CBSE Class 11 Biology Chapter 14: पादप में श्वसन (Respiration in Plants) NCERT Solutions
This comprehensive set of NCERT Solutions for Class 11 Biology, Chapter 14, "Respiration in Plants" (पादप में श्वसन), provides clear explanations and step-by-step answers to all exercise questions. The solutions cover fundamental concepts including the differences between respiration and combustion, glycolysis and the Krebs cycle, and aerobic respiration versus fermentation. It also defines the respiratory substrate and illustrates the glycolysis pathway. These solutions are designed to help students grasp the intricate processes of energy production in plants, understand the biochemical pathways involved, and prepare effectively for their board examinations by offering detailed insights and clarity on each topic.
Quick info
| Board | CBSE |
|---|---|
| Class | Class 11 |
| Subject | जीव विज्ञान |
| Session | 2026 |
| Language | Hindi |
| Type | NCERT Solutions |
| Chapter | 14. पादप में स्वशन |
Chapter summary
Chapter 14, "Respiration in Plants," delves into the essential process of how plants produce energy. This NCERT Solutions set clarifies the distinctions between various metabolic processes like respiration and combustion, glycolysis and the Krebs cycle, and aerobic versus anaerobic respiration (fermentation). It defines the respiratory substrate, with glucose being the primary example, and visually explains the glycolysis pathway (EMP pathway) in detail, highlighting the net energy gain. These solutions are crucial for understanding plant physiology and energy metabolism.
Learning outcomes
- Differentiate between respiration and combustion.
- Compare and contrast glycolysis with the Krebs cycle.
- Distinguish between aerobic respiration and fermentation.
- Define the term 'respiratory substrate' and identify the most common one.
- Understand and trace the steps of the glycolysis pathway (EMP pathway).
Topics covered
Paper topics
- श्वसन और दहन में अंतर
- ग्लाइकोलिसिस और क्रेब्स चक्र में अंतर
- ऑक्सीश्वसन और किण्वन में अंतर
- श्वसनीय क्रियाधार
- ग्लाइकोलिसिस (EMP मार्ग)
- ऊर्जा उत्पादन
- ATP संश्लेषण
- पादप श्वसन की प्रक्रियाएं
Important topics
- श्वसन के विभिन्न प्रकारों में अंतर
- ग्लाइकोलिसिस का विस्तृत अध्ययन
- क्रेब्स चक्र का महत्व
- श्वसनीय क्रियाधार की परिभाषा
- ऊर्जा उत्पादन की प्रक्रियाएं
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Questions and Solutions
प्रश्न 1. इनमें अन्तर करिए—
(अ) श्वसन (Respiration) तथा दहन (Combustion) में अन्तर:
| क्र० सं० | श्वसन (Respiration) | दहन (Combustion) |
|---|---|---|
