कक्षा 9 हिंदी संचयन: कल्लू कुम्हार की उनाकोटी - NCERT सॉल्यूशंस

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यह पृष्ठ कक्षा 9 की हिंदी पुस्तक 'संचयन' के पाठ 'कल्लू कुम्हार की उनाकोटी' के लिए विस्तृत NCERT सॉल्यूशंस प्रदान करता है। यह पाठ के. विक्रम सिंह द्वारा लिखित है और त्रिपुरा की एक प्रसिद्ध ऐतिहासिक और पुरातात्विक स्थल उनाकोटी पर केंद्रित है। समाधान उनाकोटी के अर्थ, इसके नामकरण के पीछे की किंवदंती, विशेष रूप से कल्लू कुम्हार की कहानी, और गंगावतरण से संबंधित पौराणिक कथाओं की व्याख्या करते हैं। इसके अतिरिक्त, यह पाठ में वर्णित लेखक के अनुभवों, जैसे कि त्रिपुरा के बहुधार्मिक समाज, स्थानीय हस्तियों से मुलाकात, और आलू की खेती जैसी सामाजिक-आर्थिक गतिविधियों पर भी प्रकाश डालता है। ये समाधान छात्रों को पाठ की गहरी समझ विकसित करने, मुख्य पात्रों और घटनाओं को समझने, और परीक्षा की तैयारी के लिए महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त करने में मदद करते हैं।

Quick info

BoardCBSE
ClassClass 9
Subjectहिंदी
Session2026
LanguageHindi
TypeNCERT Solutions
ChapterSanchyan - Kallu Kumhar Ki Unnakoti – K. Vikram Singh

Chapter summary

कक्षा 9 हिंदी संचयन के पाठ 'कल्लू कुम्हार की उनाकोटी' के ये NCERT सॉल्यूशंस उनाकोटी नामक स्थान के ऐतिहासिक और पौराणिक महत्व को स्पष्ट करते हैं। इनमें 'उनाकोटी' शब्द का अर्थ, कल्लू कुम्हार की किंवदंती, और गंगावतरण की कथा का विस्तृत विश्लेषण शामिल है। समाधान पाठ में लेखक के अनुभवों, जैसे कि त्रिपुरा के सामाजिक ताने-बाने और स्थानीय विकास कार्यों का भी वर्णन करते हैं, जिससे छात्रों को पाठ की समग्र समझ विकसित करने में सहायता मिलती है।

Learning outcomes

  • उनाकोटी का शाब्दिक अर्थ और इसके नामकरण के पीछे की किंवदंती को समझना।
  • कल्लू कुम्हार की कहानी और भगवान शिव के साथ उसके जुड़ाव को स्पष्ट करना।
  • गंगावतरण से संबंधित पौराणिक कथा को अपने शब्दों में व्यक्त करना।
  • लेखक के त्रिपुरा प्रवास के दौरान के अनुभवों और अवलोकनों का विश्लेषण करना।
  • त्रिपुरा के बहुधार्मिक समाज और स्थानीय हस्तियों के योगदान को समझना।
  • आलू की उन्नत खेती जैसी सामाजिक-आर्थिक पहलों के बारे में जानकारी प्राप्त करना।

Topics covered

Paper topics

  • उनाकोटी का अर्थ और महत्व
  • कल्लू कुम्हार की किंवदंती
  • गंगावतरण कथा
  • त्रिपुरा का बहुधार्मिक समाज
  • लेखक के यात्रा अनुभव
  • स्थानीय हस्तियों का योगदान
  • आलू की उन्नत खेती
  • पाठ का सारांश
  • पाठ आधारित प्रश्नोत्तर

Important topics

  • उनाकोटी का अर्थ और कल्लू कुम्हार की किंवदंती
  • गंगावतरण कथा का संदर्भ
  • लेखक के त्रिपुरा के सामाजिक-आर्थिक अवलोकन
  • पाठ के मुख्य पात्रों और घटनाओं का विश्लेषण

