कक्षा 11 जीव विज्ञान: कोशिका चक्र और कोशिका विभाजन NCERT समाधान

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यह समाधान पृष्ठ कक्षा 11 जीव विज्ञान के अध्याय 10, 'कोशिका चक्र और कोशिका विभाजन' पर केंद्रित है। इसमें कोशिका चक्र की विभिन्न अवस्थाओं, जैसे G1, S, G2, और M प्रावस्थाओं का विस्तृत विवरण शामिल है। समाधान कोशिका विभाजन के प्रकारों, समसूत्री (माइटोसिस) और अर्धसूत्री (मयोसिस) विभाजन के बीच के अंतरों को स्पष्ट करते हैं। यह प्रश्नोत्तर प्रारूप में प्रत्येक प्रश्न का विस्तृत हल प्रदान करता है, जिसमें कोशिका वृद्धि, DNA प्रतिकृति, गुणसूत्रों का व्यवहार, और कोशिका द्रव्य विभाजन जैसी महत्वपूर्ण घटनाओं को समझाया गया है। यह छात्रों को परीक्षा की तैयारी में मदद करने के लिए एक व्यापक संसाधन है।

Quick info

BoardCBSE
ClassClass 11
Subjectजीव विज्ञान
Session2026
LanguageHindi
TypeNCERT Solutions
Chapter10. कोशिका चक्र और कोशिका विभाजन

Chapter summary

यह अध्याय कोशिका चक्र की अवधारणा और इसके विभिन्न चरणों पर प्रकाश डालता है, जिसमें अंतरावस्था (G1, S, G2) और विभाजन प्रावस्था (M-प्रावस्था) शामिल हैं। यह समसूत्री (माइटोसिस) और अर्धसूत्री (मयोसिस) विभाजन के बीच के अंतरों को भी स्पष्ट करता है, जिसमें गुणसूत्रों का व्यवहार, युग्मन, विनिमय और संतति कोशिकाओं का निर्माण शामिल है। समाधानों में पादप और जंतु कोशिकाओं में कोशिका द्रव्य विभाजन के बीच के अंतरों पर भी चर्चा की गई है।

Learning outcomes

  • कोशिका चक्र की विभिन्न प्रावस्थाओं (G1, S, G2, M) को समझना।
  • समसूत्री (माइटोसिस) और अर्धसूत्री (मयोसिस) विभाजन के बीच अंतर स्पष्ट करना।
  • कोशिका विभाजन के दौरान होने वाली प्रमुख घटनाओं का वर्णन करना।
  • पादप और जंतु कोशिकाओं में कोशिका द्रव्य विभाजन की प्रक्रिया को समझना।
  • गुणसूत्रों के युग्मन, विनिमय और पृथक्करण की प्रक्रिया को समझना।
  • कोशिका चक्र की G0 प्रावस्था के महत्व को समझना।

Topics covered

Paper topics

  • कोशिका चक्र
  • अंतरावस्था (G1, S, G2)
  • M-प्रावस्था
  • समसूत्री विभाजन (माइटोसिस)
  • अर्धसूत्री विभाजन (मयोसिस)
  • केन्द्रक विभाजन (केरियोकाइनेसिस)
  • जीवद्रव्य विभाजन (साइटोकाइनेसिस)
  • गुणसूत्रों का व्यवहार
  • सूत्रयुग्मन
  • युगली
  • काएज्मेटा
  • G0 प्रावस्था

Important topics

  • कोशिका चक्र की प्रावस्थाएँ
  • समसूत्री बनाम अर्धसूत्री विभाजन
  • गुणसूत्रों का पृथक्करण और विनिमय
  • पादप और जंतु कोशिका विभाजन में अंतर
  • G0 प्रावस्था का महत्व

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Questions and Solutions

प्रश्न 1

स्तनधारियों की कोशिकाओं की औसत कोशिका चक्र अवधि कितनी होती है?
Solution: स्तनधारियों की कोशिकाओं, जैसे कि मनुष्य की कोशिका, के लिए कोशिका चक्र की औसत अवधि लगभग 24 घंटे होती है। इस अवधि में कोशिका वृद्धि, DNA प्रतिकृति और अंततः कोशिका विभाजन (माइटोसिस और साइटोकाइनेसिस) शामिल है। ध्यान दें कि कोशिका विभाजन की वास्तविक प्रक्रिया, जिसे M-प्रावस्था कहा जाता है, इस कुल अवधि का केवल एक छोटा सा हिस्सा होती है, जो आमतौर पर लगभग एक घंटे की होती है।

