कक्षा 8 संस्कृत NCERT समाधान: अध्याय 9 सप्तभगिन्यः
यह पृष्ठ कक्षा 8 संस्कृत के अध्याय 9, 'सप्तभगिन्यः' के लिए विस्तृत NCERT समाधान प्रस्तुत करता है। यह अध्याय भारत के पूर्वोत्तर राज्यों के एक समूह को संदर्भित करता है, जिन्हें 'सात बहनें' कहा जाता है। समाधानों में इन राज्यों की भौगोलिक, सांस्कृतिक और आर्थिक विशेषताओं पर प्रकाश डाला गया है, जिसमें उनकी अनूठी परंपराएं, प्राकृतिक संसाधन और प्रमुख उद्योग जैसे बाँस उद्योग शामिल हैं। छात्रों को उच्चारण अभ्यास, एक-पद उत्तर, प्रकृति-प्रत्यय विश्लेषण, तद्भव-तत्सम शब्द मिलान, भिन्न-भिन्न पद छाँटना, क्रिया-विशेषण मिलान और विशेषण-विशेष्य संयोजन जैसे विभिन्न अभ्यासों के माध्यम से अवधारणाओं को समझने में मदद करने के लिए डिज़ाइन किया गया है। ये समाधान छात्रों को परीक्षा की तैयारी में मदद करने के लिए एक व्यापक मार्गदर्शिका प्रदान करते हैं।
Quick info
| Board | CBSE |
|---|---|
| Class | Class 8 |
| Subject | संस्कृत |
| Session | 2026 |
| Language | Hindi |
| Type | NCERT Solutions |
| Chapter | 9. सप्तभगिन्यः |
Chapter summary
कक्षा 8 संस्कृत के अध्याय 9 'सप्तभगिन्यः' के लिए NCERT समाधान पूर्वोत्तर भारत के सात राज्यों के एक समूह पर केंद्रित हैं। यह अध्याय इन राज्यों की अनूठी पहचान, उनकी सांस्कृतिक विविधता, प्राकृतिक संपदा और आर्थिक गतिविधियों, विशेष रूप से बाँस उद्योग पर प्रकाश डालता है। समाधानों में छात्रों को शब्दावली, व्याकरणिक संरचनाओं और पाठ की समझ को मजबूत करने में मदद करने के लिए विभिन्न प्रकार के अभ्यास शामिल हैं, जैसे कि उच्चारण, एक-शब्द उत्तर, प्रकृति-प्रत्यय विभाजन, तद्भव-तत्सम मिलान, भिन्न पद पहचान, क्रिया-विशेषण रिक्त स्थान भरना और विशेषण-विशेष्य मिलान।
Learning outcomes
- पूर्वोत्तर भारत के 'सप्तभगिन्यः' क्षेत्र की भौगोलिक और सांस्कृतिक विशेषताओं को समझना।
- संस्कृत व्याकरण के विभिन्न पहलुओं, जैसे प्रकृति-प्रत्यय, तद्भव-तत्सम, विशेषण-विशेष्य का अभ्यास करना।
- पाठ में प्रयुक्त क्रिया-पदों और उनके उचित प्रयोगों को पहचानना।
- दिए गए पाठ के आधार पर विभिन्न प्रकार के प्रश्नों के उत्तर देने की क्षमता विकसित करना।
- संस्कृत भाषा में शब्दावली और वाक्य संरचना की समझ को बढ़ाना।
Topics covered
Paper topics
- सप्तभगिन्यः (पूर्वोत्तर राज्य)
- संस्कृत उच्चारण अभ्यास
- एक-पद उत्तर प्रश्न
- प्रकृति और प्रत्यय
- तद्भव और तत्सम शब्द
- भिन्न प्रकृति वाले पद
- क्रिया-पदों का प्रयोग
- विशेषण और विशेष्य का मेल
- बाँस उद्योग का महत्व
- भारतीय राज्यों की विविधता
- संस्कृत व्याकरण अभ्यास
