कक्षा 11 जीव विज्ञान: कोशिका - जीवन की इकाई NCERT समाधान

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यह पृष्ठ कक्षा 11 जीव विज्ञान के अध्याय 8, 'कोशिका: जीवन की इकाई' के लिए विस्तृत NCERT समाधान प्रदान करता है। इसमें कोशिका की खोज, कोशिका सिद्धांत, प्रोकैरियोटिक और यूकैरियोटिक कोशिकाओं के बीच अंतर, और विभिन्न कोशिकीय अंगकों जैसे माइटोकॉन्ड्रिया और लवक की संरचना और कार्यों को शामिल किया गया है। समाधानों में झिल्ली परिवहन, कोशिका भित्ति, और कोशिका विभाजन जैसी महत्वपूर्ण अवधारणाओं की स्पष्ट व्याख्याएं शामिल हैं। यह संसाधन छात्रों को परीक्षा की तैयारी के लिए इन अवधारणाओं को गहराई से समझने में मदद करता है, जिससे वे जटिल प्रश्नों का आत्मविश्वास से उत्तर दे सकें।

Quick info

BoardCBSE
ClassClass 11
Subjectजीव विज्ञान
Session2026
LanguageHindi
TypeNCERT Solutions
Chapter8. कोशिका जीवन की इकाई

Chapter summary

कक्षा 11 जीव विज्ञान के अध्याय 'कोशिका: जीवन की इकाई' के लिए NCERT समाधान, कोशिका की मौलिक अवधारणाओं पर केंद्रित हैं। इसमें कोशिका की खोज, कोशिका सिद्धांत के विकास, और प्रोकैरियोटिक व यूकैरियोटिक कोशिकाओं की विशेषताओं का विस्तृत विवरण शामिल है। समाधान विभिन्न कोशिकीय अंगकों, जैसे माइटोकॉन्ड्रिया और लवक, की संरचना और कार्यों की व्याख्या करते हैं, साथ ही झिल्ली के माध्यम से पदार्थों के परिवहन की प्रक्रियाओं को भी स्पष्ट करते हैं। यह अध्याय छात्रों को कोशिका की संरचनात्मक और कार्यात्मक इकाई के रूप में समझने में मदद करता है।

Learning outcomes

  • कोशिका की खोज और कोशिका सिद्धांत के विकास को समझना।
  • प्रोकैरियोटिक और यूकैरियोटिक कोशिकाओं के बीच मुख्य अंतरों की पहचान करना।
  • माइटोकॉन्ड्रिया और लवक जैसे द्विकला-घिरे अंगकों की संरचना और कार्यों का वर्णन करना।
  • जीवद्रव्य झिल्ली के माध्यम से अणुओं के परिवहन की विभिन्न विधियों को समझाना।
  • कोशिका के विभिन्न घटकों की विशेषताओं और उनके महत्व को समझना।

Topics covered

Paper topics

  • कोशिका की खोज
  • कोशिका सिद्धांत
  • प्रोकैरियोटिक कोशिका
  • यूकैरियोटिक कोशिका
  • कोशिका झिल्ली
  • पदार्थों का परिवहन
  • माइटोकॉन्ड्रिया
  • लवक
  • कोशिका अंगक
  • कोशिका भित्ति
  • केंद्रक
  • कोशिका द्रव्य

Important topics

  • कोशिका सिद्धांत और इसके प्रतिपादक
  • प्रोकैरियोटिक बनाम यूकैरियोटिक कोशिकाएं
  • माइटोकॉन्ड्रिया की संरचना और कार्य (ऊर्जा उत्पादन)
  • कोशिका झिल्ली की पारगम्यता और परिवहन के तरीके
  • लवक की संरचना और कार्य (प्रकाश संश्लेषण)

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Questions and Solutions

प्रश्न 1

निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही नहीं है?

