कक्षा 9 हिंदी अभ्यासवान भावन: अध्याय 2 - पत्र लेखन NCERT समाधान
यह पृष्ठ कक्षा 9 के हिंदी विषय के लिए 'अभ्यासवान भावन' पुस्तक के अध्याय 2 पर केंद्रित NCERT समाधान प्रस्तुत करता है। इसमें पत्र लेखन के विभिन्न प्रारूपों, जैसे अनौपचारिक और औपचारिक पत्र, को विस्तार से समझाया गया है। छात्र सीखेंगे कि योग दिवस जैसे कार्यक्रमों का वर्णन करते हुए अनौपचारिक पत्र कैसे लिखें, और अवकाश या अन्य औपचारिक कारणों से प्रधानाचार्य को प्रार्थना पत्र कैसे प्रस्तुत करें। समाधानों में पत्र के आवश्यक तत्व, जैसे अभिवादन, विषय, मुख्य भाग और समापन, को स्पष्ट किया गया है। यह विस्तृत समाधान छात्रों को परीक्षा की तैयारी में मदद करेगा और पत्र लेखन कौशल को मजबूत करेगा।
Quick info
| Board | CBSE |
|---|---|
| Class | Class 9 |
| Subject | Abhyasvan Bhav |
| Session | 2026 |
| Language | Hindi |
| Type | NCERT Solutions |
| Chapter | Chapter 2 |
Chapter summary
कक्षा 9 के हिंदी विषय के लिए 'अभ्यासवान भावन' पुस्तक के अध्याय 2 में पत्र लेखन के महत्वपूर्ण पहलुओं को शामिल किया गया है। यह अध्याय अनौपचारिक और औपचारिक दोनों प्रकार के पत्रों के प्रारूप और लेखन शैली पर केंद्रित है। समाधानों में योग दिवस जैसे कार्यक्रमों पर आधारित अनौपचारिक पत्र और अवकाश हेतु प्रधानाचार्य को लिखे जाने वाले औपचारिक प्रार्थना पत्रों के उदाहरण दिए गए हैं। छात्रों को पत्र के विभिन्न भागों को समझने और प्रभावी ढंग से अपनी बात रखने का तरीका सिखाया गया है।
Learning outcomes
- अनौपचारिक पत्र लिखने की प्रक्रिया को समझना।
- औपचारिक पत्र (प्रार्थना पत्र) का प्रारूप सीखना।
- विभिन्न अवसरों के लिए पत्र लिखने का अभ्यास करना।
- पत्रों में उचित भाषा और शैली का प्रयोग करना सीखना।
- योग दिवस जैसे कार्यक्रमों का वर्णन करने वाले पत्र लिखना।
Topics covered
Paper topics
- अनौपचारिक पत्र
- औपचारिक पत्र
- प्रार्थना पत्र
- अवकाश हेतु प्रार्थना
- पत्र लेखन के नियम
- पत्र का प्रारूप
- योग दिवस कार्यक्रम का वर्णन
- भाई के विवाह हेतु प्रार्थना पत्र
- शैक्षिक भ्रमण हेतु अनुमति
Important topics
- औपचारिक पत्र का प्रारूप
- अनौपचारिक पत्र का प्रारूप
- अवकाश हेतु प्रार्थना पत्र लिखना
- पत्र में विषय का महत्व
- पत्र का समापन
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Questions and Solutions
अभ्यासः (क) अनौपचारिकम् पत्रम्
चण्डीगढ्म्
10/07/20xx
प्रिये भगिनि! सप्रेम नमो नमः
आशा है कि तुम वहाँ पूर्ण रूप से कुशल मंगल होगी। यह सुनकर मेरे मन में बहुत प्रसन्नता हुई कि तुम योग दिवस पर पटेल चौक, नई दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम में भाग ले रही हो। यह बहुत ही सुंदर अवसर होगा। जैसा कि कहा गया है, "योगश्चित्तवृत्तिनिरोधः", अर्थात् योग चित्त की वृत्तियों को नियंत्रित करता है। योग का अभ्यास करके लोग शारीरिक, मानसिक और आत्मिक रूप से स्वस्थ होते हैं। आज संपूर्ण विश्व योग के महत्व को जानता है। यदि तुम योग का अभ्यास करोगी तो तुम्हारा सर्वांगीण विकास होगा और तुम स्वस्थ रहोगी। शेष बातें पुनः लिखूंगा। आशा है कि घर पर सभी कुशल मंगल होंगे।