- पाठ आधारित प्रश्नोत्तर
Important topics
- सप्तभगिन्यः की पहचान और विशेषताएँ
- प्रकृति-प्रत्यय विभाग
- विशेषण-विशेष्य का उचित मेल
- क्रिया-पदों का सही प्रयोग
- तद्भव-तत्सम शब्दों का ज्ञान
- पाठ के मुख्य विचारों को समझना
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Questions and Solutions
प्रश्न 1: उच्चारणं कुरुत (उच्चारण कीजिए)
यह प्रश्न छात्रों को पाठ में आए कठिन संस्कृत शब्दों का सही उच्चारण सीखने के लिए प्रोत्साहित करता है। छात्रों को इन शब्दों को स्वयं जोर से बोलकर अभ्यास करना चाहिए। उदाहरण के लिए:
- सुप्रभातम् (suprabhātam)
- महत्त्वाधायिनी (mahattvaadhāyinī)
- पर्वपरम्पराभि: (parvaparamparebhi:)
- चतुर्विंशति: (chaturviṃśati:)
- द्विसप्ततितमे (dvisaptatitame)
- वंशवृक्षनिर्मितानाम् (vaṃśavṛkṣanirmitānām)
- सप्तभगिन्य: (saptabhaginya:)
- प्राकृतिकसम्पद्भिः (prākṛtikasaṃpadbhi:)
- वंशोद्योगोऽयम् (vaṃśodyogo'yam)
- गुणगौरवदृष्ट्या (guṇagauravadṛṣṭyā)
- पुष्पस्तबकसदृशानि (puṣpastabakasādṛśāni)
- अन्ताराष्ट्रियख्यातिम् (antarāṣṭriyakhyātim)
सही उच्चारण के लिए शिक्षक की सहायता ली जा सकती है या पाठ को सुनकर अभ्यास किया जा सकता है।
प्रश्न 2: प्रश्नों के उत्तर एक पद में लिखिए
- (क) अस्माकं देशे कति राज्यानि सन्ति?
- (ख) प्राचीनेतिहासे का: स्वाधीना: आसन्?
- (ग) केषां समवाय: 'सप्तभगिन्य:' इति कथ्यते?
- (घ) अस्माकं देशे कति केन्द्रशासितप्रदेशाः सन्ति?
- (ङ) सप्तभगिनी-प्रदेशे क: उद्योग: सर्वप्रमुख:?
इन प्रश्नों के उत्तर पाठ के आधार पर एक शब्द में देने हैं:
- (क) हमारे देश में कितने राज्य हैं? उत्तर:
अष्टाविंशतिः (अट्ठाईस)
- (ख) प्राचीन इतिहास में कौन स्वतंत्र थे? उत्तर:
सप्तभगिन्यः (सात बहनें - पूर्वोत्तर राज्य)
- (ग) किसका समूह 'सप्तभगिन्यः' कहलाता है? उत्तर:
सप्तराज्यानाम् (सात राज्यों का)
- (घ) हमारे देश में कितने केंद्र शासित प्रदेश हैं? उत्तर:
सप्त (सात)
- (ङ) सप्तभगिनी प्रदेश में कौन सा उद्योग सबसे प्रमुख है? उत्तर:
वंशोद्योगः या वंश-उद्योगः (बाँस उद्योग)
प्रश्न 3: निम्नलिखित पदों के प्रकृति-प्रत्ययों का विभाग कीजिए
इस प्रश्न में दिए गए क्रिया शब्दों को उनके मूल धातु (प्रकृति) और प्रत्यय में विभाजित करना है। 'तुमुन्' प्रत्यय का प्रयोग क्रिया के 'के लिए' अर्थ को व्यक्त करने के लिए होता है।
- गन्तुम् (gantum) -
गम् + तुमुन् (gam + tumun)
- ज्ञातुम् (jñātum) -
ज्ञा + तुमुन् (jñā + tumun)
- ग्रहीतुम् (grahiitum) -
ग्रह् + तुमुन् (grah + tumun)
- पातुम् (pātum) -
पा + तुमुन् (pā + tumun)
