CBSE Class 10 Shemushi Chapter 4: शिशुलालनम् NCERT Solutions
This chapter, 'शिशुलालनम्' (Child Affection), from CBSE Class 10 Shemushi, delves into the tender emotions surrounding a child's upbringing and the grammatical nuances associated with it. The NCERT Solutions provided here offer detailed explanations for each question, focusing on understanding the text and applying grammatical rules. Students will explore concepts related to child-rearing, the significance of affection, and the correct usage of grammatical cases and their reasons. These solutions are designed to clarify complex ideas, reinforce learning, and assist students in preparing effectively for their examinations by providing step-by-step guidance and accurate answers.
Quick info
| Board | CBSE |
|---|---|
| Class | Class 10 |
| Subject | Shemushi |
| Session | 2026 |
| Language | Hindi |
| Type | NCERT Solutions |
| Chapter | Chapter 4 |
Chapter summary
Chapter 4 of CBSE Class 10 Shemushi, 'शिशुलालनम्', focuses on the theme of child affection. The NCERT Solutions cover exercises that test comprehension of the chapter's narrative and grammatical concepts, particularly the identification and reasoning behind different grammatical cases (विभक्ति). Students will learn to identify subjects, objects, and the reasons for specific case usages in Sanskrit sentences, enhancing their understanding of sentence structure and grammar.
Learning outcomes
- Understand the theme of child affection as presented in the chapter.
- Identify and explain the grammatical case (विभक्ति) used for underlined words.
- Determine the reason (तत्कारणम्) for the specific grammatical case used.
- Identify the subject (कर्तृपद) in given Sanskrit sentences.
- Comprehend the meaning and context of Sanskrit sentences related to the chapter's theme.
Topics covered
Paper topics
- शिशुलालनम् (Child Affection)
- संस्कृत व्याकरण (Sanskrit Grammar)
- विभक्ति परिचय (Introduction to Grammatical Cases)
- कारक (Karakas/Agents)
- कर्ता पद (Subject)
- द्वितीया विभक्ति (Second Case)
- तृतीया विभक्ति (Third Case)
- अव्यय (Indeclinables)
- वाक्य विश्लेषण (Sentence Analysis)
- संवाद बोध (Comprehension of Dialogue)
Important topics
- विभक्ति और तत्कारणम् (Grammatical Case and its Reason)
- कर्ता पद की पहचान (Identification of Subject)
- अव्यय के साथ विभक्ति का प्रयोग (Case Usage with Indeclinables)
- पाठ के मुख्य भाव को समझना (Understanding the Main Theme of the Chapter)
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Questions and Solutions
प्रश्न 1. एकपदेन उत्तरं लिखत-
- (क) कुशलवौ कम् उपसृत्य प्रणमतः?
- (ख) तपोवनवासिनः कुशस्य मातरं कंन नाम्ना आह्वयन्ति?
- (ग) वयोऽनुरोधात् कः लालनीयः भवति?
- (घ) केन सम्बन्धन वाल्मीकि: लवकुशयो: गुरुः?
- (ङ) कुत्र लवकुशायाः पितुः नाम न व्यवाहियत?
यहाँ दिए गए प्रश्नों के एक-शब्द में उत्तर इस प्रकार हैं:
- (क) कुशलव दोनों राम के पास जाकर प्रणाम करते हैं। उत्तर: रामम्।
- (ख) तपोवन में रहने वाले कुश की माता को 'देवी' नाम से पुकारते हैं। उत्तर: देवीति।
- (ग) आयु के अनुसार शिशु को लाड़-प्यार किया जाना चाहिए। उत्तर: शिशुः।
- (घ) उपनयन संस्कार के उपदेश के संबंध में वाल्मीकि लव-कुश के गुरु हैं। उत्तर: उपनयनोपदेशन।
- (ङ) तपोवन में लव-कुश के पिता का नाम नहीं लिया जाता था। उत्तर: तपोवने।
प्रश्न 2. अधोलिखिताना प्रश्नानाम् उत्तराणि संस्कृतभाषया लिखत-
- (क) रामाय कुशलवयोः कण्ठाश्लेषस्य स्पर्शः कीदृशः आसीत्?
