण एक ही कला (phase) में होते हैं। विभिन्न स्रोतों से उत्पन्न तरंगाग्रों की आकृतियाँ निम्नलिखित होती हैं:
- किसी बिन्दु स्रोत से अपसरित प्रकाश: जब प्रकाश किसी बिन्दु स्रोत से निकलता है, तो यह सभी दिशाओं में समान रूप से फैलता है। इस स्थिति में, तरंगाग्र की आकृति गोलीय (spherical) होती है, जिसका स्रोत केंद्र होता है।
- उत्तल लेंस से निर्गमित प्रकाश (फोकस पर स्रोत): जब एक बिन्दु स्रोत को उत्तल लेंस के फोकस पर रखा जाता है, तो लेंस से निर्गत प्रकाश किरणें समानांतर हो जाती हैं। इन समानांतर किरणों से बनने वाले तरंगाग्र की आकृति समतल (plane) होती है।
- किसी दूरस्थ तारे से आने वाले प्रकाश तरंगाग्र: बहुत दूर स्थित स्रोतों (जैसे दूरस्थ तारे) से आने वाली प्रकाश तरंगों के लिए, तरंगाग्र का एक छोटा सा भाग लगभग समतल माना जा सकता है। ऐसा इसलिए है क्योंकि स्रोत की अत्यधिक दूरी के कारण तरंग की वक्रता नगण्य हो जाती है। इसलिए, पृथ्वी द्वारा अवरोधित भाग समतल तरंगाग्र के रूप में होता है।
उत्तर: 1. गोलीय, 2. समतल, 3. समतल।
प्रश्न 3
- क्या काँच में प्रकाश की चाल, प्रकाश के रंग पर निर्भर करती है? यदि हाँ, तो लाल तथा बैंगनी रंग में से कौन-सा रंग काँच के प्रिज्म में धीमा चलता है?
(a) काँच में प्रकाश की चाल:
दिया गया है:
काँच का अपवर्तनांक, <math>\mu_{glass} = 1.5</math>
निर्वात् में प्रकाश की चाल, <math>c = 3.0 \times 10^8 \, \text{m/s}</math>
किसी माध्यम में प्रकाश की चाल (v) का सूत्र है: <math>v = \frac{c}{\mu}</math>
इसलिए, काँच में प्रकाश की चाल होगी:
<math>v_{glass} = \frac{c}{\mu_{glass}} = \frac{3.0 \times 10^8 \, \text{m/s}}{1.5} = 2.0 \times 10^8 \, \text{m/s}</math>
(b) प्रकाश की चाल का रंग पर निर्भरता:
हाँ, काँच में प्रकाश की चाल प्रकाश के रंग पर निर्भर करती है। ऐसा इसलिए है क्योंकि काँच का अपवर्तनांक प्रकाश के रंग (या तरंगदैर्घ्य) पर थोड़ा निर्भर करता है। इस घटना को वर्ण विक्षेपण (dispersion) कहते हैं।
सामान्यतः, सघन माध्यमों के लिए, बैंगनी रंग का अपवर्तनांक लाल रंग के अपवर्तनांक से अधिक होता है। चूँकि चाल <math>v = \frac{c}{\mu}</math> होती है, जिस रंग का अपवर्तनांक अधिक होगा, उस रंग की चाल माध्यम में कम होगी।
अतः, काँच के प्रिज्म में बैंगनी रंग का अपवर्तनांक लाल रंग से अधिक होने के कारण, बैंगनी रंग धीमा चलता है।
उत्तर: (a) काँच में प्रकाश की चाल <math>2.0 \times 10^8 \, \text{m/s}</math> है। (b) हाँ, काँच में प्रकाश की चाल रंग पर निर्भर करती है। बैंगनी रंग काँच के प्रिज्म में धीमा चलता है।
Common mistakes
- परावर्तन और अपवर्तन के दौरान आवृत्ति, तरंगदैर्घ्य और चाल में परिवर्तन को लेकर भ्रमित होना।
- तरंगाग्रों के विभिन्न आकृतियों (गोलीय, समतल) को सही ढंग से पहचानने में कठिनाई।
- अपवर्तनांक और प्रकाश की चाल के बीच संबंध को गलत समझना।
Revision tips
- प्रत्येक प्रश्न के हल को ध्यान से पढ़ें और समझें कि कौन सी भौतिक राशियाँ परिवर्तित होती हैं और कौन सी स्थिर रहती हैं।
- तरंगाग्रों के विभिन्न आकृतियों को याद करने के लिए चित्र बनाएं।
- अपवर्तनांक, प्रकाश की चाल और तरंगदैर्घ्य के बीच संबंधों को दर्शाने वाले सूत्रों का अभ्यास करें।
Practice MCQs
Q1. जब प्रकाश वायु से जल में प्रवेश करता है, तो कौन सी राशि अपरिवर्तित रहती है?
