कक्षा 8 हिंदी NCERT समाधान: पाठ 13 - अन्याय के खिलाफ

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यह पृष्ठ कक्षा 8 हिंदी की पुस्तक के पाठ 13, 'अन्याय के खिलाफ' के लिए विस्तृत NCERT समाधान प्रस्तुत करता है। यह पाठ आंध्र के घने जंगलों में रहने वाले कोया आदिवासियों के अंग्रेज़ों के खिलाफ़ संघर्ष की कहानी बताता है। समाधानों में आदिवासियों पर हुए अत्याचार, श्री राम राजू के नेतृत्व, उनके विद्रोह के तरीकों और इस संघर्ष को स्वतंत्रता संग्राम का हिस्सा क्यों माना जाना चाहिए, जैसे महत्वपूर्ण बिंदुओं पर प्रकाश डाला गया है। इसमें तहसीलदार बेस्टियन के कथनों की समीक्षा, श्री राम राजू के बलिदान का प्रभाव, मुहावरों का प्रयोग, वचन बदलना और भाववाचक संज्ञा से विशेषण बनाना जैसे अभ्यास भी शामिल हैं। ये समाधान छात्रों को पाठ की गहरी समझ विकसित करने और परीक्षा की तैयारी में सहायता करने के लिए डिज़ाइन किए गए हैं।

Quick info

BoardCBSE
ClassClass 8
Subjectहिंदी
Session2026
LanguageHindi
TypeNCERT Solutions
Chapterपाठ 13 - अन्याय के खिलाफ (कहानी)

Chapter summary

कक्षा 8 हिंदी के पाठ 13 'अन्याय के खिलाफ' के ये NCERT समाधान कोया आदिवासियों के अंग्रेज़ों के विरुद्ध किए गए ऐतिहासिक संघर्ष पर केंद्रित हैं। समाधान पाठ के मुख्य पात्रों, घटनाओं और उनके द्वारा उठाए गए कदमों का विस्तृत विश्लेषण प्रदान करते हैं। इसमें आदिवासियों के शोषण, श्री राम राजू के नेतृत्व में उनके विद्रोह, और उनके द्वारा अपनाई गई रणनीतियों की व्याख्या की गई है। साथ ही, यह पाठ के व्याकरणिक अभ्यासों, जैसे मुहावरों का प्रयोग, वचन परिवर्तन और संज्ञा से विशेषण बनाने पर भी मार्गदर्शन प्रदान करता है।

Learning outcomes

  • आदिवासियों के अंग्रेज़ों के खिलाफ़ संघर्ष के कारणों और तरीकों को समझना।
  • श्री राम राजू के नेतृत्व और बलिदान के महत्व का विश्लेषण करना।
  • आदिवासियों के विद्रोह को स्वतंत्रता संग्राम के संदर्भ में देखना।
  • पाठ में प्रयुक्त मुहावरों के अर्थ और प्रयोग को समझना।
  • वचन बदलने और भाववाचक संज्ञा से विशेषण बनाने के व्याकरणिक नियमों का अभ्यास करना।

Topics covered

Paper topics

  • आदिवासियों का संघर्ष
  • श्री राम राजू का नेतृत्व
  • अंग्रेज़ों का अत्याचार
  • स्वतंत्रता संग्राम में आदिवासियों की भूमिका
  • विद्रोह की रणनीतियाँ
  • मुहावरों का प्रयोग
  • वचन बदलना
  • भाववाचक संज्ञा से विशेषण बनाना

Important topics

  • आदिवासियों का अंग्रेज़ों के खिलाफ संघर्ष
  • श्री राम राजू का बलिदान और उसका प्रभाव
  • विद्रोह को स्वतंत्रता संग्राम का हिस्सा क्यों मानें
  • मुहावरों का अर्थ और प्रयोग

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Questions and Solutions

1. पाठ से

(क) आंध्र के घने जंगलों में रहने वाले आदिवासियों के बीच अपना हक जमाने के लिए अंग्रेज़ों ने क्या किया?
Solution:

