कक्षा 11 जीव विज्ञान: पौधों में परिवहन NCERT समाधान
यह पृष्ठ कक्षा 11 जीव विज्ञान के अध्याय 11, 'पौधों में परिवहन' के लिए विस्तृत NCERT समाधान प्रदान करता है। इसमें विसरण की दर को प्रभावित करने वाले कारकों, पोरीन्स की भूमिका, सक्रिय परिवहन में प्रोटीन पंप के कार्य, और शुद्ध जल के जल विभव के कारणों जैसे महत्वपूर्ण विषयों को शामिल किया गया है। समाधानों में विसरण और परासरण, वाष्पोत्सर्जन और वाष्पीकरण, परासरणी दाब और विभव, विसरण और अंतःशोषण, एपोप्लास्ट और सिम्प्लास्ट पथ, तथा बिंदुस्राव और अभिगमन के बीच अंतर भी स्पष्ट किया गया है। यह संसाधन छात्रों को इन अवधारणाओं को गहराई से समझने और परीक्षा की तैयारी में सहायता करने के लिए डिज़ाइन किया गया है।
Quick info
| Board | CBSE |
|---|---|
| Class | Class 11 |
| Subject | जीव विज्ञान |
| Session | 2026 |
| Language | Hindi |
| Type | NCERT Solutions |
| Chapter | 11. पौधों में परिवहन |
Chapter summary
कक्षा 11 जीव विज्ञान के अध्याय 11 'पौधों में परिवहन' के लिए NCERT समाधान पौधों में जल और पोषक तत्वों के परिवहन से संबंधित प्रमुख अवधारणाओं को कवर करते हैं। इसमें विसरण, परासरण, जल विभव, और सक्रिय परिवहन जैसी प्रक्रियाओं की विस्तृत व्याख्या शामिल है। अभ्यास प्रश्नों के उत्तर छात्रों को इन जटिल तंत्रों को समझने और विभिन्न परिवहन विधियों के बीच अंतर करने में मदद करते हैं।
Learning outcomes
- विसरण की दर को प्रभावित करने वाले कारकों को समझें।
- पोरीन्स की संरचना और विसरण में उनकी भूमिका का वर्णन करें।
- पादपों में सक्रिय परिवहन में प्रोटीन पंप के कार्य की व्याख्या करें।
- शुद्ध जल के उच्च जल विभव के कारणों का विश्लेषण करें।
- विसरण, परासरण, वाष्पोत्सर्जन, वाष्पीकरण, परासरणी दाब, परासरणी विभव, अंतःशोषण, एपोप्लास्ट और सिम्प्लास्ट पथ, तथा बिंदुस्राव और अभिगमन के बीच अंतर स्पष्ट करें।
Topics covered
Paper topics
- विसरण
- पोरीन्स
- सक्रिय परिवहन
- प्रोटीन पंप
- जल विभव
- विलेय विभव
- दाब विभव
- परासरण
- वाष्पोत्सर्जन
- वाष्पीकरण
- एपोप्लास्ट पथ
- सिम्प्लास्ट पथ
Important topics
- जल विभव और इसके घटक
- विसरण और परासरण के बीच अंतर
- सक्रिय परिवहन और प्रोटीन पंप
- एपोप्लास्ट और सिम्प्लास्ट पथ
- पादपों में जल अवशोषण
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Questions and Solutions
प्रश्न 1
- तापमान: तापमान बढ़ने पर अणुओं की गतिज ऊर्जा बढ़ जाती है, जिससे विसरण की दर भी बढ़ती है।
- विसरण कर रहे पदार्थों का घनत्व: विसरण की दर विसरण कर रहे पदार्थों के घनत्व के वर्गमूल के व्युत्क्रमानुपाती होती है (ग्राहम का नियम)। भारी कणों की तुलना में हल्के कण तेजी से विसरित होते हैं।
- विसरण का माध्यम: यदि विसरण का माध्यम अधिक सान्द्र है, तो विसरण की दर कम हो जाती है क्योंकि कणों के लिए गति करने की जगह कम होती है।
- विसरण दाब प्रवणता: विसरण दाब प्रवणता जितनी अधिक होगी, यानी सान्द्रता में अंतर जितना अधिक होगा, अणुओं का विसरण उतना ही तीव्र होगा।