- श्रोतुम् (śrotum) -
श्रु + तुमुन् (śru + tumun)
- भ्रमितुम् (bhramitum) -
भ्रम् + तुमुन् (bhram + tumun)
प्रश्न 4: तद्भव पदों के लिए पाठ से चुनकर संस्कृत पद लिखिए
इस अभ्यास में, हमें हिंदी या सामान्य बोलचाल के तद्भव शब्दों के संस्कृत समकक्ष पाठ से खोजने हैं।
| तद्भव-पदानि (Tadbhav Words) | संस्कृत-पदानि (Sanskrit Words) |
|---|---|
| सात (sāt) | सप्त (sapta) |
| बहिन (bahin) | भगिनी (bhaginī) |
| संगठन (saṃghaṭan) | सङ्घटनम् (saṅghaṭanam) |
| बाँस (bāṃs) | वंशम् (vaṃśam) |
| आज (āj) | अद्य (adya) |
| खेत (khet) | क्षेत्रम् (kṣetram) |
प्रश्न 5: भिन्न प्रकृति वाले पद चुनिए
- (क) गच्छति, पठित, धावित, अहसत्, क्रीडित।
- (ख) छात्र:, सेवक:, शिक्षक:, लेखिका, क्रीडक:।
- (ग) पत्रम्, मित्रम्, पुष्पम्, आम्रः, नक्षत्रम्।
- (घ) व्याघ्र:, भल्लूक:, गज:, कपोत:, वृषभ:, सिंह:।
- (ङ) पृथिवी, वसुन्धरा, धरित्री, यानम्, वसुधा।
इस प्रश्न में, हमें दिए गए शब्दों के समूह में से उस शब्द को चुनना है जो बाकी शब्दों से भिन्न है, या तो अर्थ में, व्याकरणिक रूप में या श्रेणी में।
- (क) गच्छति, पठित, धावित, क्रीडित ये क्रिया के विभिन्न रूप हैं, जबकि अहसत् (हँसा) एक विशिष्ट भूतकालिक क्रिया है जो अन्य रूपों से भिन्न है।
- (ख) छात्रः, सेवकः, शिक्षकः, क्रीडकः ये सभी पुल्लिंग शब्द हैं जो किसी पुरुष को दर्शाते हैं। लेखिका (lekhikā) स्त्रीलिंग शब्द है, जो एक महिला लेखक को दर्शाता है, इसलिए यह भिन्न है।
- (ग) पत्रम्, मित्रम्, पुष्पम्, नक्षत्रम् ये सभी नपुंसक लिंग शब्द हैं। आम्रः (āmraḥ) एक पुल्लिंग शब्द है (आम का पेड़), इसलिए यह भिन्न है।
- (घ) व्याघ्रः (बाघ), भल्लूकः (भालू), गजः (हाथी), वृषभः (बैल), सिंहः (शेर) ये सभी जंगली या पालतू पशुओं के नाम हैं। कपोतः (kapotaḥ) एक पक्षी (कबूतर) है, इसलिए यह भिन्न है।
- (ङ) पृथिवी, वसुन्धरा, धरित्री, वसुधा ये सभी 'पृथ्वी' के पर्यायवाची शब्द हैं। यानम् (yānam) का अर्थ 'वाहन' है, इसलिए यह भिन्न है।
प्रश्न 6: मञ्जूषा से क्रिया-पद चुनकर रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए
- (क) अयं प्रयोगः प्रतीकात्मकः .....।
- (ख) सप्त केन्द्रशासितप्रदेशा: """।
- (ग) अत्र बहव: जनजातीया: """"।
- (घ) अहं किमपि श्रोतुम् ....।
- (ङ) तत्र हस्तिशिल्पिनां बाहुल्यं .....।
- (च) सप्तभगिनीप्रदेशाः रम्याः हृद्याः च .....।
- (छ) गुणगौरवदृष्ट्या इमानि वृहत्तराणि .....।
दिए गए मञ्जूषा (शब्द-कोश) से उचित क्रिया-पद चुनकर रिक्त स्थानों को भरना है। कर्ता के वचन और लिंग के अनुसार क्रिया का प्रयोग किया जाएगा।