प्रश्न 2

जीवद्रव्य विभाजन व केन्द्रक विभाजन में क्या अन्तर है?
Solution: कोशिका चक्र की M-प्रावस्था के दौरान दो मुख्य घटनाएँ होती हैं: केन्द्रक विभाजन (केरियोकाइनेसिस) और जीवद्रव्य विभाजन (साइटोकाइनेसिस)।

केन्द्रक विभाजन (Karyokinesis): यह कोशिका के केन्द्रक का विभाजन है। इसमें गुणसूत्रों का पृथक्करण होता है और अंततः दो नए केन्द्रक बनते हैं।

जीवद्रव्य विभाजन (Cytokinesis): यह कोशिका द्रव्य का विभाजन है, जो आमतौर पर केन्द्रक विभाजन के पूरा होने के बाद होता है। इसके परिणामस्वरूप एक जनक कोशिका से दो संतति कोशिकाएँ बनती हैं।

यदि केवल केन्द्रक विभाजन होता है और जीवद्रव्य विभाजन नहीं होता है, तो एक ही कोशिका में कई केन्द्रक बन जाते हैं, जिससे वह बहुकेन्द्रकी (multinucleate) हो जाती है।

प्रश्न 3

अन्तरावस्था में होने वाली घटनाओं का वर्णन कीजिए।
Solution: अन्तरावस्था (Interphase) कोशिका चक्र की वह अवधि है जो एक कोशिका विभाजन के पूरा होने से लेकर अगले विभाजन की शुरुआत तक होती है। इसे कोशिका की 'तैयारी' या 'विश्राम' अवस्था भी माना जाता है, हालाँकि इस दौरान कोशिका उपापचयी रूप से अत्यधिक सक्रिय होती है और विभाजन की तैयारी करती है। इसमें तीन चरण होते हैं:
  1. G₁-फेस (Gap 1): यह S-फेस और M-प्रावस्था के बीच का मध्यावकाश है। इस चरण में कोशिका वृद्धि करती है, प्रोटीन और RNA का संश्लेषण होता है, और कोशिका अपने आकार में बढ़ती है। यह विभाजन के लिए आवश्यक अंगकों का निर्माण भी करती है।
  2. S-फेस (Synthesis Phase): यह कोशिका चक्र का सबसे महत्वपूर्ण चरण है क्योंकि इसी चरण में DNA का संश्लेषण (प्रतिकृति) होता है। DNA की मात्रा दोगुनी हो जाती है, लेकिन गुणसूत्रों की संख्या वही रहती है (उदाहरण के लिए, यदि G₁ में गुणसूत्र संख्या 2n है, तो S-फेस के बाद भी यह 2n ही रहेगी, लेकिन प्रत्येक गुणसूत्र में अब दो अर्धगुणसूत्र होंगे)। जंतु कोशिकाओं में, इसी चरण के दौरान सेंट्रिओल का भी विभाजन होता है।
  3. G₂-फेस (Gap 2): यह S-फेस के बाद और M-प्रावस्था से पहले का चरण है। इस दौरान कोशिका आगे बढ़ती है और माइटोसिस के लिए तैयार होती है। प्रोटीन संश्लेषण जारी रहता है, जो कोशिका विभाजन के लिए आवश्यक हैं।
संक्षेप में, अन्तरावस्था के दौरान कोशिका वृद्धि करती है, DNA की प्रतिकृति बनाती है, और विभाजन के लिए आवश्यक प्रोटीन और अंगकों का निर्माण करती है।

प्रश्न 4

कोशिका चक्र का G_0 (प्रशान्त प्रावस्था) क्या है?
Solution: G_0 प्रावस्था, जिसे प्रशान्त या शान्त अवस्था (Quiescent Phase) भी कहा जाता है, कोशिका चक्र की एक ऐसी अवस्था है जिसमें कोशिकाएँ विभाजन करना बंद कर देती हैं। कुछ कोशिकाएँ, जैसे कि परिपक्व तंत्रिका कोशिकाएँ या हृदय की मांसपेशी कोशिकाएँ, G₁-फेस से G₀ प्रावस्था में प्रवेश कर जाती हैं और स्थायी रूप से विभाजन करना बंद कर देती हैं। अन्य कोशिकाएँ, जैसे यकृत कोशिकाएँ, G₀ प्रावस्था से आवश्यकता पड़ने पर वापस G₁ प्रावस्था में आकर विभाजित हो सकती हैं। G₀ प्रावस्था में कोशिकाएँ उपापचयी रूप से सक्रिय रहती हैं लेकिन वे कोशिका वृद्धि या DNA प्रतिकृति नहीं करतीं। यह अवस्था तब उत्पन्न होती है जब कोशिकाएँ विभाजन के लिए उपयुक्त संकेत प्राप्त नहीं करतीं या जब वे विभेदित (differentiated) हो जाती हैं।

