कक्षा 9 हिंदी अभ्यासवर्णन पाठ 1: NCERT समाधान
यह पृष्ठ कक्षा 9 के हिंदी विषय के लिए 'अभ्यास 1' पर केंद्रित NCERT समाधान प्रस्तुत करता है। इसमें अपठितावबोधनम् (अपठित गद्यांश को समझना) पर आधारित प्रश्न और उनके विस्तृत उत्तर शामिल हैं। छात्रों को दिए गए गद्यांश को ध्यान से पढ़ने और उसमें से जानकारी निकालकर प्रश्नों के उत्तर देने का अभ्यास कराया जाएगा। समाधानों में एक-शब्द, पूर्ण-वाक्य उत्तर, भाषाई कार्य (विशेषण, क्रियापद, कर्तापद, विलोमपद पहचानना) और गद्यांश के लिए उचित शीर्षक का चयन शामिल है। यह अभ्यास छात्रों की पठन समझ, शब्दावली और व्याकरण कौशल को बेहतर बनाने में मदद करता है, जो परीक्षा की तैयारी के लिए महत्वपूर्ण है।
Quick info
| Board | CBSE |
|---|---|
| Class | Class 9 |
| Subject | Abhyasvan Bhav |
| Session | 2026 |
| Language | Hindi |
| Type | NCERT Solutions |
| Chapter | Chapter 1 |
Chapter summary
कक्षा 9 हिंदी के 'अभ्यास 1' के लिए NCERT समाधान अपठितावबोधनम् (अपठित गद्यांश को समझना) पर केंद्रित हैं। इसमें एक गद्यांश दिया गया है, जिसके आधार पर छात्रों को एक-शब्द उत्तर, पूर्ण-वाक्य उत्तर, भाषाई कार्य (जैसे विशेषण, क्रियापद, कर्तापद और विलोमपद की पहचान) और गद्यांश के लिए उपयुक्त शीर्षक का चयन करने जैसे प्रश्नों के उत्तर देने होंगे। यह अभ्यास छात्रों की पठन समझ और भाषा के व्यावहारिक उपयोग को मजबूत करता है।
Learning outcomes
- दिए गए गद्यांश को पढ़कर मुख्य बिंदुओं को समझना।
- गद्यांश के आधार पर एक-शब्द और पूर्ण-वाक्य में उत्तर देना।
- गद्यांश में प्रयुक्त विशेषण, क्रियापद, कर्तापद और विलोमपद की पहचान करना।
- गद्यांश के विषय वस्तु के अनुसार उचित शीर्षक का चयन करना।
- अपठित गद्यांश को हल करने की अपनी क्षमता में सुधार करना।
Topics covered
Paper topics
- अपठितावबोधनम् (अपठित गद्यांश)
- गद्यांश पठन और समझ
- एक-शब्द उत्तर
- पूर्ण-वाक्य उत्तर
- भाषाई कार्य
- विशेषण पहचान
- क्रियापद पहचान
- कर्तापद पहचान
- विलोमपद पहचान
- उचित शीर्षक का चयन
- कबूतरों की कहानी
- लोभ का परिणाम
Important topics
- अपठितावबोधनम् का अभ्यास
- गद्यांश से सटीक उत्तर निकालना
- व्याकरणिक पदों की पहचान (विशेषण, क्रिया, कर्ता)
- विलोम शब्दों का ज्ञान
- कहानी का सार समझकर शीर्षक देना
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Questions and Solutions
प्रश्न 1. एकपदेन उत्तरत -
(क) आपत्काले केषां वचनं ग्राह्यम्?
(ख) विशाल: शाल्मलीतरुः कुत्रसीत?
(ग) व्याधः कान् विकीर्य प्रच्छन्नो भूत्वा स्थितः?
(घ) सर्वथा की हशं कर्म न कर्तव्यम्?
गद्यांश के आधार पर एक-शब्द में उत्तर इस प्रकार हैं:
- (क) वृद्धाणाम् (वृद्धों का)
- (ख) गोदावरीतीरे (गोदावरी के किनारे)
- (ग) तण्डुलान् (चावल के दाने)
- (घ) अविचारितम् (बिना सोचे-समझे)
प्रश्न 2. पूर्णवाक्येन उत्तरत -
(क) कपोतराजः कान् प्रत्याह?
(ख) के कदा क्लिश्यन्ते?
गद्यांश के आधार पर पूर्ण वाक्यों में उत्तर इस प्रकार हैं:
- (क) कपोतराजः तण्डुललुब्धान् कपोतान् प्रत्याह। (कपोतराज ने चावल के दानों के लालच में फंसे कबूतरों से कहा।)
- (ख) बहुश्रुता अपि लोभमोहिताः क्लिश्यन्ते। (बहुत ज्ञानी होने पर भी जो लोभ से मोहित हो जाते हैं, वे कष्ट पाते हैं।)
प्रश्न 3. भाषिककार्यम् –
(क) 'विशाल: शाल्मलीतरुः आसीत्।' अत्र विशेषणपदं किम्?
(ख) 'तरुणः कपोतः सदर्पम् आह' इति वाक्ये क्रियापदं चित्वा लिखत।
(ग) 'तत्र रात्रौ पक्षिणः निवसन्ति स्म', इति वाक्ये कर्तृपद चित्वा लिखत।
(घ) 'वृद्धः' इत्यस्य किं विलोमपदं गद्यांशे प्रयुक्तम्?