तुम्हारी प्रिय बहन,
मान्धाता शर्मा
115/98, गौरव सरिणी, चण्डीगढ़म्
प्रश्न 1. (क) अवकाशार्थं प्राचार्या प्रति प्रार्थनापत्रम् लिखत।
सेवा में,
प्राचार्या,
केन्द्रीय विद्यालय, रोहिणी,
दिल्ली।
विषय: दो दिन के अवकाश हेतु प्रार्थना पत्र।
महोदया,
सविनय निवेदन है कि मैं आपके विद्यालय की कक्षा नौवीं की छात्रा हूँ। कल रात मेरे घर पर चोरों ने चोरी की। घर का सारा धन, आभूषण और बर्तन चोरी हो गए हैं। सभी लोग बहुत दुखी हैं। घर पर दिन भर रिश्तेदार, मित्र और पड़ोसी सांत्वना देने आ रहे हैं। मेरे माता-पिता बहुत दुखी हैं। अतः आपसे निवेदन है कि मुझे दो दिन का अवकाश प्रदान कर उपकृत करें।
आपकी आज्ञाकारी शिष्या,
यथार्थ प्रणव,
कक्षा-नवमी (अ), अनुक्रमांक-37
प्रश्न 2. (क) भ्रातुः विवाहे गमनाय प्रार्थना-पत्रम् लिखत।
सेवा में,
प्राचार्या,
केन्द्रीय विद्यालय, चमोली।
विषय: भाई के विवाह में सम्मिलित होने हेतु घर जाने के लिए प्रार्थना पत्र।
महोदया,
सविनय निवेदन है कि आगामी सप्ताह मेरे बड़े भाई का विवाह है और बारात मेरे घर से जोशीमठ जाएगी। पारिवारिक सदस्य होने के नाते, मेरी उपस्थिति वहाँ अनिवार्य है। अतः आपसे निवेदन है कि मुझे पाँच दिनों का अवकाश प्रदान कर उपकृत करें। इन दिनों में जो भी पढ़ाई का नुकसान होगा, उसकी पूर्ति करने का मैं पूरा प्रयास करूंगी।
आपकी आज्ञाकारिणी शिष्या,
सरोज शरदः
कक्षा-नवमी (स), अनुक्रमांक-35
दिनांक: 13/07/20XX
प्रश्न 3. (क) भवान् अविनाशः। शैक्षिकभ्रमणाय अनुमतिं व्ययार्थ धन प्रार्थयितुं च पितर प्रति मञ्जूषायाः सहायतया पत्र लिखतु।
प्रिय पिताजी,
सादर प्रणाम।
मैं यहाँ सकुशल हूँ और आशा करता हूँ कि आप भी वहाँ कुशल होंगे। पिताजी, मुझे आपको यह सूचित करते हुए अत्यंत प्रसन्नता हो रही है कि विद्यालय द्वारा प्रथम सत्र की परीक्षा के उपरांत एक शैक्षिक भ्रमण का आयोजन किया जा रहा है। इस भ्रमण के लिए मुझे आपकी अनुमति की आवश्यकता है।
यह भ्रमण मेरे लिए बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे मुझे नई चीजें सीखने और अपने ज्ञान को बढ़ाने का अवसर मिलेगा। इस भ्रमण के लिए ₹500 (पाँच सौ रुपये) व्यय होंगे। कृपया आप मुझे शीघ्र अति शीघ्र यह धनराशि प्रेषित करने की कृपा करें ताकि मैं इस शैक्षिक भ्रमण में भाग ले सकूँ।
मैं आपकी स्वीकृति की प्रतीक्षा करूँगा।
आपका प्रिय पुत्र,
अविनाश
Common mistakes
- औपचारिक और अनौपचारिक पत्रों के प्रारूप में अंतर न कर पाना।
- पत्र के आवश्यक तत्वों (जैसे विषय, अभिवादन, समापन) को छोड़ देना।
- अनुचित भाषा या शैली का प्रयोग करना।
- छुट्टी के लिए प्रार्थना पत्र में कारण स्पष्ट न करना।
Revision tips
- दोनों प्रकार के पत्रों (अनौपचारिक और औपचारिक) के प्रारूपों को अच्छी तरह याद करें।
- दिए गए उदाहरणों का अभ्यास करें और स्वयं नए पत्र लिखने का प्रयास करें।
- पत्र लिखते समय विषय, अभिवादन, मुख्य भाग और समापन पर विशेष ध्यान दें।
- औपचारिक पत्रों में भाषा की औपचारिकता बनाए रखें।
Practice MCQs
Q1. अनौपचारिक पत्र किसे लिखा जाता है?
