CBSE Class 9 Hindi Kshitiz Chapter 14: Kedarnath Agarwal NCERT Solutions

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CBSE Class 9 Hindi Kshitiz Chapter 14 NCERT Solutions explore the poetic world of Kedarnath Agarwal. These solutions offer a deep dive into his observations on urban life and his profound connection with the natural world. The chapter highlights how Agarwal personifies elements of nature, bringing them to life through vivid imagery. Students will find detailed explanations of key poetic devices, such as the striking image of the 'silver-large round pillar' and the symbolic meaning behind the black-headed, white-winged bird. The solutions provide clear, comprehensive answers to all textbook questions, helping students grasp the underlying themes and appreciate the poet's unique perspective. This resource is designed to enhance understanding and facilitate effective exam preparation by demystifying the poems' complexities and literary techniques.

Quick info

BoardCBSE
ClassClass 9
SubjectHindi Kshitiz
Session2026
LanguageHindi
TypeNCERT Solutions
ChapterChapter 14

Chapter summary

Chapter 14 of CBSE Class 9 Hindi Kshitiz features poems by Kedarnath Agarwal. This NCERT Solutions set offers in-depth answers to questions related to the poet's observations on urban life versus nature, his personification of natural elements like the mustard plant and flax, and his use of vivid imagery. The solutions cover the symbolic meanings behind phrases like 'silver-large round pillar' and the 'black-headed, white-winged bird,' helping students grasp the essence of the poems.

Learning outcomes

  • Understand the poet's critique of urban culture and its impact on human relationships.
  • Analyze the personification of natural elements like mustard and flax in the poems.
  • Interpret the symbolic meaning of various images used by the poet.
  • Explain the poet's deep connection with nature and its portrayal.
  • Identify and appreciate the use of colloquial language in poetry for enhanced beauty.

Topics covered

Paper topics

  • Critique of Urban Culture
  • Personification of Nature (Mustard, Flax)
  • Symbolism of Imagery ('Silver Pillar', 'Bird')
  • Poet's Connection with Nature
  • Use of Colloquial Language in Poetry
  • Human Emotions in Nature
  • Contrast between City and Rural Life
  • Poetic Devices
  • Kedarnath Agarwal's Poetry

Important topics

  • Personification of Nature
  • Symbolic Meanings of Imagery
  • Critique of Urban Lifestyle
  • Poet's Emotional Connection to Nature
  • Interpretation of Specific Lines/Phrases

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Questions and Solutions

प्रश्न 1

' इस विजन में ..... अधिक है ' – पंक्तियों में नगरीय संस्कृति के प्रति कवि का क्या आक्रोश है और क्यों ?
Solution: कवि इन पंक्तियों के माध्यम से शहरी जीवन की स्वार्थपूर्ण और दिखावटी रिश्तों पर अपनी गहरी नाराजगी व्यक्त करता है। कवि के अनुसार, शहरी संस्कृति में लोग आपसी प्रेम और स्नेह के स्थान पर केवल धन और भौतिक सुख-सुविधाओं को अधिक महत्व देते हैं। वे प्रकृति की सुंदरता और सच्चे मानवीय संबंधों से दूर हो गए हैं। कवि का यह आक्रोश इसलिए है क्योंकि वे स्वयं प्रकृति से गहरा लगाव रखते हैं और शहरी जीवन की कृत्रिमता तथा संवेदनहीनता से दुखी हैं।

प्रश्न 2

सरसों को 'सयानी 'कहकर कवि क्या कहना चाहता होगा ?
Solution: जब कवि सरसों को 'सयानी' कहता है, तो उसका तात्पर्य यह होता है कि सरसों की फसल अब पूरी तरह से पक कर तैयार हो चुकी है और कटाई के लिए उपयुक्त है। 'सयानी' शब्द यहाँ फसल की परिपक्वता और पूर्णता को दर्शाता है, जैसे कोई युवती विवाह योग्य हो जाती है।

प्रश्न 3

अलसी के मनोभावों का वर्णन कीजिए।
Solution: कविता में अलसी को एक हठीली और चंचल नायिका के रूप में चित्रित किया गया है। उसके मन में प्रेम की तीव्र इच्छा है और वह अपने हृदय का दान उस प्रथम व्यक्ति को देने के लिए आतुर है जो उसे स्पर्श करे, ताकि वह उसे अपना स्वामी बना सके। अलसी का स्वभाव प्रेमातुर और थोड़ा जिद्दी है।