दिए गए वाक्यों के आधार पर भाषाई कार्य इस प्रकार है:
- (क) इस वाक्य में 'विशाल:' शब्द 'शाल्मलीतरुः' (एक प्रकार का वृक्ष) की विशेषता बता रहा है, इसलिए यह विशेषणपद है। उत्तर: विशाल:
- (ख) इस वाक्य में 'आह' क्रिया का अर्थ है 'कहा'। यह कार्य को दर्शाता है। उत्तर: आह
- (ग) इस वाक्य में 'पक्षिणः' (पक्षी) वे हैं जो निवास करते थे, इसलिए यह कर्तापद है। (नोट: मूल में 'दक्षिणः' लिखा था, जो गद्यांश के संदर्भ में सही नहीं है। गद्यांश के अनुसार कर्तापद 'पक्षिणः' होना चाहिए।) उत्तर: पक्षिणः
- (घ) गद्यांश में 'वृद्धः' (बूढ़ा) का विलोम शब्द 'तरुणः' (जवान) प्रयोग किया गया है। उत्तर: तरुणः
प्रश्न 4. उपरोक्तगद्यांशस्य उचितं शीर्षकं दीयताम्।
गद्यांश कबूतरों के लोभ में फंसने और वृद्धों की सलाह न मानने के परिणाम को दर्शाता है। इसलिए, एक उपयुक्त शीर्षक हो सकता है:
उत्तर: लोभः न कर्तव्यः। (लोभ नहीं करना चाहिए।)
Common mistakes
- गद्यांश को ध्यान से न पढ़ने के कारण गलत उत्तर देना।
- भाषाई कार्य के प्रश्नों में विशेषण, क्रियापद, कर्तापद या विलोमपद को गलत पहचानना।
- गद्यांश के भावार्थ को समझे बिना शीर्षक का चयन करना।
- एक-शब्द उत्तर के स्थान पर पूर्ण वाक्य में उत्तर देना या इसके विपरीत।
Revision tips
- गद्यांश को हल करने से पहले उसे कम से कम दो बार ध्यान से पढ़ें।
- प्रत्येक प्रश्न के उत्तर को गद्यांश में रेखांकित करके सुनिश्चित करें।
- भाषाई कार्य के प्रश्नों के लिए व्याकरण के नियमों को दोहराएं।
- शीर्षक चुनते समय गद्यांश के मुख्य संदेश या विषय पर ध्यान केंद्रित करें।
Practice MCQs
Q1. गद्यांश के अनुसार, आपत्काल में किसके वचन ग्राह्य (मान्य) हैं?
Explanation: गद्यांश में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि आपत्काल में वृद्धों के वचन ग्राह्य होते हैं।
Q2. कपोतराज ने तण्डुलकणों को देखकर क्या आशंका व्यक्त की?
Explanation: कपोतराज ने निर्जन वन में तण्डुलकणों की उपस्थिति पर संदेह व्यक्त करते हुए कहा कि संभवतः कोई व्याध (शिकारी) हो सकता है।
Q3. गद्यांश में 'विशालः शाल्मलीतरुः' में 'विशालः' क्या है?
Explanation: 'विशालः' शब्द 'शाल्मलीतरुः' (एक प्रकार का वृक्ष) की विशेषता बता रहा है, इसलिए यह विशेषणपद है।
Q4. लोभ के कारण अंततः कपोतराज के साथी क्या हुए?
Explanation: लोभ के कारण सभी कपोत जाल में फँस गए, जैसा कि गद्यांश के अंत में बताया गया है।
Q5. गद्यांश के अनुसार, 'आह' इस वाक्य में क्रियापद क्या है?
Explanation: 'आह' क्रिया का अर्थ है 'कहा', जो इस वाक्य में क्रियापद है।
Frequently asked questions
यह NCERT समाधान किस कक्षा और विषय के लिए है?
यह NCERT समाधान कक्षा 9 के हिंदी विषय के लिए है, विशेष रूप से 'अभ्यास 1' के लिए।
इस समाधान में किस प्रकार के प्रश्न शामिल हैं?
इसमें अपठित गद्यांश पर आधारित प्रश्न शामिल हैं, जैसे एक-शब्द उत्तर, पूर्ण-वाक्य उत्तर, भाषाई कार्य (विशेषण, क्रियापद, कर्तापद, विलोमपद की पहचान) और गद्यांश के लिए उचित शीर्षक का चयन।
क्या ये समाधान गद्यांश के मूल पाठ का अनुवाद हैं?
नहीं, ये समाधान गद्यांश के आधार पर प्रश्नों के उत्तर प्रदान करते हैं और भाषाई कार्य समझाते हैं, मूल पाठ का अनुवाद नहीं।
अपठितावबोधनम् का अभ्यास क्यों महत्वपूर्ण है?
अपठितावबोधनम् का अभ्यास छात्रों की पठन समझ, सूचना निकालने की क्षमता, शब्दावली और व्याकरण कौशल को बेहतर बनाने में मदद करता है, जो परीक्षाओं के लिए आवश्यक है।
इन समाधानों का उपयोग परीक्षा की तैयारी के लिए कैसे किया जा सकता है?
छात्र इन समाधानों का उपयोग गद्यांश को समझने, विभिन्न प्रकार के प्रश्नों को हल करने की विधि सीखने और अपने उत्तरों की जांच करने के लिए कर सकते हैं।
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