प्रश्न 5

सूत्री विभाजन को सम विभाजन क्यों कहते हैं?
Solution: सूत्री विभाजन (Mitosis) को सम विभाजन (Equational Division) इसलिए कहा जाता है क्योंकि इस प्रक्रिया के अंत में बनने वाली दोनों संतति कोशिकाओं (daughter cells) में गुणसूत्रों की संख्या मातृ कोशिका (parent cell) के समान ही बनी रहती है। उदाहरण के लिए, यदि मातृ कोशिका में 2n गुणसूत्र हैं, तो सूत्री विभाजन के बाद बनने वाली दोनों संतति कोशिकाओं में भी 2n गुणसूत्र ही होंगे। यह कायिक कोशिकाओं की वृद्धि और मरम्मत के लिए आवश्यक है, जहाँ आनुवंशिक स्थिरता बनाए रखना महत्वपूर्ण है।

प्रश्न 6

कोशिका चक्र की उस प्रावस्था का नाम बताइए जिसमें निम्न घटनाएँ सम्पन्न होती हैं—
  1. गुणसूत्र तर्कु मध्य रेखा की ओर गति करते हैं।
  2. गुणसूत्र बिन्दु का टूटना व अर्ध गुणसूत्र का पृथक् होना।
  3. समजात गुणसूत्रों का आपस में युग्मन होना।
  4. समजात गुणसूत्रों के बीच विनिमय का होना।
Solution: कोशिका चक्र की विभिन्न प्रावस्थाओं में होने वाली ये घटनाएँ निम्नलिखित हैं:
  1. गुणसूत्र तर्कु मध्य रेखा की ओर गति करते हैं: यह घटना मेटाफ़ेज़ (Metaphase) प्रावस्था में होती है, जहाँ गुणसूत्र तर्कु तंतुओं द्वारा खिंचकर कोशिका के मध्य में एक तल पर व्यवस्थित हो जाते हैं, जिसे मेटाफ़ेज़ प्लेट कहते हैं।
  2. गुणसूत्र बिन्दु का टूटना व अर्ध गुणसूत्र का पृथक् होना: यह एनाफ़ेज़ (Anaphase) प्रावस्था में होता है। इस चरण में गुणसूत्रबिंदु (centromere) विभाजित होता है और प्रत्येक गुणसूत्र के दो अर्धगुणसूत्र (sister chromatids) अलग होकर कोशिका के विपरीत ध्रुवों की ओर गति करते हैं।
  3. समजात गुणसूत्रों का आपस में युग्मन होना: यह अर्धसूत्री विभाजन (Meiosis) के प्रोफ़ेज़-I की जाइगोटीन (Zygotene) अवस्था में होता है। इस प्रक्रिया को सूत्रयुग्मन (Synapsis) कहते हैं, जिसमें समजात गुणसूत्र एक-दूसरे के साथ जुड़कर जोड़े बनाते हैं।
  4. समजात गुणसूत्रों के बीच विनिमय का होना: यह अर्धसूत्री विभाजन (Meiosis) के प्रोफ़ेज़-I की पेकीटीन (Pachytene) अवस्था में होता है। इस अवस्था में, समजात गुणसूत्रों के गैर-सिस्टर अर्धगुणसूत्रों के बीच आनुवंशिक पदार्थ का आदान-प्रदान होता है, जिसे विनिमय (Crossing Over) कहते हैं।

