कक्षा 9 हिंदी अभ्यासवान् भव: अध्याय 6 कारकोपपदविभक्तिः NCERT समाधान
यह पृष्ठ कक्षा 9 के हिंदी विषय के लिए 'अभ्यासवान् भव' पुस्तक के अध्याय 6, 'कारकोपपदविभक्तिः' पर केंद्रित NCERT समाधान प्रस्तुत करता है। यह अध्याय संज्ञाओं और सर्वनामों के विभिन्न कारकों और उपपदों के साथ उनके संबंध को समझने पर जोर देता है, जो वाक्य रचना के लिए महत्वपूर्ण हैं। समाधानों में रिक्त स्थानों को भरने, अनुच्छेद से कर्ता पदों को पहचानने, उदाहरणों के अनुसार सार्थक पद बनाने और शब्द रचना करने जैसे अभ्यास शामिल हैं। प्रत्येक प्रश्न का उत्तर स्पष्टीकरण के साथ प्रदान किया गया है, जिससे छात्रों को इन व्याकरणिक अवधारणाओं को गहराई से समझने में मदद मिलती है। ये समाधान छात्रों को परीक्षा की तैयारी में सहायता करने और व्याकरणिक सटीकता में सुधार करने के लिए डिज़ाइन किए गए हैं।
Quick info
| Board | CBSE |
|---|---|
| Class | Class 9 |
| Subject | Abhyasvan Bhav |
| Session | 2026 |
| Language | Hindi |
| Type | NCERT Solutions |
| Chapter | Chapter 6 |
Chapter summary
कक्षा 9 के लिए 'अभ्यासवान् भव' पुस्तक के अध्याय 6, 'कारकोपपदविभक्तिः' के NCERT समाधानों का यह संग्रह छात्रों को हिंदी व्याकरण के महत्वपूर्ण पहलू को समझने में मदद करता है। इसमें रिक्त स्थानों की पूर्ति, अनुच्छेद से कर्ता पदों का चयन, उदाहरणों के आधार पर सार्थक पदों का निर्माण और शब्द रचना जैसे अभ्यासों के विस्तृत हल शामिल हैं। ये समाधान छात्रों को विभिन्न कारक चिन्हों और उनके प्रयोगों को पहचानने और लागू करने में सहायता करते हैं, जिससे उनकी वाक्य निर्माण क्षमता में सुधार होता है।
Learning outcomes
- छात्र रिक्त स्थानों को उचित संज्ञा या सर्वनाम से भरना सीखेंगे।
- छात्र दिए गए अनुच्छेद से कर्ता पदों की पहचान कर सकेंगे।
- छात्र उदाहरणों के अनुसार सार्थक पदों का निर्माण कर सकेंगे।
- छात्र शब्द रचना के नियमों को समझकर शब्दों का निर्माण कर सकेंगे।
Topics covered
Paper topics
- कारक परिचय
- कर्ता कारक
- उपपद विभक्ति
- रिक्त स्थान पूर्ति
- अनुच्छेद विश्लेषण
- कर्ता पद पहचान
- सार्थक पद निर्माण
- शब्द रचना
Important topics
- कर्ता कारक की पहचान
- क्रिया के अनुसार कर्ता का चयन
- सार्थक शब्द निर्माण
- कारक चिन्हों का प्रयोग
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Questions and Solutions
प्रश्न 1
- .....पठन्ति। (छात्रौ, छात्राः)
- .....पाठयति। (अध्यापकाः, अध्यापकः)
- ..... पृच्छन्ति। (शिष्पाः, शिष्पौः)
- .....वदतः। (बालौ, बालः)
- .....विकसन्ति। (पुष्पे, पुष्पाणि)
- .....पति। (फलम्, फले)
इस प्रश्न में, हमें दिए गए कोष्ठक में से उचित शब्द चुनकर रिक्त स्थानों को भरना है, जो क्रिया के साथ कर्ता के वचन और लिंग के अनुसार मेल खाते हों।
