कक्षा 11 जीव विज्ञान: प्राणियों में संरचनात्मक संगठन NCERT समाधान
यह पृष्ठ कक्षा 11 जीव विज्ञान के अध्याय 7, 'प्राणियों में संरचनात्मक संगठन' के लिए विस्तृत NCERT समाधान प्रदान करता है। इसमें तिलचट्टे और केंचुए जैसे विभिन्न अकशेरुकी जीवों की संरचनात्मक विशेषताओं पर ध्यान केंद्रित किया गया है। समाधानों में तिलचट्टे की आहारनाल और केंचुए के जननांगों के नामांकित चित्र शामिल हैं, साथ ही वृक्कक के कार्य और प्रकारों जैसी महत्वपूर्ण शारीरिक संरचनाओं की व्याख्या भी की गई है। यह सामग्री छात्रों को इन जीवों की जटिल शारीरिक संरचनाओं को समझने में मदद करती है, जो परीक्षा की तैयारी के लिए महत्वपूर्ण है।
Quick info
| Board | CBSE |
|---|---|
| Class | Class 11 |
| Subject | जीव विज्ञान |
| Session | 2026 |
| Language | Hindi |
| Type | NCERT Solutions |
| Chapter | 7. प्राणियों में संरचनात्मक संगठन |
Chapter summary
कक्षा 11 जीव विज्ञान के अध्याय 7, 'प्राणियों में संरचनात्मक संगठन' के लिए NCERT समाधान, अकशेरुकी जीवों की शारीरिक संरचनाओं पर केंद्रित हैं। इसमें तिलचट्टे और केंचुए जैसे उदाहरणों के माध्यम से विभिन्न अंगों और प्रणालियों की व्याख्या की गई है। समाधानों में नामांकित चित्र और उत्सर्जन व प्रजनन जैसी महत्वपूर्ण जैविक प्रक्रियाओं की विस्तृत जानकारी शामिल है। यह अध्याय छात्रों को जीवों की जटिलता और उनके अनुकूलन को समझने में सहायता करता है।
Learning outcomes
- तिलचट्टे और केंचुए जैसे अकशेरुकी जीवों की संरचनात्मक विशेषताओं को समझना।
- तिलचट्टे की आहारनाल और केंचुए के जननांगों के नामांकित चित्रों की पहचान करना।
- केंचुए में पाए जाने वाले विभिन्न प्रकार के वृक्ककों और उनके कार्यों का वर्णन करना।
- उत्सर्जन तंत्र में वृक्कक की भूमिका को समझना।
- जीवों में संरचनात्मक संगठन के महत्व का विश्लेषण करना।
Topics covered
Paper topics
- प्राणियों में संरचनात्मक संगठन
- तिलचट्टे की संरचना
- केंचुए की संरचना
- तिलचट्टे की आहारनाल
- केंचुए के जननांग
- वृक्कक (Nephridia)
- उत्सर्जन तंत्र
- जल संतुलन
- अकशेरुकी जीव
- शरीर खंड
Important topics
- तिलचट्टे की आहारनाल का नामांकित चित्र
- केंचुए के जननांगों का नामांकित चित्र
- वृक्कक के प्रकार और कार्य
- तिलचट्टे में खंडों का संगठन
- केंचुए में उत्सर्जन
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Questions and Solutions
प्रश्न 1. एक शब्द या एक पंक्ति में उत्तर दीजिए—
(i) पेरिप्लेनेटा अमेरिकाना का सामान्य नाम लिखिए।
(ii) केंचुए में कितनी शुक्राणुधानियाँ पाई जाती हैं?
(iii) तिलचट्टे में अण्डाशय की स्थिति क्या है?
(iv) तिलचट्टे के उदर में कितने खंड होते हैं?
(v) मैल्पीघी नलिकाएँ कहाँ मिलती हैं?
(i) पेरिप्लेनेटा अमेरिकाना का सामान्य नाम **तिलचट्टा** अथवा कॉकरोच है।
(ii) केंचुए में **चार जोड़ी** शुक्राणुधानियाँ पायी जाती हैं।
(iii) तिलचट्टे में अण्डाशय **चौथे, पाँचवें, छठे और सातवें खंड में आहारनाल के पार्श्व** में स्थित होते हैं।
(iv) तिलचट्टे के उदर में कुल **दस** खंड होते हैं।
(v) मैल्पीघी नलिकाएँ तिलचट्टे के **मध्यांत्र (midgut) व पश्चांत्र (hindgut) के संधि स्थल पर** मिलती हैं। ये उत्सर्जन में सहायक होती हैं।
प्रश्न 2. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए—
(i) वृक्कक का क्या कार्य है?