| 1. | यह एक जैविक क्रिया है। | यह एक रासायनिक क्रिया है। |
| 2. | इस क्रिया में ऊर्जा विभिन्न चरणों में धीरे-धीरे निकलती है। | ऊर्जा एक-साथ तीव्र गति से निकलती है। |
| 3. | शरीर का तापमान सामान्य बना रहता है। | तापमान में अत्यधिक वृद्धि होती है। |
| 4. | ऊर्जा ATP के रूप में संचित होती है। | ऊर्जा ऊष्मा एवं प्रकाश के रूप में निकलती है। |
| 5. | सम्पूर्ण क्रिया विभिन्न विकरों (enzymes) द्वारा नियन्त्रित होती है। | सम्पूर्ण क्रिया उच्च ताप पर सम्पन्न होती है और सामान्यतः विकरों की आवश्यकता नहीं होती। |
(ब) ग्लाइकोलिसिस (Glycolysis) तथा क्रेब्स चक्र (Krebs Cycle) में अन्तर:
| क्र० सं० | ग्लाइकोलिसिस (Glycolysis) | क्रेब्स चक्र (Krebs Cycle) |
|---|---|---|
| 1. | यह 9 चरणों का एक रेखीय (linear) पथ है। | यह 8 चरणों का एक चक्रीय (cyclic) पथ होता है। |
| 2. | ग्लाइकोलिसिस कोशिकाद्रव्य (cytoplasm) में होता है। | क्रेब्स चक्र माइटोकॉन्ड्रिया के मैट्रिक्स में होता है। |
| 3. | श्वसनी क्रियाधार ग्लूकोस होता है। | क्रियाधार एसिटिल कोएन्जाइम 'A' होता है। |
| 4. | ग्लाइकोलिसिस में CO2 मुक्त नहीं होती है। | क्रेब्स चक्र में CO2 मुक्त होती है। |
| 5. | ग्लाइकोलिसिस में 2 ATP अणुओं का प्रयोग होता है। यह क्रिया ऑक्सी तथा अनॉक्सी दोनों परिस्थितियों में होती है। | क्रेब्स चक्र में ATP का प्रयोग नहीं होता। यह क्रिया केवल ऑक्सीजन की उपस्थिति में ही होती है। |
| 6. | ग्लाइकोलिसिस के अन्त में पाइरुविक अम्ल के 2 अणु बनते हैं। | क्रेब्स चक्र के अन्त में CO2, जल तथा ऊर्जा मुक्त होती है। |
| 7. | ग्लाइकोलिसिस में ग्लूकोस अणु से शुद्ध 8 ATP अणु प्राप्त होते हैं (4 बनते हैं, 2 खर्च होते हैं, 2 NADH से)। | क्रेब्स चक्र में प्रति ग्लूकोस अणु से लगभग 24 ATP अणु प्राप्त होते हैं। |
(स) ऑक्सीश्वसन (Aerobic Respiration) तथा किण्वन (Fermentation) में अन्तर:
| क्र० सं० | ऑक्सीश्वसन (Aerobic Respiration) | किण्वन (Fermentation) |
|---|---|---|
| 1. | ऑक्सीजन की उपस्थिति में होता है। | ऑक्सीजन की अनुपस्थिति में होता है। |
| 2. | यह क्रिया जीवित कोशिकाओं में होती है। | यह क्रिया क्रियाधार तथा एन्जाइम की उपस्थिति में होती है; जीवित कोशिकाओं की उपस्थिति आवश्यक नहीं है (जैसे जीवाणु, यीस्ट में)। |
| 3. | इसमें शर्करा के पूर्ण ऑक्सीकरण से CO2 तथा जल बनता है। | इसमें क्रियाधार के आधार पर विभिन्न कार्बनिक अम्ल या ऐल्कोहॉल बनता है। |
| 4. | इसमें भोज्य पदार्थों के पूर्ण ऑक्सीकरण से अधिक ऊर्जा (लगभग 38 ATP) मुक्त होती है। | इसमें अपूर्ण ऑक्सीकरण के फलस्वरूप कम ऊर्जा (लगभग 2 ATP) मुक्त होती है। |
| 5. | इस क्रिया में बहुत से एन्जाइम्स काम आते हैं। | इस क्रिया में कुछ एन्जाइम्स ही काम आते हैं। |
प्रश्न 2. श्वसनीय क्रियाधार क्या है? सर्वधिक साधारण क्रियाधार का नाम बताइए।