प्रश्न 7

निम्न के बारे में वर्णन कीजिए—
  1. सूत्रयुग्मन
  2. युगली
  3. काएज्मेटा
Solution: ये शब्द अर्धसूत्री विभाजन (Meiosis) की प्रक्रिया से संबंधित हैं:
  1. सूत्रयुग्मन (Synapsis): यह अर्धसूत्री विभाजन के प्रोफ़ेज़-I की जाइगोटीन अवस्था में होने वाली एक महत्वपूर्ण घटना है। इस प्रक्रिया में, समजात गुणसूत्र (एक पिता से और एक माता से प्राप्त) एक-दूसरे के समानांतर आकर जुड़ जाते हैं और जोड़े बनाते हैं। यह जोड़ी बनाने की प्रक्रिया सूत्रयुग्मन कहलाती है।
  2. युगली (Bivalent): जब समजात गुणसूत्र सूत्रयुग्मन द्वारा जुड़कर एक जोड़ा बनाते हैं, तो इस संरचना को युगली कहा जाता है। प्रत्येक युगली में दो समजात गुणसूत्र होते हैं, और चूँकि प्रत्येक गुणसूत्र में दो अर्धगुणसूत्र (chromatids) होते हैं, इसलिए एक युगली में कुल चार अर्धगुणसूत्र (tetrad) होते हैं।
  3. काएज्मेटा (Chiasmata): यह अर्धसूत्री विभाजन के प्रोफ़ेज़-I की डिप्लोटीन (Diplotene) अवस्था में दिखाई देने वाली संरचना है। जब समजात गुणसूत्रों के बीच विनिमय (crossing over) होता है, तो जहाँ पर अर्धगुणसूत्रों के बीच आनुवंशिक पदार्थ का आदान-प्रदान हुआ है, वहाँ एक 'X' आकार का जुड़ाव बिंदु बन जाता है। इन जुड़ाव बिंदुओं को काएज्मेटा कहा जाता है। ये काएज्मेटा सुनिश्चित करते हैं कि अर्धसूत्री विभाजन के एनाफ़ेज़-I में समजात गुणसूत्र एक साथ जुड़े रहें जब तक कि वे अलग न हों।

प्रश्न 8

पादप व प्राणी कोशिकाओं के कोशिकाद्रव्य विभाजन में क्या अन्तर है?
Solution: पादप और प्राणी कोशिकाओं में कोशिका द्रव्य विभाजन (Cytokinesis) की प्रक्रिया में कुछ महत्वपूर्ण अंतर होते हैं, जो उनकी कोशिका संरचना के कारण होते हैं:

प्राणी कोशिका में: प्राणी कोशिकाओं में कोशिका द्रव्य का विभाजन एक खांच (cleavage furrow) के बनने से शुरू होता है। कोशिका झिल्ली बाहर से अंदर की ओर धंसती है और धीरे-धीरे एक वलन (invagination) बनाती है। यह वलन मध्य की ओर बढ़ता जाता है और अंततः कोशिका को दो संतति कोशिकाओं में विभाजित कर देता है।

पादप कोशिका में: पादप कोशिकाओं में एक दृढ़ कोशिका भित्ति होती है, जो कोशिका को बाहर से घेरती है। इसलिए, इनमें खांच या वलन नहीं बनता। इसके बजाय, कोशिका के मध्य में एक कोशिका प्लेट (cell plate) का निर्माण शुरू होता है। यह कोशिका प्लेट कोशिका द्रव्य के मध्य से बाहर की ओर बढ़ती है और अंततः कोशिका भित्ति से जुड़ जाती है, जिससे दो नई संतति कोशिकाएँ बन जाती हैं। कोशिका प्लेट बाद में नई कोशिका भित्ति का निर्माण करती है।

प्रश्न 9

अर्द्धसूत्री विभाजन के बाद बनने वाली चार संतति कोशिकाएँ कहाँ आकार में समान व कहाँ भिन्न आकार की होती हैं?
Solution: अर्धसूत्री विभाजन (Meiosis) के बाद बनने वाली चार संतति कोशिकाओं का आकार विभिन्न जैविक प्रक्रियाओं में भिन्न हो सकता है:

आकार में समान संतति कोशिकाएँ:

  • शुक्राणुजनन (Spermatogenesis): नर युग्मक (शुक्राणु) के निर्माण की प्रक्रिया में, एक मातृ कोशिका के अर्धसूत्री विभाजन से चार शुक्राणु बनते हैं। ये चारों शुक्राणु आकार और कार्य में लगभग समान होते हैं।
  • लघुबीजाणुजनन (Microsporogenesis) पौधों में: पौधों में नर युग्मक (परागकण) के निर्माण की प्रक्रिया में, लघुबीजाणु मातृ कोशिका के अर्धसूत्री विभाजन से चार लघुबीजाणु बनते हैं। ये लघुबीजाणु भी आकार में समान होते हैं।

आकार में भिन्न संतति कोशिकाएँ:

  • अण्डजनन (Oogenesis): मादा युग्मक (अण्डाणु) के निर्माण की प्रक्रिया में, एक मातृ कोशिका के अर्धसूत्री विभाजन से एक बड़ा अण्डाणु और तीन छोटी ध्रुवीय कायिकाएँ (polar bodies) बनती हैं। ये कोशिकाएँ आकार में बहुत भिन्न होती हैं।
  • गुरुबीजाणुजनन (Megasporogenesis) पौधों में: पौधों में मादा युग्मक (भ्रूणकोष) के निर्माण की प्रक्रिया में, गुरुबीजाणु मातृ कोशिका के अर्धसूत्री विभाजन से चार गुरुबीजाणु बनते हैं। इनमें से केवल एक गुरुबीजाणु कार्यात्मक होता है और भ्रूणकोष बनाता है, जबकि अन्य तीन नष्ट हो जाते हैं। कार्यात्मक गुरुबीजाणु अन्य तीन से भिन्न होता है।
इस प्रकार, अर्धसूत्री विभाजन के परिणाम स्वरूप बनने वाली संतति कोशिकाओं का आकार इस बात पर निर्भर करता है कि वे किस जीव में और किस विशिष्ट प्रजनन प्रक्रिया के तहत बन रही हैं।