(ii) अपनी स्थिति के अनुसार केंचुए में कितने प्रकार के वृक्कक पाए जाते हैं?
(i) वृक्कक (Nephridia) का कार्य:
संघ ऐनेलिडा के प्राणियों, जैसे केंचुए में, उत्सर्जन के लिए विशेष प्रकार की कुण्डलित रचनाएँ वृक्कक कहलाती हैं। इनका मुख्य कार्य शरीर से उपापचयी अपशिष्ट पदार्थों को बाहर निकालना है। ये जल संतुलन (osmoregulation) का कार्य भी करती हैं, जिससे शरीर में जल और लवणों की मात्रा नियंत्रित रहती है।
(ii) स्थिति के अनुसार केंचुए में वृक्कक के प्रकार:
केंचुए में वृक्कक की स्थिति के आधार पर उन्हें तीन मुख्य प्रकारों में वर्गीकृत किया जाता है:
- (a) पटीय वृक्कक (Septal nephridia): ये वृक्कक केंचुए के शरीर के मध्य और पश्च भागों में प्रत्येक पट (septum) के दोनों ओर पाए जाते हैं। ये आहारनाल में खुलते हैं।
- (b) अध्यावरणी वृक्कक (Integumentary nephridia): ये शरीर की भित्ति पर सतह के नीचे स्थित होते हैं और सीधे बाह्य वातावरण में खुलते हैं। ये शरीर के अग्र भाग को छोड़कर बाकी सभी खंडों में पाए जाते हैं।
- (c) ग्रसनीय वृक्कक (Pharyngeal nephridia): ये वृक्कक केंचुए के मुख के अग्र भाग में तीसरे, चौथे और पाँचवें खंड में स्थित होते हैं। ये गुच्छों के रूप में पाए जाते हैं और मुख गुहा में खुलते हैं।
प्रश्न 3. केंचुए के जननांगों का नामांकित चित्र बनाइए।
केंचुए के जननांगों का नामांकित चित्र नीचे दिया गया है। केंचुए उभयलिंगी (hermaphrodite) होते हैं, लेकिन उनमें पर-निषेचन (cross-fertilization) होता है। चित्र में नर और मादा जनन अंगों को दर्शाया गया है, जिसमें शुक्राणुधानियाँ (spermathecae), वृषण (testis), शुक्राणु वाहिका (spermiducal funnel), शुक्रपुट (seminal vesicles), अंडाशय (ovary), अंडवाहिनी (oviducal funnel), अंडवाहिनी (oviduct), प्रोस्टेट ग्रंथि (prostate gland) और सहायक ग्रंथि (accessory gland) जैसी संरचनाएँ शामिल हैं।
प्रश्न 4. तिलचट्टे की आहारनाल का नामांकित चित्र बनाइए।
तिलचट्टे की आहारनाल एक लम्बी, कुण्डलित नली होती है जो मुख से गुदा तक फैली होती है। यह तीन मुख्य भागों में विभाजित होती है: अग्र आंत्र (foregut), मध्य आंत्र (midgut), और पश्च आंत्र (hindgut)। चित्र में इन भागों और उनसे संबंधित सहायक संरचनाओं को नामांकित किया गया है।
- अग्र आंत्र (Foregut): इसमें मुख, ग्रसनी (pharynx), ग्रासनली (oesophagus), ग httpServer (crop) और गिजार्ड (gizzard) शामिल हैं। ग httpServer भोजन को संग्रहित करता है और गिजार्ड भोजन को पीसने का कार्य करता है।
- मध्य आंत्र (Midgut): यह पाचन और अवशोषण का मुख्य स्थान है। इसमें यकृत अंधनाल (hepatic caecae) भी पाए जाते हैं जो पाचक एंजाइम स्रावित करते हैं।
- पश्च आंत्र (Hindgut): इसमें इलियम (ileum), कोलन (colon), मलाशय (rectum) और गुदा (anus) शामिल हैं। यहाँ जल और लवणों का अवशोषण होता है। मैल्पीघी नलिकाएँ (Malpighian tubules) मध्यांत्र और पश्चांत्र के संधि स्थल पर पाई जाती हैं और उत्सर्जन का कार्य करती हैं।
Common mistakes
- तिलचट्टे और केंचुए के विभिन्न शारीरिक भागों के नामों को याद रखने में कठिनाई।
- वृक्ककों के प्रकारों और उनकी स्थिति के बीच भ्रम।
- चित्रों में विभिन्न संरचनाओं को सही ढंग से लेबल करने में त्रुटियाँ।
Revision tips
- तिलचट्टे की आहारनाल और केंचुए के जननांगों के चित्रों को बार-बार बनाकर अभ्यास करें।
- वृक्ककों के प्रकारों और उनके कार्यों की एक सारणी बनाएं।
- प्रत्येक प्रश्न के उत्तर को अपने शब्दों में समझाने का प्रयास करें।
Practice MCQs
Q1. तिलचट्टे (पेरिप्लेनेटा अमेरिकाना) का सामान्य नाम क्या है?
