कक्षा 8 हिंदी NCERT समाधान: पाठ 12 - आषाढ़ का पहला दिन (कविता)

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यह पृष्ठ कक्षा 8 हिंदी की पुस्तक के पाठ 12, 'आषाढ़ का पहला दिन' कविता के लिए विस्तृत NCERT समाधान प्रस्तुत करता है। इन समाधानों में कविता के मुख्य भावों, जैसे कि किसान का वर्षा के लिए इंतजार, वर्षा के महत्व और प्रकृति के चक्र पर प्रकाश डाला गया है। इसमें अभ्यास के प्रश्नों के उत्तर शामिल हैं जो छात्रों को कविता की गहरी समझ विकसित करने में मदद करते हैं। समाधानों में यह भी बताया गया है कि वर्षा न होने, अत्यधिक वर्षा होने, या कम वर्षा होने पर क्या प्रभाव पड़ सकता है। इसके अतिरिक्त, यह खंड शब्दों के बदलते रूपों का अभ्यास भी कराता है, जिससे छात्रों की भाषा पर पकड़ मजबूत होती है। ये समाधान छात्रों को परीक्षा की तैयारी में सहायता करने के लिए एक उत्कृष्ट संसाधन हैं, जो उन्हें कविता के अर्थ और संबंधित व्याकरणिक अवधारणाओं को स्पष्ट करने में मदद करते हैं।

Quick info

BoardCBSE
ClassClass 8
Subjectहिंदी
Session2026
LanguageHindi
TypeNCERT Solutions
Chapterपाठ 12 - आषाढ़ का पहला दिन (कविता)

Chapter summary

कक्षा 8 हिंदी के पाठ 12 'आषाढ़ का पहला दिन' के लिए NCERT समाधानों का यह संग्रह कविता के केंद्रीय विषयों की पड़ताल करता है। इसमें किसान के लिए वर्षा के महत्व, कवि की किसान के प्रति संवेदना और चातक पक्षी से की गई तुलना जैसे काव्यात्मक तत्वों की व्याख्या की गई है। समाधान छात्रों को वर्षा की कमी या अधिकता के पर्यावरणीय और सामाजिक प्रभावों पर विचार करने के लिए प्रोत्साहित करते हैं। साथ ही, यह शब्दों के विभिन्न रूपों को पहचानने और प्रयोग करने का अभ्यास भी प्रदान करता है, जो भाषा कौशल को बढ़ाता है।

Learning outcomes

  • किसान के लिए वर्षा के महत्व को समझना।
  • कवि की भावनाओं और किसान के प्रति उसकी सहानुभूति को पहचानना।
  • चातक पक्षी और किसान के बीच की तुलना का विश्लेषण करना।
  • वर्षा की कमी या अधिकता के प्रभावों का वर्णन करना।
  • शब्दों के विभिन्न रूपों (प्रेरणार्थक क्रियाएँ) का प्रयोग करना सीखना।

Topics covered

Paper topics

  • किसान और वर्षा का संबंध
  • वर्षा का महत्व
  • प्रकृति का चक्र
  • कवि की संवेदना
  • चातक पक्षी का प्रतीक
  • सूखा और बाढ़ के प्रभाव
  • पर्यावरणीय संतुलन
  • शब्दों के बदलते रूप (प्रेरणार्थक क्रियाएँ)
  • कविता का भावार्थ
  • भाषा और साहित्य

Important topics

  • किसान और वर्षा का संबंध
  • वर्षा का महत्व और प्रभाव
  • चातक पक्षी से तुलना का अर्थ
  • शब्दों के प्रेरणार्थक रूप

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Questions and Solutions

प्रश्न 1

(क) किसान को बादलों का इंतजार क्यों रहता है?
Solution: किसान को बादलों का बेसब्री से इंतज़ार रहता है क्योंकि बादल ही वर्षा लाते हैं। यह वर्षा किसान के खेतों को सींचती है, जिससे उसकी फसलें पनपती हैं और उसे अनाज प्राप्त होता है। वर्षा के बिना खेती संभव नहीं है, इसलिए किसान बादलों को जीवनदाता के रूप में देखता है।