प्रश्न 4

अलसी के लिए 'हठीली' विशेषण का प्रयोग क्यों किया गया है ?
Solution: अलसी के लिए 'हठीली' विशेषण का प्रयोग इसलिए किया गया है क्योंकि वह हठपूर्वक चने के पौधे के पास उग आई है। यद्यपि हवा के कारण उसका पतला शरीर बार-बार झुक जाता है, फिर भी वह सीधे खड़ी होकर चने के पौधों के बीच अपनी उपस्थिति बनाए रखती है। यह हठ उसकी जिजीविषा और अपनी जगह पर डटे रहने की प्रवृत्ति को दर्शाता है।

प्रश्न 5

'चाँदी का बड़ा-सा गोल खंभा' में कवि की किस सूक्ष्म कल्पना का आभास मिलता है?
Solution: 'चाँदी का बड़ा-सा गोल खंभा' पंक्ति में कवि ने मानव की अतृप्त इच्छाओं और शहरी जीवन की सुख-सुविधाओं का सूक्ष्म चित्रण किया है। कवि यह दर्शाना चाहता है कि शहरी जीवन की तमाम सुख-सुविधाएँ प्राप्त करने के बाद भी मनुष्य की इच्छाएँ कभी समाप्त नहीं होतीं। यह खंभा भौतिक समृद्धि का प्रतीक है, जिसके बावजूद मनुष्य और अधिक पाने की चाह रखता है।

प्रश्न 6

कविता के आधार पर 'हरे चने' का सौंदर्य अपने शब्दों में चित्रित कीजिए।
Solution: कवि ने 'हरे चने' का मानवीकरण करते हुए उसके सौंदर्य का वर्णन किया है। हरे चने का पौधा आकार में छोटा और ठिगना है। उसने अपने सिर पर गुलाबी रंग की पगड़ी (मुरैठा) पहन रखी है, जिससे वह किसी सजे-धजे दूल्हे की तरह प्रतीत होता है, जो स्वयंवर के लिए तैयार खड़ा हो। यह चित्रण चने के पौधे की मासूमियत और सुंदरता को दर्शाता है।

प्रश्न 7

कवि ने प्रकृति का मानवीकरण कहाँ-कहाँ किया है ?
Solution: प्रस्तुत कविता में कवि ने प्रकृति के विभिन्न तत्वों का मानवीकरण किया है। कुछ प्रमुख उदाहरण निम्नलिखित हैं:
  1. हरे ठिगने चने को सिर पर गुलाबी मुरैठा पहने हुए चित्रित किया है, जैसे कोई दूल्हा सजा हो।
  2. अलसी की देह को पतली, कमर को लचीला बताया है और उसे एक नायिका के रूप में प्रस्तुत किया है जो अपने हृदय का दान देने को आतुर है।
  3. सरसों को 'सयानी' कहा गया है और उसके 'हाथ पीले' होने का उल्लेख किया गया है, जैसे वह विवाह के लिए तैयार हो।
  4. फागुन मास को फाग गाते हुए दर्शाया गया है, जो एक मानव क्रिया है।
  5. पत्थरों द्वारा चुपचाप पानी पीने और प्यास बुझाने की प्रतीक्षा करने का वर्णन भी मानवीकरण का एक रूप है।

प्रश्न 8

कविता में से उन पंक्तियों को ढूँढ़िए जिनमें निम्नलिखित भाव व्यंजित हो रहा है – और चारों तरफ़ सुखी और उजाड़ ज़मीन है लेकिन वहाँ भी तोते का मधुर स्वर मन को स्पंदित कर रहा है।
Solution: इस भाव को व्यक्त करने वाली पंक्तियाँ हैं:

बाँझ भूमि पर इधर-उधर रींवा के पेड़ काँटेदार कुरूप खड़े हैं।

सुन पड़ता है मीठा-मीठा रस टपकाता सुग्गे का स्वर टें टें टें टें ;

ये पंक्तियाँ चित्रकूट की अनगढ़ पहाड़ियों और काँटेदार पेड़ों के बीच भी तोते (सुग्गे) के मधुर स्वर से उत्पन्न होने वाली जीवंतता और मन को मोह लेने वाले संगीत का वर्णन करती हैं।

प्रश्न 9

'और सरसों की न पूछो' – इस उक्ति में बात को कहने का खास अंदाज़ है। हम इस प्रकार की शैली का प्रयोग कब और क्यों करते हैं ?
Solution: 'और सरसों की न पूछो' जैसी उक्ति का प्रयोग किसी बात को अधिक प्रभावशाली, रोचक और यादगार बनाने के लिए किया जाता है। इस शैली का प्रयोग तब किया जाता है जब हम किसी वस्तु या व्यक्ति की विशेषताओं पर विशेष ध्यान केंद्रित करना चाहते हैं, उसकी प्रशंसा करना चाहते हैं, या किसी बात को इस तरह कहना चाहते हैं कि सुनने वाला उसमें रुचि ले और उसे आसानी से समझ सके। यह शैली वक्ता की बात में एक विशेष अंदाज़ और ज़ोर पैदा करती है।