- (क) अयं प्रयोगः प्रतीकात्मकः वर्तते। (यह प्रयोग प्रतीकात्मक है। 'अयं प्रयोगः' एकवचन, पुं.लि. है, इसलिए 'वर्तते' उचित है।)
- (ख) सप्त केन्द्रशासितप्रदेशाः सन्ति। (सात केंद्र शासित प्रदेश हैं। 'सप्त प्रदेशाः' बहुवचन है, इसलिए 'सन्ति' उचित है।)
- (ग) अत्र बहवः जनजातीयाः निवसन्ति। (यहाँ बहुत सी जनजातियाँ निवास करती हैं। 'बहवः जनजातीयाः' बहुवचन है, इसलिए 'निवसन्ति' उचित है।)
- (घ) अहं किमपि श्रोतुम् इच्छामि। (मैं कुछ सुनना चाहता हूँ। 'अहं' उत्तम पुरुष एकवचन है, इसलिए 'इच्छामि' उचित है।)
- (ङ) तत्र हस्तशिल्पिनां बाहुल्यं अस्ति। (वहाँ हस्तशिल्प की बहुतायत है। 'बाहुल्यं' एकवचन है, इसलिए 'अस्ति' उचित है।)
- (च) सप्तभगिनीप्रदेशाः रम्याः हृद्याः च वर्तन्ते। (सप्तभगिनी प्रदेश रमणीय और हृदयस्पर्शी हैं। 'प्रदेशाः' बहुवचन है, इसलिए 'वर्तन्ते' उचित है।)
- (छ) गुणगौरवदृष्ट्या इमानि वृहत्तराणि प्रतीयन्ते। (गुण-गौरव की दृष्टि से ये बड़े प्रतीत होते हैं। 'इमानि' बहुवचन है, इसलिए 'प्रतीयन्ते' उचित है।)
प्रश्न 7: विशेष्य और विशेषण का सही मिलान कीजिए
इस प्रश्न में, हमें विशेष्य (संज्ञा या सर्वनाम) पदों का उनके उपयुक्त विशेषण (विशेषता बताने वाले शब्द) पदों से मिलान करना है। विशेषण और विशेष्य का लिंग, वचन और कारक समान होना चाहिए।
| विशेष्य-पदानि (Nouns/Pronouns) | विशेषण-पदानि (Adjectives) |
|---|---|
| अयम् प्रदेश: (यह प्रदेश) | संस्कृतिविशिष्टायाम् भारतभूमौ (संस्कृति विशिष्ट भारत भूमि में) |
| महत्त्वाधायिनी संस्कृति: (महत्वपूर्ण संस्कृति) | प्राचीने इतिहासे (प्राचीन इतिहास में) |
| एक: समवाय: (एक समूह) | अयम् (यह) |
महत्त्वाधायिनी (महत्वपूर्ण) |
|
प्राचीने (प्राचीन) |
|
एक: (एक) |
स्पष्टीकरण:
- 'अयम्' (यह) विशेषण है जो 'प्रदेश:' (प्रदेश) विशेष्य के साथ मेल खाता है।
- 'महत्त्वाधायिनी' (महत्वपूर्ण) विशेषण है जो 'संस्कृति:' (संस्कृति) विशेष्य के साथ मेल खाता है।
- 'प्राचीने' (प्राचीन) विशेषण है जो 'इतिहासे' (इतिहास में) विशेष्य के साथ मेल खाता है।
- 'एक:' (एक) विशेषण है जो 'समवाय:' (समूह) विशेष्य के साथ मेल खाता है।
- 'संस्कृतिविशिष्टायाम् भारतभूमौ' (संस्कृति विशिष्ट भारत भूमि में) यह वाक्यांश भी पाठ के संदर्भ में उपयुक्त है।
अतिरिक्त-अभ्यास: प्रश्न 1: मञ्जूषा की सहायता से निम्नलिखित पाठांश को पूरा कीजिए
प्राचुर्यं विद्यते। साम्प्रतं वंशोद्योगोऽयं अवाप्तोऽस्ति।
वंशवृक्षाणम्, वंशवृक्षाः, अन्ताराष्ट्रियख्यातिम्, हस्तशिल्पानाम्, वस्तूनाम्
दिए गए मञ्जूषा से उचित शब्दों को चुनकर पाठांश को पूरा करना है।
मालती – महोदये! तत्र तु वंशवृक्षाः अपि प्राप्यन्ते?
