CBSE Class 9 Hindi Kshitiz Chapter 5: Chapala Devi NCERT Solutions

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This section provides detailed NCERT Solutions for Class 9 Hindi Kshitiz, Chapter 5, focusing on the story of Chapala Devi. The solutions cover key questions about the characters, plot, and themes, including the bravery of Maina, the reasons behind General 'He's' compassion, and the historical context of the Swadhinata Andolan. Students will find explanations for Maina's arguments to save her palace, the motivations of the British to destroy it, and the significance of such writings in fueling the independence movement. These solutions are designed to help students grasp the nuances of the chapter and prepare effectively for their Hindi examinations by offering clear, step-by-step answers and insights into the narrative's deeper meanings.

Quick info

BoardCBSE
ClassClass 9
SubjectHindi Kshitiz
Session2026
LanguageHindi
TypeNCERT Solutions
ChapterChapter 5

Chapter summary

This chapter's NCERT Solutions for Class 9 Hindi Kshitiz delve into the narrative of Chapala Devi. The questions and answers focus on understanding the character of Maina, her arguments for saving the palace, and the historical context of the British rule. It explores the motivations of the characters, the role of writing in the freedom struggle, and the emotional impact of the events. The solutions aim to provide a clear understanding of the chapter's content and its underlying messages.

Learning outcomes

  • Understand the historical context of the story.
  • Analyze the character traits of Maina and General 'He'.
  • Explain the significance of writing in the freedom movement.
  • Identify the reasons behind the destruction of the palace.
  • Appreciate the emotional depth of the narrative.

Topics covered

Paper topics

  • Character analysis of Maina
  • Arguments for saving the palace
  • British motivations for destruction
  • General 'He's' compassion
  • General Outram's actions
  • Role of writing in the freedom struggle
  • Reportage style in writing
  • Historical context of the Swadhinata Andolan
  • Emotional appeals in literature

Important topics

  • Maina's bravery and arguments
  • The significance of the palace
  • General 'He's' dilemma
  • The role of writing in inspiring the freedom movement

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Questions and Solutions

प्रश्न 1

बालिका मैना ने सेनापति 'हे' को कौन-कौन से तर्क देकर महल की रक्षा के लिए प्रेरित किया ?
Solution:

बालिका मैना ने अपने पिता के महल की रक्षा के लिए सेनापति 'हे' को निम्नलिखित तर्क देकर प्रेरित किया:

  1. मैना ने तर्क दिया कि महल को गिराने से सेनापति के किसी भी उद्देश्य की पूर्ति नहीं होगी, इसलिए इसे गिराना व्यर्थ है।
  2. उसने अंग्रेजों के विरुद्ध हथियार उठाने वालों को दोषी ठहराया और कहा कि इस निर्जीव मकान का कोई अपराध नहीं है, इसलिए उसे नष्ट नहीं किया जाना चाहिए।
  3. अंत में, मैना ने सेनापति 'हे' को अपना परिचय देते हुए कहा कि वे उनकी पुत्री मेरी की सहेली हैं, और एक मित्र की सहेली की रक्षा करना उनका कर्तव्य है।

प्रश्न 2

मैना जड़ पदार्थ मकान को बचाना चाहती थी पर अंग्रेज़ उसे नष्ट करना चाहते थे। क्यों ?
Solution:

मैना अपने मकान को बचाना चाहती थी क्योंकि वह उसके लिए केवल एक निर्जीव इमारत नहीं थी, बल्कि उसकी पैतृक धरोहर थी। उस मकान में उसकी बचपन की, पिता की और पूरे परिवार की अनमोल यादें समाई हुई थीं। वह मकान उसके जीवन का सहारा भी बन सकता था।

