कक्षा 10 शेमुषी अध्याय 3: व्यायाम सर्वदा पथ्यः NCERT समाधान
यह पृष्ठ कक्षा 10 की संस्कृत पाठ्यपुस्तक 'शेमुषी' के अध्याय 3, 'व्यायाम सर्वदा पथ्यः' के लिए विस्तृत NCERT समाधान प्रदान करता है। यह अध्याय व्यायाम के महत्व और लाभों पर प्रकाश डालता है, यह बताता है कि यह समग्र स्वास्थ्य और कल्याण को कैसे बढ़ावा देता है। समाधानों में एक-शब्द उत्तर, विस्तृत प्रश्न-उत्तर और व्याकरण अभ्यास शामिल हैं, जो छात्रों को पाठ की गहरी समझ हासिल करने में मदद करते हैं। प्रत्येक समाधान को स्पष्टता और सटीकता के लिए सावधानीपूर्वक लिखा गया है, जिससे यह सुनिश्चित होता है कि छात्र अवधारणाओं को प्रभावी ढंग से समझ सकें। ये समाधान छात्रों को परीक्षा की तैयारी में सहायता करने के लिए एक मूल्यवान संसाधन के रूप में काम करते हैं, जिससे उन्हें पाठ की मुख्य बातों को सुदृढ़ करने में मदद मिलती है।
Quick info
| Board | CBSE |
|---|---|
| Class | Class 10 |
| Subject | Shemushi |
| Session | 2026 |
| Language | Hindi |
| Type | NCERT Solutions |
| Chapter | Chapter 3 |
Chapter summary
कक्षा 10 शेमुषी के अध्याय 3, 'व्यायाम सर्वदा पथ्यः' के लिए NCERT समाधान, व्यायाम के महत्व पर केंद्रित हैं। यह अध्याय बताता है कि नियमित शारीरिक गतिविधि कैसे स्वास्थ्य को बढ़ाती है, सहनशक्ति में सुधार करती है, और उम्र बढ़ने के प्रभावों को कम करती है। समाधानों में एक-शब्द उत्तर, विस्तृत प्रश्न-उत्तर और तृतीया विभक्ति के प्रयोग पर आधारित व्याकरणिक अभ्यास शामिल हैं। ये अभ्यास छात्रों को पाठ की सामग्री को समझने और संस्कृत व्याकरण के महत्वपूर्ण पहलुओं में महारत हासिल करने में मदद करते हैं।
Learning outcomes
- व्यायाम के महत्व और लाभों को समझना।
- पाठ के मुख्य विचारों को एक-शब्द और विस्तृत उत्तरों के माध्यम से समझाना।
- संस्कृत में तृतीया विभक्ति के प्रयोग का अभ्यास करना।
- शारीरिक स्वास्थ्य और कल्याण के लिए व्यायाम की भूमिका का विश्लेषण करना।
- पाठ के आधार पर व्याकरणिक संरचनाओं को लागू करना।
Topics covered
Paper topics
- व्यायाम का महत्व
- स्वास्थ्य लाभ
- सहनशक्ति
- आयु वृद्धि का प्रभाव
- संतुलित व्यायाम
- संस्कृत व्याकरण
- तृतीया विभक्ति
- एक-शब्द उत्तर
- लघु उत्तरीय प्रश्न
- पाठ विश्लेषण
Important topics
- व्यायाम के समग्र स्वास्थ्य लाभ
- नियमित व्यायाम का महत्व
- तृतीया विभक्ति का सही प्रयोग
- पाठ के मुख्य संदेश को समझना
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Questions and Solutions
प्रश्न 1. एकपदेन उत्तरं लिखत-
निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर एक शब्द में लिखिए:
- (क) परमम् आरोग्यं कस्मात् उपजायते? (सर्वोत्तम स्वास्थ्य किससे उत्पन्न होता है?)
- (ख) कस्य मांस स्थिरीभवति? (किसका शरीर स्थिर होता है?)
- (ग) सदा कः पथ्यः? (हमेशा क्या हितकर है?)