- छात्राः पठन्ति। (क्योंकि 'पठन्ति' बहुवचन क्रिया है, इसलिए कर्ता भी बहुवचन 'छात्राः' होगा।)
- अध्यापकः पाठयति। (क्योंकि 'पाठयति' एकवचन क्रिया है, इसलिए कर्ता भी एकवचन 'अध्यापकः' होगा।)
- शिष्याः पृच्छन्ति। (क्योंकि 'पृच्छन्ति' बहुवचन क्रिया है, इसलिए कर्ता भी बहुवचन 'शिष्याः' होगा।)
- बालौ वदतः। (क्योंकि 'वदतः' द्विवचन क्रिया है, इसलिए कर्ता भी द्विवचन 'बालौ' होगा।)
- पुष्पाणि विकसन्ति। (क्योंकि 'विकसन्ति' बहुवचन क्रिया है, और 'पुष्पाणि' नपुंसकलिंग बहुवचन है, यह उपयुक्त है।)
- फलम् पति। (क्योंकि 'पति' एकवचन क्रिया है, और 'फलम्' नपुंसकलिंग एकवचन है, यह उपयुक्त है।)
प्रश्न 2
वृक्षे अनेके खगाः वसन्ति। ते परस्परं प्रेम्णा व्यवहरन्ति। एकदा एकः वानरः तत्र आगच्छत्। सः शाखासु कूर्दति। खगाः दुःखिताः भवन्ति। ते न जानन्ति कथं अस्य प्रतिकारः कर्तव्यः। पुनः ते अचिन्तयन्-वयं मिलित्वा अस्य उपरि प्रहार कुर्मः।तदा वानरः आगच्छत्। ते तस्य उपरि प्रहारम् अकुर्वन्। वानरः आहतः अभवत्। ततः परं सः कदापि तत्र न आगच्छत्।
इस प्रश्न में, हमें दिए गए अनुच्छेद को पढ़कर उसमें प्रयुक्त कर्ता पदों (जो क्रिया को करते हैं) को पहचानना है।
अनुच्छेद में प्रयुक्त कर्ता पद निम्नलिखित हैं:
- खगाः (पक्षी) - 'वसन्ति' (रहते हैं) क्रिया के कर्ता हैं।
- ते (वे) - 'व्यवहरन्ति' (व्यवहार करते हैं) क्रिया के कर्ता हैं (यहाँ 'ते' खगों के लिए प्रयुक्त हुआ है)।
- एकः वानरः (एक बंदर) - 'आगच्छत्' (आया) क्रिया का कर्ता है।
- सः (वह) - 'कूर्दति' (कूदता है) क्रिया का कर्ता है (यहाँ 'सः' वानर के लिए प्रयुक्त हुआ है)।
- खगाः (पक्षी) - 'भवन्ति' (हो जाते हैं) क्रिया के कर्ता हैं।
- ते (वे) - 'जानन्ति' (जानते हैं) क्रिया के कर्ता हैं (यहाँ 'ते' खगों के लिए प्रयुक्त हुआ है)।
- वयं (हम सब) - 'कुर्मः' (करेंगे) क्रिया के कर्ता हैं।
- ते (वे) - 'अकुर्वन्' (किया) क्रिया के कर्ता हैं (यहाँ 'ते' खगों के लिए प्रयुक्त हुआ है)।
- वानरः (बंदर) - 'आहतः अभवत्' (घायल हो गया) क्रिया का कर्ता है।
- सः (वह) - 'न आगच्छत्' (नहीं आया) क्रिया का कर्ता है (यहाँ 'सः' वानर के लिए प्रयुक्त हुआ है)।
संक्षेप में, अनुच्छेद से पहचाने गए कर्ता पद हैं: खगाः, ते, एकः वानरः, सः, वयं।
प्रश्न 3
- क: | शि | क्ष
- नि | ला | फ
- वा | र: | न
- सु | शा | खा
- क | चि | दा | त्
इस प्रश्न में, हमें दिए गए अक्षरों या शब्दांशों को सही क्रम में जोड़कर सार्थक शब्द बनाना है, जैसा कि उदाहरण में दिखाया गया है।
- क: | शि | क्ष = शिक्षकः
- नि | ला | फ = फलानि (यहाँ अक्षरों का क्रम बदलकर 'फलानि' बनाया गया है, जो एक सार्थक शब्द है।)
- वा | र: | न = वानरः
- सु | शा | खा = शाखासु
- क | चि | दा | त् = कदाचित्
