कक्षा 9 हिंदी अभ्यासवान् भव: अध्याय 7 संधि NCERT समाधान

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यह पृष्ठ कक्षा 9 हिंदी अभ्यासवान् भव पुस्तक के अध्याय 7, संधि पर केंद्रित NCERT समाधान प्रस्तुत करता है। इसमें दीर्घ संधि के नियमों को विस्तार से समझाया गया है, जिसमें समान स्वरों के मेल से दीर्घ स्वर का निर्माण होता है। समाधान छात्रों को विभिन्न उदाहरणों के माध्यम से संधि विच्छेद करने और संधि बनाने का तरीका सिखाते हैं। यह विस्तृत स्पष्टीकरण छात्रों को संधि के मूल सिद्धांतों को समझने और परीक्षा की तैयारी में मदद करने के लिए डिज़ाइन किया गया है।

Quick info

BoardCBSE
ClassClass 9
SubjectAbhyasvan Bhav
Session2026
LanguageHindi
TypeNCERT Solutions
ChapterChapter 7

Chapter summary

कक्षा 9 हिंदी अभ्यासवान् भव के अध्याय 7 में संधि का अध्ययन शामिल है। यह समाधान विशेष रूप से दीर्घ संधि पर केंद्रित है, जहाँ समान स्वर (अ, आ; इ, ई; उ, ऊ; ऋ, ऋ) मिलकर दीर्घ स्वर बनाते हैं। अभ्यास में संधि विच्छेद और संधि निर्माण के उदाहरण दिए गए हैं, जो छात्रों को इस नियम को समझने और लागू करने में सहायता करते हैं।

Learning outcomes

  • दीर्घ संधि के नियमों को समझना।
  • समान स्वरों के मेल से दीर्घ स्वर की पहचान करना।
  • दिए गए शब्दों का संधि विच्छेद करना।
  • संधि विच्छेद से संधि युक्त शब्द बनाना।
  • संधि के उदाहरणों का विश्लेषण करना।

Topics covered

Paper topics

  • संधि परिचय
  • दीर्घ संधि
  • समान स्वर
  • संधि विच्छेद
  • संधि निर्माण
  • अ, आ + अ, आ = आ
  • इ, ई + इ, ई = ई
  • उ, ऊ + उ, ऊ = ऊ
  • ऋ, ऋ + ऋ, ऋ = ऋ
  • सूत्र: अकः सवर्णे दीर्घः
  • उदाहरणों का विश्लेषण
  • व्याकरण अभ्यास

Important topics

  • दीर्घ संधि के नियम
  • संधि विच्छेद का अभ्यास
  • संधि निर्माण का अभ्यास
  • समान स्वरों की पहचान
  • सूत्र 'अकः सवर्णे दीर्घः'

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Questions and Solutions

प्रश्न 1. उदाहरणमनुस्त्य सन्धि विच्छेद वा कुरुत -

1. निम्नलिखित उदाहरणों के अनुसार संधि विच्छेद करें या संधि करें:

(क) अ, आ + अ, आ = आ

  1. सूर्य + आपते = ..... (...........
  2. लोभ + आविष्टा = ..... (......)
  3. आगतास्ति = ..... + ..... (......)
  4. एव + अस्य = ..... (.....)
  5. पूर्वार्द्धः = ..... + ..... (......)

(ख) इ, ई + इ, ई = ई

  1. अति + इव = ..... (....... )
  2. नदी + इयम् = ..... (.....)
  3. कपि + ईदृशः = ..... (......)
  4. लष्वीति = ..... + .... (......)
  5. कपीन्द्रः = ..... + ..... (.....)

(ग) उ, ऊ + उ, ऊ = ऊ

  1. गुरु + उचितम् = ..... (......)
  2. भानु + उदयः = ..... (.....)
  3. लघुर्मिः = ..... + ..... (......)
  4. भू + उर्ध्वम् = ..... (.....)
  5. साधू + उपदेशः = ..... + ............................

