CBSE Class 12 Hindi Antra Chapter 16: गाँधी, नेहरू और यास्सेर अराफात NCERT Solutions

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This section provides detailed NCERT Solutions for Class 12 Hindi Antra, Chapter 16, focusing on 'गाँधी, नेहरू और यास्सेर अराफात'. The solutions cover significant interactions and observations related to Mahatma Gandhi, Jawaharlal Nehru, and Yasser Arafat, as described by the author. Students will find explanations regarding the author's visit to Sevagram, Gandhi Ji's compassionate behavior towards a sick child, Nehru Ji's interactions in Kashmir, and India's supportive stance towards Palestine. These solutions aim to clarify the historical context and the personal qualities of these prominent figures, aiding students in their exam preparation by offering clear and concise answers to chapter-related questions.

Quick info

BoardCBSE
ClassClass 12
SubjectHindi Antra
Session2026
LanguageHindi
TypeNCERT Solutions
ChapterChapter 16

Chapter summary

Chapter 16 of the Class 12 Hindi Antra textbook delves into the author's encounters and observations concerning Mahatma Gandhi, Jawaharlal Nehru, and Yasser Arafat. The NCERT Solutions for this chapter offer detailed answers to questions about the author's visit to Sevagram, Gandhi Ji's empathetic nature, Nehru Ji's reception in Kashmir, and India's foreign policy towards Palestine. These solutions help students grasp the nuances of these historical figures' personalities and their interactions.

Learning outcomes

  • Understand the author's experiences visiting Mahatma Gandhi at Sevagram.
  • Analyze Mahatma Gandhi's compassionate behavior towards a sick child.
  • Identify Jawaharlal Nehru's characteristics through an anecdote in Kashmir.
  • Explain India's supportive foreign policy towards Palestine.
  • Describe Yasser Arafat's hospitality based on the provided events.

Topics covered

Paper topics

  • Author's visit to Sevagram
  • Gandhi Ji's interaction with a sick child
  • Nehru Ji's welcome in Kashmir
  • Nehru Ji's personality traits
  • India's policy towards Palestine
  • Yasser Arafat's hospitality

Important topics

  • Gandhi Ji's compassionate nature
  • Nehru Ji's character through anecdotes
  • India's foreign relations with Palestine
  • Author's personal experiences and observations

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Questions and Solutions

प्रश्न 1. लेखक सेवाग्राम कब और क्यों गया था?

लेखक सेवाग्राम कब और क्यों गया था?
Solution: लेखक सन् 1938 में महात्मा गाँधी से मिलने के लिए सेवाग्राम गया था। वह गाँधी जी से मिलने के लिए बहुत उत्सुक थे और उनसे व्यक्तिगत रूप से मिलना चाहते थे।

प्रश्न 2. लेखक का गाँधी जी के साथ चलने का पहला अनुभव किस प्रकार का रहा?

लेखक का गाँधी जी के साथ चलने का पहला अनुभव किस प्रकार का रहा?
Solution: लेखक का गाँधी जी के साथ चलने का पहला अनुभव काफी यादगार रहा। लेखक के भाई ने उन्हें बताया था कि गाँधी जी से मिलने के लिए सुबह 7 बजे एक निश्चित स्थान पर उपस्थित होना होगा, क्योंकि गाँधी जी वहीं से गुजरते थे। सुबह निर्धारित समय पर दोनों भाई गाँधी जी को देखने के लिए भागे। गाँधी जी को प्रत्यक्ष देखकर लेखक आश्चर्यचकित रह गए और उन्होंने कहा कि गाँधी जी बिल्कुल वैसे ही दिखते हैं जैसे वे चित्रों में दिखाई देते हैं। यह सुनकर गाँधी जी के चेहरे पर एक हल्की सी मुस्कान आई और वे आगे बढ़ गए। यह लेखक का गाँधी जी से मिलने का पहला और अनोखा अनुभव था।

प्रश्न 3. लेखक ने सेवाग्राम में किन लोगों के आने का जिक्र किया है?