अ) कोशिका की खोज राबर्ट ब्राउन ने की थी।

(ब) श्लीडेन व श्वान ने कोशिका सिद्धान्त प्रतिपादित किया था।

(स) विरचोव के अनुसार कोशिका पूर्व स्थित कोशिका से बनती है।

(द) एककोशिकीय जीव अपने जीवन के कार्य एक कोशिका के भीतर करते हैं।

Solution:

कथन (अ) सही नहीं है। कोशिका की खोज का श्रेय रॉबर्ट हुक को जाता है, जिन्होंने 1665 में अपनी बनाई हुई सूक्ष्मदर्शी से कॉर्क की पतली परत में कोशिकाएं देखी थीं। रॉबर्ट ब्राउन ने 1831 में कोशिका के केंद्रक की खोज की थी। अन्य कथन सही हैं: श्लीडेन और श्वान ने कोशिका सिद्धांत दिया, विरचोव ने बताया कि नई कोशिकाएं पुरानी कोशिकाओं से बनती हैं, और एककोशिकीय जीव अपने सभी जीवन कार्य एक ही कोशिका में संपन्न करते हैं।

प्रश्न 2

नई कोशिका का निर्माण होता है—

(अ) जीवाणु-किण्वन से

(ब) पुरानी कोशिकाओं के पुनरुत्पादन से

(स) पूर्व स्थित कोशिकाओं से

(द) अजैविक पदार्थी से

Solution:

नई कोशिका का निर्माण हमेशा पूर्व स्थित कोशिकाओं से ही होता है। यह कोशिका विभाजन की प्रक्रिया द्वारा होता है, जिसमें एक जनक कोशिका विभाजित होकर दो या अधिक संतति कोशिकाएं बनाती है। कोशिका सिद्धांत का एक महत्वपूर्ण नियम यही है कि सभी कोशिकाएं पूर्व-मौजूदा कोशिकाओं से ही उत्पन्न होती हैं।

प्रश्न 3

निम्नलिखित के सही जोड़े बनाइए:

(अ) क्रिस्टी

(ब) कुंडिका

(स) थाइलेकोइड

(i) पीठिका में चपटी कलामय थैली

(ii) सूत्रकणिका में अन्तर्वलन

(iii) गॉल्जी उपकरण में बिंब आकार की थैली

Solution:

सही जोड़े इस प्रकार हैं:

  1. (अ) क्रिस्टी (Cristae) का सही जोड़ा (ii) सूत्रकणिका (माइटोकॉन्ड्रिया) में अन्तर्वलन है। क्रिस्टी माइटोकॉन्ड्रिया की आंतरिक झिल्ली के मुड़े हुए हिस्से होते हैं जो सतह क्षेत्र को बढ़ाते हैं।
  2. (ब) कुंडिका (Cisternae) का सही जोड़ा (iii) गॉल्जी उपकरण में बिंब आकार की थैली है। कुंडिकाएं गॉल्जी उपकरण की चपटी, झिल्ली-बद्ध थैलियों का समूह होती हैं।
  3. (स) थाइलेकोइड (Thylakoid) का सही जोड़ा (i) पीठिका (Stroma) में चपटी कलामय थैली है। थाइलेकोइड क्लोरोप्लास्ट के भीतर पाए जाने वाले झिल्ली-बद्ध थैले होते हैं, जो प्रकाश संश्लेषण के प्रकाश-निर्भर अभिक्रियाओं में भाग लेते हैं।

प्रश्न 4

निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?

(अ) सभी जीव कोशिकाओं में केन्द्रक मिलता है।

(ब) दोनों जन्तु व पादप कोशिकाओं में स्पष्ट कोशिका भित्ति होती है।

(स) प्रोकैरियोटिक की झिल्ली में आवरित अंगक नहीं मिलते हैं।

(द) कोशिका का निर्माण अजैविक पदार्थों से नए सिरे से होता है।

Solution:

सही कथन (स) है: प्रोकैरियोटिक कोशिकाओं में झिल्ली में आवरित अंगक नहीं मिलते हैं।

अन्य कथन गलत क्यों हैं:

  • (अ) सभी कोशिकाओं में केन्द्रक नहीं होता; प्रोकैरियोटिक कोशिकाओं में एक सुविकसित केन्द्रक का अभाव होता है।
  • (ब) जन्तु कोशिकाओं में कोशिका भित्ति नहीं होती है, केवल पादप कोशिकाओं में होती है।
  • (द) कोशिकाएं हमेशा पूर्व-मौजूदा कोशिकाओं से ही बनती हैं, अजैविक पदार्थों से नए सिरे से नहीं।