(घ) ऋ, ऋ + ऋ ,ऋ = ऋ

  1. पितृ + ऋणम् = ..... (......)
  2. मातृ + ऋद्धिः = ..... (.....)
  3. भ्रातृणम् = ..... + ..... (.....)

Solution:

यह प्रश्न दीर्घ संधि के नियमों पर आधारित है, जहाँ समान स्वर मिलकर दीर्घ स्वर बनाते हैं। सूत्र है: 'अकः सवर्णे दीर्घः'।

(क) अ, आ + अ, आ = आ

  1. सूर्य + आपते = सूर्यापते (यहाँ 'अ' और 'आ' मिलकर 'आ' बनाते हैं)
  2. लोभ + आविष्टा = लोभाविष्टा (यहाँ 'अ' और 'आ' मिलकर 'आ' बनाते हैं)
  3. आगता + अस्ति = आगतास्ति (यहाँ 'आ' और 'अ' मिलकर 'आ' बनाते हैं)
  4. एव + अस्य = एवास्य (यहाँ 'अ' और 'अ' मिलकर 'आ' बनाते हैं)
  5. पूर्व + अर्द्ध = पूर्वार्द्धः (यहाँ 'अ' और 'अ' मिलकर 'आ' बनाते हैं)

(ख) इ, ई + इ, ई = ई

  1. अति + इव = अतीव (यहाँ 'इ' और 'इ' मिलकर 'ई' बनाते हैं)
  2. नदी + इयम् = नदीयम् (यहाँ 'ई' और 'इ' मिलकर 'ई' बनाते हैं)
  3. कपि + ईदृशः = कपीदृशः (यहाँ 'इ' और 'ई' मिलकर 'ई' बनाते हैं)
  4. लध्वी + इति = लघ्वीति (यहाँ 'ई' और 'इ' मिलकर 'ई' बनाते हैं)
  5. कपि + इन्द्रः = कपीन्द्रः (यहाँ 'इ' और 'ई' मिलकर 'ई' बनाते हैं)

(ग) उ, ऊ + उ, ऊ = ऊ

  1. गुरु + उचितम् = गुरूचितम् (यहाँ 'उ' और 'उ' मिलकर 'ऊ' बनाते हैं)
  2. भानु + उदयः = भानूदयः (यहाँ 'उ' और 'उ' मिलकर 'ऊ' बनाते हैं)
  3. लघु + ऊर्मिः = लघूर्मिः (यहाँ 'उ' और 'ऊ' मिलकर 'ऊ' बनाते हैं)
  4. भू + उर्ध्वम् = भूर्ध्वम् (यहाँ 'ऊ' और 'उ' मिलकर 'ऊ' बनाते हैं)
  5. साधु + उपदेशः = साधू + उपदेशः (यहाँ 'उ' और 'उ' मिलकर 'ऊ' बनाते हैं)

(घ) ऋ, ऋ + ऋ ,ऋ = ऋ

  1. पितृ + ऋणम् = पितृणम् (यहाँ 'ऋ' और 'ऋ' मिलकर 'ऋ' बनाते हैं)
  2. मातृ + ऋद्धिः = मातृद्धिः (यहाँ 'ऋ' और 'ऋ' मिलकर 'ऋ' बनाते हैं)
  3. भ्रातृ + ऋणम् = भ्रातृणम् (यहाँ 'ऋ' और 'ऋ' मिलकर 'ऋ' बनाते हैं)

उपरोक्त सभी उदाहरण 'अकः सवर्णे दीर्घः' सूत्र के अनुसार दीर्घ संधि के हैं, जहाँ समान स्वर मिलकर दीर्घ स्वर का निर्माण करते हैं।

प्रश्न 2. उदाहरणमनुसृत्य सन्धि विच्छेदं वा कुरुत -

2. निम्नलिखित उदाहरणों के अनुसार संधि विच्छेद करें:

(क) अ आ + इ, ई = ए

Solution:

यह प्रश्न गुण संधि के एक नियम को दर्शाता है, जहाँ 'अ' या 'आ' के बाद 'इ' या 'ई' आने पर 'ए' होता है। हालाँकि, दिए गए स्रोत में इस नियम के लिए कोई उदाहरण या उत्तर प्रदान नहीं किया गया है। यदि इस नियम पर आधारित कोई प्रश्न होता, तो उसका समाधान इस प्रकार होता:

उदाहरण: 'रमेश' का संधि विच्छेद 'रमा + ईश' होगा, जहाँ 'आ' + 'ई' = 'ए' होता है।

यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि स्रोत में केवल दीर्घ संधि के उदाहरण दिए गए हैं, न कि इस नियम (अ/आ + इ/ई = ए) के।

Common mistakes

  • संधि विच्छेद करते समय मूल शब्दों को गलत पहचानना।
  • दीर्घ संधि के नियम को गलत लागू करना।
  • संधि युक्त शब्द बनाते समय स्वर की मात्राओं को गलत लगाना।

Revision tips

  • दीर्घ संधि के चारों नियमों (अ/आ, इ/ई, उ/ऊ, ऋ/ऋ) को अच्छी तरह याद करें।
  • दिए गए सभी उदाहरणों का स्वयं संधि विच्छेद और संधि निर्माण का अभ्यास करें।
  • प्रत्येक नियम के लिए कम से कम 5 नए उदाहरण बनाकर अभ्यास करें।
  • संधि विच्छेद करते समय मूल शब्दों के अर्थ पर ध्यान दें।

Practice MCQs

Q1. दीर्घ संधि का सूत्र क्या है?

Q2. संधि विच्छेद 'सूर्यापते' में मूल शब्द क्या हैं?

Q3. 'अतीव' में कौन सी संधि है?

Q4. संधि विच्छेद 'भानूदयः' में मूल शब्द क्या हैं?

Q5. दीर्घ संधि में 'ऋ' + 'ऋ' का मेल होने पर क्या बनता है?

Frequently asked questions

कक्षा 9 हिंदी अभ्यासवान् भव के अध्याय 7 में कौन सी संधि पढ़ाई जाती है?

कक्षा 9 हिंदी अभ्यासवान् भव के अध्याय 7 में मुख्य रूप से दीर्घ संधि पढ़ाई जाती है, जिसमें समान स्वरों के मेल से दीर्घ स्वर बनता है।

दीर्घ संधि का मुख्य नियम क्या है?

दीर्घ संधि का मुख्य नियम 'अकः सवर्णे दीर्घः' है, जिसका अर्थ है कि यदि 'अक्' (अ, इ, उ, ऋ) प्रत्याहार के बाद उसी वर्ण का दीर्घ स्वर आए, तो दोनों के स्थान पर दीर्घ स्वर हो जाता है। सरल शब्दों में, समान स्वर (जैसे अ+अ, इ+ई, उ+ऊ, ऋ+ऋ) मिलकर दीर्घ स्वर (आ, ई, ऊ, ऋ) बनाते हैं।

संधि विच्छेद का क्या अर्थ है?

संधि विच्छेद का अर्थ है दो या दो से अधिक शब्दों या ध्वनियों से मिलकर बने एक संयुक्त शब्द को उसके मूल, अलग-अलग शब्दों या ध्वनियों में तोड़ना।

क्या ये समाधान परीक्षा की तैयारी में मदद करेंगे?

हाँ, ये समाधान दीर्घ संधि के नियमों और उदाहरणों को स्पष्ट करते हैं, जिससे छात्रों को परीक्षा में संधि से संबंधित प्रश्नों को हल करने में मदद मिलेगी।

दीर्घ संधि के उदाहरण क्या हैं?

दीर्घ संधि के कुछ उदाहरण हैं: सूर्य + आपते = सूर्यापते (अ+आ=आ), अति + इव = अतीव (इ+इ=ई), गुरु + उचितम् = गुरूचितम् (उ+उ=ऊ), पितृ + ऋणम् = पितृणम् (ऋ+ऋ=ऋ)।

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