अध्यापिका – आम्। प्रदेशेऽस्मिन् वंशवृक्षाणाम् बाहुल्यं वर्तते। आ वस्त्राभूषणेभ्य: गृहनिर्माणपर्यन्तं प्रायः वंशवृक्षनिर्मितानां वस्तूनाम् उपयोगः क्रियते। यतो हि अत्र हस्तशिल्पानाम् प्राचुर्यं विद्यते। साम्प्रतं वंशोद्योगोऽयं अन्ताराष्ट्रियख्यातिम् अवाप्तोऽस्ति।
अर्थ:
मालती - महोदया! क्या वहाँ बाँस भी पाए जाते हैं?
अध्यापिका - हाँ। इस प्रदेश में बाँसों की बहुतायत है। वस्त्र-आभूषणों से लेकर घर के निर्माण तक, प्रायः बाँस से बनी हुई वस्तुओं का उपयोग किया जाता है। क्योंकि यहाँ हस्तशिल्पों की प्रचुरता है। वर्तमान में यह बाँस उद्योग अंतर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त कर चुका है।
अतिरिक्त-अभ्यास: प्रश्न 2: परस्पर मेल कीजिए
- (क) पर्यायपदानि (ख) विशेषणविशेष्यानि
समवाय: बाहुल्यम् इमानि भगिनीनाम्
प्रथित: निपुणा: अस्मिन् प्रयोग:
सार्धम् भवतु इमा: राज्यानि
निष्णता: समूह: इयम् काले
प्राचुयम् विख्यात:/प्रसिद्ध: अयम् सप्तभगिन्य:
अस्तु सह एतासाम् भावना
इस अभ्यास में, हमें पर्यायवाची शब्दों (क) और विशेषण-विशेष्य (ख) का सही मिलान करना है।
(क) पर्यायपदानि (पर्यायवाची शब्द):
- समवाय: -
समूह: (samūhaḥ)
- बाहुल्यम् -
प्राचुर्यम् (prāchuryam)
- प्रथित: -
विख्यात:/प्रसिद्ध: (vikhyātaḥ/prasiddhaḥ)
- निष्णता: -
निपुणा: (nipuṇāḥ)
- सार्धम् -
सह (saha)
- अस्तु -
भवतु (bhavatu)
(ख) विशेषणविशेष्यानि (विशेषण-विशेष्य):
- इमानि -
राज्यानि (rājyāni)
- अस्मिन् -
प्रयोग: (prayogaḥ)
- इयम् -
भावना (bhāvanā)
- अयम् -
सप्तभगिन्य: (saptabhaginyaḥ)
- एतासाम् -
भावना (bhāvanā)
- काले -
इतिहासे (itihāse) या पाठ के संदर्भ में अन्य उपयुक्त शब्द। यहाँ दिए गए विकल्पों में 'काले' का सीधा मेल नहीं है, पर 'अस्मिन् प्रयोग:' और 'अयम् सप्तभगिन्य:' जैसे मेल अधिक स्पष्ट हैं।
मुख्य मिलान (जैसा कि स्रोत में दिया गया है):
- समवाय: - समूह:
- इमानि - राज्यानि
- प्रथित: - विख्यात:/प्रसिद्ध:
- अस्मिन् - प्रयोग:
Common mistakes
- उच्चारण अभ्यास में शब्दों का सही उच्चारण न कर पाना।
- एक-पद उत्तर वाले प्रश्नों में सटीक उत्तर न दे पाना।
- प्रकृति-प्रत्यय विभाग में प्रत्ययों को पहचानने में त्रुटि करना।
- भिन्न प्रकृति वाले पदों को सही ढंग से न चुन पाना।
- विशेषण-विशेष्य या क्रिया-विशेषण मिलान में गलतियाँ करना।
Revision tips
- प्रत्येक प्रश्न के उत्तर को समझने के लिए पाठ को ध्यान से पढ़ें।
- उच्चारण अभ्यास के लिए शब्दों को जोर से बोलकर अभ्यास करें।
- व्याकरणिक अभ्यासों (प्रकृति-प्रत्यय, विशेषण-विशेष्य आदि) पर विशेष ध्यान दें।
- सभी रिक्त स्थानों को भरने के लिए दिए गए मञ्जूषा (शब्द-कोश) का सही उपयोग करें।
- अतिरिक्त अभ्यास को हल करके अपनी समझ को और मजबूत करें।
Practice MCQs
Q1. पाठ के अनुसार, 'सप्तभगिन्यः' किसे कहा जाता है?