प्रश्न 5

प्रोकैरियोटिक कोशिका में क्या मीसोसोम होता है? इसके कार्य का वर्णन करो।
Solution:

हाँ, प्रोकैरियोटिक कोशिका में मीसोसोम (Mesosome) नामक एक संरचना पाई जाती है। मीसोसोम प्लाज्मा झिल्ली के वलन (infoldings) से बनती है, जो कोशिका द्रव्य में विस्तारित होती है।

मीसोसोम के कार्य:

  • श्वसन में सहायता: मीसोसोम में श्वसन से संबंधित एंजाइम पाए जाते हैं, जो ऊर्जा उत्पादन (ATP संश्लेषण) में सहायता करते हैं। यह यूकैरियोटिक कोशिकाओं में माइटोकॉन्ड्रिया के कार्य के समान है।
  • डीएनए प्रतिकृति में सहायता: यह डीएनए के प्रतिकृति और कोशिका विभाजन के दौरान गुणसूत्रों को अलग करने में भी भूमिका निभा सकता है।
  • कोशिका भित्ति निर्माण: कुछ मामलों में, यह कोशिका भित्ति के निर्माण में भी सहायता कर सकता है।

प्रश्न 6

कैसे उदासीन विलेय जीवद्रव्य झिल्ली से होकर गति करते हैं? क्या ध्रुवीय अणु उसी प्रकार से इससे होकर गति करते हैं। यदि नहीं तो इनका जीवद्रव्य झिल्ली से होकर परिवहन कैसे होता है?
Solution:

जीवद्रव्य झिल्ली का एक महत्वपूर्ण कार्य अणुओं का परिवहन करना है। यह झिल्ली वरणात्मक पारगम्य (selectively permeable) होती है, जिसका अर्थ है कि यह कुछ पदार्थों को आसानी से गुजरने देती है और दूसरों को नहीं।

उदासीन विलेय अणुओं का परिवहन:

उदासीन विलेय अणु, जैसे कि कुछ छोटे लिपिड-घुलनशील पदार्थ, सामान्य या निष्क्रिय परिवहन (passive transport) द्वारा झिल्ली से होकर गति करते हैं। यह प्रक्रिया उच्च सांद्रता वाले क्षेत्र से निम्न सांद्रता वाले क्षेत्र की ओर होती है, जिसे साधारण विसरण (simple diffusion) कहते हैं। इस प्रक्रिया में कोशिका की ऊर्जा (ATP) व्यय नहीं होती है।

ध्रुवीय अणुओं का परिवहन:

ध्रुवीय अणु (जैसे पानी, शर्करा, अमीनो एसिड) सामान्य विसरण द्वारा आसानी से जीवद्रव्य झिल्ली से होकर नहीं गुजर सकते क्योंकि झिल्ली का लिपिड बाईलेयर ध्रुवीय अणुओं के लिए एक बाधा के रूप में कार्य करता है। इन अणुओं के परिवहन के लिए विशिष्ट तंत्र की आवश्यकता होती है:

  • सुगम विसरण (Facilitated Diffusion): ध्रुवीय अणु और आयन झिल्ली में उपस्थित वाहक प्रोटीनों (carrier proteins) या चैनल प्रोटीनों (channel proteins) की मदद से उच्च सांद्रता से निम्न सांद्रता की ओर गति करते हैं। इस प्रक्रिया में भी ऊर्जा व्यय नहीं होती है।
  • सक्रिय परिवहन (Active Transport): जब अणुओं या आयनों को निम्न सांद्रता से उच्च सांद्रता की ओर ले जाना होता है, तो कोशिका को ऊर्जा (ATP के रूप में) व्यय करनी पड़ती है। इस प्रक्रिया में भी वाहक प्रोटीनों की आवश्यकता होती है और इसे सक्रिय परिवहन कहते हैं।