प्रश्न 2
प्रश्न 3
प्रश्न 4
- जल अणुओं में गतिज ऊर्जा होती है, जिसके कारण वे लगातार गति करते रहते हैं। शुद्ध जल में, यह गतिज ऊर्जा और परिणामस्वरूप जल विभव अधिकतम होता है।
- जब दो जल तंत्र संपर्क में आते हैं, तो जल हमेशा उच्च जल विभव वाले तंत्र (जैसे शुद्ध जल) से निम्न जल विभव वाले तंत्र (जैसे तनु घोल या सान्द्र घोल) की ओर गति करता है।
- मानक परिस्थितियों में, शुद्ध जल का जल विभव शून्य () होता है।
- किसी विलयन में विलेय मिलाने पर, जल की गतिज ऊर्जा कम हो जाती है, जिससे जल विभव घट जाता है (यह ऋणात्मक हो जाता है)।
- तापमान और दाब जैसे कारक भी जल विभव को प्रभावित करते हैं, लेकिन शुद्ध जल में इन कारकों के अभाव में इसका जल विभव उच्चतम होता है।
प्रश्न 5
(क) विसरण एवं परासरण
(ख) वाष्पोत्सर्जन एवं वाष्पीकरण
(ग) परासारी दाब तथा परासारी विभव
(घ) विसरण तथा अन्तः शोषण
(च) पादपों में पानी के अवशोषण का एपोप्लास्ट और सिमप्लास्ट पथ
(छ) बिन्दुस्राव एवं परिवहन (अभिगमन)।
(क) विसरण एवं परासरण में अन्तर:
| क्र० सं० | विसरण (Diffusion) | परासरण (Osmosis) |
|---|---|---|
| 1. | यह क्रिया सभी प्रकार के पदार्थों (ठोस, द्रव, गैस) में हो सकती है। | यह क्रिया केवल द्रव माध्यम में और उसमें घुले विलेय पदार्थों के संदर्भ में होती है। |
| 2. | इसके लिए किसी झिल्ली की आवश्यकता नहीं होती है। | इसके लिए एक अर्द्धपारगम्य (semipermeable) या वरणात्मक पारगम्य (selectively permeable) झिल्ली की आवश्यकता होती है। |
| 3. | विसरण सभी दिशाओं में हो सकता है। | परासरण एक निश्चित दिशा या दिशाओं में होने वाली क्रिया है। |
| 4. | इसमें कोई विशेष दाब उत्पन्न नहीं होता है। | इसमें परासरण दाब (osmotic pressure) उत्पन्न होता है, जो विलयन की सान्द्रता पर निर्भर करता है। |
| 5. | अणु उच्च विसरण दाब से निम्न विसरण दाब की ओर गति करते हैं। | जल के अणु कम परासरण दाब (उच्च जल विभव) वाले विलयन से अधिक परासरण दाब (निम्न जल विभव) वाले विलयन की ओर गति करते हैं। |
(ख) वाष्पोत्सर्जन एवं वाष्पीकरण में अन्तर:
वाष्पोत्सर्जन एक जैविक प्रक्रिया है जिसमें पौधे अपने वायवीय भागों, मुख्य रूप से पत्तियों से जल को वाष्प के रूप में बाहर निकालते हैं। यह रंध्रों (stomata) के माध्यम से होता है। वाष्पीकरण एक भौतिक प्रक्रिया है जिसमें जल किसी भी सतह से वाष्प बनकर उड़ जाता है, चाहे वह जीवित ऊतक हो या निर्जीव सतह। वाष्पोत्सर्जन में जल का ह्रास नियंत्रित होता है, जबकि वाष्पीकरण अनियंत्रित हो सकता है।
(ग) परासरणी दाब तथा परासरणी विभव में अन्तर:
परासरणी दाब (Osmotic Pressure) वह बाह्य दाब है जो किसी विलयन पर लगाया जाता है ताकि उसमें विलायक (जैसे जल) का प्रवेश रोका जा सके, जो एक अर्द्धपारगम्य झिल्ली द्वारा शुद्ध विलायक से पृथक हो। यह विलयन की सान्द्रता का माप है। परासरणी विभव (Osmotic Potential, \Psi_s) जल विभव का वह घटक है जो विलय में विलेय की उपस्थिति के कारण होता है। यह हमेशा ऋणात्मक होता है और शुद्ध जल के विभव (शून्य) की तुलना में जल की गति की प्रवृत्ति को दर्शाता है। परासरणी दाब धनात्मक मान में व्यक्त किया जाता है, जबकि परासरणी विभव ऋणात्मक मान में।
