कक्षा 11 जीव विज्ञान अध्याय 15: पादप वृद्धि एवं परिवर्धन - NCERT समाधान
यह पृष्ठ कक्षा 11 जीव विज्ञान के अध्याय 15, 'पादप वृद्धि एवं परिवर्धन' के लिए विस्तृत NCERT समाधान प्रस्तुत करता है। इसमें वृद्धि, विभेदन, परिवर्धन, निर्विभेदन, पुनर्विभेदन, सीमित वृद्धि, मेरिस्टेम और वृद्धि दर जैसी महत्वपूर्ण अवधारणाओं की स्पष्ट परिभाषाएँ शामिल हैं। समाधान छात्रों को विभिन्न प्रकार की वृद्धि, जैसे अंकगणितीय और ज्यामितीय वृद्धि, और सिग्मॉइड वृद्धि वक्र की व्याख्या करते हैं। यह अध्याय पौधों के जीवन चक्र में होने वाले विभिन्न परिवर्तनों और वृद्धि को प्रभावित करने वाले कारकों को समझने में मदद करता है। ये समाधान छात्रों को परीक्षा की तैयारी के लिए एक स्पष्ट और संक्षिप्त मार्गदर्शिका प्रदान करते हैं, जिससे वे जटिल अवधारणाओं को आसानी से समझ सकें।
Quick info
| Board | CBSE |
|---|---|
| Class | Class 11 |
| Subject | जीव विज्ञान |
| Session | 2026 |
| Language | Hindi |
| Type | NCERT Solutions |
| Chapter | 15. पादप वृद्धि एवं परिवर्धन |
Chapter summary
अध्याय 15 'पादप वृद्धि एवं परिवर्धन' के ये NCERT समाधान पौधों की वृद्धि और विकास से संबंधित प्रमुख शब्दावली को परिभाषित करते हैं। इसमें वृद्धि के विभिन्न मापदंडों, अंकगणितीय और ज्यामितीय वृद्धि के बीच अंतर, सिग्मॉइड वक्र की व्याख्या और संपूर्ण व सापेक्ष वृद्धि दर की अवधारणाओं को शामिल किया गया है। यह छात्रों को पौधों में होने वाली वृद्धि की प्रक्रियाओं को समझने और उनका विश्लेषण करने में सहायता करता है।
Learning outcomes
- वृद्धि, विभेदन, परिवर्धन, निर्विभेदन, पुनर्विभेदन, सीमित वृद्धि, मेरिस्टेम और वृद्धि दर को परिभाषित करना।
- पौधों में वृद्धि को केवल एक प्राचालिक से वर्णित नहीं किया जा सकता, इसके कारणों को समझना।
- अंकगणितीय और ज्यामितीय वृद्धि के बीच अंतर स्पष्ट करना।
- सिग्मॉइड वृद्धि वक्र की विभिन्न अवस्थाओं की व्याख्या करना।
- संपूर्ण और सापेक्ष वृद्धि दर की अवधारणाओं को समझना।
Topics covered
Paper topics
- वृद्धि की परिभाषा
- विभेदन
- परिवर्धन
- निर्विभेदन
- पुनर्विभेदन
- सीमित वृद्धि
- मेरिस्टेम
- वृद्धि दर
- अंकगणितीय वृद्धि
- ज्यामितीय वृद्धि
- सिग्मॉइड वृद्धि वक्र
- संपूर्ण एवं सापेक्ष वृद्धि दर
Important topics
- वृद्धि, विभेदन, परिवर्धन की परिभाषाएँ
- अंकगणितीय बनाम ज्यामितीय वृद्धि
- सिग्मॉइड वृद्धि वक्र की अवस्थाएँ
- वृद्धि दर के मापदंड
- मेरिस्टेम की भूमिका
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Questions and Solutions
प्रश्न 1
यहाँ पादप वृद्धि एवं परिवर्धन से संबंधित प्रमुख शब्दावली की परिभाषाएँ दी गई हैं:
- वृद्धि (Growth): वृद्धि एक अनपलट (irreversible), बढ़तयुक्त (cumulative) प्रक्रिया है जिसमें किसी जीव के आकार, क्षेत्रफल, लम्बाई, आयतन या कोशिका संख्या में वृद्धि होती है। यह ऊर्जा व्यय करके होने वाली उपापचयी क्रियाओं का परिणाम है।
- विभेदन (Differentiation): शीर्ष विभज्योतक या कैम्बियम जैसी विभज्योतक कोशिकाओं से उत्पन्न कोशिकाएँ, जो शुरू में समान होती हैं, बाद में विशिष्ट संरचनात्मक और कार्यात्मक भूमिकाओं के लिए रूपांतरित हो जाती हैं; उदाहरण के लिए, जाइलम और फ्लोएम के तत्वों का निर्माण।
