कक्षा 11 जीव विज्ञान NCERT समाधान: अध्याय 9 - जैव अणु

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यह पृष्ठ कक्षा 11 जीव विज्ञान के अध्याय 9, 'जैव अणु' के लिए विस्तृत NCERT समाधान प्रदान करता है। इसमें वृहत् अणुओं की परिभाषा और उदाहरण, विभिन्न प्रकार के रासायनिक बंध जैसे ग्लाइकोसाइडिक, पेप्टाइड और फॉस्फोडाइएस्टर बंधों का स्पष्टीकरण, प्रोटीन की तृतीयक संरचना की व्याख्या और कम अणुभार वाले सूक्ष्म जैव अणुओं की संरचनाओं का वर्णन शामिल है। ये समाधान छात्रों को जैव अणुओं की जटिल दुनिया को समझने, उनकी संरचनाओं को पहचानने और विभिन्न जैविक प्रक्रियाओं में उनकी भूमिका को समझने में मदद करते हैं। परीक्षा की तैयारी के लिए, ये समाधान एक महत्वपूर्ण संसाधन के रूप में कार्य करते हैं, जो प्रमुख अवधारणाओं को स्पष्ट करते हैं और अभ्यास प्रश्नों के उत्तर प्रदान करते हैं।

Quick info

BoardCBSE
ClassClass 11
Subjectजीव विज्ञान
Session2026
LanguageHindi
TypeNCERT Solutions
Chapter9. जैव अणु

Chapter summary

अध्याय 9, 'जैव अणु' के लिए NCERT समाधान, कक्षा 11 जीव विज्ञान के छात्रों को जैविक प्रणालियों में पाए जाने वाले आवश्यक अणुओं की गहन समझ प्रदान करते हैं। समाधान वृहत् अणुओं, विभिन्न प्रकार के रासायनिक बंधों (ग्लाइकोसाइडिक, पेप्टाइड, फॉस्फोडाइएस्टर) और प्रोटीन की तृतीयक संरचना पर ध्यान केंद्रित करते हैं। इसके अतिरिक्त, यह ग्लूकोज, अमीनो एसिड, न्यूक्लियोटाइड और लिपिड जैसे कम अणुभार वाले जैव अणुओं की संरचनाओं को भी दर्शाता है, जो परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण हैं।

Learning outcomes

  • वृहत् अणुओं को परिभाषित करना और उदाहरण देना सीखें।
  • ग्लाइकोसाइडिक, पेप्टाइड और फॉस्फोडाइएस्टर बंधों के निर्माण और महत्व को समझें।
  • प्रोटीन की तृतीयक संरचना की अवधारणा को स्पष्ट करें।
  • ग्लूकोज, अमीनो एसिड, न्यूक्लियोटाइड और लिपिड जैसे सूक्ष्म जैव अणुओं की संरचनाओं को पहचानें।
  • जैविक अणुओं के बीच रासायनिक बंधों के महत्व का विश्लेषण करें।

Topics covered

Paper topics

  • वृहत् अणु
  • सूक्ष्म जैव अणु
  • ग्लाइकोसाइडिक बंध
  • पेप्टाइड बंध
  • फॉस्फोडाइएस्टर बंध
  • प्रोटीन संरचना
  • कार्बोहाइड्रेट्स
  • वसा और लिपिड
  • अमीनो एसिड
  • नाइट्रोजन क्षारक
  • न्यूक्लियोटाइड्स
  • जैविक अणुओं की संरचना

Important topics

  • वृहत् अणु और सूक्ष्म जैव अणु
  • ग्लाइकोसाइडिक, पेप्टाइड और फॉस्फोडाइएस्टर बंध
  • प्रोटीन की तृतीयक संरचना
  • ग्लूकोज की संरचना
  • अमीनो एसिड की संरचना
  • न्यूक्लियोटाइड की संरचना

