CBSE Class 12 Hindi Antra Chapter 9: पद NCERT Solutions

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This chapter, 'पद' (Pad) from CBSE Class 12 Hindi Antra, delves into the profound emotions of love, separation, and longing. The NCERT Solutions provided here offer detailed explanations for each question, helping students understand the nuances of the poems. Key themes explored include the pain of separation from a beloved, the overwhelming nature of love, and the constant yearning for the presence of the loved one. The solutions break down complex emotions and poetic expressions into easily digestible points, clarifying the underlying sentiments and literary devices used by the poets. These solutions are designed to aid students in grasping the core concepts, enhancing their comprehension skills, and preparing effectively for their examinations by offering clear, step-by-step analyses of the text.

Quick info

BoardCBSE
ClassClass 12
SubjectHindi Antra
Session2026
LanguageHindi
TypeNCERT Solutions
ChapterChapter 9

Chapter summary

Chapter 9, 'पद' (Pad), of the CBSE Class 12 Hindi Antra textbook focuses on poetic verses that explore themes of love and separation. The NCERT Solutions for this chapter provide in-depth answers to questions related to the emotional state of a separated lover, the nature of unfulfilled desire, and the ever-evolving depth of love. Students will find explanations that clarify the poetic expressions of longing, the reasons behind a heroine's sorrow, and the ineffable quality of true love.

Learning outcomes

  • Understand the emotions of a separated lover as depicted in poetry.
  • Analyze the reasons for a heroine's sorrow and unfulfilled desires.
  • Explain the concept of love's deepening and evolving nature.
  • Interpret poetic expressions related to longing and attraction.
  • Identify and understand the themes of love and separation in Hindi poetry.

Topics covered

Paper topics

  • विरह (Separation)
  • प्रेम की गहराई (Depth of Love)
  • अतृप्ति (Unfulfillment)
  • प्रियतम का सलोना रूप (Beloved's Charming Form)
  • प्रेम की नवीनता (Novelty of Love)
  • विरहणी नायिका की मनोदशा (Heroine's State of Mind in Separation)
  • प्रेम की अभिव्यक्ति (Expression of Love)
  • काव्यात्मक विश्लेषण (Poetic Analysis)

Important topics

  • विरहणी नायिका की मनोदशा
  • प्रेम की अतृप्ति और नवीनता
  • प्रेम की गहराई का काव्यात्मक वर्णन
  • विरह के कारण

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Questions and Solutions

प्रश्न 1

प्रियतमा के दुख के क्या कारण हैं?
Solution: प्रियतमा के दुख के कई कारण हैं, जिन्हें निम्नलिखित बिंदुओं में समझा जा सकता है:
  1. प्रियतम का परदेश गमन: प्रियतमा का प्रियतम उससे दूर परदेश चला गया है। वह उसके सान्निध्य के लिए व्याकुल है, लेकिन उसकी अनुपस्थिति उसे गहरा कष्ट दे रही है।
  2. सावन मास का आगमन: सावन का महीना शुरू हो गया है, जो प्रेम और मिलन का प्रतीक माना जाता है। इस मौसम में प्रियतम की अनुपस्थिति नायिका के अकेलेपन और विरह की पीड़ा को और बढ़ा देती है।
  3. घर का अकेलापन: प्रियतम के बिना घर का वातावरण उसे काटने को दौड़ता है, जिससे वह अत्यधिक अकेलापन महसूस करती है।
  4. प्रियतम द्वारा भुला दिए जाने का भय: नायिका को यह आशंका भी है कि शायद उसका प्रियतम परदेश जाकर उसे भूल गया हो, यह विचार उसे अंदर ही अंदर बहुत दुख देता है।

प्रश्न 2

कवि 'नयन न तिरिपत भेल' के माध्यम से विरहणी नायिका की किस मनोदशा को व्यक्त करना चाहता है?
Solution: कवि 'नयन न तिरिपत भेल' (आँखें तृप्त नहीं हुईं) पंक्तियों के माध्यम से विरहणी नायिका की उस तीव्र मनोदशा को व्यक्त करना चाहते हैं, जहाँ वह अपने प्रियतम के रूप को लगातार निहारते रहने की इच्छा रखती है, परन्तु उसे कभी तृप्ति नहीं मिलती। नायिका अपने प्रियतम के मनमोहक और निरंतर बदलते हुए सलोने रूप पर इतनी मोहित है कि वह उसे जितना भी देखती है, उसकी प्यास और बढ़ती जाती है। यह पंक्ति नायिका के प्रियतम के प्रति असीम प्रेम और उसकी रूप- माधुरी में खोए रहने की अवस्था को दर्शाती है, जहाँ वह कभी भी संतुष्ट नहीं हो पाती।