प्रश्न 7

दो कोशिकीय अंगकों के नाम बताइए जो द्विकला से घिरे होते हैं। इन दो अंगकों की क्या विशेषताएँ हैं? इनके कार्य लिखिए व रेखांकित चित्र बनाइए।
Solution:

दो कोशिकीय अंगक जो द्विकला (double membrane) से घिरे होते हैं, वे हैं:

  1. माइटोकॉन्ड्रिया (Mitochondria)
  2. लवक (Plastids)

1. माइटोकॉन्ड्रिया (Mitochondria):

विशेषताएँ:

  • यह एक दोहरी झिल्ली से घिरा अंगक है। बाहरी झिल्ली चिकनी होती है, जबकि आंतरिक झिल्ली में कई अंतर्वलन (folds) होते हैं जिन्हें क्रिस्टी (cristae) कहते हैं।
  • क्रिस्टी झिल्ली का सतह क्षेत्र बढ़ाती हैं, जिस पर श्वसन के लिए आवश्यक एंजाइम और इलेक्ट्रॉन परिवहन श्रृंखला स्थित होती है।
  • माइटोकॉन्ड्रिया के मैट्रिक्स (आंतरिक गुहा) में राइबोसोम, डीएनए (mtDNA), आरएनए और क्रेब्स चक्र के एंजाइम पाए जाते हैं।
  • इनमें अपना स्वयं का डीएनए और राइबोसोम होता है, जिससे ये कुछ प्रोटीन स्वयं संश्लेषित कर सकते हैं।

कार्य:

  • कोशिका के लिए ऊर्जा (ATP) का उत्पादन करना, इसलिए इन्हें 'कोशिका का ऊर्जा घर' कहा जाता है। यह प्रक्रिया ऑक्सीकरणीय फॉस्फोरिलीकरण (oxidative phosphorylation) कहलाती है।
  • कोशिका के उपापचय (metabolism) में महत्वपूर्ण भूमिका निभाना।

2. लवक (Plastids):

विशेषताएँ:

  • लवक भी दोहरी झिल्ली से घिरे होते हैं।
  • इनमें अपना स्वयं का डीएनए और राइबोसोम होता है, जिससे ये कुछ प्रोटीन स्वयं संश्लेषित कर सकते हैं।
  • लवकों के भीतर स्ट्रोमा (stroma) नामक एक तरल पदार्थ भरा होता है, जिसमें एंजाइम, डीएनए और राइबोसोम होते हैं।
  • स्ट्रोमा में चपटी, झिल्ली-बद्ध थैलियों की संरचनाएं होती हैं जिन्हें थाइलेकोइड (thylakoids) कहते हैं। थाइलेकोइड के ढेर को ग्रेना (grana) कहा जाता है।
  • लवकों के प्रकार (जैसे क्लोरोप्लास्ट, क्रोमोप्लास्ट, ल्यूकोप्लास्ट) उनके वर्णक और कार्य के आधार पर भिन्न होते हैं।

कार्य:

  • क्लोरोप्लास्ट (Chloroplasts): प्रकाश संश्लेषण (photosynthesis) द्वारा भोजन का निर्माण करना। इनमें क्लोरोफिल वर्णक पाया जाता है।
  • क्रोमोप्लास्ट (Chromoplasts): फूलों की पंखुड़ियों और फलों को विभिन्न रंग प्रदान करना।
  • ल्यूकोप्लास्ट (Leucoplasts): भोजन (जैसे स्टार्च, तेल, प्रोटीन) का भंडारण करना।

रेखांकित चित्र:

स्रोत में चित्र उपलब्ध नहीं है, लेकिन माइटोकॉन्ड्रिया की संरचना में बाहरी झिल्ली, आंतरिक झिल्ली (क्रिस्टी के साथ), मैट्रिक्स और ऑक्सीसोम (F1 कण) शामिल होते हैं। लवक की संरचना में बाहरी झिल्ली, आंतरिक झिल्ली, स्ट्रोमा, थाइलेकोइड और ग्रेना शामिल होते हैं।