Explanation: अनौपचारिक पत्र व्यक्तिगत होते हैं और इन्हें मित्रों, परिवार के सदस्यों या परिचितों को लिखा जाता है।
Q2. औपचारिक पत्र में विषय का उल्लेख क्यों महत्वपूर्ण है?
Explanation: विषय का उल्लेख करने से पत्र प्राप्त करने वाले को पत्र के मुख्य उद्देश्य का तुरंत पता चल जाता है, जिससे समय की बचत होती है।
Q3. अवकाश के लिए प्रार्थना पत्र किस श्रेणी में आता है?
Explanation: अवकाश के लिए प्रार्थना पत्र विद्यालय के प्रधानाचार्य को लिखा जाता है, जो एक औपचारिक पत्र का उदाहरण है।
Q4. योग दिवस पर कार्यक्रम में भाग लेने का वर्णन किस प्रकार के पत्र में किया जाएगा?
Explanation: योग दिवस जैसे कार्यक्रमों का वर्णन करते हुए पत्र सामान्यतः मित्रों या परिवार को लिखे जाते हैं, जो अनौपचारिक पत्र होते हैं।
Q5. औपचारिक पत्र का समापन कैसे किया जाना चाहिए?
Explanation: औपचारिक पत्रों में समापन के लिए 'भवदीय' (पुरुष के लिए) या 'भवदीया' (स्त्री के लिए) का प्रयोग किया जाता है।
Frequently asked questions
कक्षा 9 के हिंदी के लिए यह NCERT समाधान किस अध्याय पर आधारित है?
यह NCERT समाधान 'अभ्यासवान भावन' पुस्तक के अध्याय 2 पर आधारित है, जो पत्र लेखन से संबंधित है।
इस समाधान में किस प्रकार के पत्र शामिल हैं?
इस समाधान में अनौपचारिक पत्र (जैसे मित्रों या संबंधियों को लिखे जाने वाले) और औपचारिक पत्र (जैसे प्रधानाचार्य को लिखे जाने वाले प्रार्थना पत्र) दोनों के उदाहरण और प्रारूप शामिल हैं।
क्या ये समाधान परीक्षा की तैयारी में मदद करेंगे?
हाँ, ये समाधान पत्र लेखन के विभिन्न प्रारूपों और आवश्यक तत्वों को स्पष्ट करते हैं, जिससे छात्रों को परीक्षा में पत्र लेखन वाले प्रश्नों को हल करने में मदद मिलेगी।
अनौपचारिक पत्र और औपचारिक पत्र में मुख्य अंतर क्या है?
अनौपचारिक पत्र व्यक्तिगत होते हैं और मित्रों व संबंधियों को लिखे जाते हैं, जबकि औपचारिक पत्र व्यावसायिक या आधिकारिक उद्देश्यों के लिए लिखे जाते हैं और एक निश्चित प्रारूप का पालन करते हैं।
प्रार्थना पत्र लिखते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?
प्रार्थना पत्र लिखते समय सेवा में, विषय, महोदय/महोदया, सविनय निवेदन, कारण का स्पष्ट उल्लेख, अवकाश की अवधि और अंत में आज्ञाकारी शिष्य/शिष्या लिखना महत्वपूर्ण है।
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