वे कार्बनिक पदार्थ जो पौधों द्वारा ऊर्जा उत्पादन के लिए विघटित किए जाते हैं, श्वसनीय क्रियाधार कहलाते हैं। ये पदार्थ या तो एनाबोलिक (anabolic) विधि से संश्लेषित होते हैं या संचित भोजन के रूप में संग्रहीत होते हैं। सबसे सामान्य श्वसनीय क्रियाधार ग्लूकोज है, जो एक मोनोसैकेराइड कार्बोहाइड्रेट है।
प्रश्न 3. ग्लाइकोलिसिस को रेखा द्वारा बनाइए।
ग्लाइकोलिसिस, जिसे EMP मार्ग (Embden Meyerhoff Parnas Pathway) भी कहा जाता है, कोशिकाद्रव्य (cytoplasm) में संपन्न होने वाली एक प्रक्रिया है। इसमें ऑक्सीजन का उपयोग नहीं होता है, इसलिए यह ऑक्सी और अनॉक्सी श्वसन दोनों में होती है। इस प्रक्रिया के अंत में, ग्लूकोस के एक अणु से पाइरुविक अम्ल के दो अणु बनते हैं। ग्लाइकोलिसिस में कुल 4 ATP बनते हैं, लेकिन 2 ATP खर्च हो जाते हैं, जिससे शुद्ध लाभ 2 ATP का होता है। इस प्रक्रिया में मुक्त 2H+ आयन्स हाइड्रोजनग्राही NAD से जुड़कर NAD.2H बनाते हैं। ग्लाइकोलिसिस से कुल 8 ATP अणु ऊर्जा प्राप्त होती है (2 ATP सीधे और 6 ATP NADH से)।
ग्लाइकोलिसिस मार्ग का रेखाचित्र:
ग्लूकोज
↓ATP→ADP
हेक्सोकाइनेज (Hexokinase)
ग्लूकोज-6-फॉस्फेट
↓आइसोमेरेज़
फॉस्फोहेक्सो आइसोमेरेज़ (Phosphohexo isomerase)
फ्रुक्टोज-6-फॉस्फेट
↓ATP→ADP
फॉस्फोफ्रक्टोकाइनेज (Phosphofructokinase)
फ्रुक्टोज 1,6-डाइफॉस्फेट
↓एल्डोलेज
एल्डोलेज (Aldolase)
(2 अणु) 3-फॉस्फोग्लिसरैल्डिहाइड (3-Phosphoglyceraldehyde) तथा डाइहाइड्रॉक्सी एसीटोन फॉस्फेट (Dihydroxyacetone phosphate)
↓आइसोमेरेज़
आइसोमेरेज़ (Isomerase)
(2 अणु) 1,3-डाइफॉस्फोग्लिसरैल्डिहाइड (1,3-Diphosphoglyceraldehyde)
↓2NAD→2NADH + H+
डीहाइड्रोजिनेज (Dehydrogenase)
(2 अणु) 1,3-डाइफॉस्फोग्लिसरिक एसिड (1,3-Diphosphoglyceric Acid)
↓2ADP→2ATP
काइनेज (Kinase)
(2 अणु) 3-फॉस्फोग्लिसरिक एसिड (3-Phosphoglyceric Acid)
↓H2O
म्यूटेज (Mutase)
(2 अणु) 2-फॉस्फोग्लिसरिक एसिड (2-Phosphoglyceric Acid)
↓एनोलेज
एनोलेज (Enolase)
(2 अणु) 2-फॉस्फोएनोल पाइरुविक एसिड (2-Phosphoenol Pyruvic Acid)
↓2ADP→2ATP
काइनेज (Kinase)
(2 अणु) पाइरुविक एसिड (Pyruvic Acid)
चित्र-ग्लाइकोलिसिस।
Common mistakes
- Confusing respiration with combustion.
- Not clearly distinguishing between the locations and products of glycolysis and the Krebs cycle.
- Underestimating the energy yield differences between aerobic and anaerobic respiration.
- Difficulty in recalling the sequence of steps in the glycolysis pathway.
Revision tips
- Create a table to summarize the differences between respiration and combustion, glycolysis and Krebs cycle, and aerobic and anaerobic respiration.
- Draw the glycolysis pathway multiple times from memory to ensure you can reproduce it accurately.
- Focus on understanding the net gain of ATP and the release of CO2 at each stage of the pathways.
- Relate the concepts of respiratory substrates to the overall energy production in plants.
Practice MCQs
Q1. श्वसन और दहन के बीच मुख्य अंतर क्या है?