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Questions and Solutions

प्रश्न 1:

' उनाकोटी ' का अर्थ स्पष्ट करते हुए बतलाएँ कि यह स्थान इस नाम से क्यों प्रसिद्ध है ?
Solution: 'उनाकोटी' शब्द का अर्थ है 'एक करोड़ से एक कम'। यह स्थान त्रिपुरा में स्थित है और इसी नाम से प्रसिद्ध है। इसके प्रसिद्ध होने के पीछे एक लोककथा प्रचलित है। कथा के अनुसार, कल्लू नाम का एक कुम्हार भगवान शिव का परम भक्त था और वह भगवान शिव के साथ कैलाश पर्वत पर निवास करना चाहता था। भगवान शिव ने उसे एक शर्त दी कि यदि वह एक रात में शिव की एक करोड़ मूर्तियाँ बना देगा, तो वे उसे अपने साथ ले जाएंगे। कल्लू कुम्हार ने मूर्तियाँ बनाना शुरू किया, लेकिन सुबह तक एक करोड़ से एक मूर्ति कम ही बन पाई। इस प्रकार, शर्त पूरी न होने के कारण कल्लू कुम्हार वहीं रह गया और यह स्थान 'उनाकोटी' (एक करोड़ से एक कम) के नाम से प्रसिद्ध हो गया।

प्रश्न 2:

पाठ के संदर्भ में उनाकोटी में स्थित गंगावतरण की कथा अपने शब्दों में लिखिए ।
Solution: पौराणिक कथाओं के अनुसार, ऋषि भागीरथ ने कठोर तपस्या करके देवी गंगा को पृथ्वी पर अवतरित होने के लिए मनाया। यदि गंगा अपने पूरे वेग से पृथ्वी पर आतीं, तो पृथ्वी उनके भार से धँस सकती थी। इस समस्या के समाधान के लिए, भगवान शिव ने गंगा के वेग को अपनी जटाओं में रोक लिया और फिर धीरे-धीरे उन्हें पृथ्वी पर उतारा। उनाकोटी के प्राकृतिक सौंदर्य का वर्णन करते हुए लेखक ने कहा है कि वहाँ ऊँचे-ऊँचे पहाड़ों की श्रृंखलाओं से गिरते झरने ऐसे प्रतीत होते हैं मानो भगवान शिव की जटाओं से साक्षात गंगा नदी उतर रही हो। यह दृश्य गंगावतरण की कथा की याद दिलाता है।

प्रश्न 3:

कल्लू कुम्हार का नाम उनाकोटी से किस प्रकार जुड़ गया गया ?
Solution: कल्लू कुम्हार का नाम उनाकोटी से उसकी भक्ति और एक शर्त से जुड़ा है। वह भगवान शिव का अनन्य भक्त था और उनके साथ कैलाश पर्वत पर जाना चाहता था। भगवान शिव ने उसे एक रात में शिव की एक करोड़ मूर्तियाँ बनाने की शर्त दी। कल्लू कुम्हार ने पूरी निष्ठा से मूर्तियाँ बनाने का कार्य शुरू किया। जब सुबह मूर्तियाँ गिनी गईं, तो वे एक करोड़ से एक कम निकलीं। इस प्रकार, शर्त पूरी न होने के कारण भगवान शिव उसे छोड़कर कैलाश चले गए, और कल्लू कुम्हार उन मूर्तियों के साथ वहीं रह गया। इसी घटना के कारण इस स्थान का नाम 'उनाकोटी' (एक करोड़ से एक कम) पड़ गया और कल्लू कुम्हार का नाम इससे जुड़ गया।

प्रश्न 4:

' मेरी रीढ़ में झुरझुरी–सी दौड़ गई ' –लेखक के इस कथन के पीछे कौन सी घटना जुड़ी हुई है ?
Solution: लेखक जब शूटिंग करने में व्यस्त थे, तभी सी.आर.पी.एफ. (केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल) के एक जवान ने आकर उन्हें एक भयावह सूचना दी। जवान ने बताया कि कुछ दिन पहले ही निचली पहाड़ियों पर पड़े दो पत्थरों के पास विद्रोहियों ने एक जवान की हत्या कर दी थी। यह सुनकर लेखक का शरीर भय से काँप उठा और उन्हें ऐसा महसूस हुआ मानो उनकी रीढ़ में एक झुरझुरी-सी दौड़ गई हो। यह घटना लेखक को उस क्षेत्र की असुरक्षा और हिंसा की याद दिलाती है।

प्रश्न 5:

त्रिपुरा ' बहुधार्मिक समाज ' का उदाहरण कैसे बना ?
Solution: त्रिपुरा को 'बहुधार्मिक समाज' का उदाहरण इसलिए कहा गया है क्योंकि यहाँ लगातार बाहरी लोगों का आगमन होता रहा है, जिससे विभिन्न संस्कृतियों और धर्मों का संगम हुआ है। त्रिपुरा में उन्नीस अनुसूचित जनजातियाँ निवास करती हैं, और यहाँ विश्व के चार प्रमुख धर्मों - हिंदू, बौद्ध, इस्लाम और ईसाई धर्म - का प्रभाव देखा जा सकता है। बौद्ध धर्म को भी यहाँ विशेष मान्यता प्राप्त है। इस प्रकार, विभिन्न धार्मिक और सांस्कृतिक समूहों के सह-अस्तित्व के कारण त्रिपुरा एक बहुधार्मिक समाज का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत करता है।

प्रश्न 6:

टीलियामुरा करबे में लेखक का परिचय किन दो प्रमुख हस्तियों से हुआ ? समाज कल्याण के कार्यों में उनका क्या योगदान था ?
Solution: टीलियामुरा कस्बे में लेखक का परिचय दो प्रमुख हस्तियों से हुआ: हेमंत कुमार जमातिया, जो एक प्रसिद्ध गायक थे, और मंजु ऋषिदास, जो एक समाज सेविका थीं। मंजु ऋषिदास देखने में एक साधारण गृहणी थीं, लेकिन वे पंचायत में अपने वार्ड का प्रतिनिधित्व करती थीं। उन्होंने अपने वार्ड में समाज कल्याण के महत्वपूर्ण कार्य किए, जैसे कि नल लगवाना, सभी घरों तक पानी पहुँचाना, और गलियों में ईंटें बिछवाकर उन्हें पक्का करवाना। उनके इन कार्यों से स्थानीय निवासियों के जीवन स्तर में सुधार हुआ।

प्रश्न 7:

कैलाशनगर के जिलाधिकारी ने आलू की खेती के विषय में लेखक को क्या जानकारी दी ?
Solution: कैलाशनगर के जिलाधिकारी ने लेखक को आलू की उन्नत किस्म की खेती के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पारंपरिक आलू के बीज से बुवाई के लिए जहाँ दो मीट्रिक टन प्रति हेक्टेयर की आवश्यकता होती है, वहीं टी.पी.एस. (ऊतक संवर्धन से प्राप्त बीज) की केवल सौ ग्राम मात्रा एक हेक्टेयर के लिए पर्याप्त होती है। यह दर्शाता है कि टी.पी.एस. बीज की मात्रा बहुत कम लगती है और यह अधिक प्रभावी है। जिलाधिकारी ने यह भी बताया कि अब टी.पी.एस. का निर्यात पड़ोसी राज्यों में भी किया जा रहा है, जो इस क्षेत्र की कृषि प्रगति का सूचक है।

Common mistakes

  • उनाकोटी के अर्थ को केवल 'एक करोड़ से एक कम' तक सीमित समझना, जबकि इसके पीछे की किंवदंती महत्वपूर्ण है।
  • कल्लू कुम्हार की कहानी को केवल एक लोककथा मान लेना, जबकि यह पाठ का केंद्रीय तत्व है।
  • गंगावतरण कथा को केवल पौराणिक संदर्भ में देखना, न कि उनाकोटी के प्राकृतिक सौंदर्य से जोड़कर।
  • लेखक के व्यक्तिगत अनुभवों और सामाजिक टिप्पणियों को पाठ के मुख्य विषय से अलग समझना।