Common mistakes

  • समसूत्री और अर्धसूत्री विभाजन के बीच भ्रमित होना।
  • गुणसूत्र संख्या और DNA मात्रा में परिवर्तन को गलत समझना।
  • कोशिका चक्र की विभिन्न प्रावस्थाओं की घटनाओं को क्रम में न रख पाना।
  • पादप और जंतु कोशिका विभाजन में अंतर को न समझ पाना।

Revision tips

  • कोशिका चक्र के प्रत्येक चरण में होने वाली प्रमुख घटनाओं को सूचीबद्ध करें।
  • समसूत्री और अर्धसूत्री विभाजन के बीच तुलनात्मक तालिका बनाएं।
  • गुणसूत्रों के व्यवहार को दर्शाने वाले चित्र बनाकर अभ्यास करें।
  • महत्वपूर्ण शब्दावली जैसे सूत्रयुग्मन, युगली, काएज्मेटा को याद करें।

Practice MCQs

Q1. मानव कोशिका का औसत कोशिका चक्र कितने समय का होता है?

Q2. कोशिका चक्र की किस प्रावस्था में DNA का संश्लेषण और द्विगुणन होता है?

Q3. समसूत्री विभाजन को सम विभाजन क्यों कहा जाता है?

Q4. अर्धसूत्री विभाजन के प्रोफेस-I की किस अवस्था में समजात गुणसूत्रों के बीच विनिमय होता है?

Q5. पादप और जंतु कोशिकाओं में कोशिका द्रव्य विभाजन में मुख्य अंतर क्या है?

Frequently asked questions

कोशिका चक्र क्या है और इसकी मुख्य प्रावस्थाएँ कौन सी हैं?

कोशिका चक्र वह प्रक्रिया है जिसके द्वारा एक कोशिका वृद्धि करती है और विभाजित होकर दो संतति कोशिकाएँ बनाती है। इसकी मुख्य प्रावस्थाएँ अंतरावस्था (G1, S, G2) और विभाजन प्रावस्था (M-प्रावस्था) हैं।

समसूत्री और अर्धसूत्री विभाजन में क्या अंतर है?

समसूत्री विभाजन में एक मातृ कोशिका से दो समान गुणसूत्र संख्या वाली संतति कोशिकाएँ बनती हैं, जो कायिक कोशिकाओं के लिए महत्वपूर्ण है। अर्धसूत्री विभाजन में एक मातृ कोशिका से चार भिन्न गुणसूत्र संख्या वाली संतति कोशिकाएँ बनती हैं, जो जनन कोशिकाओं (युग्मकों) के निर्माण के लिए आवश्यक है।

कोशिका चक्र की G0 प्रावस्था क्या है?

G0 प्रावस्था कोशिका चक्र की एक शांत या निष्क्रिय अवस्था है जहाँ कोशिकाएँ विभाजन नहीं करतीं लेकिन उपापचयी रूप से सक्रिय रहती हैं। कुछ कोशिकाएँ इस अवस्था में स्थायी रूप से रहती हैं।

गुणसूत्रों का युग्मन और विनिमय किस विभाजन में होता है?

गुणसूत्रों का युग्मन (synapsis) और विनिमय (crossing over) अर्धसूत्री विभाजन के प्रोफेस-I की जाइगोटीन और पेकीटीन अवस्थाओं में होता है।

पादप और जंतु कोशिकाओं में कोशिका द्रव्य विभाजन कैसे भिन्न होता है?

पादप कोशिकाओं में कोशिका प्लेट (पट्ट) के निर्माण से विभाजन होता है, जबकि जंतु कोशिकाओं में कोशिका झिल्ली के वलन द्वारा विभाजन होता है।

क्या कोशिका विभाजन के दौरान गुणसूत्रों की संख्या बदलती है?

समसूत्री विभाजन में गुणसूत्रों की संख्या समान रहती है। अर्धसूत्री विभाजन में, पहले विभाजन में गुणसूत्रों की संख्या आधी हो जाती है।

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