- (घ) कै: पुभिः सर्वेषु ऋतुषु व्यायामः कर्तव्यः? (किन लोगों द्वारा सभी ऋतुओं में व्यायाम करना चाहिए?)
- (ङ) व्यायामस्वित्रगात्रस्य समीपं के न उपसर्पन्ति? (व्यायाम से पुष्ट शरीर वाले के पास क्या नहीं आता है?)
यहाँ एक-शब्द में उत्तर दिए गए हैं:
- (क) व्यायाम से।
- (ख) व्यायाम में लगे रहने वाले (शरीर) का।
- (ग) व्यायाम।
- (घ) आत्महितैषी (अपना भला चाहने वाले) लोगों द्वारा।
- (ङ) रोग।
प्रश्न 2. अधोलिखितानां प्रश्नानाम् उत्तराणि संस्कृतभाषया लिखत-
निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर संस्कृत भाषा में लिखिए:
- (क) की दशं कर्म व्यायाम संज्ञितम् कथ्यते? (किस प्रकार के कर्म को व्यायाम कहा जाता है?)
- (ख) व्यायामात् कि किमुपजायते? (व्यायाम से क्या-क्या उत्पन्न होता है?)
- (ग) जरा कस्य सकाशं सहसा न समधिरोहति? (बुढ़ापा किसके पास अचानक नहीं आता है?)
- (घ) कस्य विरुद्धमपि भोजनं परिपच्यते? (किसके लिए विरुद्ध भोजन भी पच जाता है?)
- (ङ) कियता बलेन व्यायामः कर्तव्यः? (कितने बल से व्यायाम करना चाहिए?)
- (च) अर्धबलस्य लक्षणम् किम्? (आधी शक्ति से व्यायाम करने का लक्षण क्या है?)
यहाँ प्रश्नों के विस्तृत उत्तर संस्कृत में दिए गए हैं:
- (क) शरीर में परिश्रम और थकावट उत्पन्न करने वाले कर्म को व्यायाम की संज्ञा दी जाती है।
- (ख) व्यायाम से श्रम, थकावट, प्यास, गर्मी और सर्दी को सहने की क्षमता उत्पन्न होती है, तथा परम आरोग्य (सर्वोत्तम स्वास्थ्य) प्राप्त होता है।
- (ग) बुढ़ापा व्यायाम करने वाले व्यक्ति के पास अचानक नहीं आता है।
- (घ) नित्य व्यायाम करने वाले के लिए विरुद्ध (अनुकूल न) भोजन भी पच जाता है।
- (ङ) व्यायाम आधी शक्ति (बल के आधे) से करना चाहिए।
- (च) व्यायाम करने वाले प्राणी के हृदय में स्थित वायु जब वस्त्रों में प्रवेश करती हुई प्रतीत हो, तो वह आधी शक्ति से व्यायाम करने का लक्षण है।
प्रश्न 3. उदाहरणमनुसृत्य कोष्ठकगतेषु पदेषु तृतीयाविभक्तिं प्रयुज्य रिक्तस्थानानि पुरयत-
उदाहरण के अनुसार कोष्ठक में दिए गए पदों में तृतीया विभक्ति का प्रयोग करके रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए:
उदाहरण: व्यायामः _____ होनमपि सुदर्शनं करोति (गुण)
हल: व्यायामः गुणैः हीनमपि सुदर्शनं करोति। (व्यायाम गुणों से रहित को भी सुंदर बनाता है।)
- (क) ____ व्यायामः कर्त्तव्यः। (बलस्याधं) (व्यायाम _____ करना चाहिए।)
- (ख) _____ सदृशं किञ्चित् स्थौल्यापकर्षणं नास्ति। (व्यायाम) (व्यायाम के समान स्थूलता को दूर करने वाला कुछ नहीं है।)
- (ग) ____ विना जीवनं नास्ति। (विद्या) (विद्या के बिना जीवन नहीं है।)
- (घ) सः ____ खञ्जः अस्ति। (चरण) (वह पैर से लंगड़ा है।)
यहाँ तृतीया विभक्ति का प्रयोग करके रिक्त स्थानों की पूर्ति की गई है:
- (क) बलस्यार्धन (आधी शक्ति से) व्यायाम करना चाहिए।