प्रश्न 10

काले माथे और सफ़ेद पंखों वाली चिडिया आपकी दृष्टि में किस प्रकार के व्यक्तित्व का प्रतीक हो सकती है ?
Solution: काले माथे और सफ़ेद पंखों वाली चिड़िया यहाँ पर दोहरे व्यक्तित्व वाले व्यक्ति का प्रतीक हो सकती है। ऐसे लोग बाहर से भले ही समाज के हितैषी या नेक दिखाई दें (सफ़ेद पंख), लेकिन अवसर मिलते ही वे अपना स्वार्थ सिद्ध करने से पीछे नहीं हटते (काला माथा)। यह चिड़िया उन लोगों का प्रतिनिधित्व करती है जो अपनी वास्तविक मंशा को छिपाकर रखते हैं।

प्रश्न 11

बीते के बराबर, ठिगना, मुरैठा आदि सामान्य बोलचाल के शब्द हैं, लेकिन कविता में इन्हीं से सौंदर्य उभरा है और कविता सहज बन पड़ी है। कविता में आए ऐसे ही अन्य शब्दों की सूची बनाइए।
Solution: कविता में ऐसे कई सामान्य बोलचाल के शब्द हैं जो अपनी सहजता और सजीवता के कारण कविता के सौंदर्य को बढ़ाते हैं। इस कविता से कुछ अन्य उदाहरण इस प्रकार हैं:
  1. सयानी (सरसों के संदर्भ में परिपक्वता के लिए प्रयुक्त)
  2. हाथ पीले करना (विवाह योग्य होने का प्रतीक)
  3. हठीली (अलसी के जिद्दी स्वभाव के लिए)
  4. चित्त (मन या हृदय के लिए)
  5. सुग्गे (तोते के लिए स्थानीय या बोलचाल का शब्द)
  6. टेन् टेन् टेन् टेन् (तोते की आवाज़ का अनुकरण)
  7. कुरूप (रींवा के पेड़ों के लिए प्रयुक्त)
ये शब्द कविता को स्थानीय रंगत और आम बोलचाल की सरलता प्रदान करते हैं।

Common mistakes

  • Misinterpreting the symbolic meanings of poetic imagery.
  • Failing to recognize the personification of natural elements.
  • Overlooking the poet's critique of urban lifestyle.
  • Confusing literal meanings with figurative language.

Revision tips

  • Read the poems carefully to understand the context of each question.
  • Focus on the poet's use of personification and imagery.
  • Analyze the contrast between urban life and nature presented in the poems.
  • Pay attention to the explanations of colloquial words used for poetic effect.

Practice MCQs

Q1. कवि ने 'चाँदी का बड़ा-सा गोल खंभा' में किस जीवन शैली का वर्णन किया है?

Q2. सरसों को 'सयानी' कहने का क्या तात्पर्य है?

Q3. अलसी को 'हठीली' क्यों कहा गया है?

Q4. काले माथे और सफ़ेद पंखों वाली चिड़िया किसका प्रतीक है?

Q5. कविता में 'हरा ठिगना चना' क्या पहने हुए चित्रित है?

Frequently asked questions

यह NCERT समाधान किस कक्षा और विषय के लिए हैं?

यह NCERT समाधान CBSE कक्षा 9 के हिंदी क्षितिज पाठ्यपुस्तक के अध्याय 14 के लिए हैं।

इस अध्याय में कवि केदारनाथ अग्रवाल की किन कविताओं का वर्णन है?

इस अध्याय के समाधान कवि केदारनाथ अग्रवाल की उन कविताओं पर आधारित हैं जो प्रकृति, शहरी जीवन और मानवीय भावनाओं का चित्रण करती हैं।

समाधानों में 'सरसों को सयानी' कहने का क्या अर्थ समझाया गया है?

समाधानों में 'सरसों को सयानी' कहने का अर्थ यह समझाया गया है कि सरसों की फसल कटाई के लिए पूरी तरह तैयार हो चुकी है।

क्या ये समाधान परीक्षा की तैयारी में मदद करेंगे?

हाँ, ये समाधान विस्तृत स्पष्टीकरण और सटीक उत्तर प्रदान करके छात्रों को अध्याय की गहरी समझ विकसित करने और परीक्षा की प्रभावी ढंग से तैयारी करने में मदद करेंगे।

'चाँदी का बड़ा-सा गोल खंभा' किस चीज़ का प्रतीक है?

समाधान के अनुसार, 'चाँदी का बड़ा-सा गोल खंभा' शहरी सुख-सुविधाओं से परिपूर्ण जीवन का प्रतीक है, जो दर्शाता है कि सब कुछ पाने के बाद भी मानव की इच्छाएँ कभी समाप्त नहीं होतीं।

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