Revision tips

  • पाठ के मुख्य पात्र कल्लू कुम्हार और उसकी किंवदंती को अच्छी तरह समझें।
  • उनाकोटी के अर्थ और इसके नामकरण से जुड़ी कथा को याद करें।
  • गंगावतरण की कथा और उसका उनाकोटी से संबंध स्पष्ट करें।
  • लेखक के यात्रा वृत्तांत और त्रिपुरा के सामाजिक-आर्थिक पहलुओं पर ध्यान दें।
  • सभी प्रश्नों के उत्तरों को अपने शब्दों में लिखने का अभ्यास करें।

Practice MCQs

Q1. 'उनाकोटी' का शाब्दिक अर्थ क्या है?

Q2. कल्लू कुम्हार ने भगवान शिव के साथ कैलाश जाने की शर्त क्या पूरी की?

Q3. गंगावतरण की पौराणिक कथा के अनुसार, गंगा के वेग को किसने रोका था?

Q4. लेखक के रीढ़ में झुरझुरी दौड़ने का कारण क्या था?

Q5. त्रिपुरा को 'बहुधार्मिक समाज' का उदाहरण क्यों कहा गया है?

Frequently asked questions

कक्षा 9 हिंदी संचयन के पाठ 'कल्लू कुम्हार की उनाकोटी' में क्या मुख्य विषय हैं?

इस पाठ में मुख्य रूप से त्रिपुरा स्थित उनाकोटी नामक स्थान का वर्णन है, जिसमें इसके नाम का अर्थ, कल्लू कुम्हार की किंवदंती, गंगावतरण की कथा, और लेखक के त्रिपुरा के सामाजिक-आर्थिक परिवेश के अवलोकन शामिल हैं।

'उनाकोटी' का क्या अर्थ है और यह नाम क्यों प्रसिद्ध है?

'उनाकोटी' का शाब्दिक अर्थ 'एक करोड़ से एक कम' है। यह स्थान एक किंवदंती के कारण प्रसिद्ध है, जिसके अनुसार कल्लू कुम्हार नामक एक कुम्हार ने भगवान शिव के साथ कैलाश जाने के लिए एक रात में एक करोड़ मूर्तियाँ बनाने का प्रयास किया था, लेकिन एक मूर्ति कम रह गई।

गंगावतरण की कथा का उनाकोटी से क्या संबंध है?

पाठ में उनाकोटी के प्राकृतिक सौंदर्य का वर्णन करते हुए कहा गया है कि ऊँचे पहाड़ों से गिरते झरने ऐसे लगते हैं मानो भगवान शिव की जटाओं से गंगा उतर रही हो, जो गंगावतरण की पौराणिक कथा से प्रेरित है।

लेखक ने त्रिपुरा के समाज के बारे में क्या बताया है?

लेखक ने त्रिपुरा को एक बहुधार्मिक समाज का उदाहरण बताया है, जहाँ विभिन्न जनजातियाँ और विश्व के प्रमुख धर्मों का प्रभाव है। उन्होंने स्थानीय हस्तियों के समाज कल्याण कार्यों का भी उल्लेख किया है।

ये NCERT सॉल्यूशंस छात्रों की परीक्षा तैयारी में कैसे मदद करेंगे?

ये सॉल्यूशंस पाठ के सभी महत्वपूर्ण प्रश्नों के विस्तृत और स्पष्ट उत्तर प्रदान करते हैं, जिससे छात्रों को पाठ की गहरी समझ विकसित करने, मुख्य अवधारणाओं को याद रखने और परीक्षा में पूछे जाने वाले प्रश्नों का सटीक उत्तर देने में मदद मिलती है।

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