कक्षा 9 हिंदी संचयन: श्रीराम शर्मा द्वारा लिखित 'स्मृति' पाठ के NCERT समाधान
यह पृष्ठ कक्षा 9 के हिंदी संचयन पाठ्यपुस्तक के पाठ 'स्मृति' के लिए विस्तृत NCERT समाधान प्रस्तुत करता है, जिसे श्रीराम शर्मा ने लिखा है। यह पाठ बचपन की स्मृतियों, विशेष रूप से एक साहसिक घटना का वर्णन करता है जहाँ लेखक को कुएँ से चिट्ठियाँ निकालनी पड़ती हैं। समाधानों में लेखक के बचपन के डर, शरारतों और उस विशेष घटना के दौरान उसकी मानसिक स्थिति का विश्लेषण शामिल है। इसमें लेखक द्वारा साँप का ध्यान भटकाने के लिए अपनाई गई युक्तियों और कुएँ में उतरकर चिट्ठियाँ निकालने के साहसिक वर्णन को सरल शब्दों में समझाया गया है। ये समाधान छात्रों को पाठ की गहरी समझ विकसित करने और परीक्षा की तैयारी में मदद करने के लिए डिज़ाइन किए गए हैं।
Quick info
| Board | CBSE |
|---|---|
| Class | Class 9 |
| Subject | हिंदी |
| Session | 2026 |
| Language | Hindi |
| Type | NCERT Solutions |
| Chapter | Sanchyan - Smrati – Shriram Sharma |
Chapter summary
कक्षा 9 की हिंदी संचयन पुस्तक के पाठ 'स्मृति' के ये NCERT समाधान श्रीराम शर्मा द्वारा लिखित एक मार्मिक संस्मरण पर केंद्रित हैं। समाधान पाठ के बोध प्रश्नों का उत्तर देते हैं, जिसमें बचपन के डर, शरारतों जैसे कि कुएँ में ढेला फेंकना, और एक खतरनाक स्थिति का सामना करना शामिल है जब लेखक को चिट्ठियाँ निकालने के लिए कुएँ में उतरना पड़ता है। यह पाठ बाल सुलभ शरारतों और उस समय की मानसिक उथल-पुथल को दर्शाता है।
Learning outcomes
- लेखक के बचपन के डर और उसकी वजहों को समझना।
- बच्चों की सामान्य शरारतों और उनके पीछे की मानसिकता का विश्लेषण करना।
- साहसिक कार्यों के दौरान उत्पन्न होने वाली मानसिक स्थिति का वर्णन करना।
- किसी खतरनाक स्थिति का सामना करने के लिए अपनाई गई युक्तियों को समझना।
- पाठ में वर्णित घटनाओं को अपने शब्दों में व्यक्त करना।
- बचपन की स्मृतियों के महत्व को पहचानना।
Topics covered
Paper topics
- बचपन की स्मृतियाँ
- लेखक का डर
- बाल-सुलभ शरारतें
- साहसिक कार्य
- कुएँ का वर्णन
- साँप का वर्णन
- चिट्ठियों का महत्व
- भाई का डर
- मानसिक स्थिति का विश्लेषण
- युक्ति और साहस
Important topics
- लेखक के बचपन का डर और उसका सामना
- कुएँ से चिट्ठियाँ निकालने का साहसिक वर्णन
- साँप का ध्यान भटकाने के लिए अपनाई गई युक्तियाँ
- बाल-सुलभ शरारतों का चित्रण
- पाठ का केंद्रीय भाव: स्मृति और साहस
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Questions and Solutions
प्रश्न 1:
प्रश्न 2:
प्रश्न 3:
प्रश्न 4:
- भाई का डर: लेखक अपने बड़े भाई से बहुत डरता था और जानता था कि चिट्ठियाँ न पहुँचाने पर उसे भाई से कड़ी मार पड़ेगी।
- जिम्मेदारी का एहसास: चिट्ठियाँ डाक में डालना उसकी जिम्मेदारी थी, और वह इसे निभाने में असफल नहीं होना चाहता था।
- कोई विकल्प न होना: चिट्ठियाँ कुएँ में गिर जाने के बाद, उन्हें निकालने के अलावा कोई और रास्ता नहीं था, क्योंकि वह अपने भाई से झूठ भी नहीं बोल सकता था।
प्रश्न 5:
- डंडे से चिट्ठियाँ सरकाना: उसने पहले डंडे से चिट्ठियों को साँप के पास से हटाने की कोशिश की, लेकिन साँप फुंकार कर आगे आ गया।
- मिट्टी फेंकना: जब साँप ने डंडे पर प्रतिक्रिया दी, तो लेखक ने डंडे को उठाने के लिए साँप के फन पर मिट्टी फेंकी। इससे साँप का ध्यान कुछ क्षणों के लिए भटक गया।
- साँप के स्थान का लाभ उठाना: साँप के स्थान बदलते ही लेखक ने तुरंत चिट्ठियाँ उठा लीं।
प्रश्न 6:
प्रश्न 7:
- बगीचों और खेतों में जाकर शरारतें करना और पेड़ पर चढ़कर फल तोड़ना।
- शरारतें करते हुए स्कूल जाना।
- रास्ते में पड़ने वाले कुएँ, तालाब आदि में पत्थर फेंकना।
- जानवरों को तंग करना।
- खुद को सबसे बहादुर और होशियार समझना।
Common mistakes
- लेखक के डर को केवल पिटाई के डर तक सीमित समझना, जबकि उसमें साँप का डर भी शामिल है।
- साँप का ध्यान भटकाने के लिए अपनाई गई युक्तियों को ठीक से न समझ पाना।
- कुएँ में उतरने के साहसिक कार्य के विवरण को अधूरा छोड़ देना।
- पाठ के मूल भाव को न समझकर केवल घटनाओं का वर्णन करना।
Revision tips
- पाठ को ध्यान से पढ़ें और लेखक के बचपन के डर के कारणों को समझें।
- कुएँ से चिट्ठियाँ निकालने वाली घटना के क्रम और लेखक की मानसिक स्थिति पर ध्यान केंद्रित करें।
- साँप का ध्यान भटकाने के लिए अपनाई गई युक्तियों को सूचीबद्ध करें।
- पाठ में वर्णित बाल-सुलभ शरारतों की सूची बनाएं और उन पर विचार करें।
- महत्वपूर्ण वाक्यों और उनके अर्थों को याद रखने का प्रयास करें।
Practice MCQs
Q1. भाई के बुलाने पर घर लौटते समय लेखक के मन में किस बात का डर था?
Explanation: लेखक को अपने बड़े भाई से बहुत डर लगता था और चिट्ठियाँ कुएँ में गिर जाने के कारण उसे पिटाई का डर सता रहा था।
Q2. बच्चे रास्ते में पड़ने वाले कुएँ में ढेला क्यों फेंकते थे?
Explanation: बच्चे कुएँ में रहने वाले जहरीले साँप को तंग करने और उसकी फुंकार सुनने के लिए उसमें ढेला फेंकते थे।
Q3. लेखक के मन में साँप का डर कितना गहरा था, यह किस कथन से पता चलता है?
Explanation: यह कथन कि 'साँप ने फुंकार मारी या नहीं, ढेला उसके लगा या नहीं, यह बात अब तक रमरण नहीं' लेखक के गहरे डर और उस समय की मानसिक स्थिति को दर्शाता है, जहाँ उसे घटना का विवरण भी ठीक से याद नहीं।
Q4. लेखक ने चिट्ठियों को कुएँ से निकालने का निर्णय क्यों लिया?
Explanation: लेखक को अपने बड़े भाई से पिटाई का डर था, वह जिम्मेदार था और चिट्ठियाँ जरूरी थीं, साथ ही उसने साहस दिखाकर यह जोखिम उठाया।
Q5. साँप का ध्यान बँटाने के लिए लेखक ने क्या तरकीब अपनाई?
Explanation: लेखक ने साँप का ध्यान भटकाने के लिए उस पर मिट्टी फेंकी, जिससे उसे चिट्ठियाँ उठाने का मौका मिल गया।
Frequently asked questions
यह NCERT समाधान किस कक्षा और विषय के लिए है?
यह NCERT समाधान कक्षा 9 के हिंदी विषय के लिए है, जो संचयन पुस्तक के पाठ 'स्मृति' पर आधारित है।
पाठ 'स्मृति' के लेखक कौन हैं?
पाठ 'स्मृति' के लेखक श्रीराम शर्मा हैं।
इन समाधानों में किस मुख्य घटना का वर्णन है?
इन समाधानों में उस मुख्य घटना का वर्णन है जब लेखक को अपने बड़े भाई द्वारा दी गई चिट्ठियों को कुएँ से निकालना पड़ता है, जहाँ एक साँप भी मौजूद होता है।
समाधान छात्रों की किस प्रकार मदद करते हैं?
ये समाधान छात्रों को पाठ की गहरी समझ विकसित करने, मुख्य पात्रों की भावनाओं और क्रियाओं का विश्लेषण करने और परीक्षा की तैयारी में मदद करते हैं।
क्या समाधानों में लेखक के बचपन के डर का भी उल्लेख है?
हाँ, समाधानों में लेखक के बचपन के डर, विशेष रूप से अपने बड़े भाई से पिटाई के डर और साँप के प्रति डर का विस्तृत उल्लेख है।
पाठ में वर्णित बाल-सुलभ शरारतों के कुछ उदाहरण क्या हैं?
पाठ में बगीचों में शरारतें करना, पेड़ों पर चढ़ना, फल तोड़ना, स्कूल जाते समय शरारतें करना और रास्ते में पड़ने वाले कुएँ या तालाबों में पत्थर फेंकना जैसी बाल-सुलभ शरारतों का उल्लेख है।
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