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Questions and Solutions

प्रश्न 1

वृहत् अणु क्या है? उदाहरण दीजिए।
Solution: वृहत् अणु (Macromolecules) वे बड़े जैविक अणु होते हैं जो जीवित कोशिकाओं के अम्ल अविलेय अंश (acid insoluble fraction) में पाए जाते हैं। ये अणु अक्सर छोटे, दोहराई जाने वाली इकाइयों (मोनोमर्स) से मिलकर बने होते हैं, जिन्हें पॉलिमराइजेशन नामक प्रक्रिया द्वारा जोड़ा जाता है। उदाहरण के लिए, न्यूक्लिक अम्ल (जैसे DNA और RNA) और पॉलीसैकेराइड (जैसे स्टार्च और सेल्यूलोज) वृहत् अणुओं के उदाहरण हैं।

प्रश्न 2

ग्लाइकोसाइडिक, पेप्टाइड तथा फॉस्फोडाइएस्टर बन्धों का वर्णन कीजिए।
Solution: विभिन्न प्रकार के जैव अणुओं में पाए जाने वाले प्रमुख रासायनिक बंधों का वर्णन इस प्रकार है:
  1. ग्लाइकोसाइडिक बंध (Glycosidic Bond): यह बंध मोनोसैकेराइड इकाइयों को आपस में जोड़ता है, जिससे पॉलीसैकेराइड का निर्माण होता है। इस बंध के निर्माण में, एक मोनोसैकेराइड इकाई का एल्डिहाइड या कीटोन समूह दूसरे मोनोसैकेराइड इकाई के हाइड्रॉक्सिल समूह (-OH) के साथ अभिक्रिया करता है, और इस प्रक्रिया में जल का एक अणु (H₂O) निकल जाता है।
  2. पेप्टाइड बंध (Peptide Bond): यह बंध अमीनो एसिड इकाइयों को जोड़कर प्रोटीन का निर्माण करता है। एक अमीनो एसिड का कार्बोक्सिल समूह (-COOH) अगले अमीनो एसिड के अमीनो समूह (-NH₂) के साथ अभिक्रिया करता है, जिससे जल का एक अणु हट जाता है और पेप्टाइड या एमाइड बंध बनता है।
  3. फॉस्फोडाइएस्टर बंध (Phosphodiester Bond): यह बंध न्यूक्लियोटाइड्स को जोड़कर पॉलीन्यूक्लियोटाइड श्रृंखला (जैसे DNA और RNA) का निर्माण करता है। यह बंध दो समीपवर्ती न्यूक्लियोटाइड्स के फॉस्फेट समूह के बीच बनता है। DNA की दोहरी हेलिक्स संरचना में, दो पॉलीन्यूक्लियोटाइड श्रृंखलाएं नाइट्रोजन क्षारकों के बीच हाइड्रोजन बंधों द्वारा जुड़ी होती हैं।

प्रश्न 3

प्रोटीन की तृतीयक संरचना से क्या तात्पर्य है?
Solution: प्रोटीन की तृतीयक संरचना (Tertiary Structure) से तात्पर्य पॉलीपेप्टाइड श्रृंखला के त्रि-आयामी (3D) आकार से है। एक लंबी पॉलीपेप्टाइड श्रृंखला अपने ऊपर ही कई बार मुड़कर और बल खाकर एक जटिल गोलाकार या रेशेदार संरचना बनाती है, जो ऊन के एक खोखले गोले के समान दिख सकती है। यह त्रि-आयामी व्यवस्था प्रोटीन की विशिष्ट जैविक क्रिया के लिए महत्वपूर्ण होती है।

प्रश्न 4

10 ऐसे रुचिकर सूक्ष्म जैव अणुओं का पता लगाइए जो कम अणुभार वाले होते हैं व इनकी संरचना बनाइए। ऐसे उद्योगों का पता लगाइए जो इन यौगिकों का निर्माण विलगन द्वारा करते हैं? इनको खरीदने वाले कौन हैं? मालूम कीजिए।
Solution: जीवधारियों में पाए जाने वाले कई कार्बनिक यौगिक कम अणुभार वाले होते हैं और इन्हें सूक्ष्म जैव अणु कहा जाता है। यहाँ 10 ऐसे अणुओं के उदाहरण और उनकी सामान्य संरचनाएं दी गई हैं:

1. ग्लूकोज (Glucose): एक मोनोसैकेराइड (शर्करा) जिसका रासायनिक सूत्र C₆H₁₂O₆ है। यह एक षट्कोणीय वलय संरचना बनाता है।

2. फ्रक्टोस (Fructose): एक अन्य मोनोसैकेराइड, जिसे फलों की शर्करा भी कहते हैं, सूत्र C₆H₁₂O₆। यह पंचकोणीय वलय संरचना बनाता है।

3. राइबोस (Ribose): एक पेंटोस शर्करा (5-कार्बन शर्करा), सूत्र C₅H₁₀O₅, जो RNA का एक घटक है।

4. डिऑक्सीराइबोस (Deoxyribose): एक पेंटोस शर्करा, सूत्र C₅H₁₀O₄, जो DNA का एक घटक है।

5. ग्लाइसिन (Glycine): सबसे सरल अमीनो एसिड, सूत्र H₂NCH₂COOH।

6. ऐलेनिन (Alanine): एक सामान्य अमीनो एसिड, सूत्र CH₃CH(NH₂)COOH।

7. सीरीन (Serine): एक अमीनो एसिड जिसमें हाइड्रॉक्सिल समूह होता है, सूत्र HOCH₂CH(NH₂)COOH।

8. पामिटिक अम्ल (Palmitic Acid): एक संतृप्त वसा अम्ल जिसमें 16 कार्बन होते हैं।

9. ग्लिसरॉल (Glycerol): एक त्रिहाइड्रिक अल्कोहल, सूत्र C₃H₈O₃, जो वसा का एक घटक है।

10. कोलेस्ट्रॉल (Cholesterol): एक स्टेरॉयड लिपिड, जो कोशिका झिल्ली और हार्मोन के निर्माण में महत्वपूर्ण है।

संरचनाएं: (स्रोत में दी गई संरचनाओं का उल्लेख किया गया है, जिन्हें यहाँ पाठ में विस्तृत रूप से वर्णित नहीं किया जा सकता है, लेकिन वे सामान्य रासायनिक सूत्र और कार्यात्मक समूहों को दर्शाती हैं।)

उद्योग और खरीदार:

कई उद्योग इन यौगिकों का निर्माण किण्वन (fermentation) या रासायनिक संश्लेषण (chemical synthesis) जैसी प्रक्रियाओं द्वारा करते हैं। उदाहरण के लिए:

  • फार्मास्युटिकल उद्योग: दवाओं और चिकित्सा उत्पादों के निर्माण के लिए अमीनो एसिड, शर्करा और लिपिड का उपयोग करता है।
  • खाद्य और पेय उद्योग: मिठास (ग्लूकोज, फ्रक्टोस), स्वाद बढ़ाने वाले एजेंट और पोषण संबंधी पूरक के रूप में शर्करा और वसा का उपयोग करता है।
  • जैव प्रौद्योगिकी कंपनियां: अनुसंधान और विकास के लिए विशिष्ट जैव रसायनों का उत्पादन करती हैं।
  • पशु चारा उद्योग: पोषण के लिए अमीनो एसिड और अन्य यौगिकों का उपयोग करता है।

इन यौगिकों के मुख्य खरीदार उपरोक्त उद्योगों के साथ-साथ अनुसंधान संस्थान, शैक्षणिक संस्थान और विशेष रसायन वितरक होते हैं।

Common mistakes

  • विभिन्न प्रकार के रासायनिक बंधों के बीच अंतर करने में भ्रमित होना।
  • प्रोटीन संरचना के विभिन्न स्तरों (प्राथमिक, द्वितीयक, तृतीयक) को याद रखने में कठिनाई।
  • जटिल जैव अणुओं की संरचनाओं को चित्रित करने में त्रुटियाँ।
  • वृहत् अणुओं और सूक्ष्म जैव अणुओं के बीच अंतर को गलत समझना।

