CBSE Class 12 Hindi Antra Chapter 15 - संवदिया NCERT Solutions

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This chapter, 'संवदिया' from the Class 12 Hindi Antra textbook, delves into the role and perception of a messenger in a village setting. The NCERT Solutions provided here offer detailed answers to the questions based on the story. They explore the unique characteristics of the 'संवदिया' (messenger) and how villagers perceive his role, often viewing it as a simple task of message delivery. The solutions also shed light on the internal conflicts and anxieties of characters, such as Hargobind's apprehension when summoned by the 'Badi Haveli' and the emotional turmoil of the 'Badi Bahuria' when she decides to send a message to her mother. These solutions are designed to help students grasp the nuances of the narrative, understand character motivations, and prepare effectively for their examinations by providing clear and concise explanations.

Quick info

BoardCBSE
ClassClass 12
SubjectHindi Antra
Session2026
LanguageHindi
TypeNCERT Solutions
ChapterChapter 15

Chapter summary

Chapter 15, 'संवदिया', focuses on the character of a messenger and the societal perception of his role. The NCERT Solutions cover questions about the messenger's distinct qualities, the villagers' understanding of his job, and the emotional weight carried by messages. It examines Hargobind's anxieties and the poignant situation of the 'Badi Bahuria' conveying her distress to her mother, highlighting the human element behind the act of message delivery.

Learning outcomes

  • Understand the unique characteristics of a 'संवदिया' (messenger).
  • Analyze the villagers' perception of the messenger's role.
  • Identify and explain Hargobind's anxieties regarding secret messages.
  • Describe the emotional state of the 'Badi Bahuria' when sending a message to her mother.
  • Explain the significance of the 'काँटे की चुभन' (prick of thorns) metaphor in the story.

Topics covered

Paper topics

  • संवदिया का चरित्र चित्रण
  • गांव वालों की अवधारणा
  • हरगोबिंद की आशंकाएं
  • बड़ी बहुरिया की व्यथा
  • संदेश का महत्व
  • भावनात्मक अभिव्यक्ति
  • ग्रामीण जीवन
  • फणीश्वरनाथ रेणु की रचनाएं

Important topics

  • संवदिया की विशेषताएं और गांव वालों की धारणा
  • हरगोबिंद की हवेली में अतीत की स्मृतियाँ
  • बड़ी बहुरिया का अपनी माँ को संदेश
  • संदेशवाहक के रूप में संवदिया का भावनात्मक अनुभव

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Questions and Solutions

प्रश्न 1

संवदिया की क्या विशेषताएं हैं और गांव वालों के मन में संवदिया की क्या अवधारणा है?
Solution: फणीश्वरनाथ रेणु की कहानी 'संवदिया' में, संवदिया की मुख्य विशेषता यह है कि वह संदेश को उसी रूप में, उसी भाव से पहुंचाता था जिस तरह से उसे बताया गया था। यदि संदेश देने वाले ने बात को रोककर कहा है, तो वह भी उसे रोककर ही पहुंचाएगा; यदि हंसकर कहा है, तो हंसकर पहुंचाएगा। वह संदेश में अपनी ओर से कोई बदलाव या मिलावट नहीं करता।

गांव वालों के मन में संवदिया के प्रति एक सामान्य अवधारणा थी कि उसका काम केवल एक स्थान से दूसरे स्थान तक संदेश पहुंचाना है। वे इसे एक ऐसा कार्य मानते थे जिसे कोई भी व्यक्ति कर सकता है और इसमें किसी विशेष योग्यता या महत्व की आवश्यकता नहीं होती। वे संवदिया को केवल एक माध्यम के रूप में देखते थे, न कि संदेश के भावनात्मक या सामाजिक महत्व को समझने वाले व्यक्ति के रूप में।

प्रश्न 2

बड़ी हवेली से बुलावा आने पर गोबिन के मन में किस प्रकार की आशंका हुई?
Solution: जब हरगोबिंद को बड़ी हवेली से बुलावा आया, तो उसके मन में एक विशेष प्रकार की आशंका उत्पन्न हुई। उसे लगा कि यह बुलावा किसी सामान्य संदेश के लिए नहीं है, बल्कि अवश्य ही कोई ऐसा गुप्त या महत्वपूर्ण संदेश होगा जिसे वहन करने की जिम्मेदारी उसे दी जाएगी। ऐसी सूचनाएं अक्सर गोपनीय होती थीं और उनके वितरण में एक विशेष प्रकार का जोखिम या महत्व जुड़ा होता था, जिसके कारण हरगोबिंद आशंकित हो गया।

प्रश्न 3

बड़ी बह्रिया अपने मायके संदेश क्यों भेजना चाहती थी?
Solution: बड़ी बहुरिया अपने मायके अपनी माँ को अपनी वर्तमान दयनीय स्थिति और कष्टों के बारे में बताना चाहती थी। वह चाहती थी कि उसकी माँ उसकी दुर्दशा को समझें और इस संदेश को सुनकर उसे जल्द से जल्द अपने घर वापस ले जाएं। वह अपनी माँ से सहायता की अपेक्षा कर रही थी और संवदिया के माध्यम से अपनी व्यथा व्यक्त करना चाहती थी ताकि उसे इस कष्टप्रद परिस्थिति से मुक्ति मिल सके।