लेखक ने सेवाग्राम में किन लोगों के आने का जिक्र किया है?
Solution: लेखक ने सेवाग्राम में कई महत्वपूर्ण हस्तियों के आगमन का उल्लेख किया है। इनमें प्रमुख रूप से जवाहरलाल नेहरू, महात्मा गाँधी, यास्सेर अराफात, पृथ्वीसिंह आजाद, मीरा बेन, खान अब्दुल गफ्फार खान, राजेंद्र बाबू (डॉ. राजेंद्र प्रसाद), और कस्तूरबा गाँधी शामिल थे। इन सभी का सेवाग्राम में आना लेखक के लिए विशेष अनुभव था।

प्रश्न 4. रोगी बालक के प्रति गाँधी जी का व्यवहार किस प्रकार का था?

रोगी बालक के प्रति गाँधी जी का व्यवहार किस प्रकार का था?
Solution: रोगी बालक के प्रति गाँधी जी का व्यवहार अत्यंत करुणामय और संवेदनशील था। जब गाँधी जी ने बीमार बालक को देखा, तो उन्होंने स्नेहपूर्वक उसके पेट पर हाथ फेरा और उसे उल्टी करने के लिए कहा। बालक के उल्टी करते समय, गाँधी जी ने धीरे-धीरे उसकी पीठ सहलाई, जिससे उसे आराम मिले। बालक की तबीयत में सुधार होने पर गाँधी जी ने उससे हल्के-फुल्के ढंग से कहा, 'तू भी पागल है'। गाँधी जी का यह व्यवहार उनकी गहरी मानवीय संवेदना और देखभाल को दर्शाता है।

प्रश्न 5. कश्मीर के लोगों ने नेहरू जी का स्वागत किस प्रकार किया था?

कश्मीर के लोगों ने नेहरू जी का स्वागत किस प्रकार किया था?
Solution: कश्मीर के लोगों ने जवाहरलाल नेहरू जी का स्वागत बड़े उत्साह और गर्मजोशी के साथ किया था। उन्होंने नेहरू जी के आगमन पर विभिन्न प्रकार के फूलों से बनी मालाएँ पहनाकर उनका अभिनंदन किया, जो उनके प्रति सम्मान और प्रेम को व्यक्त करता था।

प्रश्न 6. अख़बार वाली घटना से नेहरू जी के व्यक्तित्व की कौन सी विशेषता स्पष्ट होती है?

अख़बार वाली घटना से नेहरू जी के व्यक्तित्व की कौन सी विशेषता स्पष्ट होती है?
Solution: अख़बार वाली घटना से जवाहरलाल नेहरू जी के व्यक्तित्व की सहनशीलता, मितभाषी (कम बोलने वाले) और शालीनता जैसी महत्वपूर्ण विशेषताएँ स्पष्ट होती हैं। इस घटना में, लेखक नेहरू जी का पढ़ा हुआ अख़बार पढ़ रहा था। जब नेहरू जी वापस आए और उन्होंने लेखक को अख़बार पढ़ते देखा, तो उन्होंने बड़ी विनम्रता से पूछा, "क्या आपने अख़बार पढ़ लिया हो तो मुझे दे दीजिए, मैं भी पढ़ लूँगा।" नेहरू जी का यह विनम्र निवेदन उनकी शालीनता और दूसरों के प्रति सम्मान को दर्शाता है।

प्रश्न 7. फिलिस्तीन के प्रति भारत का रवैया बहुत सहानभूतिपूर्ण एवं समर्थन भरा क्यों था?

फिलिस्तीन के प्रति भारत का रवैया बहुत सहानभूतिपूर्ण एवं समर्थन भरा क्यों था?
Solution: भारत का फिलिस्तीन के प्रति रवैया हमेशा से सहानुभूतिपूर्ण और समर्थन भरा रहा है, जिसका मुख्य कारण यह था कि फिलिस्तीन को अन्य देशों से उसके विकास के लिए पर्याप्त समर्थन नहीं मिल रहा था। फिलिस्तीन के लोग स्वभाव से बहुत अच्छे और विनम्र थे। भारत ने उनकी स्थिति को समझते हुए हमेशा उनका साथ दिया और समर्थन प्रदान किया।