Explanation: जब प्रकाश एक माध्यम से दूसरे माध्यम में जाता है, तो उसकी आवृत्ति स्थिर रहती है, जबकि तरंगदैर्घ्य और चाल बदल सकती है।
Q2. यदि प्रकाश का अपवर्तनांक 1.33 है, तो जल में प्रकाश की चाल क्या होगी (निर्वात में चाल \(3 10^8\) m/s है)?
Explanation: जल में प्रकाश की चाल \({} = 2.25 10^8\) m/s होती है।
Q3. एक बिंदु स्रोत से निकलने वाले प्रकाश के लिए तरंगाग्र का आकार क्या होता है?
Explanation: एक बिंदु स्रोत से निकलने वाला प्रकाश सभी दिशाओं में समान रूप से फैलता है, जिससे गोलीय तरंगाग्र बनता है।
Q4. दूरस्थ तारे से आने वाले प्रकाश के लिए तरंगाग्र का आकार क्या माना जाता है?
Explanation: बहुत दूर स्थित स्रोतों से आने वाली तरंगें लगभग समतल मानी जाती हैं क्योंकि उनकी वक्रता नगण्य हो जाती है।
Q5. काँच के प्रिज्म में, कौन से रंग की प्रकाश की चाल धीमी होती है?
Explanation: बैंगनी रंग का अपवर्तनांक लाल रंग की तुलना में अधिक होता है, इसलिए काँच में बैंगनी रंग की चाल धीमी होती है।
Frequently asked questions
तरंग प्रकाशिकी अध्याय में कौन सी मुख्य अवधारणाएँ शामिल हैं?
इस अध्याय में प्रकाश के तरंग सिद्धांत, व्यतिकरण, विवर्तन, ध्रुवीकरण, तरंगाग्र की अवधारणा, और विभिन्न माध्यमों में प्रकाश की चाल और तरंगदैर्घ्य का अध्ययन शामिल है।
जब प्रकाश एक माध्यम से दूसरे माध्यम में जाता है तो क्या बदलता है?
जब प्रकाश एक माध्यम से दूसरे माध्यम में जाता है, तो उसकी तरंगदैर्घ्य और चाल बदल जाती है, लेकिन आवृत्ति स्थिर रहती है।
तरंगाग्र क्या होता है और इसके विभिन्न आकार क्या हैं?
तरंगाग्र एक ऐसा पृष्ठ होता है जिस पर तरंग के सभी कण एक ही कला (phase) में होते हैं। यह गोलीय (बिंदु स्रोत से) या समतल (दूरस्थ स्रोत से) हो सकता है।
क्या प्रकाश की चाल माध्यम में उसके रंग पर निर्भर करती है?
हाँ, प्रकाश की चाल माध्यम में उसके रंग पर निर्भर करती है। बैंगनी रंग लाल रंग की तुलना में सघन माध्यम में धीमी गति से चलता है क्योंकि इसका अपवर्तनांक अधिक होता है।
ये NCERT समाधान कक्षा 12 के छात्रों की परीक्षा की तैयारी में कैसे मदद करते हैं?
ये समाधान प्रत्येक प्रश्न के हल को विस्तृत और स्पष्ट तरीके से प्रस्तुत करते हैं, जिससे छात्रों को अवधारणाओं को गहराई से समझने और परीक्षा में पूछे जाने वाले प्रश्नों को हल करने का आत्मविश्वास मिलता है।
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