कक्षा 9 हिंदी संचयन: दिए जल उठे - NCERT समाधान

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यह पृष्ठ कक्षा 9 की हिंदी संचयन पुस्तक के पाठ 'दिए जल उठे' के लिए विस्तृत NCERT समाधान प्रस्तुत करता है। यह पाठ स्वतंत्रता संग्राम के दौरान सरदार वल्लभभाई पटेल और महात्मा गांधी के नेतृत्व और बलिदान को दर्शाता है। समाधानों में उन घटनाओं का वर्णन है जब पटेल को गिरफ्तार किया गया और गांधीजी ने सत्याग्रह आंदोलन का नेतृत्व किया। इसमें मही नदी के तट पर लोगों द्वारा दिए जलाकर रास्ता बनाने और गांधीजी की 'धर्मयात्रा' जैसे महत्वपूर्ण प्रसंगों को समझाया गया है। ये समाधान छात्रों को पाठ की गहरी समझ विकसित करने, ऐतिहासिक संदर्भों को जानने और परीक्षा की तैयारी में मदद करने के लिए डिज़ाइन किए गए हैं।

Quick info

BoardCBSE
ClassClass 9
Subjectहिंदी
Session2026
LanguageHindi
TypeNCERT Solutions
ChapterSanchyan - Diye Jal Uthe – Madhukar Upadhya

Chapter summary

कक्षा 9 हिंदी संचयन के पाठ 'दिए जल उठे' के ये NCERT समाधान स्वतंत्रता संग्राम के दौरान सरदार पटेल की गिरफ्तारी और गांधीजी के असहयोग आंदोलन के महत्वपूर्ण क्षणों पर केंद्रित हैं। इसमें मही नदी के तट पर लोगों द्वारा दिए जलाकर गांधीजी के लिए रास्ता बनाने के साहसिक कार्य और गांधीजी के दृढ़ संकल्प को दर्शाया गया है। समाधान छात्रों को पाठ के मुख्य पात्रों, घटनाओं और उनके पीछे के ऐतिहासिक महत्व को समझने में सहायता करते हैं।

Learning outcomes

  • पाठ 'दिए जल उठे' के मुख्य पात्रों और उनकी भूमिकाओं को समझना।
  • स्वतंत्रता संग्राम के दौरान सरदार पटेल और गांधीजी के संघर्षों का विश्लेषण करना।
  • मही नदी के तट पर हुई घटना के प्रतीकात्मक अर्थ को स्पष्ट करना।
  • गांधीजी के 'धर्मयात्रा' जैसे कथनों के पीछे के नैतिक मूल्यों को पहचानना।
  • कठिन परिस्थितियों में आपसी तालमेल और सूझबूझ के महत्व को समझना।

Topics covered

Paper topics

  • सरदार पटेल की गिरफ्तारी
  • गांधीजी का नेतृत्व
  • सत्याग्रह आंदोलन
  • मही नदी का तट
  • दिए जलाकर रास्ता बनाना
  • त्याग और हिम्मत
  • धर्मयात्रा का महत्व
  • आपसी तालमेल और सूझबूझ
  • कठिन परिस्थितियों का सामना
  • स्वतंत्रता संग्राम के प्रसंग

Important topics

  • सरदार पटेल की गिरफ्तारी का कारण
  • गांधीजी का 'धर्मयात्रा' कथन
  • मही नदी पर दिए जलाकर रास्ता बनाने की घटना
  • रास के रियासतदारों का त्याग
  • कठिन परिस्थितियों में आपसी तालमेल का महत्व