(घ) विसरण तथा अन्तः शोषण में अन्तर:
विसरण में पदार्थ के अणु अपनी उच्च सान्द्रता वाले क्षेत्र से निम्न सान्द्रता वाले क्षेत्र की ओर गति करते हैं। इसमें किसी विशेष प्रकार की झिल्ली की आवश्यकता नहीं होती। अन्तः शोषण (Imbibition) एक विशेष प्रकार का विसरण है जिसमें ठोस पदार्थ (जैसे बीज या कोशिका भित्ति) अपने पृष्ठ-क्षेत्र पर जल या अन्य द्रव को अवशोषित करते हैं, जिससे उनके आयतन में वृद्धि होती है। यह प्रक्रिया कोशिका भित्ति जैसे पदार्थों द्वारा जल के अवशोषण के लिए महत्वपूर्ण है।
(च) पादपों में पानी के अवशोषण का एपोप्लास्ट और सिमप्लास्ट पथ:
पादपों में जल का अवशोषण दो मुख्य पथों से होता है:
एपोप्लास्ट पथ (Apoplast Pathway): इसमें जल कोशिका भित्ति और अंतरकोशिकीय स्थानों (intercellular spaces) के माध्यम से गति करता है। यह एक निष्क्रिय पथ है क्योंकि इसमें कोशिका झिल्ली को पार करने की आवश्यकता नहीं होती है।
सिम्प्लास्ट पथ (Symplast Pathway): इसमें जल कोशिका झिल्ली को पार करके कोशिका द्रव्य (cytoplasm) में प्रवेश करता है और फिर जीवद्रव्य तंतुओं (plasmodesmata) के माध्यम से एक कोशिका से दूसरी कोशिका में जाता है। यह पथ भी काफी हद तक निष्क्रिय होता है।
(छ) बिन्दुस्राव एवं परिवहन (अभिगमन) में अन्तर:
बिन्दुस्राव (Guttation) वह प्रक्रिया है जिसमें पौधे अपनी पत्तियों के किनारों पर स्थित विशेष छिद्रों (जलरंध्र या hydathodes) से जल की बूंदों के रूप में अतिरिक्त जल का उत्सर्जन करते हैं। यह तब होता है जब वाष्पोत्सर्जन की दर कम होती है और जड़ों द्वारा जल का अवशोषण अधिक होता है, जिससे जड़ों में धनात्मक दाब (root pressure) उत्पन्न होता है। परिवहन (Translocation) या अभिगमन, विशेष रूप से जाइलम और फ्लोएम द्वारा जल, खनिज लवण और कार्बनिक पदार्थों (जैसे शर्करा) का पौधे के एक भाग से दूसरे भाग तक गति करना है। बिन्दुस्राव केवल जल का उत्सर्जन है, जबकि परिवहन में विभिन्न पदार्थों का संवहन शामिल है।
Common mistakes
- विसरण और परासरण के बीच अंतर को समझने में भ्रमित होना।
- जल विभव को प्रभावित करने वाले विभिन्न घटकों (जैसे विलेय विभव और दाब विभव) के बीच संबंध को गलत समझना।
- एपोप्लास्ट और सिम्प्लास्ट पथों के बीच के अंतर को स्पष्ट न कर पाना।
- परासरणी दाब और परासरणी विभव के बीच के अंतर को गलत समझना।
Revision tips
- प्रत्येक परिवहन प्रक्रिया (विसरण, परासरण, सक्रिय परिवहन) के लिए मुख्य बिंदुओं को संक्षेप में लिखें।
- विसरण, परासरण, वाष्पोत्सर्जन, वाष्पीकरण आदि के बीच अंतर सारणीबद्ध करें।
- जल विभव के सूत्र <math>\Psi = \Psi_p + \Psi_s</math> को याद करें और इसके घटकों को समझें।
- एपोप्लास्ट और सिम्प्लास्ट पथों के बीच मुख्य अंतरों पर ध्यान केंद्रित करें।
Practice MCQs
Q1. निम्नलिखित में से कौन सा कारक विसरण की दर को सीधे प्रभावित नहीं करता है?