Explanation: पाठ में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया है कि सात राज्यों के समूह को 'सप्तभगिन्यः' कहा जाता है।
Q2. पूर्वोत्तर राज्यों में कौन सा उद्योग प्रमुख रूप से प्रचलित है?
Explanation: पाठ में 'वंशोद्योगः' (बाँस उद्योग) को सप्तभगिनी प्रदेश का सर्वप्रमुख उद्योग बताया गया है।
Q3. प्रश्न 3 में 'ज्ञातुम्' का प्रकृति और प्रत्यय क्या है?
Explanation: दिए गए उदाहरण और समाधान के अनुसार, 'ज्ञातुम्' का प्रकृति 'ज्ञा' और प्रत्यय 'तुमुन्' है।
Q4. निम्नलिखित में से कौन सा पद 'भिन्न प्रकृति' वाला है (प्रश्न 5(क) के अनुसार)?
Explanation: गच्छति, पठित, धावित क्रिया के रूप हैं, जबकि अहसत् भूतकाल की क्रिया है, जो इसे भिन्न बनाती है।
Q5. प्रश्न 6 में, 'सप्त केन्द्रशासितप्रदेशाः...' वाक्य में कौन सी क्रिया उपयुक्त है?
Explanation: बहुवचन कर्ता 'प्रदेशाः' के साथ बहुवचन क्रिया 'सन्ति' का प्रयोग उचित है।
Q6. प्रश्न 7 में, 'महत्त्वाधायिनी' किसका विशेषण है?
Explanation: समाधान के अनुसार, 'महत्त्वाधायिनी' का मेल 'संस्कृति:' से होता है, जो इसे संस्कृति का विशेषण बनाता है।
Frequently asked questions
कक्षा 8 संस्कृत के अध्याय 9 का क्या नाम है?
कक्षा 8 संस्कृत के अध्याय 9 का नाम 'सप्तभगिन्यः' है।
'सप्तभगिन्यः' शब्द का क्या अर्थ है?
'सप्तभगिन्यः' का अर्थ है 'सात बहनें', जो भारत के पूर्वोत्तर क्षेत्र के सात राज्यों के समूह को संदर्भित करता है।
इन NCERT समाधानों से छात्रों को क्या लाभ होगा?
ये समाधान छात्रों को अध्याय की अवधारणाओं को गहराई से समझने, व्याकरण का अभ्यास करने और परीक्षा के लिए प्रभावी ढंग से तैयारी करने में मदद करेंगे।
क्या इन समाधानों में सभी प्रकार के प्रश्न शामिल हैं?
हाँ, इन समाधानों में पाठ्यपुस्तक के सभी अभ्यासों को शामिल किया गया है, जिनमें उच्चारण, एक-पद उत्तर, प्रकृति-प्रत्यय, तद्भव-तत्सम, भिन्न पद, क्रिया-पद और विशेषण-विशेष्य मिलान शामिल हैं।
क्या अतिरिक्त अभ्यास भी हल किए गए हैं?
हाँ, पाठ के अंत में दिए गए अतिरिक्त अभ्यास के प्रश्नों को भी हल किया गया है ताकि छात्रों को अधिक अभ्यास मिल सके।
यह समाधान किस बोर्ड के लिए उपयोगी है?
यह समाधान विशेष रूप से केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) के कक्षा 8 के छात्रों के लिए डिज़ाइन किया गया है।
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