- परिवर्धन (Development): यह एक जीव के जीवन चक्र में होने वाले सभी परिवर्तनों का एक व्यापक शब्द है, जिसमें बीजांकुरण से लेकर वृद्धावस्था तक की सभी अवस्थाएँ शामिल हैं।
- निर्विभेदन (Dedifferentiation): यह वह प्रक्रिया है जिसमें एक जीवित, विभेदित स्थायी कोशिका, जिसमें विभाजन की क्षमता समाप्त हो चुकी होती है, पुनः विभाजन की क्षमता प्राप्त कर लेती है; उदाहरण के लिए, कॉर्क एधा और अन्तरापूलीय एधा का निर्माण।
- पुनर्विभेदन (Redifferentiation): निर्विभेदित कोशिकाओं या ऊतकों से बनी कोशिकाएँ अपनी विभाजन क्षमता खो देती हैं और एक विशिष्ट कार्य करने के लिए पुनः रूपांतरित हो जाती हैं।
- सीमित वृद्धि (Determinate Growth): कुछ अंगों या जीवों में वृद्धि एक निश्चित सीमा तक ही होती है और फिर रुक जाती है। पौधों में, कुछ संरचनाएँ सीमित वृद्धि दर्शाती हैं, जबकि अन्य (जैसे जड़ और तने के शीर्ष) में असीमित वृद्धि की क्षमता होती है।
- मेरिस्टेम (Meristem): ये विभज्योतक ऊतक होते हैं जिनकी कोशिकाएँ लगातार विभाजित होती रहती हैं। ये पौधों में प्राथमिक वृद्धि (लंबाई) और द्वितीयक वृद्धि (मोटाई) के लिए जिम्मेदार होते हैं, जैसे मूल शीर्ष, स्तम्भ शीर्ष और कैम्बियम।
- वृद्धि दर (Growth Rate): यह समय की प्रति इकाई में हुई वृद्धि की मात्रा को मापती है। इसे ज्यामितीय या अंकगणितीय रूप से व्यक्त किया जा सकता है, जो वृद्धि के पैटर्न पर निर्भर करता है।
प्रश्न 2
पृष्पित पौधों (Flowering plants) के जीवन में वृद्धि को केवल एक प्राचालिक (जैसे केवल लंबाई या केवल भार) से वर्णित नहीं किया जा सकता क्योंकि:
- जटिल प्रक्रियाएँ: पौधों में वृद्धि कोशिका विभाजन, कोशिका दीर्घीकरण और कोशिका विभेदन जैसी कई जटिल प्रक्रियाओं का एक साथ परिणाम होती है।
- विभिन्न मापदंड: वृद्धि को विभिन्न मापदंडों द्वारा मापा जा सकता है, जैसे कि ताजे भार में वृद्धि, शुष्क भार में वृद्धि, लंबाई में वृद्धि, क्षेत्रफल में वृद्धि, आयतन में वृद्धि और कोशिका संख्या में वृद्धि। इनमें से कोई भी एक मापदंड वृद्धि की पूरी तस्वीर नहीं देता है।
- विभिन्न प्रकार की वृद्धि: पौधों में प्राथमिक वृद्धि (लंबाई में वृद्धि, शीर्षस्थ विभज्योतक द्वारा) और द्वितीयक वृद्धि (मोटाई में वृद्धि, पार्श्व विभज्योतक द्वारा) दोनों होती हैं। ये विभिन्न प्रकार की वृद्धि विभिन्न मापदंडों को प्रभावित करती हैं।
- उदाहरण: मक्का की जड़ का अग्रस्थ मेरिस्टेम प्रति घंटे हजारों नई कोशिकाएँ बनाता है, जबकि तरबूज की कोशिका का आकार लाखों गुना बढ़ सकता है। पराग नलिका की वृद्धि लंबाई में होती है। ये सभी वृद्धि के विभिन्न रूप हैं जिन्हें एक ही प्राचालिक से नहीं समझा जा सकता।
इसलिए, पौधों की वृद्धि की समग्र समझ के लिए कई प्राचालिकों पर विचार करना आवश्यक है।
प्रश्न 3
यहाँ विभिन्न प्रकार की वृद्धि और वृद्धि दर का संक्षिप्त वर्णन दिया गया है:
(अ) अंकगणितीय वृद्धि (Arithmetic Growth):