- (ख) व्यायामेन (व्यायाम से) सदृशं किञ्चित् स्थौल्यापकर्षणं नास्ति।
- (ग) विद्यया (विद्या से) विना जीवनं नास्ति।
- (घ) सः चरणेन (पैर से) खञ्जः अस्ति।
Common mistakes
- एक-शब्द उत्तरों में प्रश्न के संदर्भ को पूरी तरह से न समझना।
- विस्तृत उत्तरों में व्याकरणिक त्रुटियाँ करना।
- तृतीया विभक्ति के प्रयोग में गलतियाँ करना, विशेषकर जब 'द्वारा' या 'के साथ' का भाव हो।
- व्यायाम के लाभों को कम आंकना या गलत समझना।
Revision tips
- प्रत्येक प्रश्न के उत्तर को पाठ के संदर्भ में समझने का प्रयास करें।
- तृतीया विभक्ति के प्रयोग वाले वाक्यों का विशेष रूप से अभ्यास करें।
- व्यायाम के विभिन्न लाभों को सूचीबद्ध करें और उन्हें याद रखें।
- पाठ के मुख्य संदेश को सारांशित करने का प्रयास करें।
Practice MCQs
Q1. पाठ के अनुसार, परम आरोग्य किससे प्राप्त होता है?
Explanation: पाठ में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि परम आरोग्य व्यायाम से उत्पन्न होता है।
Q2. व्यायाम करने वाले व्यक्ति के पास कौन सी चीजें आसानी से नहीं आती हैं?
Explanation: पाठ के अनुसार, व्यायाम करने वाले व्यक्ति के पास रोग आसानी से नहीं आते हैं।
Q3. जरा (बुढ़ापा) किसके पास अचानक नहीं आती है?
Explanation: पाठ में बताया गया है कि बुढ़ापा व्यायाम करने वाले व्यक्ति के पास अचानक नहीं आता है।
Q4. व्यायाम कितने बल से करना चाहिए?
Explanation: पाठ के अनुसार, व्यायाम आधी शक्ति (अर्धन बलेन) से करना चाहिए।
Q5. 'बलस्यार्धन' में कौन सी विभक्ति का प्रयोग हुआ है?
Explanation: 'बलस्यार्धन' शब्द में तृतीया विभक्ति का प्रयोग हुआ है, जो 'बल के आधे' का अर्थ देता है।
Frequently asked questions
कक्षा 10 शेमुषी के अध्याय 3 का मुख्य विषय क्या है?
कक्षा 10 शेमुषी के अध्याय 3, 'व्यायाम सर्वदा पथ्यः' का मुख्य विषय व्यायाम के महत्व और उसके स्वास्थ्य लाभों पर प्रकाश डालना है।
इन NCERT समाधानों से छात्रों को क्या लाभ होगा?
ये समाधान छात्रों को अध्याय की सामग्री को बेहतर ढंग से समझने, अभ्यास प्रश्नों के उत्तर जानने और संस्कृत व्याकरण के नियमों को सीखने में मदद करेंगे, जो परीक्षा की तैयारी के लिए महत्वपूर्ण है।
प्रश्न 3 में किस व्याकरणिक नियम का अभ्यास कराया गया है?
प्रश्न 3 में कोष्ठक में दिए गए शब्दों में तृतीया विभक्ति का प्रयोग करके रिक्त स्थानों को भरने का अभ्यास कराया गया है।
व्यायाम कितना बल लगाकर करना चाहिए?
पाठ के अनुसार, व्यायाम आधी शक्ति (अर्धन बलेन) लगाकर करना चाहिए।
क्या ये समाधान परीक्षा की तैयारी के लिए उपयोगी हैं?
हाँ, ये समाधान परीक्षा की तैयारी के लिए अत्यंत उपयोगी हैं क्योंकि ये पाठ की मुख्य अवधारणाओं को स्पष्ट करते हैं और अभ्यास के लिए प्रश्नोत्तर प्रदान करते हैं।
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