इसके विपरीत, अंग्रेज उस मकान को नष्ट करना चाहते थे क्योंकि वह दुश्मन नाना साहब का राजमहल था। अंग्रेज नाना साहब से बहुत नाराज़ थे और उनकी हर निशानी को मिटा देना चाहते थे ताकि भारत में फिर कोई उनके विरुद्ध आवाज़ उठाने का साहस न कर सके। वे नाना साहब की शक्ति और प्रभाव का प्रतीक माने जाने वाले उस महल को नष्ट करके अपनी सत्ता का प्रदर्शन करना चाहते थे।

प्रश्न 3

सर टामस 'हे' के मैना पर दया-भाव के क्या कारण थे ?
Solution:

सर टामस 'हे' के मन में मैना के प्रति दया-भाव उत्पन्न होने के कई कारण थे:

  1. पारिवारिक संबंध: सर टामस 'हे' की एक पुत्री थी जिसका नाम मेरी था, और मेरी मैना की बहुत अच्छी सहेली थी। मैना के रूप में उन्हें अपनी मृत पुत्री मेरी की छवि दिखाई दी होगी, जिससे उनके मन में ममता और करुणा का भाव जागृत हुआ।
  2. परिचित होना: ऐसा प्रतीत होता है कि सर टामस 'हे' मैना के घर आते रहे होंगे और मैना को बचपन से जानते होंगे। इस परिचय और स्नेह के कारण भी वे मैना के प्रति सहानुभूति रखते थे।
  3. मानवीयता: एक सैनिक अधिकारी होने के साथ-साथ वे एक इंसान भी थे। मैना की निर्दोषता और उसकी दयनीय स्थिति को देखकर उनके अंदर का मानवीय पक्ष जागृत हुआ होगा।

इन सभी कारणों के सम्मिलित प्रभाव से सर टामस 'हे' के मन में मैना के प्रति दया का भाव उत्पन्न हुआ।

प्रश्न 4

मैना की अंतिम इच्छा थी कि वह उस प्रासाद के ढेर पर बैठकर जी भरकर रो ले लेकिन पाषाण-हृदय वाले जनरल ने किस भय से उसकी इच्छा पूर्ण न होने दी ?
Solution:

मैना की अंतिम इच्छा थी कि वह अपने नष्ट हो चुके महल के अवशेषों पर बैठकर जी भरकर रो ले, ताकि वह अपने मन के दुःख और पीड़ा को व्यक्त कर सके। लेकिन पाषाण-हृदय वाले जनरल अउटरम ने उसकी यह इच्छा पूरी नहीं होने दी।

जनरल अउटरम के मन में यह भय था कि यदि उसने नाना साहब की बेटी मैना के प्रति थोड़ी सी भी सहानुभूति दिखाई, तो ब्रिटिश सरकार उस पर बहुत नाराज़ होगी। उसे इस सहानुभूति के लिए दंडित भी किया जा सकता था। इसके अतिरिक्त, उस समय के क्रोधित और प्रतिशोध से भरे सामान्य अंग्रेज नागरिक भी उसके इस कृत्य का विरोध करते और उस पर नाराज़गी व्यक्त करते। इन राजनीतिक और सामाजिक भयों के कारण, जनरल अउटरम ने मैना की इस छोटी सी मानवीय इच्छा को भी पूरा होने से रोक दिया।

प्रश्न 5

बालिका मैना के चरित्र की कौन-कौन सी विशेषताएँ आप अपनाना चाहेंगें और क्यों ?
Solution:

बालिका मैना के चरित्र से हम निम्नलिखित विशेषताएँ अपनाना चाहेंगे:

  1. देश-प्रेम की भावना: मैना अपने पिता के महल और अपनी मातृभूमि से गहरा प्रेम करती थी। वह अपने महल को बचाने के लिए हर संभव प्रयास करती है, जो उसके देश-प्रेम को दर्शाता है।
  2. साहस और निर्भीकता: एक छोटी सी बालिका होने के बावजूद, मैना ने शक्तिशाली अंग्रेजों का सामना करने का साहस दिखाया। उसने सेनापति 'हे' के सामने अपने तर्क प्रस्तुत किए और अपनी बात रखी।
  3. स्पष्ट वक्ता: मैना अपनी बात को स्पष्ट और सीधे तरीके से कहने में सक्षम थी। उसने बिना डरे अपनी बात रखी, जो उसकी वाक्पटुता और आत्मविश्वास को दर्शाता है।
  4. भावुकता और तर्कशीलता: मैना जहाँ एक ओर अपनी जड़ों और यादों से जुड़ी होने के कारण भावुक थी, वहीं दूसरी ओर उसने महल बचाने के लिए तार्किक दलीलें भी दीं।
  5. मानवीयता: उसने जनरल अउटरम से अपनी अंतिम इच्छा पूरी करने का अनुरोध करके अपनी मानवीयता का परिचय दिया।

ये सभी गुण एक व्यक्ति के चारित्रिक विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। इन गुणों को अपनाने से हम न केवल अपने जीवन को बेहतर बना सकते हैं, बल्कि अपने समाज और देश के विकास में भी सकारात्मक योगदान दे सकते हैं।

प्रश्न 6

'टाइम्स' पत्र ने 6 सितम्बर को लिखा था – 'बड़े दुख का विषय है कि भारत सरकार आज तक उस दुर्दांत नाना साहब को नहीं पकड़ सकी'। इस वाक्य में'भारत सरकार' से क्या आशय है ?
Solution:

इस वाक्य में 'भारत सरकार' से आशय उस समय की ब्रिटिश सरकार से है जो भारत पर शासन कर रही थी। यह वह प्रशासनिक व्यवस्था थी जिसे अंग्रेजों ने भारत में स्थापित किया था और जिसके माध्यम से वे भारत पर अपना नियंत्रण बनाए हुए थे। इस सरकार के अधिकारी और नीतियाँ ब्रिटिश हितों की रक्षा करती थीं, न कि भारतीय जनता की। इसलिए, 'टाइम्स' पत्र का यह कथन ब्रिटिश सरकार की अक्षमता या अनिच्छा पर व्यंग्य था कि वह अपने दुश्मन नाना साहब को पकड़ने में सफल नहीं हो पा रही थी।

प्रश्न 7

स्वाधीनता आंदोलन को आगे बढ़ाने में इस प्रकार के लेखन की क्या भूमिका रही होगी ?
Solution:

स्वाधीनता आंदोलन को आगे बढ़ाने में इस प्रकार के लेखन की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रही होगी। ऐसे लेखों के माध्यम से:

  1. जन-जागरण: लेख समाज के लोगों तक अंग्रेजों के अत्याचारों और उनकी क्रूरता की खबरें पहुँचाते थे। इन्हें पढ़कर लोग अंग्रेजों के प्रति आक्रोशित होते थे और उनमें विरोध की भावना जागृत होती थी।
  2. प्रेरणा स्रोत: मैना जैसी निडर बालिकाओं के बलिदान या उनके साथ हुए अन्याय की कहानियाँ लोगों के हृदय को छू लेती थीं। ऐसी कहानियाँ देशभक्ति की भावना को प्रबल करती थीं और लोगों को स्वतंत्रता के लिए लड़ने की प्रेरणा देती थीं।
  3. एकता का संचार: ऐसे लेखन सामूहिक भावनाओं को जगाते थे और लोगों को यह महसूस कराते थे कि वे एक साझा दुश्मन के खिलाफ लड़ रहे हैं। इससे उनमें एकता की भावना बढ़ती थी।
  4. नैतिक बल प्रदान करना: जब लोग पढ़ते थे कि कैसे कुछ लोग अंग्रेजों का डटकर सामना कर रहे हैं, तो उन्हें नैतिक बल मिलता था और वे अपनी लड़ाई जारी रखने के लिए प्रोत्साहित होते थे।

इस प्रकार, ये लेख केवल सूचना देने का माध्यम नहीं थे, बल्कि ये लोगों की भावनाओं को झकझोरने, उन्हें प्रेरित करने और उन्हें स्वाधीनता संग्राम में सक्रिय रूप से भाग लेने के लिए उत्प्रेरित करने का कार्य करते थे।