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Questions and Solutions

प्रश्न 1

किस कारण से प्रेरित होकर स्थानीय कलेक्टर ने सरदार पटेल को गिरफ्तार करने का आदेश दिया था?
Solution: स्थानीय कलेक्टर शिलिडी, अहमदाबाद में हुए आंदोलन के दौरान सरदार पटेल द्वारा अपमानित होकर भगा दिए जाने का बदला लेना चाहता था। इसी व्यक्तिगत द्वेष और प्रतिशोध की भावना से प्रेरित होकर उसने सरदार पटेल को गिरफ्तार करने का आदेश दिया था। हालाँकि, इस आदेश के कारण वह स्वयं ही एक बड़ी मुसीबत में फँस गया, क्योंकि इस गिरफ्तारी का पूरे देश में व्यापक विरोध हुआ।

प्रश्न 2

जज को सरदार पटेल की सजा सुनाने के लिए आठ पंक्तियों का फैसला लिखने में डेढ़ घंटे का समय क्यों लगा? विस्तार से स्पष्ट कीजिए।
Solution: जज को सरदार पटेल को सजा सुनाने में कठिनाई हो रही थी क्योंकि उसे यह समझ नहीं आ रहा था कि पटेल ने किस अपराध के तहत और किस कानूनी धारा के अंतर्गत सजा का भागी है। पटेल जैसे सम्मानित नेता को सजा देने के लिए एक ठोस आधार खोजना आवश्यक था। इसी गहन सोच-विचार और दुविधा में जज को केवल आठ पंक्तियों का फैसला लिखने में ही डेढ़ घंटे का लंबा समय लग गया।

प्रश्न 3

"मैं चलता हूँ। अब आपकी बारी है।" – यहाँ सरदार पटेल के इस कथन का उद्धृत पाठ के संदर्भ में आशय स्पष्ट कीजिए।
Solution: जब सरदार पटेल को तीन महीने की सजा सुनाई गई और उन्हें बोरसद से साबरमती जेल ले जाया जा रहा था, तो रास्ते में वे महात्मा गांधी के आश्रम से होकर गुजरे। वहाँ खड़ी भीड़ अपने प्रिय नेता का इंतजार कर रही थी। पटेल के आग्रह पर जब गाड़ी आश्रम में रुकी, तो उन्होंने लोगों का अभिवादन स्वीकार किया और गांधीजी से मुलाकात की। इसी अवसर पर उन्होंने गांधीजी से कहा, "मैं चलता हूँ। अब आपकी बारी है।" इस कथन का गहरा आशय यह था कि अब स्वतंत्रता संग्राम का नेतृत्व और आंदोलन को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी गांधीजी की है, क्योंकि वे स्वयं जेल जा रहे हैं।

प्रश्न 4

गांधीजी ने "इनसे आप लोग त्याग और हिम्मत सीखें।" यह बात किसके लिए और किस संदर्भ में कही थी?
Solution: गांधीजी ने यह बात रास के उन रियासतदारों के लिए कही थी जो अपनी रियासतें और सब कुछ छोड़कर गांधीजी के सत्याग्रह आंदोलन में हिस्सा लेने के लिए उनके साथ हो लिए थे। गांधीजी ने वहाँ उपस्थित अन्य लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि इन रियासतदारों के देश के प्रति त्याग और बलिदान को देखकर उनसे प्रेरणा लेनी चाहिए और त्याग व हिम्मत जैसे गुणों को सीखना चाहिए। यह उनके असाधारण समर्पण का सम्मान था।

प्रश्न 5

पाठ के आधार पर यह कैसे सिद्ध होता है कि 'कैसी भी कठिन परिस्थिति हो, उसका सामना तात्कालिक सूझबूझ और आपसी तालमेल से किया जा सकता है।' अपने शब्दों में लिखिए।
Solution: पाठ में यह बात मही नदी के तट पर हुए घटनाक्रम से सिद्ध होती है। गांधीजी द्वारा चलाए जा रहे आंदोलन को सफल बनाने के लिए हजारों की संख्या में लोग मही नदी के तट पर एकत्रित हुए थे। रात के समय नदी को पार करना एक अत्यंत कठिन कार्य था, खासकर जब आंदोलन को आगे बढ़ाना हो। ऐसी विकट परिस्थिति में, वहाँ उपस्थित सभी लोगों ने मिलकर तात्कालिक सूझबूझ और आपसी तालमेल का परिचय दिया। उन्होंने हाथों में दिए जलाकर नदी के तट पर एक प्रकाशमय मार्ग तैयार किया, जिससे गांधीजी और अन्य लोग आसानी से नदी पार कर सके। इस सामूहिक प्रयास ने यह साबित कर दिया कि एकता और समझदारी से किसी भी मुश्किल का सामना किया जा सकता है।