Explanation: श्वसन एक नियंत्रित जैविक प्रक्रिया है जिसमें ऊर्जा धीरे-धीरे ATP के रूप में निकलती है और तापमान सामान्य रहता है, जबकि दहन एक अनियंत्रित रासायनिक क्रिया है जिसमें ऊर्जा ऊष्मा और प्रकाश के रूप में तेजी से निकलती है और तापमान अत्यधिक बढ़ जाता है।
Q2. ग्लाइकोलिसिस की प्रक्रिया कहाँ संपन्न होती है?
Explanation: ग्लाइकोलिसिस, जिसे EMP मार्ग भी कहा जाता है, कोशिकाद्रव्य (cytoplasm) में संपन्न होता है और इसके लिए ऑक्सीजन की आवश्यकता नहीं होती है।
Q3. क्रेब्स चक्र का मुख्य क्रियाधार क्या है?
Explanation: ग्लाइकोलिसिस के बाद बनने वाला पाइरुविक अम्ल एसिटिल कोएंजाइम 'A' में परिवर्तित होता है, जो क्रेब्स चक्र का मुख्य क्रियाधार है।
Q4. किण्वन (Fermentation) प्रक्रिया में ऊर्जा का उत्पादन कैसे होता है?
Explanation: किण्वन एक अनॉक्सी श्वसन प्रक्रिया है जिसमें भोज्य पदार्थों का अपूर्ण ऑक्सीकरण होता है, जिसके फलस्वरूप कम मात्रा में ऊर्जा (लगभग 2 ATP) मुक्त होती है।
Q5. ग्लाइकोलिसिस के अंत में ग्लूकोस के एक अणु से कितने पाइरुविक अम्ल के अणु बनते हैं?
Explanation: ग्लाइकोलिसिस प्रक्रिया में, ग्लूकोस के एक अणु का विखंडन होकर पाइरुविक अम्ल के दो अणु बनते हैं। इस प्रक्रिया में कुल 2 ATP का शुद्ध लाभ होता है।
Frequently asked questions
पादप में श्वसन क्या है?
पादप में श्वसन वह जैविक प्रक्रिया है जिसके द्वारा पौधे ऊर्जा उत्पन्न करने के लिए कार्बनिक पदार्थों (जैसे ग्लूकोज) को तोड़ते हैं, जिससे जीवन की विभिन्न क्रियाएं संचालित होती हैं।
श्वसन और दहन में क्या मुख्य अंतर है?
श्वसन एक नियंत्रित जैविक प्रक्रिया है जो जीवित कोशिकाओं में होती है और ऊर्जा धीरे-धीरे ATP के रूप में निकलती है, जबकि दहन एक अनियंत्रित रासायनिक क्रिया है जिसमें ऊर्जा तेजी से ऊष्मा और प्रकाश के रूप में निकलती है।
ग्लाइकोलिसिस कहाँ होता है और इसका उत्पाद क्या है?
ग्लाइकोलिसिस कोशिकाद्रव्य में होता है और इसके अंत में ग्लूकोज के एक अणु से पाइरुविक अम्ल के दो अणु बनते हैं।
ऑक्सीश्वसन और किण्वन में क्या अंतर है?
ऑक्सीश्वसन ऑक्सीजन की उपस्थिति में होता है और अधिक ऊर्जा उत्पन्न करता है, जबकि किण्वन ऑक्सीजन की अनुपस्थिति में होता है और कम ऊर्जा उत्पन्न करता है।
पादप श्वसन के लिए सबसे सामान्य क्रियाधार कौन सा है?
पादप श्वसन के लिए सबसे सामान्य क्रियाधार ग्लूकोज है, जो एक मोनोसैकेराइड कार्बोहाइड्रेट है।
क्या ग्लाइकोलिसिस के लिए ऑक्सीजन आवश्यक है?
नहीं, ग्लाइकोलिसिस ऑक्सीजन की अनुपस्थिति में भी हो सकता है, इसलिए यह ऑक्सी और अनॉक्सी श्वसन दोनों में होता है।
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