इस प्रकार की वृद्धि में, समसूत्री विभाजन के पश्चात् बनने वाली दो संतति कोशिकाओं में से एक कोशिका लगातार विभाजित होती रहती है, जबकि दूसरी कोशिका विभेदित होकर परिपक्व हो जाती है। इस प्रकार, वृद्धि एक निश्चित दर से जारी रहती है। इसका एक उत्कृष्ट उदाहरण मक्का की जड़ का अग्रस्थ मेरिस्टेम है। यदि वृद्धि को समय के विरुद्ध आलेखित किया जाए, तो एक सीधी रेखा (रेखीय वक्र) प्राप्त होती है। इसे गणितीय रूप से निम्न प्रकार व्यक्त किया जा सकता है:
जहाँ:
- = समय 't' पर लम्बाई
- = समय '0' पर लम्बाई
- = वृद्धि दर (दीर्घीकरण प्रति इकाई समय में)
(ब) ज्यामितीय वृद्धि (Geometric Growth):
इस प्रकार की वृद्धि में, कोशिकाएँ समसूत्री विभाजन से विभाजित होती हैं, और दोनों संतति कोशिकाएँ विभाजित होती रहती हैं। प्रारंभिक अवस्था में वृद्धि दर धीमी होती है (लैग फेज), फिर यह तीव्र हो जाती है (लॉगरिदमिक फेज), और अंततः एक स्थिर अवस्था में पहुँच जाती है (स्थिर फेज)। यह वृद्धि तब होती है जब पोषक तत्व और स्थान पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध होते हैं। पूर्ण पौधे या उसके किसी अंग की वृद्धि अक्सर इसी पैटर्न का अनुसरण करती है।
(स) सिग्मॉइड वृद्धि वक्र (Sigmoid Growth Curve):
यह एक 'S' आकार का वक्र होता है जो किसी जीव या उसके अंग की वृद्धि को समय के साथ दर्शाता है, खासकर जब वह सीमित वातावरण में विकसित हो रहा हो। इसके तीन मुख्य चरण होते हैं:
- लैग फेज (Lag Phase): प्रारंभिक चरण जहाँ वृद्धि दर धीमी होती है।
- लॉगरिदमिक फेज (Logarithmic Phase): मध्य चरण जहाँ वृद्धि दर अधिकतम और तीव्र होती है।
- स्थिर फेज (Stationary Phase): अंतिम चरण जहाँ वृद्धि दर कम हो जाती है और अंततः स्थिर हो जाती है क्योंकि संसाधन सीमित हो जाते हैं या अपशिष्ट जमा हो जाते हैं।
(द) सम्पूर्ण एवं सापेक्ष वृद्धि दर (Absolute and Relative Growth Rate):
- सम्पूर्ण वृद्धि दर (Absolute Growth Rate - AGR): यह किसी विशेष समय अंतराल में मापी गई कुल वृद्धि होती है। उदाहरण के लिए, यदि एक पत्ती का क्षेत्रफल 10 वर्ग सेमी से बढ़कर 20 वर्ग सेमी हो जाता है, तो AGR 10 वर्ग सेमी प्रति इकाई समय है।
- सापेक्ष वृद्धि दर (Relative Growth Rate - RGR): यह प्रारंभिक आकार के सापेक्ष वृद्धि की दर है। यह तब अधिक उपयोगी होती है जब हम विभिन्न आकारों की दो वस्तुओं की वृद्धि की तुलना कर रहे हों। उदाहरण के लिए, यदि एक पत्ती का क्षेत्रफल 10 वर्ग सेमी से बढ़कर 20 वर्ग सेमी (100% वृद्धि) और दूसरी का 50 वर्ग सेमी से बढ़कर 60 वर्ग सेमी (20% वृद्धि) होता है, तो पहली पत्ती की सापेक्ष वृद्धि दर अधिक है, भले ही उसकी सम्पूर्ण वृद्धि दर समान हो सकती है।
Common mistakes
- वृद्धि के विभिन्न मापदंडों को भ्रमित करना।
- अंकगणितीय और ज्यामितीय वृद्धि के बीच के अंतर को ठीक से न समझना।
- सिग्मॉइड वक्र की विभिन्न अवस्थाओं की व्याख्या में त्रुटि करना।
- संपूर्ण और सापेक्ष वृद्धि दर के बीच अंतर को स्पष्ट न कर पाना।
Revision tips
- सभी परिभाषित शब्दावली (वृद्धि, विभेदन, आदि) को अच्छी तरह याद करें।
- अंकगणितीय और ज्यामितीय वृद्धि के सूत्रों और ग्राफ को समझें।
- सिग्मॉइड वक्र के प्रत्येक चरण (लैग, लॉगरिदमिक, स्थिर) का अर्थ समझें।
- संपूर्ण और सापेक्ष वृद्धि दर के बीच के अंतर को उदाहरण सहित स्पष्ट करें।
Practice MCQs
Q1. निम्नलिखित में से कौन सी कोशिका विभाजन की क्षमता वाली ऊतक है?