प्रश्न 6

महिसागर नदी के दोनों किनारों पर कैसा दृश्य उपस्थित था? अपने शब्दों में वर्णन कीजिए।
Solution: महीसागर नदी के दोनों किनारे एक अद्भुत और प्रेरणादायक दृश्य प्रस्तुत कर रहे थे। हजारों की संख्या में लोग हाथों में जलते हुए दिए लिए हुए नदी के दोनों ओर खड़े थे। यद्यपि दोनों किनारों पर कीचड़ भरा हुआ था, लेकिन लोगों के उत्साह और दृढ़ संकल्प में कोई कमी नहीं थी। एक ओर गांधीजी के साथ सत्याग्रहियों का विशाल जन-सैलाब था, तो दूसरी ओर नदी के दूसरे किनारे पर भी गांधीजी के स्वागत और उनके आंदोलन को समर्थन देने के लिए लोगों का ऐसा ही जन-सैलाब उमड़ पड़ा था। यह दृश्य लोगों की अटूट निष्ठा और आंदोलन के प्रति उनके समर्पण का प्रतीक था।

प्रश्न 7

"यह मेरी धर्म-यात्रा है। इसे मैं चलकर पूरा करूँगा।" – गांधीजी के इस कथन से उनके किस चारित्रिक गुण का परिचय प्राप्त होता है?
Solution: गांधीजी के इस कथन से उनके दृढ़ संकल्प, सादगी, समानता और अपने अनुयायियों के प्रति गहरी सहानुभूति जैसे चारित्रिक गुणों का परिचय प्राप्त होता है। अंधेरी रात में, दलदली और कीचड़ भरी जमीन पर लगभग चार किलोमीटर पैदल चलना एक अत्यंत कठिन कार्य था। जब उनसे आग्रह किया गया कि वे कुछ देर के लिए किसी के कंधे पर बैठकर यात्रा पूरी कर लें, तो उन्होंने विनम्रतापूर्वक मना कर दिया। उन्होंने कहा कि यह उनकी 'धर्म-यात्रा' है और वे इसे अपने लोगों के साथ पैदल चलकर ही पूरा करेंगे। यह दर्शाता है कि वे कभी भी अपने अनुयायियों को कष्ट में नहीं देखना चाहते थे और हर परिस्थिति में उनके साथ खड़े रहना चाहते थे।

प्रश्न 8

गांधीजी को समझने वाले वरिष्ठ अधिकारी इस बात से सहमत नहीं थे कि गांधीजी कोई काम अचानक और चुपके से करेंगे। फिर भी, उन्होंने किस डर से और क्या एहतियाती कदम उठाए?
Solution: गांधीजी के बारे में कुछ वरिष्ठ अधिकारियों का यह मानना था कि गांधीजी अचानक ही अपने सहयोगियों के साथ मिलकर नमक कानून तोड़ सकते हैं। हालाँकि, गांधीजी को गहराई से समझने वाले अधिकारी यह भी जानते थे कि गांधीजी कभी भी कोई कार्य अचानक या गुप्त रूप से नहीं करते, बल्कि वे अपने इरादों को स्पष्ट कर देते हैं। इसके बावजूद, किसी भी अप्रिय घटना की आशंका से बचने और संभावित खतरे को रोकने के लिए, उन्होंने एहतियाती कदम उठाए। उन्होंने समुद्र तट से नमक के सभी भंडारों को हटवा दिया और उन्हें नष्ट करवा दिया, ताकि नमक कानून तोड़ने की कोई संभावना ही न रहे और किसी भी प्रकार का खतरा उत्पन्न न हो।