Common mistakes

  • कोशिका की खोज का श्रेय गलत वैज्ञानिक को देना।
  • प्रोकैरियोटिक और यूकैरियोटिक कोशिकाओं के बीच अंतर को समझने में भ्रमित होना।
  • कोशिका अंगकों के कार्यों को गलत बताना।
  • झिल्ली परिवहन के लिए ऊर्जा की आवश्यकता को गलत समझना।

Revision tips

  • कोशिका सिद्धांत के प्रमुख प्रतिपादकों और उनके योगदान को याद करें।
  • प्रोकैरियोटिक और यूकैरियोटिक कोशिकाओं के बीच तुलनात्मक तालिका बनाएं।
  • माइटोकॉन्ड्रिया और लवक के नामांकित चित्र बनाकर उनकी संरचना को समझें।
  • झिल्ली परिवहन के विभिन्न प्रकारों (विसरण, सक्रिय परिवहन) और उनमें ऊर्जा की भूमिका को स्पष्ट करें।

Practice MCQs

Q1. कोशिका की खोज का श्रेय किस वैज्ञानिक को दिया जाता है?

Q2. कोशिका सिद्धांत किसने प्रतिपादित किया था?

Q3. प्रोकैरियोटिक कोशिकाओं में झिल्ली-आवरित अंगक क्यों नहीं पाए जाते हैं?

Q4. माइटोकॉन्ड्रिया की आंतरिक झिल्ली में पाए जाने वाले अंतर्वलन को क्या कहते हैं?

Q5. जीवद्रव्य झिल्ली का मुख्य कार्य क्या है?

Frequently asked questions

कक्षा 11 जीव विज्ञान के अध्याय 'कोशिका: जीवन की इकाई' में कौन से मुख्य विषय शामिल हैं?

इस अध्याय में कोशिका की खोज, कोशिका सिद्धांत, प्रोकैरियोटिक और यूकैरियोटिक कोशिकाओं की संरचना और अंतर, कोशिका झिल्ली के माध्यम से पदार्थों का परिवहन, और माइटोकॉन्ड्रिया व लवक जैसे महत्वपूर्ण कोशिकीय अंगकों की संरचना और कार्य शामिल हैं।

कोशिका सिद्धांत क्या है और इसे किसने प्रतिपादित किया?

कोशिका सिद्धांत यह बताता है कि सभी जीवित जीव कोशिकाओं से बने होते हैं और सभी नई कोशिकाएं पूर्व-मौजूदा कोशिकाओं से उत्पन्न होती हैं। इसे मुख्य रूप से श्लीडेन और श्वान ने प्रतिपादित किया था।

प्रोकैरियोटिक और यूकैरियोटिक कोशिकाओं में क्या मुख्य अंतर हैं?

प्रोकैरियोटिक कोशिकाओं में एक सुविकसित केंद्रक और झिल्ली-आवरित अंगक नहीं होते हैं, जबकि यूकैरियोटिक कोशिकाओं में एक वास्तविक केंद्रक और विभिन्न झिल्ली-आवरित अंगक (जैसे माइटोकॉन्ड्रिया, गॉल्जी उपकरण) पाए जाते हैं।

माइटोकॉन्ड्रिया को 'कोशिका का ऊर्जा घर' क्यों कहा जाता है?

माइटोकॉन्ड्रिया कोशिका श्वसन की प्रक्रिया द्वारा एटीपी (ऊर्जा मुद्रा) का उत्पादन करते हैं, जो कोशिका की विभिन्न गतिविधियों के लिए आवश्यक ऊर्जा प्रदान करता है। इसलिए, इसे 'कोशिका का ऊर्जा घर' कहा जाता है।

जीवद्रव्य झिल्ली पदार्थों के परिवहन को कैसे नियंत्रित करती है?

जीवद्रव्य झिल्ली वरणात्मक पारगम्य होती है, जिसका अर्थ है कि यह कुछ पदार्थों को आसानी से गुजरने देती है जबकि अन्य को रोकती है या उनके परिवहन को नियंत्रित करती है। यह निष्क्रिय विसरण और सक्रिय परिवहन जैसी प्रक्रियाओं द्वारा होता है।

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