आंध्र के घने जंगलों में रहने वाले कोया आदिवासियों पर अपना प्रभुत्व स्थापित करने के उद्देश्य से, अंग्रेज़ों ने उनके जीवन की मूलभूत आवश्यकताओं, जैसे राशन और पानी, के आवागमन के रास्तों को अवरुद्ध कर दिया। इस नाकेबंदी के कारण आदिवासियों को भुखमरी का सामना करना पड़ा, जिसके परिणामस्वरूप उन्हें अंग्रेज़ों की मांगों के आगे झुकना पड़ा।

(ख) श्री राम राजु कौन था? उसने अंग्रेज़ों के सामने आत्मसमर्पण क्यों किया?
Solution:

श्री राम राजू एक ऐसे व्यक्ति थे जिन्होंने हाई स्कूल की पढ़ाई पूरी करने के बाद 18 वर्ष की आयु में साधु का जीवन अपना लिया था। उन्होंने कोया आदिवासियों को अंग्रेज़ों के बढ़ते अत्याचार के विरुद्ध आवाज़ उठाने के लिए प्रेरित किया, जिस कारण आदिवासी उन्हें अपना नेता मानने लगे थे। जब अंग्रेज़ों ने कोया आदिवासियों का राशन और पानी रोक दिया, जिससे उन पर विपत्ति आ गई, तब श्री राम राजू ने अपने लोगों की इस असहनीय पीड़ा को समाप्त करने के उद्देश्य से अंग्रेज़ों के सामने आत्मसमर्पण कर दिया।

(ग) अंग्रेज़ों से लड़ने के लिए कोया आदिवासी क्या-क्या करते थे?
Solution:

अंग्रेज़ों का सामना करने के लिए, कोया आदिवासी संकरी पगडंडियों के आसपास घने जंगलों में छिपकर रहते थे। जब अंग्रेज़ी सेना इन पगडंडियों से गुजरती थी, तो वे पहले भारतीय सैनिकों को जाने देते थे। इसके बाद, जैसे ही कोई अंग्रेज़ी सारजेन्ट या कैप्टन पास आता, तो वे उस पर अचानक हमला करके उसे मार देते थे। इसके अतिरिक्त, वे पुलिस चौकियों या सेना के ठिकानों पर भी हमला करते थे, उनके हथियार लूट लेते थे और फिर सुरक्षित जंगल में भाग जाते थे।

(घ) कोया आदिवासियों के विद्रोह को स्वतंत्रता संग्राम क्यों कहना चाहिए?
Solution:

किसी भी राष्ट्र की पराधीनता के विरुद्ध किए गए संघर्ष को स्वतंत्रता संग्राम कहा जाता है। इस संदर्भ में, कोया आदिवासियों का विद्रोह भी स्वतंत्रता संग्राम का एक हिस्सा माना जा सकता है। अंग्रेज़ों द्वारा आदिवासियों से बिना मजदूरी के सड़क बनवाने का कार्य एक प्रकार का अत्याचार था, और इस अत्याचार के विरुद्ध उनका संघर्ष अपनी स्वतंत्रता और अधिकारों की रक्षा के लिए था, इसलिए इसे स्वतंत्रता संग्राम कहना उचित है।

4. क्या ठीक होगा?

(i) "दो दिन में जंगल में सड़क बनाने का काम शुरू होगा। तुम सब लोगों को इस काम पर पहुँचना है। अगर नहीं पहुँचे तो ठीक नहीं होगा।"

(ii) "काम करेंगे तो बदले में क्या मिलेगा।"

ऊपर के कथनों में पहला कथन तहसीलदार बेस्टियन का है जो आदिवासियों के गाँवों मे जाकर चिल्ला-चिल्लाकर बोला था और दूसरा कथन आदिवासियों में से किसी का है जो तहसीलदार से पूछना चाहा था। अब तुम सोचकर बताओ कि-

(क) तुम्हारे विचार से बेस्टियन का कथन ठीक होगा? (ख) आदिवासियों में से किसी के द्वारा कहा गया वह कथन कैसा है? तुम्हारे विचार से क्या ठीक होगा? (संकेत :- तुम अपनी पसंद के कथन को अपने ढंग से लिख सकते हो)
Solution:

(क) नहीं, मेरे विचार से तहसीलदार बेस्टियन का कथन बिल्कुल भी उचित नहीं था। यह कथन आदिवासियों पर ज़बरदस्ती थोपा गया था और एक प्रकार का अत्याचार था, क्योंकि इसमें उनकी इच्छा या सहमति का कोई स्थान नहीं था और न ही काम के बदले किसी पारिश्रमिक का उल्लेख था।