Common mistakes

  • सरदार पटेल की गिरफ्तारी के वास्तविक कारण को गलत समझना।
  • गांधीजी के कथनों के गहरे अर्थ को सतही तौर पर लेना।
  • मही नदी की घटना के प्रतीकात्मक महत्व को नजरअंदाज करना।
  • पाठ में वर्णित ऐतिहासिक संदर्भों को ठीक से न जोड़ पाना।

Revision tips

  • प्रत्येक प्रश्न के उत्तर को पाठ के संदर्भ में विस्तार से समझने का प्रयास करें।
  • सरदार पटेल और गांधीजी के चरित्र-चित्रण पर विशेष ध्यान दें।
  • मही नदी के तट पर दिए जलाने की घटना के प्रतीकात्मक अर्थ को याद रखें।
  • पाठ में वर्णित ऐतिहासिक घटनाओं के क्रम को समझें।

Practice MCQs

Q1. सरदार पटेल को गिरफ्तार करने का आदेश कलेक्टर ने किस कारण से दिया?

Q2. जज को पटेल की सजा का फैसला लिखने में डेढ़ घंटे क्यों लगे?

Q3. गांधीजी ने 'मैं चलता हूँ। अब आपकी बारी है।' यह कथन किसके संदर्भ में कहा?

Q4. गांधीजी ने 'इनसे आप लोग त्याग और हिम्मत सीखें।' यह किसके लिए कहा?

Q5. मही नदी के तट पर हजारों लोगों ने क्या किया?

Frequently asked questions

यह समाधान किस कक्षा और विषय के लिए है?

यह समाधान CBSE बोर्ड की कक्षा 9 के हिंदी विषय की पुस्तक 'संचयन' के पाठ 'दिए जल उठे' के लिए है।

पाठ 'दिए जल उठे' में मुख्य रूप से किन घटनाओं का वर्णन है?

इस पाठ में मुख्य रूप से सरदार वल्लभभाई पटेल की गिरफ्तारी और महात्मा गांधी द्वारा सत्याग्रह आंदोलन का नेतृत्व करने की घटनाओं का वर्णन है, विशेषकर मही नदी के तट पर दिए जलाकर रास्ता बनाने का प्रसंग।

सरदार पटेल को गिरफ्तार करने का आदेश क्यों दिया गया था?

स्थानीय कलेक्टर शिलिडी अहमदाबाद आंदोलन के समय सरदार पटेल द्वारा भगाए जाने का बदला लेना चाहता था, इसलिए उसने पटेल को गिरफ्तार करने का आदेश दिया।

मही नदी के तट पर दिए जलाने का क्या महत्व था?

यह घटना कठिन परिस्थितियों में लोगों के आपसी तालमेल, सूझबूझ और गांधीजी के प्रति उनके समर्पण को दर्शाती है, जहाँ उन्होंने अंधेरी रात में नदी पार करने के लिए दिए जलाकर रास्ता बनाया।

गांधीजी के 'धर्मयात्रा' कथन का क्या अर्थ है?

गांधीजी के इस कथन का अर्थ है कि वे अपने अनुयायियों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर पैदल चलेंगे और किसी भी परिस्थिति में उनका साथ नहीं छोड़ेंगे, क्योंकि यह उनके लिए एक पवित्र कर्तव्य है।

ये समाधान छात्रों की परीक्षा तैयारी में कैसे मदद करेंगे?

ये समाधान पाठ की विस्तृत समझ, मुख्य पात्रों के चरित्र-चित्रण और ऐतिहासिक संदर्भों को स्पष्ट करते हैं, जिससे छात्र परीक्षा में पूछे जाने वाले प्रश्नों का सटीक उत्तर दे सकते हैं।

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