प्रश्न 4
यथा-वानराः
इस प्रश्न में, हमें दिए गए उदाहरण 'वानराः' के अनुसार शब्दों की रचना करनी है। यह प्रश्न संभवतः शब्दों के बहुवचन या अन्य रूप बनाने से संबंधित है, लेकिन स्रोत में केवल एक उदाहरण दिया गया है और कोई विशिष्ट शब्द नहीं दिया गया है जिस पर रचना करनी हो। यदि कोई विशिष्ट शब्द या निर्देश होता, तो उसके अनुसार बहुवचन या अन्य रूप बनाए जा सकते थे। उदाहरण के तौर पर, यदि हमें 'बालकः' शब्द दिया जाता, तो उसकी शब्द रचना 'बालकः' (एकवचन) से 'बालकौ' (द्विवचन) या 'बालकाः' (बहुवचन) हो सकती थी।
Common mistakes
- कारक चिन्हों के प्रयोग में भ्रमित होना।
- कर्ता पद और कर्म पद के बीच अंतर करने में कठिनाई।
- शब्दों को सही क्रम में व्यवस्थित करने में त्रुटियाँ।
Revision tips
- प्रत्येक प्रश्न के उत्तर को ध्यान से पढ़ें और समझें।
- कारक चिन्हों के प्रयोग के नियमों को दोहराएं।
- शब्द रचना के अभ्यासों को स्वयं हल करने का प्रयास करें।
Practice MCQs
Q1. दिए गए वाक्य में उचित कर्ता पद का चयन करें: '.....पठन्ति।'
Explanation: बहुवचन कर्ता 'छात्राः' क्रिया 'पठन्ति' (पढ़ते हैं) के साथ उपयुक्त है।
Q2. अनुच्छेद से कर्ता पद चुनें: 'वृक्षे अनेके खगाः वसन्ति।'
Explanation: 'खगाः' (पक्षी) कर्ता पद है क्योंकि वे 'वसन्ति' (रहते हैं) क्रिया को कर रहे हैं।
Q3. उदाहरण के अनुसार सार्थक पद बनाएँ: 'कः | शि | क्ष'
Explanation: दिए गए अक्षरों को मिलाकर सार्थक शब्द 'शिक्षकः' बनता है।
Q4. दिए गए वाक्य में उचित कर्ता पद का चयन करें: '.....वदतः।'
Explanation: द्विवचन कर्ता 'बालौ' क्रिया 'वदतः' (बोलते हैं) के साथ उपयुक्त है।
Frequently asked questions
कक्षा 9 के लिए 'अभ्यासवान् भव' पुस्तक के अध्याय 6 का क्या शीर्षक है?
कक्षा 9 के लिए 'अभ्यासवान् भव' पुस्तक के अध्याय 6 का शीर्षक 'कारकोपपदविभक्तिः' है।
यह NCERT समाधान किस कक्षा और विषय के लिए है?
यह NCERT समाधान कक्षा 9 के हिंदी विषय के लिए है।
इस अध्याय में मुख्य रूप से किन व्याकरणिक अवधारणाओं को शामिल किया गया है?
इस अध्याय में मुख्य रूप से कारक, उपपद विभक्ति, कर्ता कारक की पहचान, और शब्द रचना जैसी व्याकरणिक अवधारणाओं को शामिल किया गया है।
क्या इन समाधानों में प्रश्नों के उत्तर विस्तार से दिए गए हैं?
हाँ, इन समाधानों में प्रत्येक प्रश्न के उत्तर को स्पष्टीकरण के साथ विस्तार से समझाया गया है ताकि छात्र अवधारणाओं को अच्छी तरह समझ सकें।
ये समाधान छात्रों को परीक्षा की तैयारी में कैसे मदद कर सकते हैं?
ये समाधान छात्रों को अध्याय की महत्वपूर्ण अवधारणाओं को समझने, अभ्यास करने और अपनी व्याकरणिक सटीकता में सुधार करने में मदद करके परीक्षा की तैयारी में सहायता करते हैं।
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