Explanation: पेरिप्लेनेटा अमेरिकाना एक वैज्ञानिक नाम है जो सामान्यतः तिलचट्टे के लिए प्रयोग किया जाता है।
Q2. केंचुए में कितनी जोड़ी शुक्राणुधानियाँ (spermathecae) पाई जाती हैं?
Explanation: केंचुए के शरीर में चार जोड़ी शुक्राणुधानियाँ पाई जाती हैं, जो भोजन ग्रहण करने के बाद के खंडों में स्थित होती हैं।
Q3. तिलचट्टे में अण्डाशय (ovaries) शरीर के किन खंडों में स्थित होते हैं?
Explanation: तिलचट्टे में अण्डाशय चौथे, पाँचवें, छठे और सातवें खंड में आहारनाल के पार्श्व में स्थित होते हैं।
Q4. तिलचट्टे के उदर (abdomen) में कुल कितने खंड होते हैं?
Explanation: तिलचट्टे के उदर में कुल दस खंड पाए जाते हैं।
Q5. मैल्पीघी नलिकाएँ (Malpighian tubules) तिलचट्टे के पाचन तंत्र के किस भाग में पाई जाती हैं?
Explanation: मैल्पीघी नलिकाएँ तिलचट्टे में उत्सर्जन अंग के रूप में कार्य करती हैं और मध्यांत्र (midgut) व पश्चांत्र (hindgut) के संधि स्थल पर स्थित होती हैं।
Q6. केंचुए में वृक्कक (Nephridia) का मुख्य कार्य क्या है?
Explanation: केंचुए में वृक्कक उत्सर्जन और जल संतुलन दोनों का महत्वपूर्ण कार्य करते हैं।
Frequently asked questions
यह समाधान किस कक्षा और विषय के लिए है?
यह समाधान CBSE कक्षा 11 जीव विज्ञान के लिए है, जो 'प्राणियों में संरचनात्मक संगठन' अध्याय पर केंद्रित है।
समाधान में किन जीवों की संरचनाओं का वर्णन किया गया है?
समाधान में मुख्य रूप से तिलचट्टे (पेरिप्लेनेटा अमेरिकाना) और केंचुए की संरचनात्मक विशेषताओं का वर्णन किया गया है।
क्या समाधान में चित्रों का समावेश है?
हाँ, समाधान में तिलचट्टे की आहारनाल और केंचुए के जननांगों के नामांकित चित्र शामिल हैं।
वृक्कक (Nephridia) का क्या कार्य है?
केंचुए जैसे ऐनेलिडा संघ के प्राणियों में वृक्कक उत्सर्जन और जल संतुलन का कार्य करते हैं।
तिलचट्टे के उदर में कितने खंड होते हैं?
तिलचट्टे के उदर में कुल दस खंड होते हैं।
यह समाधान परीक्षा की तैयारी में कैसे मदद करेगा?
यह समाधान महत्वपूर्ण अवधारणाओं, संरचनाओं और चित्रों की स्पष्ट व्याख्या प्रदान करके छात्रों को परीक्षा के लिए प्रभावी ढंग से तैयार करने में मदद करता है।
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