प्रश्न 1

(ख) कवि को वर्षा होने पर किसान की याद क्यों आती है?
Solution: कवि को वर्षा होने पर किसान की याद इसलिए आती है क्योंकि वह जानता है कि किसान की कड़ी मेहनत और उसकी भूमि पर उगाई गई फसलें ही हम सभी मनुष्यों के लिए भोजन का स्रोत हैं। वर्षा किसान के जीवन और उसके श्रम का आधार है, जो अंततः समाज के भरण-पोषण में योगदान देता है।

प्रश्न 1

(ग) कवि ने किसान की तुलना चातक पक्षी से क्यों की है?
Solution: कवि ने किसान की तुलना चातक पक्षी से इसलिए की है क्योंकि चातक पक्षी केवल स्वाति नक्षत्र की वर्षा की बूँद का ही प्यासा रहता है, अन्यथा वह प्यासा ही रह जाता है। इसी प्रकार, किसान भी अपनी धरती की प्यास बुझाने के लिए पूरी तरह से वर्षा पर निर्भर रहता है और उसी का बेसब्री से इंतज़ार करता है। दोनों ही प्रकृति के एक विशेष तत्व (वर्षा) के आगमन के लिए आतुर रहते हैं।

प्रश्न 4

(क) अगर वर्षा बिल्कुल ही न हो।
Solution: यदि वर्षा बिल्कुल न हो, तो भयंकर सूखा पड़ जाएगा। नदियाँ, तालाब और कुएँ सूख जाएँगे। धरती की सतह फट जाएगी और बंजर हो जाएगी। खेती पूरी तरह से असंभव हो जाएगी, जिससे अनाज की भारी कमी हो जाएगी और भुखमरी की स्थिति उत्पन्न हो सकती है।

प्रश्न 4

(ख) अगर वर्षा बहुत अधिक हो।
Solution: यदि वर्षा बहुत अधिक मात्रा में हो, तो बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हो जाएगी। नदियाँ अपने किनारों को तोड़कर आसपास के इलाकों में फैल जाएँगी। इससे घरों, खेतों और सड़कों को भारी नुकसान पहुँचेगा। बाढ़ में जान-माल दोनों की हानि होने की प्रबल आशंका रहती है।

प्रश्न 4

(ग) अगर वर्षा बहुत ही कम हो।
Solution: यदि वर्षा बहुत कम होती है, तो वातावरण में गर्मी और उमस बनी रहेगी। इससे पर्यावरण का संतुलन बिगड़ सकता है। फसलों का उत्पादन भी प्रभावित होगा और अच्छी गुणवत्ता का अनाज प्राप्त नहीं होगा। कुछ क्षेत्रों में पानी की कमी की समस्या बनी रह सकती है।

प्रश्न 4

(घ) वर्षा हो मगर आँधी-तूफान के साथ हो।
Solution: यदि वर्षा आँधी और तूफान के साथ हो, तो यह स्थिति काफी विनाशकारी हो सकती है। तेज हवाओं से पेड़ उखड़ सकते हैं, मकानों की छतें उड़ सकती हैं और बिजली के खंभे गिर सकते हैं। इस प्रकार की वर्षा से भी जान-माल दोनों की हानि होने का खतरा बढ़ जाता है।

प्रश्न 7

नीचे शब्दों के बदलते रूप को दर्शाने वाला नमूना दिया गया है। उसे देखो और अपनी सुविधानुसार तुम भी दिए गए शब्दों को बदलो।

नमूना – गिरना – गिराना – गिरवाना

उठना _____ . . . . . . . . . . . . . . . . . . . पढ़ना . . . . . . . . . . . . . . . . . . . . ..... करना . . . . . . . . . . . . . . . . . . . . . . . . . . . . . . . . . . . . . . . . फहरना . . . . . . . . . . . . . . . . . . . . ..... सुनना ----- . . . . . . . . . . . . . . . . . . . .