प्रश्न 8. अराफात के आतिथ्य प्रेम से संबन्धित किन्हीं दो घटनाओं का वर्णन कीजिए।

अराफात के आतिथ्य प्रेम से संबन्धित किन्हीं दो घटनाओं का वर्णन कीजिए।
Solution: यास्सेर अराफात अपने आतिथ्य प्रेम के लिए जाने जाते थे। उनसे संबंधित दो घटनाएँ इस प्रकार हैं:
  1. अराफात सभी आगंतुकों का बड़े प्रेम और उत्साह के साथ स्वागत करते थे और उन्हें शहद का शरबत पीने के लिए आग्रह करते थे।
  2. वे अपने मेहमानों को विभिन्न प्रकार के अनूठे फल खिलाते थे और उनके बारे में जानकारी देते थे। उन्होंने शहद की चटनी के बारे में भी बताया, जो उनके आतिथ्य सत्कार का एक हिस्सा था।

Common mistakes

  • Confusing the timeline of events related to Gandhi Ji's visit.
  • Misinterpreting Nehru Ji's personality traits from the newspaper incident.
  • Failing to recall specific details of Arafat's hospitality.

Revision tips

  • Focus on the author's personal observations to understand the personalities of Gandhi, Nehru, and Arafat.
  • Pay attention to the specific incidents described, such as the sick child or the newspaper incident, as they highlight key traits.
  • Review the reasons behind India's foreign policy towards Palestine as explained in the solutions.
  • Practice answering questions about the author's visit to Sevagram and his interactions.

Practice MCQs

Q1. लेखक सेवाग्राम गाँधी जी से मिलने किस वर्ष गया था?

Q2. गाँधी जी ने रोगी बालक के पेट पर हाथ फेरने के बाद क्या करने को कहा?

Q3. कश्मीर के लोगों ने नेहरू जी का स्वागत कैसे किया था?

Q4. अख़बार वाली घटना से नेहरू जी के व्यक्तित्व की कौन सी विशेषता उजागर होती है?

Q5. भारत का फिलिस्तीन के प्रति रवैया कैसा रहा है?

Frequently asked questions

यह समाधान किस कक्षा और विषय के लिए हैं?

यह समाधान सीबीएसई कक्षा 12 हिंदी अंतरा के लिए हैं, विशेष रूप से अध्याय 16 'गाँधी, नेहरू और यास्सेर अराफात' पर केंद्रित हैं।

समाधान में किन प्रमुख हस्तियों का उल्लेख है?

समाधान में महात्मा गाँधी, जवाहरलाल नेहरू और यास्सेर अराफात का उल्लेख है, साथ ही लेखक के उनके साथ हुए अनुभवों का वर्णन है।

गाँधी जी के रोगी बालक के प्रति व्यवहार के बारे में क्या बताया गया है?

समाधान बताते हैं कि गाँधी जी ने रोगी बालक को सहजता से उल्टी करने में मदद की और उसकी पीठ सहलाकर उसे आराम पहुँचाया, जो उनकी करुणा को दर्शाता है।

नेहरू जी के व्यक्तित्व की कौन सी विशेषता अख़बार वाली घटना से पता चलती है?

अख़बार वाली घटना से नेहरू जी की विनम्रता, शालीनता और सहनशीलता का पता चलता है, जब उन्होंने लेखक से विनम्रतापूर्वक अख़बार माँगा।

भारत का फिलिस्तीन के प्रति रवैया समाधान में कैसे समझाया गया है?

समाधान के अनुसार, भारत का रवैया फिलिस्तीन के प्रति सहानुभूतिपूर्ण और समर्थन भरा रहा है क्योंकि अन्य देश उसके विकास में सहायक नहीं थे।

ये समाधान छात्रों की परीक्षा की तैयारी में कैसे मदद करेंगे?

ये समाधान अध्याय के महत्वपूर्ण प्रश्नों के स्पष्ट और विस्तृत उत्तर प्रदान करते हैं, जिससे छात्रों को मुख्य अवधारणाओं को समझने और परीक्षा के लिए प्रभावी ढंग से तैयारी करने में मदद मिलती है।

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