- (ख) रामः लवकुशौ कुत्र उपवेशयितुम् कथयति?
- (ग) बालभावात् हिमकरः कुत्र विराजते?
- (घ) कुशलवयोः वंशस्य कर्ता क?
- (ङ) कुशलवयोः मातरं वाल्मीकि: केन नाम्ना आह्वयति?
यहाँ दिए गए प्रश्नों के उत्तर संस्कृत भाषा में प्रस्तुत हैं:
- (क) राम के लिए लव-कुश के गले लगने का स्पर्श हृदय को छूने वाला (हृदयग्राही) था। उत्तर: रामाय कुशलवयोः कण्ठाश्लेषस्य स्पर्शः हृदयग्राही आसीत्।
- (ख) राम लव-कुश को अपनी गोद (अंक) या सिंहासन पर बैठाने के लिए कहते हैं। उत्तर: रामः लवकुशौ अङ्कम् सिंहासनम् उपवेशयितुम् कथयति।
- (ग) बालसुलभ भाव के कारण चंद्रमा शिव के मस्तक पर सुशोभित होता है। उत्तर: बालभावात् हिमकरः पशुपति-मस्तके विराजते।
- (घ) लव-कुश के वंश का कर्ता (उत्पत्ति का कारण) सूर्य (सहनदीधितिः) हैं। उत्तर: कुशलवयोः वंशस्य कर्ता सहनदीधितिः।
- (ङ) लव-कुश की माता को वाल्मीकि 'वधू' नाम से पुकारते हैं। उत्तर: कुशलवयोः मातरं वाल्मीकिः वधूः नाम्ना आह्वयति।
प्रश्न 3. रेखाङ्कितेषु पदेषु विभक्तिं तत्कारणं च उदाहरणानुसार निर्दिशत-
विभक्तिः तत्कारणम्
यथा- राजन्! अलम् अतिदाक्षिण्येन। तृतीया 'अलम्' योगे
- (क) राम: लवकुशौ आसनार्धम् उपवेशयति।
- (ख) धिङ् माम्् एवं भूतम्।
- (ग) अङ्कव्यवहितम् अध्यास्यतां सिंहासनम्।
- (घ) अलम् अतिविस्तरेण । . . . . . . . . . . . . . . . . . . ------
- (ङ) रामम् उपसृत्य प्रणम्य च।
यहाँ रेखांकित पदों में विभक्ति और उसके कारण का निर्देश उदाहरण के अनुसार दिया गया है:
- (क) 'आसनार्धम्' पद में द्वितीया विभक्ति है, क्योंकि 'उपवेशयति' क्रिया के कर्म के रूप में इसका प्रयोग हुआ है।
- (ख) 'माम्' पद में द्वितीया विभक्ति है, क्योंकि 'धिङ्' (धिक्कार) अव्यय के योग में यह प्रयोग किया गया है।
- (ग) 'सिंहासनम्' पद में द्वितीया विभक्ति है, क्योंकि 'अध्यास्यताम्' क्रिया के कर्म के रूप में इसका प्रयोग हुआ है।
- (घ) 'अतिविस्तरेण' पद में तृतीया विभक्ति है, क्योंकि 'अलम्' अव्यय के योग में इसका प्रयोग हुआ है, जिसका अर्थ है 'पर्याप्त' या 'बस करो'।
- (ङ) 'रामम्' पद में द्वितीया विभक्ति है, क्योंकि 'उपसृत्य' क्रिया के कर्म के रूप में इसका प्रयोग हुआ है।
प्रश्न 4. यथानिर्देशम् उत्तरत-
- (क) 'जानाम्यहं तस्य नामधेयम्' अस्मिन् वाक्ये कर्तृपदं किम्?