Explanation: मेरिस्टेम ऊतक की कोशिकाएँ लगातार विभाजित होती रहती हैं, जो पौधों की वृद्धि के लिए आवश्यक हैं।
Q2. जब समसूत्री विभाजन के बाद एक संतति कोशिका विभाजित होती रहती है और दूसरी विभेदित होती है, तो किस प्रकार की वृद्धि होती है?
Explanation: यह स्थिति अंकगणितीय वृद्धि को दर्शाती है, जहाँ वृद्धि एक निश्चित दर से होती है और ग्राफ एक सीधी रेखा बनाता है।
Q3. सिग्मॉइड वृद्धि वक्र का प्रारंभिक चरण क्या कहलाता है?
Explanation: सिग्मॉइड वक्र का पहला चरण लैग चरण होता है, जिसमें वृद्धि दर धीमी होती है।
Q4. पौधों में चौड़ाई में वृद्धि का कारण क्या है?
Explanation: पार्श्व विभज्योतक (जैसे कैम्बियम) पौधों की मोटाई या चौड़ाई में वृद्धि के लिए जिम्मेदार होते हैं।
Q5. किसी जीव या उसके अंग द्वारा प्रति इकाई समय में प्राप्त की गई वृद्धि को क्या कहते हैं?
Explanation: वृद्धि दर समय की प्रति इकाई में हुई वृद्धि की मात्रा को मापती है।
Frequently asked questions
कक्षा 11 जीव विज्ञान के अध्याय 15 में किन मुख्य अवधारणाओं को शामिल किया गया है?
इस अध्याय में वृद्धि, विभेदन, परिवर्धन, निर्विभेदन, पुनर्विभेदन, सीमित वृद्धि, मेरिस्टेम, वृद्धि दर, अंकगणितीय वृद्धि, ज्यामितीय वृद्धि और सिग्मॉइड वृद्धि वक्र जैसी मुख्य अवधारणाओं को शामिल किया गया है।
पौधों में वृद्धि को केवल एक प्राचालिक (parameter) से क्यों नहीं मापा जा सकता?
पौधों में वृद्धि कोशिका विभाजन, कोशिका विवर्धन और विभेदन जैसी कई प्रक्रियाओं का परिणाम है। इसके अलावा, वृद्धि को लंबाई, भार, क्षेत्रफल और कोशिका संख्या जैसे विभिन्न मापदंडों से मापा जा सकता है, इसलिए किसी एक प्राचालिक से इसे पूरी तरह वर्णित नहीं किया जा सकता।
अंकगणितीय वृद्धि और ज्यामितीय वृद्धि में क्या अंतर है?
अंकगणितीय वृद्धि में, समसूत्री विभाजन के बाद एक कोशिका विभाजित होती रहती है और दूसरी विभेदित होती है, जिससे वृद्धि एक निश्चित दर से होती है। ज्यामितीय वृद्धि में, दोनों संतति कोशिकाएँ विभाजित होती हैं, जिससे प्रारंभिक धीमी वृद्धि के बाद तीव्र वृद्धि होती है।
सिग्मॉइड वृद्धि वक्र क्या दर्शाता है?
सिग्मॉइड वृद्धि वक्र एक जीव या उसके अंग की वृद्धि को समय के साथ दर्शाता है, जिसमें तीन चरण होते हैं: लैग चरण (धीमी वृद्धि), लॉगरिदमिक चरण (तेज वृद्धि), और स्थिर चरण (वृद्धि रुक जाती है)।
ये NCERT समाधान छात्रों की परीक्षा की तैयारी में कैसे मदद करते हैं?
ये समाधान प्रत्येक प्रश्न के विस्तृत और स्पष्ट उत्तर प्रदान करते हैं, जिससे छात्र अवधारणाओं को गहराई से समझ सकते हैं। यह उन्हें महत्वपूर्ण शब्दावली याद रखने, विभिन्न प्रकार की वृद्धि के बीच अंतर करने और परीक्षा में पूछे जाने वाले प्रश्नों के उत्तर देने के लिए तैयार करता है।
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