प्रश्न 8

कल्पना कीजिए कि मैना के बलिदान की यह खबर आपको रेडियो पर प्रस्तुत करनी है। इन सूचनाओं के आधार पर आप एक रेडियो समाचार तैयारी करें और कक्षा में भावपूर्ण शैली में पढ़े।
Solution:

(रेडियो समाचार की प्रस्तुति)

आकाशवाणी, कानपुर से प्रस्तुत हैं आज रात्रि के संध्या समाचार। मैं हूँ रवि वर्मा।

(गंभीर और भावुक संगीत का हल्का सा प्रभाव)

अत्यंत दुःख और भारी मन से हमें यह सूचित करना पड़ रहा है कि कल संध्याकाल के समय, कानपुर के पास, वीर बालिका मैना देवी का दुखद अवसान हो गया है। समाचारों के अनुसार, अंग्रेज जनरल अउटरम के आदेश पर, मैना देवी को अमानवीय तरीके से जलती हुई आग में झोंक दिया गया।

इस बर्बर कृत्य से समूचा कानपुर शहर क्षोभ, क्रोध और गहरे दुःख में डूबा हुआ है। भले ही आज मैना देवी इस नश्वर संसार को त्याग कर परमधाम चली गई हैं, परन्तु उनका यह बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा। उनका यह अदम्य साहस और देश के प्रति प्रेम आने वाली पीढ़ियों को सदैव प्रेरणा प्रदान करता रहेगा।

(संगीत का प्रभाव थोड़ा तेज होकर धीमा हो जाता है)

हम इस दुखद घड़ी में मैना देवी के परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हैं।

धन्यवाद।

प्रश्न 9

इस पाठ में रिपोर्ताज के प्रारंभिक रूप की झलक मिलती है लेखिन आज अख़बारों में अधिकांश खबरें रिपोर्ताज की शैली में लिखी जाती हैं। आप – कोई दो खबरें किसी अख़बार से काटकर अपनी कॉपी में चिपकाए तथा कक्षा में पढ़कर सुनाइए।
Solution:

यह प्रश्न छात्रों को रिपोर्ताज शैली को समझने और उसे वास्तविक समाचारों से जोड़ने के लिए प्रोत्साहित करता है। छात्र किसी भी समाचार पत्र से दो खबरें काटकर अपनी कॉपी में चिपका सकते हैं और कक्षा में पढ़कर सुना सकते हैं। यहाँ उदाहरण के तौर पर दो खबरें दी गई हैं, जो रिपोर्ताज शैली के करीब हैं:

उदाहरण 1:

नवभारत टाइम्स, २५ सितम्बर २०१४

पहली ही कोशिश में मंगल तक पहुँचा भारत

अंतरिक्ष अनुसंधान के क्षेत्र में भारत ने एक अभूतपूर्व उपलब्धि हासिल की है। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) का मार्स ऑर्बिटर मिशन, जिसे मंगलयान के नाम से जाना जाता है, आज सुबह लगभग 8 बजे सफलतापूर्वक मंगल की कक्षा में प्रवेश कर गया। इस सफलता के साथ ही भारत दुनिया का पहला ऐसा देश बन गया है जिसने अपने पहले ही प्रयास में मंगल ग्रह तक पहुँचने में कामयाबी हासिल की है। एशिया महाद्वीप से अब तक कोई भी देश यह उपलब्धि हासिल नहीं कर सका है। चीन और जापान के मंगल मिशन अब तक विफल रहे हैं, जबकि अमेरिका को मंगल तक पहुँचने के लिए सात प्रयास करने पड़े थे। अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा और मावेन की टीम ने इसरो को इस शानदार सफलता के लिए बधाई दी है।

उदाहरण 2:

नवभारत टाइम्स, २९ सितम्बर २०१४

बाढ़ से एक लाख करोड़ रुपए के नुकसान का अनुमान

श्रीनगर: जम्मू और कश्मीर सरकार ने आज कहा कि राज्य में हाल ही में आई विनाशकारी बाढ़ के कारण शुरुआती तौर पर लगभग 1,00,000 करोड़ रुपये के नुकसान का आकलन किया गया है। राज्य की मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के नेतृत्व वाली सरकार ने उम्मीद जताई है कि केंद्र सरकार प्रभावित क्षेत्रों के पुनर्निर्माण और राहत कार्यों के लिए पर्याप्त सहायता प्रदान करेगी। बाढ़ ने बड़े पैमाने पर तबाही मचाई है, जिससे लाखों लोग विस्थापित हुए हैं और बुनियादी ढाँचे को भारी नुकसान पहुँचा है। सरकार पुनर्वास और बहाली के प्रयासों में जुटी हुई है।

Common mistakes

  • Confusing the motivations of different characters.
  • Underestimating the role of emotional appeals in historical events.
  • Not fully grasping the impact of 'reportage' style writing on public opinion.

Revision tips

  • Focus on Maina's arguments for saving the palace.
  • Understand the dual role of General 'He' as a military officer and a father.
  • Analyze how the chapter connects to the broader Swadhinata Andolan.
  • Pay attention to the 'Rachna aur Abhivyakti' section for writing skills.

Practice MCQs

Q1. मैना ने सेनापति 'हे' को महल बचाने के लिए कौन सा मुख्य तर्क दिया?

Q2. अंग्रेजों द्वारा मैना के महल को नष्ट करने का मुख्य कारण क्या था?

Q3. सर टामस 'हे' के मैना पर दया-भाव का एक प्रमुख कारण क्या था?

Q4. जनरल अउटरम ने मैना की अंतिम इच्छा (महल के ढेर पर बैठकर रोना) क्यों पूरी नहीं होने दी?

Q5. इस पाठ में 'रिपोर्ताज' के प्रारंभिक रूप की झलक मिलती है। रिपोर्ताज क्या है?

Frequently asked questions

यह NCERT समाधान किस कक्षा और विषय के लिए हैं?

यह NCERT समाधान कक्षा 9 के हिंदी क्षितिज पाठ्यपुस्तक के अध्याय 5 के लिए हैं।

इस अध्याय के मुख्य पात्र कौन हैं?

इस अध्याय के मुख्य पात्र बालिका मैना और सेनापति 'हे' (सर टामस 'हे') हैं, साथ ही जनरल अउटरम का भी उल्लेख है।

मैना अपने पिता के महल को क्यों बचाना चाहती थी?

मैना महल को अपनी पैतृक धरोहर मानती थी, जिसमें उसकी बचपन की और पारिवारिक यादें जुड़ी थीं। वह इसे अपने जीवन का सहारा भी मानती थी।

सेनापति 'हे' ने मैना पर दया क्यों दिखाई?

सेनापति 'हे' की मृत पुत्री मेरी मैना की सहेली थी, और मैना के रूप में उन्हें अपनी बेटी की छवि दिखाई दी, जिससे उनमें ममता जाग उठी।

इस पाठ में 'रिपोर्ताज' शैली का क्या महत्व है?

पाठ में रिपोर्ताज के प्रारंभिक रूप की झलक मिलती है, जो आज के समाचार पत्रों में खबरों को प्रस्तुत करने की एक प्रमुख शैली है। यह घटनाओं को तथ्यात्मक रूप से प्रस्तुत करने में मदद करता है।

स्वाधीनता आंदोलन में इस प्रकार के लेखन की क्या भूमिका थी?

इस प्रकार के लेखन ने लोगों तक अंग्रेजों के अत्याचारों की खबरें पहुँचाईं, मैना जैसे बलिदानों से देशभक्ति की प्रेरणा दी और लोगों को अंग्रेजों के विरुद्ध एकजुट होने के लिए प्रेरित किया।

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