दिए गए वाक्य 'जानाम्यहं तस्य नामधेयम्' में कर्ता पद 'अहम्' है। यह क्रिया 'जानामि' (जानता हूँ) को करने वाला है।
उत्तर: अहम्
Common mistakes
- Incorrectly identifying the grammatical case (विभक्ति).
- Failing to provide the correct reason (तत्कारणम्) for the case usage.
- Misidentifying the subject (कर्तृपद) in a sentence.
- Confusing the meaning of Sanskrit words within the context of the chapter.
Revision tips
- Review the chapter's narrative to understand the context of child affection.
- Pay close attention to the grammatical explanations for each case and its reason.
- Practice identifying the subject and object in various sentences.
- Use the provided solutions to check your answers and understand the reasoning behind them.
Practice MCQs
Q1. प्रश्न 1. 'एकपदेन उत्तरं लिखत' में, कुशलव किसे प्रणाम करते हैं?
Explanation: प्रश्न के अनुसार, कुशलव राम को उपसृत्य प्रणमतः, जिसका अर्थ है कि वे राम के पास जाकर प्रणाम करते हैं।
Q2. प्रश्न 2. 'रामाय कुशलवयोः कण्ठाश्लेषस्य स्पर्शः कीदृशः आसीत्?' इस प्रश्न का सही उत्तर क्या है?
Explanation: उत्तर में बताया गया है कि राम के लिए लव-कुश के गले लगने का स्पर्श हृदयग्राही था, जो स्नेह और अपनेपन का अनुभव कराता है।
Q3. प्रश्न 3. 'धिङ् माम् एवं भूतम्' इस वाक्य में 'माम' में कौन सी विभक्ति है?
Explanation: यह उत्तर 'धिङ् (धिक्)' अव्यय के कारण द्वितीया विभक्ति का प्रयोग दर्शाता है, जो निंदा या धिक्कार के अर्थ में प्रयुक्त होता है।
Q4. प्रश्न 4. 'अलम् अतिविस्तरेण' में 'अतिविस्तरेण' में कौन सी विभक्ति है?
Explanation: यह उत्तर स्पष्ट करता है कि 'अलम्' अव्यय के योग में तृतीया विभक्ति का प्रयोग होता है, जिसका अर्थ है 'पर्याप्त' या 'बस करो'।
Q5. प्रश्न 4. 'जानाम्यहं तस्य नामधेयम्' इस वाक्य में कर्ता पद क्या है?
Explanation: वाक्य का कर्ता 'अहम्' (मैं) है, जो क्रिया 'जानामि' (जानता हूँ) को कर रहा है।
Frequently asked questions
यह NCERT समाधान किस कक्षा और विषय के लिए है?
यह समाधान CBSE कक्षा 10 की संस्कृत की पाठ्यपुस्तक 'शेमुषी' के अध्याय 4 'शिशुलालनम्' के लिए है।
इस अध्याय 'शिशुलालनम्' का मुख्य विषय क्या है?
इस अध्याय का मुख्य विषय बाल स्नेह और वात्सल्य है, जो लव-कुश और राम के प्रसंग के माध्यम से दर्शाया गया है।
समाधान में व्याकरण के किस पहलू पर जोर दिया गया है?
समाधान में विशेष रूप से संस्कृत व्याकरण के विभक्ति (कारक) और उनके प्रयोग के कारणों (तत्कारणम्) पर जोर दिया गया है।
क्या ये समाधान परीक्षा की तैयारी में मदद करेंगे?
हाँ, ये समाधान पाठ की समझ, व्याकरण के नियमों को स्पष्ट करने और अभ्यास प्रश्नों के उत्तर देने में मदद करके परीक्षा की तैयारी को बेहतर बनाएंगे।
प्रश्न 3 में रेखांकित पदों की विभक्ति और कारण कैसे पहचाने जाते हैं?
रेखांकित पदों की विभक्ति और कारण को वाक्य में प्रयुक्त क्रिया, अव्यय या अन्य विशिष्ट शब्दों के आधार पर पहचाना जाता है, जैसा कि समाधान में उदाहरण सहित समझाया गया है।
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