Explanation: विसरण की दर तापमान, पदार्थ के घनत्व और माध्यम की सान्द्रता से प्रभावित होती है। प्रकाश की तीव्रता सीधे तौर पर विसरण की दर को प्रभावित नहीं करती है।
Q2. पोरीन्स क्या हैं और वे मुख्य रूप से कहाँ पाए जाते हैं?
Explanation: पोरीन्स बड़े प्रोटीन होते हैं जो माइटोकॉण्ड्रिया, क्लोरोप्लास्ट और कुछ जीवाणुओं की बाहरी झिल्ली में पाए जाते हैं, जिससे बड़े अणु गुजर सकते हैं।
Q3. पादप कोशिका में सक्रिय परिवहन के दौरान 'प्रोटीन पंप' की क्या भूमिका होती है?
Explanation: प्रोटीन पंप कोशिका झिल्ली में स्थित होते हैं और ऊर्जा का उपयोग करके अणुओं को निम्न सान्द्रता से उच्च सान्द्रता की ओर (सान्द्रता प्रवणता के विरुद्ध) ले जाते हैं।
Q4. मानक परिस्थितियों में शुद्ध जल का जल विभव कितना होता है?
Explanation: मानक परिस्थितियों में शुद्ध जल का जल विभव शून्य (0) माना जाता है। किसी भी विलेय को मिलाने पर यह ऋणात्मक हो जाता है।
Q5. निम्नलिखित में से कौन सा कथन विसरण और परासरण के बीच सही अंतर बताता है?
Explanation: विसरण सभी अवस्थाओं (ठोस, द्रव, गैस) में हो सकता है और इसके लिए झिल्ली की आवश्यकता नहीं होती। परासरण केवल द्रव माध्यम में होता है और इसके लिए अर्द्धपारगम्य झिल्ली की आवश्यकता होती है।
Frequently asked questions
पौधों में परिवहन क्यों महत्वपूर्ण है?
पौधों में परिवहन जल, खनिज लवण और खाद्य पदार्थों को एक भाग से दूसरे भाग तक पहुँचाने के लिए आवश्यक है, जो उनके जीवन और वृद्धि के लिए महत्वपूर्ण है।
विसरण और परासरण में मुख्य अंतर क्या है?
विसरण किसी भी पदार्थ (ठोस, द्रव, गैस) का उच्च सान्द्रता से निम्न सान्द्रता की ओर गति करना है, जिसके लिए झिल्ली की आवश्यकता नहीं होती। परासरण केवल जल का अर्धपारगम्य झिल्ली के माध्यम से उच्च जल विभव (कम सान्द्रता) से निम्न जल विभव (अधिक सान्द्रता) की ओर गति करना है।
जल विभव को कौन से कारक प्रभावित करते हैं?
जल विभव को मुख्य रूप से विलेय विभव (solute potential) और दाब विभव (pressure potential) प्रभावित करते हैं। शुद्ध जल का जल विभव शून्य होता है, और विलेय मिलाने पर यह ऋणात्मक हो जाता है।
एपोप्लास्ट और सिम्प्लास्ट पथ क्या हैं?
एपोप्लास्ट पथ कोशिका भित्ति और अंतरकोशिकीय स्थानों से होकर जल का परिवहन है, जबकि सिम्प्लास्ट पथ कोशिका द्रव्य के माध्यम से (जीवद्रव्य तंतुओं द्वारा जुड़े हुए) जल का परिवहन है।
सक्रिय परिवहन को 'सक्रिय' क्यों कहा जाता है?
सक्रिय परिवहन को 'सक्रिय' इसलिए कहा जाता है क्योंकि इसमें कोशिका को ऊर्जा (ATP के रूप में) का उपयोग करना पड़ता है ताकि पदार्थों को सान्द्रता प्रवणता के विरुद्ध ले जाया जा सके।
ये समाधान परीक्षा की तैयारी में कैसे मदद करते हैं?
ये समाधान प्रत्येक प्रश्न के विस्तृत और स्पष्ट उत्तर प्रदान करते हैं, जिससे छात्रों को अवधारणाओं को समझने, महत्वपूर्ण अंतरों को याद रखने और परीक्षा में पूछे जाने वाले प्रश्नों के प्रकारों का अभ्यास करने में मदद मिलती है।
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