प्रश्न 4

हरगोबिन बड़ी हवेली में पह्ंचकर अतीत की किन स्मृतियों में खो जाता है?
Solution: जब हरगोबिंद बड़ी हवेली में पहुंचा, तो उसे अतीत की कई स्मृतियाँ याद आने लगीं। उसे हवेली का वह समय याद आया जब उसकी शान और ठाट-बाट कुछ और ही थी। उसे याद आया कि कैसे पहले हवेली में बहुत सारे नौकर-चाकर होते थे, और बड़ी बहुरिया अपने मेहंदी लगे हाथों से कई परिवारों की जिम्मेदारियों का निर्वहन करती थीं। यह सब देखकर उसे हवेली के बीते हुए वैभव और व्यवस्था की याद आ गई।

प्रश्न 5

संवाद कहते वक्त बड़ी बह्रिया की आँखे क्यों छलछला आई.?
Solution: संवाद कहते वक्त बड़ी बह्रिया की आँखें इसलिए छलछला आईं क्योंकि वह अपनी दयनीय और कष्टप्रद स्थिति को छिपाने का प्रयास कर रही थी, लेकिन जब वह अपनी व्यथा को हरगोबिंद को बता रही थी, तो उसकी भावनाओं पर नियंत्रण नहीं रह सका। अपनी दुर्दशा का वर्णन करते हुए, उसे अपनी बेबसी और अकेलेपन का एहसास हुआ, जिसके कारण उसकी आँखों में आँसू आ गए।

प्रश्न 6

गाड़ी पर सवार होने के बाद संवदिया के मन में काँटे की चुभन का अनुभव क्यों हो रहा था.? उससे छूटकारा पाने के लिए उसने क्या उपाय सोचा.?
Solution: गाड़ी पर सवार होने के बाद संवदिया (हरगोबिंद) के मन में 'काँटे की चुभन' का अनुभव हो रहा था क्योंकि बड़ी बहुरिया द्वारा अपनी माँ से सहायता मांगने वाला संदेश उसके लिए अत्यंत मार्मिक और असामान्य था। उसने आज तक ऐसा संदेश नहीं पहुंचाया था जिसमें एक बेटी अपनी माँ से इतनी बेबसी और पीड़ा के साथ सहायता की गुहार लगा रही हो। यह संदेश उसके अंतर्मन को गहराई से प्रभावित कर रहा था।

इस चुभन से छुटकारा पाने के लिए, उसने सोचा कि वह इस संदेश को अपने मन से निकालने का प्रयास करेगा और इसे केवल एक सामान्य संदेश के रूप में ही देखेगा, जैसे वह अन्य संदेशों को देखता है। उसने यह भी तय किया कि वह इस संदेश के भावनात्मक बोझ को अपने ऊपर हावी नहीं होने देगा और अपने काम को निष्पक्ष रूप से पूरा करेगा।

Common mistakes

  • Confusing the messenger's personal feelings with the message itself.
  • Underestimating the emotional impact of delivering sensitive messages.
  • Failing to connect the 'Badi Bahuria's' past responsibilities with her present distress.

Revision tips

  • Focus on the character traits of the 'संवदिया' and how they are portrayed.
  • Analyze the emotional journey of Hargobind and the 'Badi Bahuria'.
  • Pay attention to the symbolic meanings, like the 'काँटे की चुभन'.
  • Reread the story, keeping the questions and answers in mind to reinforce understanding.

Practice MCQs

Q1. संवदिया की मुख्य विशेषता क्या थी?

Q2. गांव वालों के मन में संवदिया के लिए क्या आम धारणा थी?

Q3. बड़ी हवेली से बुलावा आने पर हरगोबिंद को किस बात की आशंका हुई?

Q4. बड़ी बहुरिया संदेश क्यों भेजना चाहती थी?

Q5. गाड़ी पर सवार होने के बाद संवदिया को 'काँटे की चुभन' का अनुभव क्यों हुआ?

Frequently asked questions

यह NCERT समाधान किस कक्षा और विषय के लिए हैं?

यह NCERT समाधान कक्षा 12 के हिंदी अंतरा विषय के लिए हैं, विशेष रूप से अध्याय 15 'संवदिया' पर केंद्रित हैं।

संवदिया की मुख्य विशेषता क्या बताई गई है?

संवदिया की मुख्य विशेषता यह है कि वह संदेश को उसी रूप में, उसी भाव से पहुंचाता था जैसे उसे प्राप्त हुआ था, बिना किसी बदलाव के।

बड़ी हवेली से बुलावा आने पर हरगोबिंद को क्या आशंका हुई?

हरगोबिंद को आशंका हुई कि उसे कोई गुप्त या महत्वपूर्ण संदेश ले जाना होगा, जिसकी जानकारी सार्वजनिक नहीं होनी चाहिए।

बड़ी बहुरिया ने अपनी माँ को संदेश क्यों भेजा?

बड़ी बहुरिया अपनी दयनीय स्थिति से अपनी माँ को अवगत कराना चाहती थी और उनसे मदद की गुहार लगाना चाहती थी।

कहानी में 'काँटे की चुभन' का क्या अर्थ है?

'काँटे की चुभन' का अर्थ संवदिया के मन में बड़ी बहुरिया द्वारा माँ से मांगी गई सहायता के मार्मिक संदेश का भावनात्मक प्रभाव है।

ये समाधान छात्रों को परीक्षा की तैयारी में कैसे मदद करते हैं?

ये समाधान अध्याय के मुख्य बिंदुओं, पात्रों की भावनाओं और कहानी के संदेशों को स्पष्ट करते हैं, जिससे छात्रों को परीक्षा में पूछे जाने वाले प्रश्नों के उत्तर देने में मदद मिलती है।

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