Revision tips

  • प्रत्येक प्रकार के रासायनिक बंध के निर्माण की प्रक्रिया को समझने पर ध्यान केंद्रित करें।
  • प्रोटीन की तृतीयक संरचना को दर्शाने वाले आरेखों का अभ्यास करें।
  • ग्लूकोज, अमीनो एसिड और न्यूक्लियोटाइड जैसे प्रमुख जैव अणुओं की संरचनाओं को याद करें।
  • वृहत् अणुओं और सूक्ष्म जैव अणुओं के बीच अंतर स्पष्ट करने वाले नोट्स बनाएं।

Practice MCQs

Q1. वृहत् अणु (macromolecules) वे अणु होते हैं जो अम्ल अविलेय अंश में पाए जाते हैं। निम्नलिखित में से कौन एक वृहत् अणु का उदाहरण है?

Q2. मोनोसैकेराइड इकाइयों को जोड़ने वाले सहसंयोजी बंध को क्या कहा जाता है?

Q3. अमीनो एसिड को जोड़ने वाले बंध का नाम क्या है?

Q4. न्यूक्लियोटाइड्स को एक साथ जोड़कर पॉलीन्यूक्लियोटाइड श्रृंखला बनाने वाले बंध का नाम क्या है?

Q5. प्रोटीन की वह संरचना जो अणु के त्रि-आयामी रूप को दर्शाती है, क्या कहलाती है?

Frequently asked questions

कक्षा 11 जीव विज्ञान के अध्याय 9 'जैव अणु' में कौन से मुख्य विषय शामिल हैं?

इस अध्याय में वृहत् अणु, सूक्ष्म जैव अणु, ग्लाइकोसाइडिक बंध, पेप्टाइड बंध, फॉस्फोडाइएस्टर बंध, प्रोटीन की तृतीयक संरचना, और विभिन्न जैव अणुओं जैसे कार्बोहाइड्रेट, लिपिड, अमीनो एसिड और न्यूक्लियोटाइड की संरचनाएं शामिल हैं।

वृहत् अणु और सूक्ष्म जैव अणु में क्या अंतर है?

वृहत् अणु वे बड़े जैविक अणु होते हैं जो अम्ल अविलेय अंश में पाए जाते हैं, जैसे न्यूक्लिक अम्ल और पॉलीसैकेराइड। सूक्ष्म जैव अणु छोटे कार्बनिक यौगिक होते हैं जो अम्ल विलेय अंश में पाए जाते हैं, जैसे अमीनो एसिड, शर्करा, न्यूक्लियोटाइड और लिपिड।

प्रोटीन की तृतीयक संरचना क्यों महत्वपूर्ण है?

प्रोटीन की तृतीयक संरचना उसके त्रि-आयामी आकार को दर्शाती है, जो उसकी जैविक क्रिया के लिए आवश्यक है। यह संरचना प्रोटीन के कार्य को निर्धारित करती है।

पेप्टाइड बंध कैसे बनता है?

पेप्टाइड बंध एक अमीनो एसिड के कार्बोक्सिल समूह (-COOH) और अगले अमीनो एसिड के अमीनो समूह (-NH2) के बीच अभिक्रिया से बनता है, जिसमें जल का एक अणु निकलता है।

ये NCERT समाधान छात्रों की परीक्षा की तैयारी में कैसे मदद करते हैं?

ये समाधान प्रत्येक प्रश्न के विस्तृत और स्पष्ट उत्तर प्रदान करते हैं, जिससे छात्रों को अवधारणाओं को बेहतर ढंग से समझने और याद रखने में मदद मिलती है। यह अभ्यास प्रश्नों को हल करने और परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण विषयों पर ध्यान केंद्रित करने में सहायक है।

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