प्रश्न 3

नायिका के प्राण तृप्त न हो पाने के, कारण अपने शब्दों में लिखिए।
Solution: नायिका के प्राणों को तृप्ति न मिल पाने के मुख्य कारण उसके प्रियतम के प्रति उसका अथाह प्रेम और प्रियतम के रूप की अलौकिक मोहिनी शक्ति है। वह अपने प्रियतम को जितना अधिक सोचती और याद करती है, उतनी ही अधिक बेचैन हो जाती है। प्रियतम का सलोना स्वरूप उसे निरंतर आकर्षित करता है, और वह उसे देखते रहना चाहती है। उसके प्रेम की गहराई समय के साथ बढ़ती जा रही है, और हर पल उसे अपने प्रेम में एक नई ताजगी और नवीनता का अनुभव होता है। इसी कारण, वह अपने प्रियतम को कितना भी देख ले, उसे संतुष्टि या तृप्ति प्राप्त नहीं होती, वह सदैव अतृप्त बनी रहती है।

प्रश्न 4

'सेह फिरत अनुराग बखानिअ तिल-तिल नूतन हो' से लेखक का क्या आशय है?
Solution: 'सेह फिरत अनुराग बखानिअ तिल-तिल नूतन हो' (इस प्रेम का वर्णन करते हुए भी, यह पल-पल नवीन होता है) इन पंक्तियों से लेखक का आशय यह है कि प्रेम एक ऐसा अनुभव है जो समय के साथ पुराना होने के बजाय निरंतर नवीन और ताज़ा होता जाता है। कवि कहना चाहते हैं कि प्रेम की गहराई और उसका प्रभाव इतना अधिक होता है कि व्यक्ति उसमें डूबा रहता है और उसका वर्णन करने का प्रयास भी उसे और अधिक नवीनता का अनुभव कराता है। प्रेम स्थिर नहीं है; यह हर पल विकसित होता है, नई अनुभूतियाँ देता है, और इसी कारण इसका पूर्णतः वर्णन करना या इसे किसी एक अवस्था में बाँधना कठिन है। प्रेम की यह निरंतर नवीनता ही उसे विशेष बनाती है।

Common mistakes

  • Confusing the reasons for the heroine's sorrow.
  • Misinterpreting the depth and constancy of love.
  • Failing to grasp the poetic expression of unfulfilled desire.
  • Overlooking the evolving nature of love described in the verses.

Revision tips

  • Focus on understanding the emotional state of the characters in each verse.
  • Pay close attention to the poetic language used to describe love and separation.
  • Summarize the main reasons for the heroine's distress in your own words.
  • Relate the concept of 'ever-new' love to the examples provided in the solutions.
  • Practice explaining the meaning of key poetic lines.

Practice MCQs

Q1. प्रियतमा के दुख का एक मुख्य कारण क्या है?

Q2. कवि 'नयन न तिरिपत भेल' के माध्यम से नायिका की किस मनोदशा को व्यक्त करते हैं?

Q3. नायिका के प्राण तृप्त न हो पाने का क्या कारण है?

Q4. 'सेह फिरत अनुराग बखानिअ तिल-तिल नूतन हो' में लेखक का क्या आशय है?

Q5. लेखक के अनुसार प्रेम के बारे में व्यक्त करना क्यों कठिन है?

Frequently asked questions

यह NCERT समाधान किस कक्षा और विषय के लिए हैं?

यह NCERT समाधान CBSE कक्षा 12 के हिंदी 'अंतरा' विषय के लिए हैं, विशेष रूप से अध्याय 9: 'पद' पर केंद्रित हैं।

अध्याय 9 'पद' में मुख्य रूप से किन भावों का वर्णन किया गया है?

इस अध्याय में मुख्य रूप से प्रियतम से बिछड़ने के दुख (विरह), प्रेम की गहराई, और प्रियतम के प्रति अतृप्त प्रेम की भावनाओं का वर्णन किया गया है।

क्या ये समाधान परीक्षा की तैयारी में मदद करेंगे?

हाँ, ये समाधान प्रत्येक प्रश्न के विस्तृत उत्तर प्रदान करते हैं, जिससे छात्रों को पाठ की गहरी समझ विकसित करने और परीक्षा के लिए प्रभावी ढंग से तैयारी करने में मदद मिलती है।

नायिका के प्राण तृप्त क्यों नहीं हो पाते?

नायिका के प्राण इसलिए तृप्त नहीं हो पाते क्योंकि उसका प्रेम बहुत गहरा है और प्रियतम का रूप उसे इतना मोहक लगता है कि वह उसे जितना भी निहारे, उसे संतुष्टि नहीं मिलती। प्रेम में निरंतर नवीनता का अनुभव भी इसका एक कारण है।

लेखक प्रेम को व्यक्त करना कठिन क्यों मानते हैं?

लेखक प्रेम को व्यक्त करना इसलिए कठिन मानते हैं क्योंकि प्रेम स्थिर नहीं होता; यह समय के साथ गहराता है और इसमें निरंतर परिवर्तन व नई अनुभूतियाँ होती रहती हैं, जिसे शब्दों में पूरी तरह बाँधना मुश्किल है।

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