Solution: यह अभ्यास शब्दों के प्रेरणार्थक रूपों को समझने के लिए है, जहाँ कर्ता स्वयं कार्य न करके किसी और से कार्य करवाता है। नमूने के अनुसार, दिए गए शब्दों के प्रेरणार्थक रूप इस प्रकार हैं:

उठना – उठाना – उठवाना

पढ़ना – पढ़ाना – पढ़वाना

करना – कराना – करवाना

फहरना – फहराना – फहरवाना

सुनना – सुनाना – सुनवाना

Common mistakes

  • वर्षा के महत्व को केवल कृषि तक सीमित समझना।
  • कवि की भावनाओं को ठीक से न समझ पाना।
  • शब्दों के बदलते रूपों को पहचानने या बनाने में त्रुटि करना।
  • वर्षा के विभिन्न परिदृश्यों के प्रभावों को सतही तौर पर समझना।

Revision tips

  • कविता को कई बार पढ़ें और मुख्य पंक्तियों को रेखांकित करें।
  • प्रत्येक प्रश्न के उत्तर को अपने शब्दों में लिखने का अभ्यास करें।
  • वर्षा के विभिन्न परिदृश्यों (कम, ज्यादा, बिल्कुल नहीं) के प्रभावों पर विचार-मंथन करें।
  • शब्दों के बदलते रूपों वाले अभ्यास को दोहराएं और नए शब्द बनाने का प्रयास करें।

Practice MCQs

Q1. किसान को बादलों का इंतज़ार क्यों रहता है?

Q2. कवि को वर्षा के समय किसान की याद क्यों आती है?

Q3. कवि ने किसान की तुलना चातक पक्षी से क्यों की है?

Q4. अगर वर्षा बिल्कुल न हो तो क्या होगा?

Q5. अत्यधिक वर्षा होने पर क्या स्थिति उत्पन्न हो सकती है?

Q6. दिए गए शब्दों में से 'पढ़ना' का प्रेरणार्थक रूप क्या है?

Frequently asked questions

कक्षा 8 हिंदी के पाठ 12 'आषाढ़ का पहला दिन' में मुख्य रूप से क्या सिखाया गया है?

इस पाठ में किसान के लिए वर्षा के महत्व, वर्षा न होने या अधिक होने के प्रभावों और कवि की किसान के प्रति संवेदना को समझाया गया है। इसमें शब्दों के बदलते रूपों का अभ्यास भी शामिल है।

किसान को बादलों का इंतज़ार क्यों रहता है?

किसान को बादलों का इंतज़ार इसलिए रहता है क्योंकि बादल पानी बरसाते हैं, जिससे उसके खेत सींचे जाते हैं और फसलें उगती हैं।

वर्षा की कमी या अधिकता के क्या परिणाम हो सकते हैं?

वर्षा की कमी से सूखा पड़ सकता है, जिससे खेती नहीं होती और पानी की किल्लत हो जाती है। वहीं, अत्यधिक वर्षा से बाढ़ आ सकती है, जिससे जान-माल का नुकसान होता है।

क्या ये समाधान परीक्षा की तैयारी में मदद करेंगे?

हाँ, ये समाधान कविता के हर प्रश्न का विस्तृत उत्तर प्रदान करते हैं और भाषा अभ्यास भी शामिल करते हैं, जो परीक्षा की तैयारी के लिए बहुत उपयोगी हैं।

पाठ में 'प्रेरणार्थक क्रिया' का क्या अर्थ है?

प्रेरणार्थक क्रिया वह होती है जिसमें कर्ता स्वयं कार्य न करके किसी और से कार्य करवाता है। जैसे 'पढ़ना' से 'पढ़ा' (किसी को पढ़ाना) और 'पढ़वाना' (किसी से पढ़वाना)।

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