(ख) आदिवासियों में से किसी के द्वारा कहा गया कथन, "काम करेंगे तो बदले में क्या मिलेगा।", बिल्कुल सही और न्यायसंगत था। यह कथन उनकी मेहनत के बदले उचित मुआवज़े की मांग को दर्शाता है। कोई भी व्यक्ति तभी परिश्रम करेगा जब उसे उसके काम का सही मेहनताना मिले, जिससे उसकी आजीविका चल सके। यह उनकी बुनियादी ज़रूरत और अधिकार की ओर इशारा करता है।

6. तुम्हारे विचार से

(क) राजू हाई स्कूल तक पढ़ाई करने के बाद जंगलों में रहने क्यों आया होगा?
Solution:

यह संभव है कि श्री राम राजू ने हाई स्कूल तक पढ़ाई करने के बाद संसार में व्याप्त भ्रष्टाचार, अन्याय और स्वार्थ से दुखी होकर एकांतवास चुना हो। समाज की बुराइयों से दूर रहने और एक आध्यात्मिक जीवन जीने की इच्छा से वे साधु बन गए और जंगलों में रहने लगे। साथ ही, अंग्रेज़ों के बढ़ते अत्याचार के प्रति उनके मन में विद्रोह की भावना भी रही होगी, जिसने उन्हें आदिवासियों के बीच आकर उनका नेतृत्व करने के लिए प्रेरित किया।

(ख) राजू के शहीद होने का आदिवासियों के आंदोलन पर क्या असर हुआ होगा?
Solution:

श्री राम राजू के शहीद होने से आदिवासियों के आंदोलन पर गहरा नकारात्मक प्रभाव पड़ा होगा। उनके प्रिय नेता के बलिदान से आदिवासियों का मनोबल टूट गया होगा और वे हतोत्साहित हो गए होंगे। संभवतः, वे अंग्रेज़ों के सामने हिम्मत हार गए और उनकी गुलामी स्वीकार करने लगे, जिससे उनका संगठित आंदोलन कमजोर पड़ गया या समाप्त हो गया।

8. मुहावरे

नीचे लिखे वाक्यों में मुहावरों का प्रयोग किया गया है। इन्हीं मुहावरों का प्रयोग करते हुए तुम कुछ नए वाक्य बनाओ।

(क) एक सिपाही ने उसका काम तमाम कर दिया। (ख) आदिवासियों की हिम्मत जवाब देने लगी। (ग) अंग्रेज़ों ने अपने दांतों तले उँगली दबा ली। (घ) किसी को कानो-कान खबर न हो। (ङ) अंग्रेज़ सरकार के छक्के छूट गए। (च) अंग्रेज़ों के होश उड़ गए। (छ) भारतीय सैनिकों का बाल बाँका न होने पाए।
Solution:

(क) युद्ध के मैदान में वीर सैनिक ने दुश्मन के कई सैनिकों का काम तमाम कर दिया।

(ख) लगातार असफलताओं के बाद, टीम की हिम्मत जवाब देने लगी और वे खेल हारने लगे।

(ग) जब कारीगर ने इतनी बारीकी से तैयार की गई मूर्ति दिखाई, तो सभी देखने वाले दांतों तले उँगली दबाए रह गए।

(घ) चोर इतनी चतुराई से घर में घुसा और कीमती सामान ले गया कि किसी को कानों-कान खबर न हुई।

(ङ) अचानक हुए हमले से दुश्मन सेना के छक्के छूट गए और वे मैदान छोड़कर भाग खड़े हुए।

(च) जैसे ही पुलिस ने चोर को रंगे हाथों पकड़ा, उसके होश उड़ गए और वह कांपने लगा।

(छ) हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि इस नाजुक मिशन के दौरान हमारे किसी भी सैनिक का बाल भी बाँका न हो पाए।

10. वचन बदलो

(क) सिपाही ने राजू पर गोली चलाई।

(ख) उगी हुई फसल को जलाया जाने लगा।

(ग) आदिवासी की हिम्मत जवाब दे गई।

(घ) आगे से यह सवाल मत पूछना।

Solution:

(क) सिपाहियों ने राजू पर गोलियाँ चलाईं।

(ख) उगी हुई फसलों को जलाया जाने लगा।

(ग) आदिवासियों की हिम्मत जवाब दे गई।

(घ) आगे से ये सवाल मत पूछना।

11. समझकर रूप बदलो

भाववाचक संज्ञा से विशेषण बनाओ।

घमंड हिम्मत साहस स्वार्थ अत्याचार विद्रोह

Solution:

घमंड - घमंडी

हिम्मत - हिम्मती

साहस - साहसी

स्वार्थ - स्वार्थी

अत्याचार - अत्याचारी

विद्रोह - विद्रोही

Common mistakes

  • आदिवासियों के विद्रोह को केवल स्थानीय विरोध मान लेना, राष्ट्रीय स्वतंत्रता संग्राम से न जोड़ पाना।
  • मुहावरों के अर्थ को समझे बिना उनका प्रयोग करना।
  • वचन बदलने में संज्ञा और क्रिया के सही रूप का प्रयोग न कर पाना।
  • भाववाचक संज्ञा और विशेषण के बीच अंतर स्पष्ट न कर पाना।

Revision tips

  • पाठ के मुख्य पात्रों, विशेषकर श्री राम राजू और कोया आदिवासियों के संघर्ष को याद करें।
  • आदिवासियों द्वारा अपनाई गई युद्ध रणनीतियों पर ध्यान केंद्रित करें।
  • मुहावरों के अर्थ को समझें और उन्हें अपने वाक्यों में प्रयोग करने का अभ्यास करें।
  • व्याकरण के अभ्यासों (वचन, संज्ञा से विशेषण) को हल करने का अभ्यास करें।

Practice MCQs

Q1. आंध्र के घने जंगलों में रहने वाले कोया आदिवासियों पर अंग्रेज़ों ने अपना हक जमाने के लिए क्या किया?

Q2. श्री राम राजू ने कोया आदिवासियों को किस बात के लिए प्रेरित किया?

Q3. कोया आदिवासी अंग्रेज़ों से लड़ने के लिए किस प्रकार की रणनीति अपनाते थे?

Q4. पाठ के अनुसार, कोया आदिवासियों के विद्रोह को स्वतंत्रता संग्राम क्यों कहा जा सकता है?

Q5. जब तहसीलदार बेस्टियन ने आदिवासियों से दो दिन में जंगल में सड़क बनाने को कहा, तो यह कैसा कथन था?

Frequently asked questions

कक्षा 8 हिंदी पाठ 13 'अन्याय के खिलाफ' में मुख्य रूप से किस विषय पर चर्चा की गई है?

इस पाठ में आंध्र के कोया आदिवासियों के अंग्रेज़ों के खिलाफ़ संघर्ष की कहानी बताई गई है, जिसमें श्री राम राजू के नेतृत्व और उनके बलिदान का भी वर्णन है।

श्री राम राजू कौन थे और उन्होंने आत्मसमर्पण क्यों किया?

श्री राम राजू एक साधु थे जिन्होंने कोया आदिवासियों को अंग्रेज़ों के अत्याचार के खिलाफ लड़ने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने अपने लोगों की तकलीफें समाप्त करने के लिए अंग्रेज़ों के सामने आत्मसमर्पण किया।

क्या आदिवासियों के विद्रोह को स्वतंत्रता संग्राम का हिस्सा माना जा सकता है?

हाँ, क्योंकि यह अंग्रेज़ों द्वारा किए जा रहे अत्याचार और जबरदस्ती के विरुद्ध एक संघर्ष था, जो पराधीनता के विरुद्ध लड़ाई का ही एक रूप है।

इस पाठ के व्याकरणिक अभ्यासों में क्या शामिल है?

इस पाठ में मुहावरों का प्रयोग करके नए वाक्य बनाना, वचन बदलना और भाववाचक संज्ञा से विशेषण बनाना जैसे व्याकरणिक अभ्यास शामिल हैं।

ये NCERT समाधान छात्रों की परीक्षा तैयारी में कैसे मदद करेंगे?

ये समाधान पाठ की गहरी समझ प्रदान करते हैं, मुख्य अवधारणाओं को स्पष्ट करते हैं, और व्याकरणिक अभ्यासों के माध्यम से भाषा कौशल को मजबूत करते हैं, जो परीक्षा में अच्छे अंक लाने में सहायक है।

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